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भारतीय अर्थव्यवस्था के आयाम

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भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरक्षित क्षेत्रों की सूची

Jun 29, 2018
भारत एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार की कंपनियों का अस्तित्व है. भारत ने वैश्वीकरण का लाभ लेने के लिए 1991 में नयी आर्थिक नीति को अपनाया था. इस नीति में बहुत से क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया था लेकिन भारत में राष्ट्रीय महत्व के 2 क्षेत्र अभी भी केवल सार्वजनिक उद्यमों के लिए आरक्षित हैं. इस लेख में इन्ही क्षेत्रों के बारे में बताया गया है.

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भारत में प्रमुख वित्तीय संस्थानों की सूची

May 10, 2018
भारत में घरेलू क्षेत्र की बचत को बढ़ावा देने और उसे जरूरी क्षेत्रों में निवेश करके देश में निवेश की गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों को वित्त उपलब्ध कराने के लिए बहुत से वित्तीय संस्थानों की स्थापना की गयी थी. इस लेख में इन्ही संस्थानों (आरबीआई, सेबी, एक्जिम बैंक और निर्यात क्रेडिट गारंटी निगम) की स्थापना के बारे में बताया जा रहा है.

14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय कर राजस्व में राज्यों का हिस्सा

Apr 18, 2018
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 में हर पांच वर्षों में एक वित्त आयोग की स्थापना की बात कही गयी है. राष्ट्रपति ने 14वें वित्त आयोग का गठन भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर श्री वाई. वी. रेड्डी की अध्यक्षता में किया है. इस वित्त आयोग की कार्यकाल अवधि 1 अप्रैल, 2015 से 31 मार्च, 2020 तक है. 14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी में 10% की बढ़ोत्तरी की सिफारिश की है. अब राज्यों को केंद्र के कर राजस्व का 42% हिस्सा बांटा जायेगा.

कंपनी अधिनियम, 2013 की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

Mar 27, 2018
कंपनी अधिनियम, 2013; भारत में कॉरपोरेट गवर्नेंस और निगरानी प्रक्रियाओं को विश्व में प्रचलित अच्छे मापदंडों के अनुसार बनाना चाहता है. कंपनी अधिनियम, 2013 को 30 अगस्त को भारत में लागू किया गया था. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनी अधिनियम, 2013 के 470 वर्गों में से 326 अनुभागों (sections) को अधिसूचित (notify) कर दिया है, जबकि बाकी 144 अनुभागों को अभी अधिसूचित किया जाना बाकी है.

भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में 20 जरूरी तथ्य

Mar 21, 2018
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2018 में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी (7.4%) से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगी. भारतीय अर्थव्यवस्था में तीन प्रमुख क्षेत्रों का योगदान सबसे अधिक है. भारतीय अर्थव्यवस्था में 53.7% योगदान सेवा क्षेत्र का है, इसके बाद 31.2% योगदान के साथ उद्योग क्षेत्र और तीसरा सबसे अहम् क्षेत्र कृषि है जो कि 15.2% का योगदान देता है.

भारत में राज्यवार अक्षय ऊर्जा उत्पादन की स्थिति क्या है?

Mar 15, 2018
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की कुल अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता 896602 मेगावाट है. राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन और देश में कुल अक्षय ऊर्जा उत्पादन का सबसे बड़ा उत्पादक है, इसके बाद 118208 मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ जम्मू और कश्मीर दूसरे और 74500 मेगावाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करके महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है.

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP): विस्तृत जानकारी

Mar 6, 2018
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO),"सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय" के अंतर्गत एक विभाग है जो कि 1950 से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) से सम्बंधित आंकड़े एकत्र और प्रकाशित करता है. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन देश के आठ प्रमुख क्षेत्रों के आंकड़ों की गणना करता है. मई 2017 से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का आधार वर्ष 2011-12 है.

भारत के सकल घरेलू उत्पाद में किस सेक्टर का कितना योगदान है?

