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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

  • भारत का राष्ट्रीय सतत पर्यावरण मिशन क्या है?

    राष्ट्रीय सतत पर्यावरण मिशन शमन रणनीति के तहत भारत सरकार के आठ जलवायु मिशनों में से एक है। इस नीति को इसलिए सूत्रबद्ध किया गया है ताकि भवनों ऊर्जा क्षमता के सुधार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा लोग यातायात के प्रकार में परिवर्तन लाया जा सके। इस लेख में हमने भारत का राष्ट्रीय सतत पर्यावरण मिशन के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    13 hrs ago
  • राष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम क्या है?

    पर्यावरण में हो रहे बदलाव से पूरी दुनिया समस्या का सामना कर रही है। इसलिए दुनिया कुछ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रही है जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ किफायती भी हो सके। इस लेख में हमने बायोगैस (Biogas) तथा राष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Jan 15, 2019
  • भारत के पर्यावरण आंदोलनों पर संक्षिप्त इतिहास

    भारत में विकास के साथ-साथ पर्यावरण आधरित संघर्ष भी बढ़ते जा रहे हैं क्योंकी ये विकास नीति कही ना कही पर्यावरणीय संतुलन को खतरे में डालकर बनाया जा रहा है। सार्वजनिक नीति में परिवर्तन के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा के लिए होने वाले विरोध को पर्यावरण आंदोलन बोला जा सकता है। इस लेख में हमने भारत के पर्यावरण आंदोलनों पर संक्षिप्त इतिहास को बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Jan 14, 2019
  • कार्बन फर्टिलाइजेशन या कार्बन निषेचन से फ़ासल उत्पादन पर कैसे प्रभाव पड़ता है?

    विश्व में ग्रीनहाउस गैसों (जीएचजी) के उत्सर्जन को कम करने वाले प्रबंधन रणनीतियों, व्यवहार परिवर्तनों और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को रोकने या कम करने के लिए अनेको कार्य किया जा रहे हैं। इस लेख में हमने कार्बन फर्टिलाइजेशन या कार्बन निषेचन को परिभाषित किया है और यह बताया है यह कैसे फ़ासल उत्पादन पर प्रभाव डालता है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Jan 10, 2019
  • मौसम के रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट क्या होते हैं और कब जारी किये जाते हैं?

    मौसम विभाग द्वारा चेतावनी देने के लिए रेड अलर्ट, ऑरेंज अलर्ट, येलो अलर्ट और ग्रीन अलर्ट को जारी किया जाता है. चेतावनी देने के लिए रंगों का चुनाव कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया जाता है. इन अलर्ट को मौसम के ख़राब होने की तीव्रता के आधार पर जारी किया जाता है. यानि भीषणता के माध्यम से रंग बदलते रहते हैं.

    Jan 8, 2019
  • राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम क्या है?

    नेशनल ई-मोबिलिटी प्रोग्राम या ‘राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम’ (National E-Mobility Programme) भारत का एक प्रकार का पर्यावरण कार्यक्रम है जिसका मुख्य उद्देश्य 2030 तक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए नीतिगत ढाँचा तैयार करना ताकि सडकों पर 30% इलेक्ट्रिक वाहन लाया जा सके। इस लेख में हमने ‘राष्ट्रीय ई-गतिशीलता कार्यक्रम’ (National E-Mobility Programme) की अवधारणा और उद्देश्यों की व्याख्या की है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Jan 7, 2019
  • क्रायोस्फीयर वैश्विक जलवायु को कैसे प्रभावित करता है?

    पृथ्वी प्रणाली विज्ञान के अंतर्गत पृथ्वी के विभिन्न घटक जैसे वातावरण, समुद्र, क्रायोस्फीयर, भूमंडल और जीवमंडल के बीच जटिल संबंधों की समझ शामिल है। पृथ्वी प्रणाली के बारे में जानकारी से, जलवायु, मौसम और प्राकृतिक खतरों की भविष्यवाणी में सुधार करने में मदद मिलती है। इस लेख में हमने बताया है की कैसे क्रायोस्फीयर वैश्विक जलवायु को प्रभावित करता है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Jan 2, 2019
  • भारत का राष्ट्रीय जल मिशन क्या है?

    जल प्रकृति के सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है। कहने को तो पृथ्वी की सतह का लगभग 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है लेकिन मात्र 2.5% पानी ही प्राकृतिक स्रोतों - नदी, तालाब, कुओं और बावडियों-से मिलता है जबकि आधा प्रतिशत भूजल भंडारण है। जल के महत्व को मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय जल मिशन की शुरुवात की है ताकि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे खतरे से निपटा जा सके।

    Dec 28, 2018
  • कीस्टोन प्रजाति किसे कहते है?

