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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

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बीएस-3 क्या है और भारत में इसे कब लागू किया गया था

Mar 31, 2017
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 अप्रैल से बीएस-3 वाहनों पर प्रतिबंध के बाद दो पहिया वाहन की खरीद पर विभिन्न कम्पनियों द्वारा ताबड़तोड़ छूट दी जा रही हैl हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और देश के कुछ और शहरों में बीएस-4 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों का परिचालन पहले से ही लागू हैl लेकिन क्या आपको पता है कि बीएस-3 या बीएस-4 उत्सर्जन मानक क्या है और यह भारत में कब से लागू हैं? इस लेख में हम भारत स्टेज उत्सर्जन मानक (BSES) के बारे में विस्तारपूर्वक विवरण दे रहे हैं जिससे इसके बारे में आपकी समझ और भी विकसित होगीl

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अर्थ आवर (Earth Hour) क्या है और यह हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है

Mar 24, 2017
पिछले कुछ दिनों से समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, विभिन्न टीवी चैनलों और इंटरनेट पर अर्थ ऑवर (Earth Hour) की चर्चा चल रही हैl जिसके कारण हर किसी के मन में यह उत्सुकता हो सकती है कि अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और किस कारण से यह इतनी चर्चा में है? इस लेख में हम यही जानने की कोशिश कर रहे है कि आखिर यह अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और यह किस प्रकार हमारे लिए महत्वपूर्ण है?

ग्रीन मफलर क्या है और यह प्रदूषण से किस प्रकार संबंधित है

Mar 15, 2017
ग्रीन मफलर अधिक आबादी वाले या ध्वनि प्रदूषण वाले क्षेत्रों में 4-6 पंक्तियों में वृक्षारोपण कर ध्वनि प्रदूषण को कम करने की एक तकनीक हैl इस लेख में जानने की कोशिश करते हैं कि ग्रीन मफलर योजना क्या है, पेड़ों को ध्वनि प्रतिरोधक के रूप में क्यों जाना जाता है और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में पेड़ कैसे मदद करते हैंl

पर्यावरण रसायन विज्ञान

Feb 28, 2017
पर्यावरण प्रदूषण रासायनिक पदार्थ या ऊर्जा, जैसे कि शोर, गर्मी या प्रकाश की तरह से हो सकता है। पर्यावरण रसायन विज्ञान वातावरण में स्रोतों, प्रतिक्रियाओं, परिवहन, प्रभाव, और रसायनों की चेतावनी और इन पर मानव और जैविक गतिविधियों के प्रभाव को परिभाषित करने का ही अध्ययन है| इस लेख में वायु प्रदूषण, प्रमुख प्राथमिक प्रदूषक और प्रमुख माध्यमिक प्रदूषक के बारे में अध्ययन करेंगे |

जानें दुनिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र कहाँ स्थित है

Feb 22, 2017
वर्तमान समय में पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से जूझ रही है| अतः पूरी दुनिया के तमाम वैज्ञानिक ऊर्जा के गैर-परमम्परागत स्रोत के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके कारण दुनिया के विभिन्न देशों में सौर ऊर्जा के निर्माण के लिए नए-नए सौर ऊर्जा संयंत्रो (solar plants) को स्थापित किया जा रहा है| इस लेख में हम हाल ही में शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का विवरण दे रहे हैं|

किस भारतीय शहर में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे खतरनाक है?

Jan 12, 2017
भारत में हर साल वायु प्रदूषण के कारण लगभग 12 लाख लोगों की मौत हो जाती है। कई राज्यों के प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से मिली जानकारियों के आधार पर ग्रीनपीस द्वारा बनाई गई रिपोर्ट भारत में वायु प्रदूषण के संबंध में बेहद भयावह स्थिति की ओर इशारा कर रही है। इस लेख में हम भारत के सबसे प्रदूषित शहर एवं उसके कारणों का विवरण दे रहे हैं|

भारत में पायी जाने वाली मृदाएं

Nov 23, 2016
मृदा शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द सोलम (Solum) से हुई है | जिसका अर्थ है फर्श (floor) | मृदा, पृथ्वी को एक पतले आवरण के रूप में ढके रहती है | भारत में सबसे अधिक (43.4%) भूभाग पर जलोढ़ मिट्टी पायी जाती है और अन्य मिट्टियों में काली मिट्टी, लाल मिट्टी और लैटराइट मिट्टी पायी जाती है |