Mar 5, 2018
भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक है. वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का 53.66% योगदान है. दूसरे स्थान पर औद्योगिक क्षेत्र का योगदान है जो कि जीडीपी में लगभग 31% योगदान देता है. तीसरे स्थान पर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली कृषि का नंबर आता है जो कि भारतीय जीडीपी का करीब 17% हिस्सा प्रदान करती है लेकिन भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 53% हिस्सा कृषि कार्यों में लगा हुआ है.

महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों का चुनाव कैसे किया जाता है?

Feb 26, 2018
केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देने के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किया है. यह लेख इस बात पर प्रकाश डाल रहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा किस आधार पर दिया जाता है. ज्ञातव्य है कि वर्तमान में भारत में 8 महारत्न, 16 नवरत्न और 74 मिनीरत्न कंपनियां हैं.

भारत में महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों की सूची

Feb 21, 2018
“लोक उद्यम विभाग” सभी केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) का नोडल विभाग है और यह CPSEs से संबंधित नीतियां तैयार करता है. वर्तमान में लोक उद्यम विभाग; भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय का हिस्सा है. वर्तमान में भारत में 8 महारत्न कम्पनियाँ,16 नवरत्न कम्पनियाँ हैं और 74 मिनीरत्न कंपनियों को श्रेणी 1 और श्रेणी 2 में बांटा गया है. इस लेख में हम महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कम्पनियों के नाम बता रहे हैं.

सर्विस टैक्स और सर्विस चार्ज के बीच क्या अंतर है?

Feb 21, 2018
"सर्विस चार्ज" होटल और रेस्टोरेंट द्वारा ग्राहक को सेवा देने के लिए लिया जाने वाला चार्ज है | यह एक कर नहीं है और सरकार द्वारा नहीं लगाया जाता है, बल्कि विशुद्ध रूप से रेस्तरां द्वारा लगाया जाता है| जबकि ‘सेवा कर’ भारत सरकार द्वारा लगाया जाता है और इसे हर नागरिक को देना ही पड़ता है | वर्तमान में भारत के सकल घरेलु उत्पाद (GDP) का लगभग 60% सेवा कर से आता है |

भारत द्वारा आयातित शीर्ष 7 उत्पादों की सूची

Feb 7, 2018
ज्ञातव्य है कि भारत अपनी आवश्यकता का केवल 20% कच्चे तेल का उत्पादन करता है और बकाया का विदेश से आयात करना पड़ता है. भारत के कुल आयात में कच्चे तेल और सम्बंधित उत्पादों का योगदान लगभग 22% है. इसके बाद दूसरे नंबर पर पूंजीगत सामान (मशीनरी, धातु, परिवहन उपकरण) का नम्बर आता है जो कि कुल आयात का 19.2% है. इस लेख में भारत की ओर से आयात किये जाने वाले 7 सबसे बड़े आयातित उत्पादों के बारे में बताया जा रहा है.

थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के बीच क्या अंतर होता है?

Feb 7, 2018
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) देश में मुद्रास्फीति की गणना के लिए दो व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले सूचकांक हैं. भारत में मुद्रास्फीति की गणना करने के लिए थोक मूल्य सूचकांक का उपयोग करता है, जबकि अधिकांश देशों में मुद्रास्फीति नापने के लिए CPI का इस्तेमाल किया जाता है. इस लेख में WPI और CPI के बीच अंतर बताये गये हैं.

गांधीवादी अर्थशास्त्र की क्या विशेषताएं हैं?

Feb 6, 2018
गांधीवादी अर्थशास्त्र एक ऐसी आर्थिक व्यवस्था की संकल्पना पर आधारित है जिसमें “वर्ग” का कोई स्थान नही है. गाँधी का अर्थशास्त्र एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था स्थापित करने की बात करता है जिसमें एक व्यक्ति किसी दूसरे का शोषण नही करता है. अर्थात गांधीवादी अर्थशास्त्र सामाजिक न्याय और समता के सिद्धांत पर आधारित है.

