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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

  • हिम तेंदुआः महत्वपूर्ण तथ्यों पर एक नजर

    हिम तेंदुआ (पैंथेरा अनिसया सिंक. अनिसया) एक बड़ी बिल्ली है जो मध्य और दक्षिण एशिया के पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाती है। यह IUCN की लाल सूची में विलुप्तप्राय प्रजातियों में सूचिबद्ध है। वर्ष 2013 में लगाए गए अनुमानों के अनुसार इन तेंदुओं की वैश्विक आबादी 4,080 से 6,590 के बीच थी। ये तेंदुए 30 फीट तक छलांग लगा सकते हैं।

    Jul 21, 2016
  • दक्षिण एशियाई नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिनः तथ्यों पर एक नजर

    दक्षिण एशियाई नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिन, मीठे पानी या नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिन होती है जो भारत, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान में पाई जाती है। इसकी दो प्रजातियां होती हैं– गंगा नदी डॉल्फिन और सिंधु नदी डॉल्फिन | गंगा नदी डॉल्फिन मुख्य रूप से गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों एवं इनकी सहायक नदियों में बांग्लादेश, भारत और नेपाल में पाई जाती हैं |

    Jul 20, 2016
  • एशियाई चीताः तथ्यों पर एक नजर

    एशियाई चीता (Acinonyx jubatus venaticus) ( हिन्दी के 'चीता' से “cheetah”, जो संस्कृत शब्द चित्रक से बना है जिसका अर्थ है "धब्बेदार") को आजकल ईरानी चीता भी कहा जाने लगा है। फिलहाल यह सिर्फ ईरान में पाया जाता है। कभी– कभी इसे बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में भी देखा गया है। भारत में इसे भारतीय चीता कहते हैं हालांकि अब यह भारत में नहीं पाया जाता।

    Jul 19, 2016
  • कान्हा राष्ट्रीय उद्यान: मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व

    कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में सतपुड़ा के मैकाल रेंज में स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान टाइगर रिजर्व के रूप में लोकप्रिय है। यह मंडला और कालाघाट के दो जिलों में फैला हुआ है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1879 में एक आरक्षित वन घोषित कर दिया गया था और इसके बाद 1933 में एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में इसका पुनर्मूल्यांकन किया गया। 1955 में आगे चलकर एक राष्ट्रीय पार्क बना।

    Jul 19, 2016
  • शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (मकाका सिलेनस): तथ्यों पर एक नजर

    शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (वानर), एक पुरानी दुनिया का बन्दर (Old World monkey) है जो दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटों में पाया जाता है। शेर के मुंह जैसा वाले मकाक के गर्दन पर शेर की तरह बड़े– बड़े बाल होते हैं और एक पूंछ होती है जिससे यह शेर जैसा दिखता है। इसका वैज्ञानिक नाम मकाका सिलेनस है।

    Jul 19, 2016
  • क्या आप लाल पांडा के बारे में ये तथ्य जानते हैं?

    लाल पांडा (अलुरस फलजेन– Ailurus fulgens) नेपाल, भारत, भूटान, तीन, लाओस और म्यांमार के पहाड़ी जंगलों में पाए जाते हैं। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट है, ये लाल रंग के होते हैं, इनके शरीर पर सफेद और काली धारियां होती हैं। कहा जाता है कि फायरफॉक्स वेब ब्राउजर (firefox browser) का नाम भी लाल पांडा के नाम के नाम पर रखा गया है।

    Jul 18, 2016
  • क्या आप ब्लू ह्वेल्स के बारे में ये बातें जानते हैं?

    ब्लू ह्वेल पृथ्वी ग्रह पर पाया जाने वाला सबसे बड़ा पशु है। यह दुनिया के सभी महासागरों में पाया जाता है। आमतौर पर ये गर्मियों का महीना आर्कटिक सागर और सर्दियों में दक्षिणी (गर्म) सागरों में बितातीं हैं। ब्लू ह्वेल बहुत ही पुराने जीवों में से है– ये पृथ्वी पर 540 लाख वर्षों से मौजूद हैं। 20 शताब्दी के पूर्वार्द्ध में जब मछुआरों ने बड़े पैमाने पर ब्लू ह्वेलों का शिकार करना शुरु किया था तो विलुत्प्राय होने की कगार पर पहुंच गईं थीं। आज करीब 20000 ह्वेल जीवित हैं।

    Jul 18, 2016
  • क्या आप ह्वेल मछलियों के बारे में ये बातें जानते हैं?

