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भारतीय राजव्यवस्था

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सुप्रीम कोर्ट में जजों की सीनियोरिटी कैसे तय होती है?

12 hrs ago
सुप्रीम कोर्ट की स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी. मुख्य न्यायधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. परन्तु क्या आप जानते हैं कि यह कैसे तय होता है कि सुप्रीम कोर्ट में सीनियर जज कौन होगा? इसका फैसला कैसे किया जाता है? सरकार किस आधार पर जज को पहले अपॉइंटमेंट वारंट जारी करती है? इत्यादि आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

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जानिये नेशनल हेराल्ड केस क्या है?

Nov 16, 2018
नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल पर मुख्य आरोप यह है कि इन्होंने यंग इंडियन नाम की एक नॉन प्रोफिताबल कंपनी बनायीं जिसने केवल 50 करोड़ रुपये देकर 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाली एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड-एजेएल) का अधिग्रहण कर लिया. इस लेख में हम नेशनल हेराल्ड मामले से जुडी पूरी जानकारी दे रहे हैं.

शत्रु सम्पत्ति अधिनियम क्या है और इससे भारत सरकार को क्या फायदे हैं?

Nov 12, 2018
शत्रु सम्पत्ति अधिनियम, 1968; पाकिस्तान से 1965 में हुए युद्ध के बाद पारित हुआ था. इस अधिनियम के अनुसार जो लोग 1947 के विभाजन या 1965 में और 1971 में पाकिस्तान के साथ लड़ाई के बाद पाकिस्तान चले गए और वहां की नागरिकता ले ली थी, उनकी सारी अचल संपत्ति 'शत्रु संपत्ति' घोषित कर दी गई थी और भारत सरकार ने जब्त कर ली थी. शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968; शत्रु की संपत्ति की देखभाल का अधिकार संपत्ति के लीगल वारिस या लीगल प्रतिनिधि को देता है.

ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट क्या है और किन गतिविधियों पर लागू होता है?

Oct 31, 2018
ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट या आधिकारिक गुप्त अधिनियम, 1923 भारत में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया जासूसी निरोधक कानून है. इस कानून को अंग्रेजों ने हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को जासूसी के आरोपों में फंसाने के लिए बनाया था. इस एक्ट में उन कार्यों और गतिविधियों के बारे में स्पष्ट बताया गया है जो कि अपराध की श्रेणी में आते हैं. इस अधिनियम के तहत किसी ऑफिस की किसी भी प्रकार की डिटेल, उसका नक्सा, स्केच या पासवर्ड किसी विदेश एजेंट से शेयर करना अपराध की श्रेणी में आता है.

जानिये CBI डायरेक्टर को नियुक्त करने और हटाने की क्या प्रक्रिया है?

Oct 26, 2018
केंद्रीय जांच ब्यूरो या CBI, भारत में केंद्र सरकार की एक जाँच एजेंसी है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर होने वाले अपराधों जैसे हत्या, घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों और राष्ट्रीय हितों से संबंधित अपराधों की भारत सरकार की तरफ से जाँच करती है. सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति एक उच्च स्तरीय कमेटी करती है. इस कमेटी के सदस्य प्रधानमंत्री, चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होते हैं.

जानें ऐसे कानूनों के बारे में जो महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हैं

Oct 24, 2018
माहिलाओं पर आजकल अपराध बढ़ रहा है परन्तु कुछ महिलाओं को देश में कानूनों के बारे में आज भी जानकारी नहीं है जिससे वह खुद के अधिकारों के लिए लड़ सकती हैं और अपराधी को सजा भी दिलवा सकती हैं. आइये इस लेख के माध्यम से ऐसे कानूनों के बारे में अध्ययन करते हैं जो महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हैं.

भारत में जिले का नाम बदलने की क्या प्रक्रिया है और इसमें कितना खर्च आता है?