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2017-18: मुख्य तथ्यों पर नजर

Feb 3, 2018
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 29 जनवरी 2018 को संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण, देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से सम्बंधित आंकड़ों को बताता है. इस सर्वेक्षण के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति का सही आकलन किया जा सकता है. आर्थिक सर्वेक्षण-2018 में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आर्थिक विकास की दर 7% और 7.5% के बीच रहेगी .

जानिए भारत मे सोना कैसे निकाला जाता है?

Jan 17, 2018
भारत में सोने का सबसे अधिक उत्पादन कर्नाटक राज्य में होता है (हुट्टी और उटी नामक खानों से) और इसके अलावा आंध्र प्रदश और झारखण्ड (हीराबुद्दीनी और केंदरूकोचा की खानों से) के कुछ भागों से भी सोना निकाला जाता हैl सोना आमतौर पर या तो अकेले या पारे या सिल्वर के साथ मिश्र धातु के रूप में पाया जाता है। इस लेख में हम झारखण्ड की एक खदान के बारे में बता रहें है जहां से एक टन पत्थर से लगभग 4 ग्राम सोना निकाला जा रहा है और हर वर्ष औसतन 7 किलोग्राम सोना निकाला जा रहा है l

भारत में GST के लागू होने से चीन को क्या नुकसान होगा

Oct 24, 2017
चीन की सस्ती वस्तुएं भारत में बहुत बड़ी मात्रा में बेचीं जातीं हैं. ये वस्तुएं इतनी सस्ती होतीं हैं कि भारत के निर्माता इन चीनी निर्माताओं का मुकाबला नही कर पाते हैं. लेकिन GST लागू होने के बाद चीन के लिए मुसीबत पैदा होने वाली है क्योंकि अभी चीनी वस्तुएं एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में बिना किसी कर को चुकाए और रजिस्ट्रेशन किये भेजी जा सकतीं हैं लेकिन GST लागू होने के बाद ऐसा नही हो पायेगा.

हीरा कैसे बनता है और असली हीरे को कैसे पहचानें?

Oct 23, 2017
हीरा एक पारदर्शी रत्न होता है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है इसमें बिल्कुल मिलावट नहीं होती है, यदि हीरे को ओवन में 763 डिग्री सेल्सियस पर गरम किया जाये, तो यह जलकर कार्बन डाइ-आक्साइड बना लेता है तथा बिलकुल भी राख नहीं बचती है, इस प्रकार हीरे 100% कार्बन से बनते हैं।

जानें दुनिया के इन देशों में प्रति व्यक्ति कितना कर्ज है?

Oct 6, 2017
अब यह लेख इस बात की जानकारी करेगा कि यदि किसी देश का पूरा कर्ज चुकाना है तो उस देश के प्रति नागरिक को कितना धन देना होगा. OECD (एक संगठन) के सदस्य देशों में प्रति व्यक्ति ऋण 2007 के बाद से 2017 तक 5.9% की औसत वार्षिक दर से बढ़ गया है. जापान को अपना कर्ज चुकाने के लिए प्रति नागरिक 90,345 डॉलर की जरुरत है जो कि पूरे दुनिया में सबसे ज्यादा है. भारत को अपना पूरा कर्ज चुकाने के लिए हर भारतीय को 26000 रुपये देने होंगे.

बेरोजगारी कितने प्रकार की होती है और भारत में कैसी बेरोजगारी पायी जाती है?

Sep 6, 2017
बेरोजगारी की परिभाषा हर देश में अलग अलग होती है जैसे अमेरिका में यदि किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता /क्वालिफिकेशन के हिसाब से नौकरी नही मिलती है तो उसे बेरोजगार माना जाता है. सामान्य तौर पर बेरोजगार उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कि बाजार में प्रचलित मजदूरी दर पर काम तो करना चाहता है लेकिन उसे काम नही मिल पा रहा है.

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