    ह्वेल सीटेशीअ (cetacean) प्रजाति से ताल्लुक रखती हैं। इसमें ह्वेल, डॉल्फिन और पॉर्पस आते हैं। ह्वेल को दो उप–वर्गों में विभाजित किया जाता हैः बलीन और दांत वाली ह्वेल। बलीन ह्वेल में उसके उपरी जबड़े पर कंधी के जैसे झालर होते हैं, जिसे बलीन कहा जाता है। ह्वेल अपने आस–पास के माहौल का पता प्रतिध्वनि के वापस आने में लगने वाले समय (echolocation) के आधार पर लगाती हैं।

    Jul 18, 2016
  • भारतीय गिद्ध विलुप्त क्यों हो रहे हैं– एक संपूर्ण विश्लेषण

    1980 के दशक में भारत में सफेद पूंछ वाले गिद्धों की संख्या करीब 80 मिलियन (800 लाख) थी। आज (2016) इनकी संख्या 40 हजार से भी कम हो चुकी है। यह दुनिया में किसी भी पक्षी प्रजाति की सबसे तेजी से हुई कमी है। गिद्धों की संख्या में हुई कमी की वजह से वर्ष 2015 तक पर्यावरण स्वच्छता के लिए करीब 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुआ है।

    Jul 15, 2016
  • सरिस्का टाइगर रिजर्वः तथ्यों पर एक नजर

    सरिस्का टाइगर रिजर्व अरावली हिल्स की गोद में राजस्थान के अलवर जिले में है। सरिस्का टाइगर रिजर्व या सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान अलवर जिले में शिकार करने के लिए आरक्षित क्षेत्र था। वर्ष 1955 में इसे वन्यजीव अभयारण्य का दर्जा मिला और वर्ष 1978 में यह सरिस्का टाइगर रिजर्व बना। यह 866 वर्ग किमी के इलाके में फैला है। सरिस्का रॉयल बंगाल टाइगर और तेंदुआ के लिए प्रसिद्द हैं।

    Jul 14, 2016
  • जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, बाघों का स्वर्गः तथ्य एक नजर में

    जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है | इसकी स्थापना विलुप्तप्राय बंगाल टाइगरों की रक्षा के लिए 1936 में की गई थी। यह उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है और इसका नाम इसकी स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जिम कॉर्बेट के नाम पर रखा गया है। प्रोजेक्ट टाइगर पहल के तहत आने वाला यह पहला उद्यान था। इसका क्षेत्रफल 520.82 वर्ग मील है।

    Jul 14, 2016
  • गिर राष्ट्रीय उद्यानः एशियाई शेरों का घर

    गिर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य एशियाई शेरों की जीवित आबादी का अंतिम आश्रय स्थल है। यह उद्यान गुजरात के 1412 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। मई 2015 में एशियाई शेरों की गई 14वीं जनगणना के अनुसार इनकी आबादी बढ़ कर 523 हो गई थी (वर्ष 2010 में की गई पिछली जनगणना की तुलना में 27% अधिक)। वर्तमान में गिर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य में 109 नर, 201 मादा और 213 युवा/ शिशु/ शेर हैं।

    Jul 13, 2016
  • दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, 'द गार्डन ऑफ ईडन': तथ्यों पर एक नजर

    दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश के लखिमपुर खीरी और बहराइच जिलों में संरक्षित क्षेत्र है। यह 1,284.3 किमी (495.9 वर्ग मील) में फैला है समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 110 से 185 मी (361 से 607 फीट) है। इसकी उत्तर– पूर्वी सीमा नेपाल से लगी है। यह राष्ट्रीय उद्यान विभिन्न प्रकार के पक्षियों का आवास स्थान है। इनमें जंगली तीतर, चरस (Bengal Florican) और ग्रेट स्लेटी कठफोड़वा (Great Slaty Woodpecker) शामिल हैं।

    Jul 13, 2016
  • दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यानः हंगुल का घर

    दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1981 में हुई थी और यह जम्मू और कश्मीर के उच्च शीतोष्ण कटिबंध में स्थित है जो श्रीनगर से मात्र 22 किलोमीटर की दूरी पर है। समुद्र तल से उद्यान की औसत ऊंचाई 2990 मीटर है। उद्यान 141 किलोमीटर में फैला है। उद्यान में पाए जाने वाले मुख्य पेड़ हैं– हिमालयी नम शीतोष्ण सदाबहार, नम पर्णपाती और झाड़ियां, देवदार, चीड़ एवं शाहबलूत (ओक)। दाचीगाम का अर्थ है– दस गांव।

    Jul 12, 2016
  • बुक्सा टाइगर रिजर्व (बी.टी.आर.): तथ्यों पर एक नजर

    बुक्सा टाइगर रिजर्व (बी.टी.आर.) पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के अलीपुरद्वार उप–डिवीजन में स्थित है। इसमें बुक्सा वन प्रभाग (702.44 वर्ग किमी) का पूरा और कूच– बिहार वन विभाग (58.43 वर्ग किमी) का कुछ हिस्सा आता है। बुक्सा टाइगर रिजर्व 1983 में भारत के 15वें टाइगर रिजर्व के तौर पर बनाया गया था।

    Jul 12, 2016