याक "ग्रूटिंग ऑक्स": एक नजर तथ्यों पर

Aug 26, 2016
याक दो प्रकार के होते हैं: घरेलू और जंगली। घरेलू याक छोटे होते हैं और इनके शरीर पर घने बाल होते हैं और शायद इनकी उत्पत्ति जंगली तिब्बती याक से हुई थी। घरेलू याक का इस्तेमाल यात्रा और समान ढोने वाले जानवरों के रूप में किया जाता है। याक को उसके दूध, मांस, ऊन और गोबर के लिए मूल्यवान माना जाता है। जंगली याक को सबसे ज्यादा खतरा और नुकसान शिकारियों से रहता है। उनकी वर्तमान स्थिति "असुरक्षित" (vulnerable) है। जंगली नर याक का वजन 2200 पाउंड तक होता है और इसकी ऊंचाई 6.5 फुट होती है। मादा याक की ऊंचाई नर याक की तुलना में एक-तिहाई होती है।

काला हिरण या कृष्णमृग (भारतीय मृग): एक नज़र तथ्यों पर

Aug 22, 2016
काले हिरन (एंटीलोप सेरवीकप्रा) को भारतीय मृग अथवा हिरन के रूप में भी जाना जाता है। इसकी ऊंचाई 74 से 84 सेमी. तक होती है। नर हिरन का वजन 20-57 किलोग्राम होता है जबकि मादा हिरन का वजन औसतन 20-33 किलोग्राम होता है। यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भाग सकता है। इसका जीवन काल 10 से 15 वर्ष तक होता है।

क्या आप दुनिया के 10 सबसे पुराने पेड़ों के बारे में जानते हैं?

Aug 2, 2016
इस दुनिया में पेड़ों का अस्तित्व मानव सभ्यता के अस्तित्व से भी पहले का है | वर्तमान में भी पेड़ों के बिना मानव सभ्यता के अस्तित्व की कल्पना भी नही की जा सकती है | इन पेड़ों ने कई सभ्यताओं की उत्पत्ति और विनाश को देखा है | इस दुनिया में कुछ पेड़ ऐसे भी हैं जो 10000 सालों से अपने अस्तित्व को बनाये हुए हैं | आइये हम ऐसे ही 10 सबसे पुराने पेड़ों के बारे में कुछ जानकारी अर्जित करते हैं |

IUCN रेड डाटा बुक का क्या महत्व है?

Jul 25, 2016
आईयूसीएन लाल सूची (1964 में स्थापित) एक राज्य या देश की सीमा के भीतर पशु, कवक और पादप प्रजातियों की मौजूदगी के बारे में सबसे विस्तृत रिपोर्ट देती है | अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) विश्व-स्तर पर विभिन्न जातियों की संरक्षण-स्थिति पर निगरानी रखने वाला सर्वोच्च संगठन है।

भारत में गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered)10 पक्षी प्रजातियों की सूची

Jul 21, 2016
अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने 2013 के लिए भारत में देखी जाने वाली पक्षियों की दस प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में शामिल किया है। इनमें ग्रेट साइबेरियन क्रेन, गोडावण (Indian Bustard), सफेद पीठ वाला गिद्ध, लाल– सिर वाला गिद्ध, जंगली उल्लू और सफेद पेट वाला बगुला आदि शामिल हैं।

साइबेरियन क्रेन या स्नो क्रेनः तथ्यों पर एक नजर

Jul 21, 2016
साइबेरियन क्रेन (Leucogeranus leucogeranus) साइबेरियन ह्वाइट क्रेन या स्नो क्रेन (हिम सारस) के नाम से भी जाने जाते हैं। साइबेरियन क्रेन करीब– करीब बर्फ जैसे सफेद होते हैं, सिवाए उनके काले प्राथमिक पंख जो उड़ने के दौरान दिखाई देते हैं | इनकी आबादी पश्चिमी एवं पूर्वी रूस के आर्कटिक टुंड्रा में मिलती है।

