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भारतीय इतिहास

  • प्रसिद्ध भारतीय हस्तियाँ जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं

    दुनिया में कई ऐसे प्रसिद्ध व्यक्ति हुए हैं जो अपने जीवनकाल में ही वह प्रतिष्ठा और ख्याति प्राप्त कर लेते हैं, जो मरने के बाद भी कई व्यक्तियों को नसीब नहीं होती है। इन्हीं प्रसिद्धियों में से एक है- किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर डाक टिकट जारी होना। भारत में भी कई ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी किए गए हैं। इस लेख में हम उन प्रसिद्ध भारतीय हस्तियों का विवरण दे रहे हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं।

    Mar 15, 2019
  • भारत में छात्र आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास

    स्वतंत्रता पूर्व और स्वतंत्रता के बाद भारत में जितने भी परिवर्तनकारी सामाजिक आंदोलन हुए, उनमें छात्रों की भूमिका बहुत अहम रही है। इस लेख में हम भारत में छात्र आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 27, 2019
  • सूफी क्रांति- विशेषता, पूजा की पद्धति और सूफीवाद के दस चरण

    सूफी गीत आज के लोकप्रिय हिंदी संगीत में बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं और दरवेश या फ़क़ीर अभी भी दान-पुण्य और नि:स्वार्थता के जीवन के हमारे विचारों में एक भाग का निर्माण करते है। इस लेख में हमने सिफ़ी क्रांति, सूफीवाद की विशेषता, पूजा की पद्धति और इसके दस चरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 13, 2019
  • सुभास चंद्र बोस: जयंती, उपलब्धियां और योगदान

    सुभाष चंद्र बोस भारत के युवाओं के सबसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और करिश्माई प्रभावकों में से एक हैं। उनकी देशभक्ति, स्वतंत्रता के लिए आह्वान और वांछित लक्ष्य हासिल करने से पहले रुकने से इनकार करने के कारण वे युवाओं के लिए हीरो के समान हैं। अपने राष्ट्रवादी स्वभाव और नेतृत्व की विशेषता के कारण, महात्मा गांधी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उन्हें नेताजी के रूप में संबोधित किया। इस लेख में हमने सुभास चंद्र बोस का जीवन-परिचय दिया है।

    Jan 23, 2019
  • बिहार का प्राचीन इतिहास

    बिहार का प्राचीन इतिहास का विस्तार मानव सभ्यता के आरंभ तक है। साथ ही यह सनातन धर्म के आगमन संबंधी मिथकों और किंवदंतियों से भी संबद्ध है। यहां, हम 'प्राचीन बिहार के इतिहास' पर पूर्ण अध्ययन सामग्री दे रहे हैं जो उम्मीदवारों को बीपीएससी और अन्य राज्य स्तर की परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की राह को आसान कर देगा।

    Dec 6, 2018
  • जानें कैसे सिक्किम भारत का हिस्सा बना?

    सिक्किम भारत का 22वां राज्य है जो हिमालय की आंतरिक पर्वत श्रृंखला का एक हिस्सा है. यह देश का दूसरा सबसे कम आबादी वाला राज्य है और पूर्वोत्तर भाग में स्थित है. क्या आप जानते हैं कि सिक्किम 1975 में भारत का हिस्सा बन गया था परन्तु कैसे, पहले यहां पर किसका शासन था इत्यादि को आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

    Dec 4, 2018
  • टीपू सुल्तान के बारे में 10 रोचक तथ्य

    टीपू सुल्तान मैसूर के सुल्तान हैदर अली के सबसे बड़े बेटे थे. सन 1782 में वह अपने पिता की मृत्यु के बाद सिंहासन पर बैठे थे. शासक के रूप में, उन्होंने अपने प्रशासन में कई नवाचारों को लागू किया. अंग्रेजों के खिलाफ उन्होंने फ्रांसीसी के साथ मिलकर अपने इस संघर्ष में पिता की नीति को जारी रखा. उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ कई युद्ध लड़े और राज्य की पूर्ण रूप से रक्षा भी की. आइये इस लेख के माध्यम से टीपू सुल्तान, उनके जीवन, युद्ध इत्यादि जैसे कई रोचक तथ्यों को अध्ययन करते हैं.

