Search
  1. Home |
  2. अर्थव्यवस्था |
  3. भारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था

Also Read in : English

क्या किसानों के पास पराली जलाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है?

19 hrs ago
बरसात का मौसम धान की पैदावार के लिए बहुत ही अनुकूल होता है इसलिए पंजाब और हरियाण सहित पूरे देश में धान की फसल पैदा की जाती है लेकिन अक्टूबर और नवम्बर में ये फ़सल हार्वेस्टर मशीन की सहायता से काट ली जाती है लेकिन इस कटाई में फसल का सिर्फ अनाज वाला हिस्सा अर्थात धान के पौधे के ऊपर का हिस्सा ही काटा जाता है और बाकी का हिस्सा खेत में ही लगा रहता है जिसे पराली कहते हैं.

Latest Videos

करेंसी स्वैप किसे कहते हैं और इससे अर्थव्यवस्था को क्या फायदे होंगे?

1 day ago
करेंसी स्वैप का शाब्दिक अर्थ होता है "मुद्रा की अदला बदली". अपने अर्थ के अनुसार ही इस समझौते में दो देश/ कम्पनियाँ या दो व्यक्ति आपस में अपने देशों की मुद्रा की अदला बदली करने का समझौता करते हैं ताकि अपनी वित्तीय जरूरतों को बिना किसी वित्तीय नुकसान के पूरा किया जा सके. करेंसी स्वैप को विदेशी मुद्रा लेन-देन माना जाता है और किसी कंपनी के लिए कानूनन जरूरी नहीं है कि वह इस लेन-देन को अपनी बैलेंस शीट में दिखाए.

जानिये भारत सरकार की सालाना आमदनी और खर्च कितना है?

2 days ago
भारत सरकार देश के विकास के लिए लोगों से कर लेती है वहीँ दूसरी तरफ लोगों के कल्याण में वृद्धि करने के लिए इस धन को सार्वजानिक व्यय के माध्यम से खर्च भी करती है. बजट अनुमान (2018-19) के आंकड़े बताते हैं कि सरकार के कुल खर्च का 23.58% सिर्फ ब्याज भुगतान के लिए आवंटित किय गया है. वर्तमान में सरकार की आय का प्रमुख स्रोत “वस्तु एवं सेवा कर” (33 % योगदान) है इसके बाद कारपोरेशन टैक्स (27%) और आय कर की हिस्सेदारी 23% है.

ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस रैंकिंग क्या होती है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

Nov 1, 2018
ईज ऑफ डूईंग बिजनेस का अर्थ है कि देश में कारोबार करने में कारोबारियों को कितनी आसानी होती है. अर्थात किसी देश में कारोबार शुरू करने और उसे चलाने के लिए माहौल कितना अनुकूल है. विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग (या व्यापार की सुगमता सूची) 2018-19 की लिस्ट में भारत 77वीं रैंक पर आ गया है. वर्ष 2018 में भारत की रैंकिंग में 23 स्थानों का सुधार हुआ है. वर्ष 2017-18 की लिस्ट में भारत की 100वीं रैंक थी.

भारत में आय असमानता के बारे में 14 रोचक तथ्य

Oct 24, 2018
वर्ष 2017 में दुनिया भर में 2,043 अरबपति, जबकि भारत में 101 अरबपति थे. भारत का 73% धन सिर्फ सबसे अमीर 1% व्यक्तियों के पास है. भारत की धनाढ्यता का दूसरा पक्ष यह है कि यहाँ पर 70 मिलियन लोग अत्यन्त गरीबी में जीवन-यापन करते हैं. हालाँकि दुनिया में सबसे अधिक गरीब लोग नाइजीरिया में (87 मिलियन) रहते हैं. विश्व स्तर पर अत्यन्त गरीब उन लोगों को माना जाता है जो कि एक दिन में 1.90 डॉलर से कम कमाते हैं.

रुपये के कमजोर होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को होने वाले फायदे और नुकसान

Oct 12, 2018
1 जनवरी 2018 को एक डॉलर का मूल्य 63.88 था. इसका मतलब है कि जनवरी 2018 से अक्टूबर 2018 तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपये में लगभग 15% की गिरावट आ गयी है. इस लेख में हम यह बताने जा रहे हैं कि रुपये की इस गिरावट का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.