Oct 22, 2018
किसी भी जिले के नाम को बदलने की अपील उस जिले की जनता या जिले के जन प्रतिनिधियों के द्वारा की जाती है. इस सम्बन्ध में एक प्रस्ताव राज्य विधान सभा से पास करके राज्यपाल को भेजा जाता है. या इसे इस प्रकार भी कह सकते हैं कि किसी भी जिले या संस्थान का नाम बदलने के लिए पहले प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होती है.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के क्या- क्या कार्य होते हैं?

Oct 10, 2018
भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद को सबसे पहले 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सृजित किया था. ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की नियुक्ति भारत के प्रधानमन्त्री के द्वारा की जाती है. वर्तमान में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल हैं. अब तक इस पद पर 5 व्यक्ति रह चुके हैं. इस लेख में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यों के बारे में बताया गया है.

पुलिस कस्टडी और ज्यूडिशियल कस्टडी में क्या अंतर होता है?

Oct 4, 2018
पुलिस कस्टडी और ज्यूडिशियल कस्टडी दोनों शब्द एक जैसे ही लगते हैं लेकिन बारीकी से अध्ययन करने के बाद इन दोनों शब्दों में अंतर साफ साफ दिखता है. पुलिस कस्टडी तथा ज्यूडिशियल कस्टडी दोनों में संदिग्ध व्यक्ति को कानून की हिरासत में रखा जाता है. इन दोनों का एक ही उद्येश्य है समाज में अपराध को कम करना. आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि इन दोनों शब्दों में क्या अंतर है.

भारत में बच्चा गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया और शर्तें क्या हैं?

Oct 1, 2018
विश्व में हर महिला और पुरुष चाहते हैं कि उन्हें भी कोई मम्मी या पापा कह कर पुकारे. लेकिन ईश्वर का यह वरदान हर किसी को नसीब नहीं होता है. इसलिए सरकार ने गोद लेने के लिए एक प्रक्रिया बनायीं है. इस लेख में आप जानेंगे कि भारत में कौन व्यक्ति या दंपत्ति बच्चा गोद ले सकता है और इसके लिए किस तरह की कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है.

हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी किसे कहते हैं और इससे जुड़े नियम क्या हैं?

Sep 28, 2018
जब किसी व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट में कार्यवाही अंडर ट्रायल होती है और उस व्यक्ति को जेल ना भेजकर उसके घर में ही नजरबन्द रखा जाता है तो ऐसी स्थिति को हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी कहा जाता है. हाउस अरेस्ट की स्थिति में भी आरोपी व्यक्ति को कुछ अधिकार दिए गए हैं. हालाँकि भारतीय कानून में हाउस अरेस्ट शब्द का ज़िक्र नहीं है.

जानिये एडवोकेट और लॉयर के बीच क्या अंतर होता है?

Sep 14, 2018
साधारणतः, लॉयर (Lawyer) और एडवोकेट (Advocate) शब्दों को एक दूसरे के पर्यायवाची शब्दों के रूप इस्तेमाल किया जाता है लेकिन बहुत माइक्रो लेवल पर एनालिसिस करने पर इन दोनों शब्दों के बीच भी कुछ अंतर निकल आते हैं. लॉयर कई प्रकार के हो सकते हैं जैसे; अटॉर्नी, एडवोकेट और सोलिसिटर. इनमें से सभी कानून के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ होते हैं.

जानिये कैसे तय होता है कि लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?

Sep 13, 2018
लोक सभा चैम्बर में 550 सदस्यों के बैठने के लिए सीटें लगायी गयी हैं. सीटों को छह ब्लॉक में बांटा गया है, प्रत्येक ब्लॉक में ग्यारह पंक्तियां हैं. ब्लॉक नंबर 1 जो कि स्पीकर के दायीं ओर है और ब्लॉक नंबर 6 स्पीकर के बाईं ओर है. इन दोनों ब्लॉक्स में 97-97 सीटें हैं. बाकी के सभी 4 ब्लॉक्स में 89-89 सीटें हैं. लोक सभा के प्रत्येक सदस्य और मंत्री को लोक सभा में एक सीट आवंटित की जाती है.

राष्ट्रपति द्वारा मृत्यु दंड को माफ़ करने की क्या प्रक्रिया है?

