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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

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  • क्या आप जानते हैं विश्व की संकटग्रस्त प्रजातियों के दशा के अनुसार कैसे वर्गीकृत किया जाता है

    प्रकृति के संरक्षणार्थ अंतर्राष्ट्रीय संघ (IUCN) द्वारा विश्व की संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके दशा के अनुसार तीन श्रेणियों में वर्गीकृत करती है। इस लेख में हमने विश्व की संकटग्रस्त प्रजातियों के दशा के अनुसार वर्गीकृत करने की प्रक्रिया के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 22, 2018
  • क्या आप ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र और अक्रिय क्षेत्र के बारे में जानते हैं

    ऑक्सीजन पृथ्वी पर जीवन का एक केंद्रीय तत्व है क्योंकि यह एरोबिक श्वसन में मदद करता है जो चीनी (ग्लूकोज) या C6H12O6 को CO2 और H2O परिवर्तित करता है जिससे कोशिकाओं को संचालित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा मिलती है। इस लेख में हमने ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र और अक्रिय क्षेत्र के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 21, 2018
  • क्या आप हरित जीडीपी और पारिस्थितिकीय ऋण के बारे में जानते हैं

    हरित जीडीपी की अवधारणा जीडीपी (सकल घरेलु उत्पाद) में सकारात्मक लाभ के रूप में परिसंपत्तियों (संपत्ति) में इसी तरह के गिरावट को शामिल या पंजीकृत करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, जबकि पारिस्थितिकीय ऋण एक पारिस्थितिक तंत्र के भीतर से संसाधनों की खपत को संदर्भित करता है जो व्यवस्था की पुनर्जागरण क्षमता से अधिक होती है। इस लेख में हमने हरित जीडीपी और पारिस्थितिकीय ऋण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 21, 2018
  • समुद्री सरीसृपों की विलुप्त प्रजातियों की सूची

    समुद्री सरीसृप ठंडा खून वाले कशेरुका होते हैं जिनकी त्वचा पर हड्डियों कीपपड़ी की परत होती है जिसकी वजह से वो समुद्री पर्यावरण के जलीय या अर्धसूत्रीय जीवन के लिए अनुकूलित हो जाते हैं। इस लेख में हमने समुद्री सरीसृपों की विलुप्त प्रजातियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 18, 2018
  • जैव विविधता से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों की सूची

    हम जानते हैं कि प्रदुषण, आक्रमणकारी जातीयों, मनुष्य द्वारा अधिशोषण एवं जलवायु परिवर्तन के कारण परितंत्रों में बदलाव हो रहा है। इसके संरक्षण के लिए स्व-स्थान (in-situ) एवं पर-स्थान (ex-situ) दोनों ही उपायों की आवश्यकता है। इस लेख में हमने जैव विविधता से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 18, 2018
  • विश्व में जैव विविधता के हॉटस्पॉट

    जैव विविधता से तात्पर्य विस्तृत रूप से उन विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु और वनस्पति से है जो संसार में या किसी विशेष क्षेत्र में एक साथ रहते है। एक जैव विविधता वाला हॉटस्पॉट ऐसा जैविक भौगोलिक क्षेत्र है जिसे मनुष्यों से खतरा रहता है। इस लेख में हमने विश्व में जैव विविधता की परिभाषा, मानदंड तथा विश्व में जैव विविधता के हॉटस्पॉट के नाम दिए हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 18, 2018
  • कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिंग क्या हैं?

    आधुनिक युग की सबसे प्रासंगिक और विवादित मुद्दा पर्यावरण की समस्या है जिनको संतुलित करने के लिए कई संस्थान विभिन्न दृष्टिकोणों के साथ कार्यरत हैं क्युकी शहरीकरण व औद्योगीकरण में अनियंत्रित वृद्धि ने कई पर्यावरणीय समस्याओ को जटिल बना दिया है। इस लेख में हमने कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिंग के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 17, 2018
  • कार्बन चक्र और वैश्विक कार्बन बजट क्या हैं?