क्या भारत सरकार नए नोट छापकर विदेशी कर्ज चुका सकती है?

Oct 4, 2018
भारत पर मार्च 2018 तक 529.7 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चढ़ा हुआ था जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद का 20.5%था. ऐसी दशा में कुछ लोग कह रहे हैं कि भारत को नयी मुद्रा छापकर पूरा विदेशी कर्ज चुका देना चाहिए. क्या ऐसा संभव है? इस लेख के माध्यम से जानिये पूरा गणित.

भारत की सभी पंचवर्षीय योजनाओं की सूची

Sep 25, 2018
आर्थिक नियोजन वह प्रक्रिया है जिसमें वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सीमित प्राकृतिक संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाता है. भारत में आर्थिक नियोजन की अवधारणा रूस (तब यूएसएसआर) से ली गई थी. भारत ने अब तक 12 पंचवर्षीय योजनाएं लॉन्च की हैं और वर्तमान NDA सरकार ने भारत में पंचवर्षीय योजनाओं को बनाना बंद कर दिया है. भारत की पहली पंचवर्षीय योजना 1951 में शुरू की गई थी.

स्विस बैंक में खाता खोलने के लिए क्या योग्यता होती है?

Sep 19, 2018
वर्ष 1713 में जिनेवा में हुई “ग्रेट काउन्सिल ऑफ़ जेनेवा” की बैठक में बैंकों के लिए नियम बनाये गए कि वे अपने ग्राहकों की बैंक डिटेल को किसी अन्य व्यक्ति को नहीं देंगे. तभी से स्विस बैंक के खाते पूरी दुनिया में सबसे सुरक्षित खातों के रूप में मशहूर हो गये हैं. स्विट्ज़रलैंड की बैंकों में खाता खुलवाने के लिए लगभग 1 लाख डॉलर रुपयों की जरुरत होती है.

मसाला बॉन्ड क्या है और भारतीय अर्थव्यवस्था को इससे क्या फायदे हैं?

Sep 18, 2018
विदेशी पूंजी बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपये में जारी किए जाने वाले बॉन्ड को मसाला बॉन्ड कहते हैं. यह एक कॉर्पोरेट बांड होता है जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी किया जाता है. मसाला बॉन्ड को भारतीय मसालों के नाम पर मसाला बॉन्ड कहा जाता है.

भारत सरकार दुनिया में किस किस से कर्ज लेती है?

Sep 17, 2018
भारत में लोकतान्त्रिक तरीके से चुनी गयी सरकार काम करती है इसलिए इसका मुख्य लक्ष्य लोगों के कल्याण में वृद्धि करना होता है. यदि जनहित के कार्यों के लिए सरकार के पास रुपयों की कमी पड़ती है तो वह विभिन्न स्रोतों से उधार मांगकर खर्च करती है. इस लेख में यह बताया गया है कि सरकार किन-किन तरीकों और स्रोतों से रुपया उधार मांगती है.

विश्वकर्मा अकाउंट प्राइवेट नौकरी करने वालों की कैसे मदद करेगा?

Sep 17, 2018
विश्वकर्मा अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होगा जो कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मददगार होगा. इस अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यदि प्राइवेट नौकरी करने वाले किसी व्यक्ति की नौकरी चली जाती है तो उस व्यक्ति के खर्चे (जैसे बच्चे की फीस, मकान का किराया इत्यादि) कुछ समय के लिए विश्वकर्मा अकाउंट से पूरे किये जायेंगे. आइये इस लेख में जानते है कि विश्वकर्मा अकाउंट में कौन कौन सी स्कीमें कवर की गयी हैं.

जानें भारत की करेंसी कमजोर होने के क्या मुख्य कारण हैं?

Sep 7, 2018
भारत की आजादी के समय एक डॉलर का मूल्य एक रुपये के बराबर है लेकिन वर्ष 2018 में भारतीय रुपये का मूल्य अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है और एक डॉलर में खरीदने के लिए 69 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. इस लेख में भारतीय रुपये की वैल्यू में गिरावट के कारणों की व्याख्या की गयी है.

दुनिया के किन देशों में टीचर को सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है?