    विश्व में स्थापित जैविक प्रणालियों में तेजी से गिरावट का मतलब है जीव संरक्षण को अक्सर "सीमा सहित अनुशासन" के रूप में निर्दिष्ट किया जाना। कीस्टोन प्रजाति ऐसी प्रजातियों को कहते हैं जो सामुदायिक संरचना पर प्रमुख प्रभाव डालता है। दूसरे शब्दों में, ऐसी प्रजातियां जो पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्रीय समर्थन केंद्र बनाती हैं। इस लेख में हमने कीस्टोन प्रजाति क्या होता है और इसकी अवधारणा की उत्पत्ति कैसे हुयी थी जैसे तथ्यों पर चर्चा की गयी है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Dec 27, 2018
  • ग्रीन अकाउंटिंग सिस्टम क्या होता है और इसका क्या महत्व है?

    पर्यावरण परिवर्तन एक वैश्विक समस्या है जिसके लिए वैश्विक समाधान की आवश्यकता है। इसमें हमारी आर्थिक वृद्धि को धीमा करने की क्षमता है। विश्व बैंक के एक अध्ययन से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन किसी भी अर्थव्यस्था और आबादी के जीवन स्तर को परेशान करने वाला है। इस लेख में हमने ग्रीन अकाउंटिंग सिस्टम क्या होता है और इसके महत्व के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Dec 27, 2018
  • सुनामी वार्निंग सिस्टम क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

    डीप ओशेन ऐसेसमेंट एंड रिपोर्टिंग ऑफ़ सुनामी (DART) को पहली बार सन् 2000 के अगस्त महीने में शुरू किया गया था. डार्ट प्रणाली के माध्यम से जानकारी जुटाने के लिए बोटम प्रेशर रिकार्डर (बीपीआर) और समुद्री लहरों पर तैरती हुई एक डिवाइस को रखा जाता है. गहरे जल में स्थित बीपीआर से तैरती डिवाइस तक आंकड़े या सूचनाएं भेजी जातीं हैं. तैरती डिवाइस से आंकड़े या सूचनाओं को जियोस्टेशनरी ऑपरेशनल इन्वायरमेंटल सैटेलाइट डाटा कलेक्शन सिस्टम तक पहुंचाया जाता है.

    Dec 26, 2018
  • भारत की पहली फ्लोटिंग प्रयोगशाला के बारे में 10 रोचक तथ्य

    लोकतक झील भारत के उत्तर-पूर्व में सबसे बड़ी ताज़े पानी का झील है, और अब यह एक फ्लोटिंग प्रयोगशाला का घर है जो पानी में गश्त करते हुये प्रदूषण भार की विश्लेषण करेगा ताकि बायोम को बचाने या सुरक्षा प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाया जा सके। इस फ्लोटिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन मणिपुर के वन और पर्यावरण मंत्री, थौनाओजम श्यामकुमार सिंह ने 24 फरवरी किया था।

    Dec 13, 2018
  • जाने पहाड़ी क्षेत्रों में हिमस्खलन होने के 9 कारण कौन से हैं?

    हिमस्खलन या एवलांच (avalanche) किसी ढलान वाली सतह पर तेज़ी से हिम के बड़ी मात्रा में होने वाले बहाव को कहते हैं। यह आमतौर पर किसी ऊँचे क्षेत्र में उपस्थित हिमपुंज या संचित बर्फ में अचानक अस्थिरता पैदा होने से आरम्भ होते हैं। इस लेख में हमने 9 कारको पर चर्चा की है जिनकी वजह से हिमस्खलन या एवलांच होने की संभावनाये बढ़ जाती है।

    Dec 4, 2018
  • क्या किसानों के पास पराली जलाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है?

    बरसात का मौसम धान की पैदावार के लिए बहुत ही अनुकूल होता है इसलिए पंजाब और हरियाण सहित पूरे देश में धान की फसल पैदा की जाती है लेकिन अक्टूबर और नवम्बर में ये फ़सल हार्वेस्टर मशीन की सहायता से काट ली जाती है लेकिन इस कटाई में फसल का सिर्फ अनाज वाला हिस्सा अर्थात धान के पौधे के ऊपर का हिस्सा ही काटा जाता है और बाकी का हिस्सा खेत में ही लगा रहता है जिसे पराली कहते हैं.

    Nov 15, 2018
  • किन प्लांट्स की मदद से घर के वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है?

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर की एक रिसर्च में सामने आया है कि यदि आपको वायु प्रदूषण की समस्या का ठोस समाधान करना है तो आपके अपने घर में ये 5 पौधे लगाने चाहिए. इन पांच पौधों के नाम हैं; एरिका पाम, मदर इन लॉ टंग प्लांट, गोल्डेन पोथोस, गुलदाउदी और मनी प्लांट.

    Nov 15, 2018