    पृथ्वी पर पाए जाने वाले तत्वों में कार्बन (प्रांगार) एक प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। कार्बन जैविक यौगिकों के साथ-साथ कई खनिजों का मुख्य घटक है। इसे 'जीवन के निर्माण खंड' के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह हर जीवित और गैर-जीवित चीजों में पाया जाता है। इस लेख में हमने कार्बन चक्र और वैश्विक कार्बन बजट के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 17, 2018
  • ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण और इसके हानिकारक प्रभाव

    पर्यावरण प्रदूषण पुरे विश्व को अपने चपेट ले रही है, इसलिए यह एक वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। प्रदूषण का अर्थ है - 'हवा, पानी, मिट्टी आदि का अवांछित द्रव्यों से दूषित होना', जिसका सजीवों पर प्रत्यक्ष रूप से विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा अप्रत्यक्ष प्रभाव पारिस्थितिक तंत्र पर भी पड़ते हैं। आज के सन्दर्भ में ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण आधुनिक औद्योगिक समाज में एक वास्तविक समस्या है।

    May 16, 2018
  • जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में कैसे मदद कर सकता है?

    जैविक खेती (Organic farming) वह विधि है जो संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों के अप्रयोग या न्यूनतम प्रयोग पर आधारित है तथा जो भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिये फसल चक्र, हरी खाद, कम्पोस्ट आदि का प्रयोग करती है। इस लेख में हमने कैसे जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में मदद करती है पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 16, 2018
  • सुपोषण क्या है और जलीय पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

    जीवों में विभिन्न प्रकार के जैविक कार्यों के संचलन एवं संपादन के लिए पोषक तत्व आवश्यक होते है और जिसे वो अपने वातावरण से ग्रहण करता है। उसी प्रकार पारिस्थितिक तंत्र को भी पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। इस लेख में हमने सुपोषण और इसके जलीय पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 15, 2018
  • महासागर अम्लीकरण क्या है और यह समुद्री पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

    पृथ्वी का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है, उसमें से 97 प्रतिशत सागरों और महासागरों में है और केवल तीन प्रतिशत पानी पीने योग्य है जिसमें से 2.4 प्रतिशत ग्लेशियरों और उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव में जमा हुआ है और केवल 0.6 प्रतिशत पानी नदियों, झीलों और तालाबों में है। इस लेख में हमने महासागर अम्लीकरण और इसके समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 14, 2018
  • ध्रुवीय प्रवर्धन से आप क्या समझते हैं?

    जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। उसी प्रकार ध्रुवीय क्षेत्र में बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिंग का अवलोकन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जलवायु मॉडल के प्रयोग से किया जाता है। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए ध्रुवीय प्रवर्धन के सिद्धांत और उसके आधार के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 14, 2018
  • क्या आप जानते हैं ग्लोबल डिमिंग या सार्वत्रिक दीप्तिमंदकता क्या है

    जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। ऊर्जा संघटक का कार्य पृथ्वी की सतह तथा निचले वायुमण्डल में ऊष्मा संतुलन को बनाये रखना है। इस लेख में हमने ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लोबल डिमिंग या सार्वत्रिक दीप्तिमंदकता के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    May 11, 2018
  • जल पदचिह्न क्या है?

    सम्पूर्ण पृथ्वी का ¾ भाग (लगभग 71%) पर जलमंडल का विस्तार है। उत्तरी गोलार्द्ध का 60.7% और दक्षिणी गोलार्द्ध का 80.9% भाग महासागरो से ढँका हुआ है। पृथ्वी पर उपस्थित जल की कुल मात्र का 97.5% जल महासागरो में है, जो खारा है। जल राशी का मात्र 2.5% भाग ही स्वच्छ जल या मीठा जल है। इस लेख में हमने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के कारण जल पदचिह्न तथा जल संरक्षण के बारे में बताया है।

    Apr 24, 2018

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