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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

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ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण और इसके हानिकारक प्रभाव

May 16, 2018
पर्यावरण प्रदूषण पुरे विश्व को अपने चपेट ले रही है, इसलिए यह एक वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। प्रदूषण का अर्थ है - 'हवा, पानी, मिट्टी आदि का अवांछित द्रव्यों से दूषित होना', जिसका सजीवों पर प्रत्यक्ष रूप से विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा अप्रत्यक्ष प्रभाव पारिस्थितिक तंत्र पर भी पड़ते हैं। आज के सन्दर्भ में ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण आधुनिक औद्योगिक समाज में एक वास्तविक समस्या है।

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जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में कैसे मदद कर सकता है?

May 16, 2018
जैविक खेती (Organic farming) वह विधि है जो संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों के अप्रयोग या न्यूनतम प्रयोग पर आधारित है तथा जो भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिये फसल चक्र, हरी खाद, कम्पोस्ट आदि का प्रयोग करती है। इस लेख में हमने कैसे जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में मदद करती है पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

सुपोषण क्या है और जलीय पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

May 15, 2018
जीवों में विभिन्न प्रकार के जैविक कार्यों के संचलन एवं संपादन के लिए पोषक तत्व आवश्यक होते है और जिसे वो अपने वातावरण से ग्रहण करता है। उसी प्रकार पारिस्थितिक तंत्र को भी पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। इस लेख में हमने सुपोषण और इसके जलीय पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

महासागर अम्लीकरण क्या है और यह समुद्री पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

May 14, 2018
पृथ्वी का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है, उसमें से 97 प्रतिशत सागरों और महासागरों में है और केवल तीन प्रतिशत पानी पीने योग्य है जिसमें से 2.4 प्रतिशत ग्लेशियरों और उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव में जमा हुआ है और केवल 0.6 प्रतिशत पानी नदियों, झीलों और तालाबों में है। इस लेख में हमने महासागर अम्लीकरण और इसके समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

ध्रुवीय प्रवर्धन से आप क्या समझते हैं?

May 14, 2018
जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। उसी प्रकार ध्रुवीय क्षेत्र में बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिंग का अवलोकन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जलवायु मॉडल के प्रयोग से किया जाता है। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए ध्रुवीय प्रवर्धन के सिद्धांत और उसके आधार के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं ग्लोबल डिमिंग या सार्वत्रिक दीप्तिमंदकता क्या है

May 11, 2018
जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। ऊर्जा संघटक का कार्य पृथ्वी की सतह तथा निचले वायुमण्डल में ऊष्मा संतुलन को बनाये रखना है। इस लेख में हमने ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लोबल डिमिंग या सार्वत्रिक दीप्तिमंदकता के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जल पदचिह्न क्या है?

Apr 24, 2018
सम्पूर्ण पृथ्वी का ¾ भाग (लगभग 71%) पर जलमंडल का विस्तार है। उत्तरी गोलार्द्ध का 60.7% और दक्षिणी गोलार्द्ध का 80.9% भाग महासागरो से ढँका हुआ है। पृथ्वी पर उपस्थित जल की कुल मात्र का 97.5% जल महासागरो में है, जो खारा है। जल राशी का मात्र 2.5% भाग ही स्वच्छ जल या मीठा जल है। इस लेख में हमने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के कारण जल पदचिह्न तथा जल संरक्षण के बारे में बताया है।

भारतीय ग्रीन ई-क्लीयरेंस: संकल्पना, परियोजना और महत्व

Apr 10, 2018
ग्रीन ई-क्लियरेंस औद्योगिक परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी देने की एकल खिड़की है। भारतीय पर्यावरण और वन मंत्रालय ने 20,000m2 से अधिक निर्माण परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। इस लेख में हमने भारतीय ग्रीन ई-क्लीयरेंस की संकल्पना, परियोजना और महत्व के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