    Nov 9, 2018
  • शहीद भगत सिंह ने क्यों कहा कि "मैं नास्तिक हूँ"

    भगत सिंह का जन्म सितम्बर 1907 में पंजाब में हुआ था और सैंडर्स की हत्या के आरोप में दोषी पाये जाने के कारण 23 मार्च 1931 को उन्हें लाहौर के सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गयी थी | उन्होंने 5,6 अक्टूबर 1931 को लाहौर के सेंट्रल जेल से एक धार्मिक आदमी को जवाब देने के लिये एक निबंध लिखा था जिसने उनके ऊपर नास्तिक होने का आरोप लगाया था | भगत सिंह की उम्र उस समय 23 वर्ष की थी|

    Sep 28, 2018
  • भारत के प्रसिद्ध बौद्ध मठों की सूची

    बौद्ध मठ का अर्थ ऐसे संस्थानों से है जहाँ बौद्ध धर्म के गुरु अपने शिष्यों को शिक्षा, उपदेश इत्यादि प्रदान करते हैं। विश्व में बौद्ध धर्म के बहुत से तीर्थ स्थल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार से हैं:- विहार, पगोडा, स्तूप, चैत्य, गुफा, बुद्ध मुर्ती एवं अन्य। इस लेख में हमने भारत की प्रसिद्ध बौद्ध मठों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 20, 2018
  • जानें भारतीय मंदिरों के कौन-कौन से अंग होते हैं

    भारतीय स्थापत्य में भारतीय मंदिरों के वास्तुकला का विशेष स्थान है। यदि आप प्राचीनकाल के मंदिरों की रचना देखेंगे तो जानेंगे कि सभी कुछ-कुछ पिरामिडनुमा आकार के होते थे। भारत के स्थापत्य की जड़ें यहाँ के इतिहास, दर्शन एवं संस्कृति में निहित हैं और यहाँ की परम्परागत एवं बाहरी प्रभावों का मिश्रण है। इस लेख में हमने शिल्पशास्त्र के अनुसार भारतीय मंदिरों के प्रमुख अंगो की सूची दिया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 20, 2018
  • भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों की सूची

    बौद्ध वास्तुकला भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई। यह तीन प्रकार के ढांचे जुड़े हुए हैं: मठ (विहार), अवशेषों (स्तूप), और चैत्यगृह। वैसे तो विहार और चैत्य दोनों ही निवास स्थान के रूप में प्रयोग हो सकते हैं। इस लेख में हमने भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 18, 2018
  • प्राचीन काल में सोने और चांदी के सिक्कों को क्यों बनाया जाता था?

    सोने और चांदी के सिक्कों का चलन प्राचीन काल में शुरू हुआ था. उस समय कोई और धातु के सिक्कें नहीं बनाए जाते थे. क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों सोने और चांदी के ही सिक्कों को बनाया गया. इसके पीछे क्या कारण था. कुछ शोधकर्ताओं ने रसायनिक आधार पर इसके पीछे के कारणों को बताया है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

    Sep 17, 2018
  • जानें भारत में अंग्रेजों की सफलता के क्या-क्या कारण थे?

    18वीं शताब्दी के मध्य में, भारत वास्तव में चराहे पर खड़ा था। इस विभिन्य ऐतिहासिक शक्तियां गतिशील थी, जिसके परिणामस्वरुप देश एक नई दिशा की ओर उन्मुख हुआ। कुछ इतिहासकार इसे 1740 का वर्ष मानते हैं, जब भारत में सर्वोच्चता के लिए आंग्ल-फ़्रांसीसी संघर्ष की शुरुवात हुई थी। इस लेख में हमने बताया है की कौन-कौन से कारणों की वजह से अंग्रेजो को भारत में सफलता मिली जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 14, 2018
  • भारत की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्रता पश्चात के प्रमुख वचनों और नारों की सूची

    भारत की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्रता पश्चात हुई परिस्थितयों से निपटने के लिए, भारत के रहनुमाओं ने समय-समय पर अपने आवाज़ बुलंद किया है और विभिन्न नारों तथा वचनों की मदद से भारतियों में आत्मविश्वास भरा है। इस लेख में हमने भारत की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्रता पश्चात के प्रमुख वचनों और नारों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 12, 2018
  • भारत के ऐसे जिले जिन्हें भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी.

    भारत को ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी. उस समय सम्पूर्ण भारत में हर्ष और उल्लास था. लेकिन इस तथ्य को भी नहीं भुलाया जा सकता है कि भारत को विभाजन से गुजरना पड़ा था. इस दौरान लोगों ने बहुत कुछ झेला था. क्या आप जानते हैं कि भारत में ऐसे भी जिले थे जिन्हें भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी. इसके पीछे क्या कारण था. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

    Sep 10, 2018