Sep 4, 2018
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट (Education at a Glance 2017) में दुनिया के उन देशों की सूची जारी की है जहाँ पर टीचर की सैलरी सबसे ज्यादा और सबसे कम है. सबसे ज्यादा सैलरी देने वाले देशों की सूची में प्रथम स्थान पर लक्ज़मबर्ग का नंबर आता है जहाँ पर एक हाई स्कूल के फ्रेशर टीचर की शुरूआती सैलरी $80,000 है जबकि सबसे अच्छा टीचर सबसे अधिक सैलरी $1,35,000 पाता है.

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक क्या है और इससे आम आदमी को क्या सुविधाएँ मिलेगीं?

Sep 4, 2018
पेमेंट बैंक भारत में मौजूद कमर्शियल बैंकों से अलग प्रकार के बैंक है. पेमेंट बैंकों की स्थापना के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 नवम्बर 2014 को दिशा निर्देश जारी कर दिए थे. इस समय देश में 11 पेमेंट बैंक काम कर रहे हैं. सितम्बर 1, 2018 को मोदी जी ने ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक’ का उद्घाटन किया है. इस लेख में बताया गया है कि किस प्रकार इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक आम आदमी के लिए फायदेमंद होगा.

पेमेंट बैंक किसे कहते हैं और इसकी क्या विशेषताएं है?

Sep 4, 2018
पेमेंट बैंक भारत में मौजूद कमर्शियल बैंकों से अलग प्रकार के बैंक है. इसकी स्थापना के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 नवम्बर 2014 में दिशा निर्देश जारी कर दिए थे. पेमेंट बैंक जनता की सामान्य बैंकिंग की जरूरतों को तो पूरा करेंगे लेकिन कुछ प्रतिबंधों के साथ; जैसे पेमेंट बैंक लोगों के कर्रेंट और बचत खाते खोल सकेंगे लेकिन लोगों को क्रेडिट कार्ड नही दे सकेंगे. इस समय देश में 11 पेमेंट बैंक कार्य कर रहे हैं.

सेक्शन 80 C: इनकम टैक्स बचाने के 10 तरीके कौन से हैं?

Aug 31, 2018
इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80C के तहत एक वित्त वर्ष में विभिन्न योजनाओं में 1.5 लाख रुपए तक का निवेश करके आयकर बचाने का मौका लोगों के पास होता है. अधिकतर लोग केवल LIC, PPF आदि में ही इनवेस्ट कर टैक्स बचाते हैं लेकिन ऐसे कई और विकल्प हैं जहाँ पर निवेश करके सेक्‍शन 80C के तहत कर बचाया जा सकता है. इस लेख में हम ऐसे हे कुछ निवेश विकल्पों के बारे में जानेंगे.

किसान क्रेडिट कार्ड योजना: पात्रता, उद्देश्य और विशेषताएं

Aug 3, 2018
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना 1998-99 में शुरू की गई थी. यह योजना छोटे किसान, सीमांत किसान, फसल सांझीदार, पट्टेदार और किरायेदार किसान, स्वयं सहायता समूह को आसान दरों पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गयी थी. इस योजना के तहत कृषि की विभिन्न अवस्थाओं में होने वाली वित्त की कमी को दूर किया जाता है.

उत्तर प्रदेश में कृषि विकास: परीक्षापयोगी तथ्य

Jul 31, 2018
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि को इसका मेरुदंड कहा जाता है. देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का स्थान प्रथम है. प्रदेश में कुल रोजगार का 59% कृषि क्षेत्र से मिलता है. वित्त वर्ष 2016 वर्तमान मूल्य पर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 54,658 रुपये थी. इस लेख में उत्तर प्रदेश के कृषि विकास से सम्बंधित मुख्य तथ्यों को बताया गया है. ये सभी तथ्य आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत जरूरी हैं.

भारत के नोटों के पीछे कौन-कौन से चित्र बने हुए हैं?

Jul 18, 2018
दुनिया में शायद ही ऐसा कोई देश होगा जिसकी अपनी करेंसी नहीं है. लगभग हर देश अपनी मुद्रा पर अपने देश के किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की तस्वीर लगाने के साथ साथ अपने देश की किसी विशिष्ट पहचान वाली चीज की फोटो जरूर लगाता है. भारत के सभी नोटों पर महात्मा गाँधी की फोटो के साथ साथ अन्य इमारतों जैसे लाल किला और साँची स्तूप तथा हाथी, बाघ इत्यादि की फोटो छापी जाती है.
LibraryLibrary