आधुनिक कृषि और पर्यावरण पर इसका प्रभाव

Apr 4, 2018
कृषि आजीविका का एक महत्वपूर्ण सादन है क्योंकि यह खेती और पशुपालन के माध्यम से उत्पादों जैसे भोजन, खाद्य, फाइबर और कई अन्य वांछित उत्पादों का उत्पादन करने की प्रक्रिया है। इस लेख में हमने आधुनिक कृषि और पर्यावरण पर इसके प्रभाव पर कुछ तथ्य दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

पारंपरिक कृषि और पर्यावरण पर इसके प्रभाव

Mar 30, 2018
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में 250 मिलियन से अधिक आबादी अपनी जीवन निर्वाह के लिए पारंपरिक कृषि पर निर्भर है। कृषि की उत्क्रांति अवधि में, मानव स्थानांतरण कृषि पर निर्भर थे, जो अभी भी उत्तरपूर्व भारत के आदिवासी क्षेत्र में प्रचलित है। इस लेख में हमने पारंपरिक कृषि और पर्यावरण पर इसके प्रभाव को है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत की जैव विविधता पर सारांश

Mar 30, 2018
भारत एक बहुत बडा विविधता वाला देश है जहां दुनिया की लगभग 10% प्रजातियां रहती हैं। लाखों वर्षों तक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही थी। इसीलिए इसे एक वृहद (मेगा) विविधता वाले देश के रूप में जाना जाता है। इस लेख में हमने भारत की जैव विविधता पर सारांश दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

विश्व भर में स्थानांतरण कृषि के स्थानीय नामों की सूची

Mar 30, 2018
स्थानांतरण कृषि एक आदिम प्रकार की कृषि है जिसमें पहले वृक्षों तथा वनस्पतियों को काटकर उन्हें जला दिया जाता है और साफ की गई भूमि को पुराने उपकरणों से जुताई करके बीज बो दिये जाते हैं। जब तक मिट्टी में उर्वरता विद्यमान रहती है इस भूमि पर खेती की जाती है। इसके पश्चात् इस भूमि को छोड़ दिया जाता है जिस पर पुनः पेड़-पौधें उग आते हैं। इस लेख में हमने विश्व भर में स्थानांतरण कृषि के स्थानीय नामों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

Mar 22, 2018
आज पूरी दुनिया औद्योगीकरण की राह पर चल रही है, किंतु स्वच्छ और रोग रहित जल मिल पाना कठिन होता जा रहा हैl विश्व भर में साफ और पीने योग्य जल की अनुपलब्धता के कारण ही जल जनित रोग महामारी का रूप ले रहे हैंl कहीं-कहीं तो यह भी सुनने में आता है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर ही होगाl विश्व के हर नागरिक को पानी की महत्ता से अवगत कराने के लिए ही संयुक्त राष्ट्र ने "विश्व जल दिवस" मनाने की शुरुआत की थी। इस लेख में हम विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का विवरण दे रहे हैंl

भौगोलिक चिन्‍ह या संकेत (जीआई) क्या है और यह ट्रेडमार्क से कैसे अलग है?

Mar 14, 2018
क्या आपने कभी सोचा है क्यों किसी उत्पाद के साथ किसी विशिष्ट क्षेत्र का नाम क्यों लिखा जाता है.. जैसे कि कांचीपुरम की रेशमी साड़ी, अल्फांसो मैंगो, नागपुर ऑरेंज, कोल्हापुरी चप्पल, बीकानेरी भुजिया, आगरा का पेठा, मुजफ्फरपूरी लीची, बंगाली रोसोगुल्ला आदि। इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएँगे क्यों विशिष्ट क्षेत्र का नाम विशिष्ट उत्पाद के साथ लिया जाता है।

बायो टॉयलेट किसे कहते हैं?

Jan 17, 2018
बायो टॉयलेट, परम्परागत टॉयलेट से अलग एक ऐसा टॉयलेट होता है जिसमें बैक्टेरिया की मदद से मानव मल को पानी और गैस में बदल दिया जाता है. इसमें पानी की बहुत ज्यादा बचत होती है और स्टेशन पर बहुत अधिक सफाई रहती है. इस लेख में बायो टॉयलेट का मतलब और उसकी कार्य करने की तकनीकी के बारे में बताया गया है.