हिम तेंदुआः महत्वपूर्ण तथ्यों पर एक नजर

Jul 21, 2016
हिम तेंदुआ (पैंथेरा अनिसया सिंक. अनिसया) एक बड़ी बिल्ली है जो मध्य और दक्षिण एशिया के पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाती है। यह IUCN की लाल सूची में विलुप्तप्राय प्रजातियों में सूचिबद्ध है। वर्ष 2013 में लगाए गए अनुमानों के अनुसार इन तेंदुओं की वैश्विक आबादी 4,080 से 6,590 के बीच थी। ये तेंदुए 30 फीट तक छलांग लगा सकते हैं।

दक्षिण एशियाई नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिनः तथ्यों पर एक नजर

Jul 20, 2016
दक्षिण एशियाई नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिन, मीठे पानी या नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिन होती है जो भारत, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान में पाई जाती है। इसकी दो प्रजातियां होती हैं– गंगा नदी डॉल्फिन और सिंधु नदी डॉल्फिन | गंगा नदी डॉल्फिन मुख्य रूप से गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों एवं इनकी सहायक नदियों में बांग्लादेश, भारत और नेपाल में पाई जाती हैं |

एशियाई चीताः तथ्यों पर एक नजर

Jul 19, 2016
एशियाई चीता (Acinonyx jubatus venaticus) ( हिन्दी के 'चीता' से “cheetah”, जो संस्कृत शब्द चित्रक से बना है जिसका अर्थ है "धब्बेदार") को आजकल ईरानी चीता भी कहा जाने लगा है। फिलहाल यह सिर्फ ईरान में पाया जाता है। कभी– कभी इसे बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में भी देखा गया है। भारत में इसे भारतीय चीता कहते हैं हालांकि अब यह भारत में नहीं पाया जाता।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान: मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व

Jul 19, 2016
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में सतपुड़ा के मैकाल रेंज में स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान टाइगर रिजर्व के रूप में लोकप्रिय है। यह मंडला और कालाघाट के दो जिलों में फैला हुआ है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1879 में एक आरक्षित वन घोषित कर दिया गया था और इसके बाद 1933 में एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में इसका पुनर्मूल्यांकन किया गया। 1955 में आगे चलकर एक राष्ट्रीय पार्क बना।

शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (मकाका सिलेनस): तथ्यों पर एक नजर

Jul 19, 2016
शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (वानर), एक पुरानी दुनिया का बन्दर (Old World monkey) है जो दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटों में पाया जाता है। शेर के मुंह जैसा वाले मकाक के गर्दन पर शेर की तरह बड़े– बड़े बाल होते हैं और एक पूंछ होती है जिससे यह शेर जैसा दिखता है। इसका वैज्ञानिक नाम मकाका सिलेनस है।

क्या आप लाल पांडा के बारे में ये तथ्य जानते हैं?

Jul 18, 2016
लाल पांडा (अलुरस फलजेन– Ailurus fulgens) नेपाल, भारत, भूटान, तीन, लाओस और म्यांमार के पहाड़ी जंगलों में पाए जाते हैं। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट है, ये लाल रंग के होते हैं, इनके शरीर पर सफेद और काली धारियां होती हैं। कहा जाता है कि फायरफॉक्स वेब ब्राउजर (firefox browser) का नाम भी लाल पांडा के नाम के नाम पर रखा गया है।

क्या आप ब्लू ह्वेल्स के बारे में ये बातें जानते हैं?

Jul 18, 2016
ब्लू ह्वेल पृथ्वी ग्रह पर पाया जाने वाला सबसे बड़ा पशु है। यह दुनिया के सभी महासागरों में पाया जाता है। आमतौर पर ये गर्मियों का महीना आर्कटिक सागर और सर्दियों में दक्षिणी (गर्म) सागरों में बितातीं हैं। ब्लू ह्वेल बहुत ही पुराने जीवों में से है– ये पृथ्वी पर 540 लाख वर्षों से मौजूद हैं। 20 शताब्दी के पूर्वार्द्ध में जब मछुआरों ने बड़े पैमाने पर ब्लू ह्वेलों का शिकार करना शुरु किया था तो विलुत्प्राय होने की कगार पर पहुंच गईं थीं। आज करीब 20000 ह्वेल जीवित हैं।
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