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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

  • विश्व में जैव विविधता के हॉटस्पॉट

    जैव विविधता से तात्पर्य विस्तृत रूप से उन विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु और वनस्पति से है जो संसार में या किसी विशेष क्षेत्र में एक साथ रहते है। एक जैव विविधता वाला हॉटस्पॉट ऐसा जैविक भौगोलिक क्षेत्र है जिसे मनुष्यों से खतरा रहता है। इस लेख में हमने विश्व में जैव विविधता की परिभाषा, मानदंड तथा विश्व में जैव विविधता के हॉटस्पॉट के नाम दिए हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 18, 2018
  • कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिंग क्या हैं?

    आधुनिक युग की सबसे प्रासंगिक और विवादित मुद्दा पर्यावरण की समस्या है जिनको संतुलित करने के लिए कई संस्थान विभिन्न दृष्टिकोणों के साथ कार्यरत हैं क्युकी शहरीकरण व औद्योगीकरण में अनियंत्रित वृद्धि ने कई पर्यावरणीय समस्याओ को जटिल बना दिया है। इस लेख में हमने कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिंग के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 17, 2018
  • कार्बन चक्र और वैश्विक कार्बन बजट क्या हैं?

    पृथ्वी पर पाए जाने वाले तत्वों में कार्बन (प्रांगार) एक प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। कार्बन जैविक यौगिकों के साथ-साथ कई खनिजों का मुख्य घटक है। इसे 'जीवन के निर्माण खंड' के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह हर जीवित और गैर-जीवित चीजों में पाया जाता है। इस लेख में हमने कार्बन चक्र और वैश्विक कार्बन बजट के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 17, 2018
  • ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण और इसके हानिकारक प्रभाव

    पर्यावरण प्रदूषण पुरे विश्व को अपने चपेट ले रही है, इसलिए यह एक वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। प्रदूषण का अर्थ है - 'हवा, पानी, मिट्टी आदि का अवांछित द्रव्यों से दूषित होना', जिसका सजीवों पर प्रत्यक्ष रूप से विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा अप्रत्यक्ष प्रभाव पारिस्थितिक तंत्र पर भी पड़ते हैं। आज के सन्दर्भ में ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण आधुनिक औद्योगिक समाज में एक वास्तविक समस्या है।

    May 16, 2018
  • जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में कैसे मदद कर सकता है?

    जैविक खेती (Organic farming) वह विधि है जो संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों के अप्रयोग या न्यूनतम प्रयोग पर आधारित है तथा जो भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिये फसल चक्र, हरी खाद, कम्पोस्ट आदि का प्रयोग करती है। इस लेख में हमने कैसे जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में मदद करती है पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 16, 2018
  • सुपोषण क्या है और जलीय पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

    जीवों में विभिन्न प्रकार के जैविक कार्यों के संचलन एवं संपादन के लिए पोषक तत्व आवश्यक होते है और जिसे वो अपने वातावरण से ग्रहण करता है। उसी प्रकार पारिस्थितिक तंत्र को भी पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। इस लेख में हमने सुपोषण और इसके जलीय पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 15, 2018
  • महासागर अम्लीकरण क्या है और यह समुद्री पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

    पृथ्वी का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है, उसमें से 97 प्रतिशत सागरों और महासागरों में है और केवल तीन प्रतिशत पानी पीने योग्य है जिसमें से 2.4 प्रतिशत ग्लेशियरों और उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव में जमा हुआ है और केवल 0.6 प्रतिशत पानी नदियों, झीलों और तालाबों में है। इस लेख में हमने महासागर अम्लीकरण और इसके समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 14, 2018
  • ध्रुवीय प्रवर्धन से आप क्या समझते हैं?

    जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। उसी प्रकार ध्रुवीय क्षेत्र में बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिंग का अवलोकन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जलवायु मॉडल के प्रयोग से किया जाता है। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए ध्रुवीय प्रवर्धन के सिद्धांत और उसके आधार के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 14, 2018
  • क्या आप जानते हैं ग्लोबल डिमिंग या सार्वत्रिक दीप्तिमंदकता क्या है

    जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। ऊर्जा संघटक का कार्य पृथ्वी की सतह तथा निचले वायुमण्डल में ऊष्मा संतुलन को बनाये रखना है। इस लेख में हमने ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लोबल डिमिंग या सार्वत्रिक दीप्तिमंदकता के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 11, 2018
  • जल पदचिह्न क्या है?

    सम्पूर्ण पृथ्वी का ¾ भाग (लगभग 71%) पर जलमंडल का विस्तार है। उत्तरी गोलार्द्ध का 60.7% और दक्षिणी गोलार्द्ध का 80.9% भाग महासागरो से ढँका हुआ है। पृथ्वी पर उपस्थित जल की कुल मात्र का 97.5% जल महासागरो में है, जो खारा है। जल राशी का मात्र 2.5% भाग ही स्वच्छ जल या मीठा जल है। इस लेख में हमने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के कारण जल पदचिह्न तथा जल संरक्षण के बारे में बताया है।

    Apr 24, 2018
  • भारतीय ग्रीन ई-क्लीयरेंस: संकल्पना, परियोजना और महत्व

    ग्रीन ई-क्लियरेंस औद्योगिक परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी देने की एकल खिड़की है। भारतीय पर्यावरण और वन मंत्रालय ने 20,000m2 से अधिक निर्माण परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। इस लेख में हमने भारतीय ग्रीन ई-क्लीयरेंस की संकल्पना, परियोजना और महत्व के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Apr 10, 2018
  • आधुनिक कृषि और पर्यावरण पर इसका प्रभाव

    कृषि आजीविका का एक महत्वपूर्ण सादन है क्योंकि यह खेती और पशुपालन के माध्यम से उत्पादों जैसे भोजन, खाद्य, फाइबर और कई अन्य वांछित उत्पादों का उत्पादन करने की प्रक्रिया है। इस लेख में हमने आधुनिक कृषि और पर्यावरण पर इसके प्रभाव पर कुछ तथ्य दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Apr 4, 2018
  • पारंपरिक कृषि और पर्यावरण पर इसके प्रभाव

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में 250 मिलियन से अधिक आबादी अपनी जीवन निर्वाह के लिए पारंपरिक कृषि पर निर्भर है। कृषि की उत्क्रांति अवधि में, मानव स्थानांतरण कृषि पर निर्भर थे, जो अभी भी उत्तरपूर्व भारत के आदिवासी क्षेत्र में प्रचलित है। इस लेख में हमने पारंपरिक कृषि और पर्यावरण पर इसके प्रभाव को है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Mar 30, 2018
  • भारत की जैव विविधता पर सारांश

    भारत एक बहुत बडा विविधता वाला देश है जहां दुनिया की लगभग 10% प्रजातियां रहती हैं। लाखों वर्षों तक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही थी। इसीलिए इसे एक वृहद (मेगा) विविधता वाले देश के रूप में जाना जाता है। इस लेख में हमने भारत की जैव विविधता पर सारांश दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Mar 30, 2018
  • विश्व भर में स्थानांतरण कृषि के स्थानीय नामों की सूची

    स्थानांतरण कृषि एक आदिम प्रकार की कृषि है जिसमें पहले वृक्षों तथा वनस्पतियों को काटकर उन्हें जला दिया जाता है और साफ की गई भूमि को पुराने उपकरणों से जुताई करके बीज बो दिये जाते हैं। जब तक मिट्टी में उर्वरता विद्यमान रहती है इस भूमि पर खेती की जाती है। इसके पश्चात् इस भूमि को छोड़ दिया जाता है जिस पर पुनः पेड़-पौधें उग आते हैं। इस लेख में हमने विश्व भर में स्थानांतरण कृषि के स्थानीय नामों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Mar 30, 2018