Sep 10, 2018
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 72 में राष्ट्रपति को उन व्यक्तियों को क्षमा करने की शक्ति प्रदान की गयी है जो कि निन्मलिखित मामलों में किसी अपराध के लिए दोषी पाए गये हैं; 1. किसी जघन्य अपराध के लिए मृत्यु दंड 2. सैन्य न्यायालय द्वारा दिया गया दंड 3. किसी जघन्य अपराध के लिए दिया गया दंड. संविधान में यह भी लिखा गया है कि राष्ट्रपति इस अधिकार का उपयोग मंत्रिमंडल की सलाह से करेगा.

दबाव समूह

Sep 7, 2018
दबाव समूह, एक ऐसा संरचित समूह है जिसका लक्ष्य आम आदमी से संबधित हितों के लिए सरकारी, सार्वजनिक नीति को प्रभावित करना या आम लोगों से संबंधित एक विशेष कारण की रक्षा करना है। दबाव समूह सरकार और लोगों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करते हैं। दबाव समूह की कई विशेषताएं हैं और दबाव समूहों के अनेक प्रकार होते हैं।

भारत के 7 प्रधानमंत्री और उनकी अद्भुत कारें

Sep 7, 2018
प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधि और भारत सरकार का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है। प्रधानमंत्री वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के काफिले से एम्बेसडर कार "सेडान" को हटाकर आलीशान बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज की बुलेट प्रूफ लक्जरी सैलून को शामिल किया| तब से भारत के सभी प्रधानमंत्री बीएमडब्ल्यू सीरीज के वाहन से ही यात्रा करते हैं| आइए प्रधानमंत्रियों की कारों के बारे मे और जानकारी प्राप्त करते हैं|

भारत के प्रधानमंत्री से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट कैसे लें

Sep 7, 2018
भारत के प्रधानमंत्री से अगर आम नागरिक या अन्य लोग मिलना चाहते हैं और अपनी गंभीर समस्याओं का समाधान चाहते हैं तो वह कैसे प्रधानमंत्री से मिल सकते है. आइये इस लेख के माध्यम से यह जानने की कोशिश करते हैं कि प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति प्राप्त करने के लिए एक आम नागरिक को क्या-क्या करना होगा.

अनुच्छेद 35A क्या है और यह जम्मू कश्मीर को क्या अधिकार देता है?

Aug 31, 2018
अनुच्छेद 35A, 14 मई 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने एक आदेश पारित किया था. इस आदेश के जरिए भारत के संविधान में एक नया अनुच्छेद 35A जोड़ दिया गया था. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 में जम्मू & कश्मीर को एक विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है. वर्तमान भारत सरकार इन दोनों अनुच्छेदों को हटाकर जम्मू-कश्मीर को मिलने वाले सभी विशेष अधिकार समाप्त करना चाहती है.

भारत के सभी राष्ट्रपतियों की सूची, कार्यकाल एवं उनका राजनीतिक सफर

Aug 30, 2018
राष्ट्रपति को भारत में प्रथम नागरिक माना जाता है. यह देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है. निर्वाचक मंडल भारत के राष्ट्रपति का चुनाव करता है. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बिना भारत में कोई भी कानून लागू नहीं हो सकता है और इनका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है. इस लेख के माध्यम से अब तक जितने राष्ट्रपति चुने गए है उनकी सूची दी जा रही है और साथ ही उनसे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों का विवरण दिया जा रहा है.

जानें भारत में हथियार के लाईसेन्स से जुड़े नियम, दस्तावेज और जरूरी योग्यता

Aug 30, 2018
भारत में लागू शस्त्र नियम, 1962 शस्त्रों के निर्माण, बिक्री और लाइसेंस से जुड़ा हुआ है जिसको शस्त्र नियम, 2016 के द्वारा रिप्लेस कर दिया गया है. नये नियमों के मुताबिक जिसे शस्त्र चलाना आता है उसे ही लाइसेंस मिल सकता है, इसके लिए परीक्षा देनी होगी. लाइसेंसधारी अब 25 कारतूस ही रख सकेंगे और 25 से ज्यादा कारतूस खरीदने के लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
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