वैश्विक तापन/ग्लोबल वार्मिंग के कारण और संभावित परिणाम कौन से हैं?

Jan 15, 2018
वर्तमान में मानवीय गतिविधियों के कारण उत्पन्न ग्रीनहाउस गैसों के प्रभावस्वरूप पृथ्वी के दीर्घकालिक औसत तापमान में हुई वृद्धि को वैश्विक तापन/ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है | समुद्री जलस्तर में वृद्धि, ग्लेशियरों का पिघलना, वर्षा प्रतिरूप का बदलना, प्रवाल भित्तियों व प्लैंकटनों का विनाश आदि वैश्विक तापन के संभावित दुष्प्रभावों में शामिल हैं |

भारत में संरक्षित समुद्री क्षेत्रों की सूची

Jan 9, 2018
संरक्षित समुद्री क्षेत्र, समुन्द्र का वह क्षेत्र होता है जहां शोषणकारी मानव गतिविधियों और हस्तक्षेप सख्ती से राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों और जीवमंडल रिजर्व की तरह नियंत्रित की जाती है। स्थानीय, राज्य, क्षेत्रीय, देशी, क्षेत्रीय, या राष्ट्रीय अधिकारियों द्वारा प्राकृतिक या ऐतिहासिक समुद्री संसाधनों के लिए इन स्थानों को विशेष सुरक्षा दी जाती है। भारत में वर्तमान में पांच समुद्री संरक्षित क्षेत्र हैं। हम यहाँ सामान्य जागरूकता के लिए भारत में समुद्री संरक्षित क्षेत्रों की सूची दे रहे हैं।

हरित बांड बाज़ार से आप क्या समझते हैं और यह भारत के लिए कैसे महत्वपूर्ण है?

Jan 3, 2018
हरित बांड, हरित परियोजनाओ वित्तपोषण के लिए वित्तीय संसाधनों की मदद करने के लिए समकालीन साधन है। इसको बेहतर तरीके से समझने के लिए पहले हमे यह समझना होगा की 'बांड और बांड बाज़ार क्या हैं?'। बांड एक ऋण साधन है जिसके अंतर्गत निवेशको से धन जनित किया जाता है। बांड की परिपक्वता के पश्चात् धन को वापस कर दिया जाता है। बांड बाजार एक वित्तीय बाजार है जिसमें प्रतिभागियों को ऋण प्रतिभूतियों के जारी करने और व्यापार के साथ प्रदान किया जाता है। इस लेख में हम हरित बांड बाज़ार से आप क्या समझते हैं और यह भारत के लिए कैसे महत्वपूर्ण है जैसे तथ्यों का विवरण दे रहे हैं।

जैव-विविधता के विभिन्न स्तर

Dec 22, 2017
जैव-विविधता शब्द का प्रथम प्रयोग 1985 में डब्ल्यू. जी. रोजेन ने किया था. हालांकि इस शब्द का संकल्पनात्मक प्रयोग वैज्ञानिक विल्सन द्वारा 1986 में अमेरिकी जैव-विविधता फोरम में किया गया था. इस लेख में हम जैव-विविधता के विभिन्न स्तरों का विवरण दे रहे हैं.

भारत की प्रमुख वन्यजीव संरक्षण परियोजनाएं

Dec 21, 2017
भारत विश्व के प्रमुख जैव विविधता वाले देशों में से एक है, जहां पूरी दुनिया में पाए जाने वाले स्तनधारियों का 7.6%, पक्षियों का 12.6%, सरीसृप का 6.2% और फूलों की प्रजातियों का 6.0% निवास करती हैं. इन जीवों के संरक्षण के लिए भारत में 120 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान, 515 वन्यजीव अभयारण्य, 26 आद्र्भूमि (wetlands) और 18 बायोस्फीयर रिजर्व बनाए गए हैं. इसके अलावा भारत सरकार द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं. इस लेख में हम भारत सरकार द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए चलाई जा रही प्रमुख परियोजनाओं का विवरण दे रहे हैं.
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