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भारतीय राजव्यवस्था

  • इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम): इतिहास और कार्यप्रणाली

    भारत में प्रत्येक लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन द्वारा ही संपन्न होती है। पुराने कागजी मतपत्र प्रणाली की तुलना में ईवीएम के द्वारा वोट डालने और परिणामों की घोषणा करने में कम समय लगता है। इस लेख में हम इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इतिहास और उसकी कार्यप्रणाली का विवरण दे रहे हैं जिससे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बारे में आपकी समझ विकसित होगी।

    Jan 22, 2019
  • स्कूलों और कॉलेजों में सही तरीके से झंडा फहराने के क्या नियम हैं?

    भारत में सही तरीके से झंडा फहराने के नियम भारतीय झंडा संहिता, 2002 में दिए गए हैं. स्कूल और कॉलेज में सही तरीके से झंडा फहराने का नियम यह है कि स्कूल के विद्यार्थी खड़े होकर एक खुला वर्गाकार बनायेंगे. इस वर्ग में 3 तरफ विद्यार्थी खड़े होंगे और चौथी तरफ बीच में झंडा होगा. प्रधानाध्यापक/झंडे को फहराने वाला गणमान्य व्यक्ति और मुख्य छात्र; झंडे से तीन कदम पीछे खड़े होंगे.

    Jan 10, 2019
  • फ्रीडम ऑफ लिटरेचर बिल क्या है?

    साहित्य की स्वतन्त्रता बिल (Freedom of Literature Bill) क्या है, शशि थरूर ने इसको लोक सभा में प्राइवेट बिल के तौर पर क्यों पेश किया है. आखिर प्राइवेट बिल क्या होता है, इसको कब पेश किया जाता है, कौन-कौन इसको संसद में प्रस्तुत कर सकता है, इत्यादि के बारे में भी इस आर्टिकल के माध्यम से अध्ययन करेंगे.

    Jan 7, 2019
  • भारत में “गाय कर” क्या है और किन-किन राज्यों में लगाया जाता है?

    भारत में आवारा पशुओं की देखभाल के लिए देश में कुछ राज्यों ने ‘काऊ सेस’ लगाने का फैसला किया है. इस कर की दर 2% से लेकर 20% तक है. यह कर मुख्य रूप से लक्ज़री वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है ताकि गरीब व्यक्तियों पर इसका प्रभाव कम पड़े. इस लेख में हम आपको इस कर से सम्बंधित कुछ तथ्यों के बारे में बता रहे हैं.

    Jan 4, 2019
  • वारंट के साथ तलाशी और बिना वारंट के तलाशी में क्या अंतर होता है?

    तलाशी वारंट जारी करने का अधिकार किसी मजिस्ट्रेट या जज या किसी अन्य योग्य अथॉरिटी को होता है. इस वारंट में पुलिस अधिकारियों को यह अधिकार दिया जाता है कि वे किसी स्थान जैसे ऑफिस, मकान, गोदाम और वाहन की तलाशी लें. कुछ संज्ञेय मामलों में पुलिस को सिर्फ सूचना और शक के आधार पर किसी व्यक्ति के घर या उस व्यक्ति की तलाशी लेने का अधिकार होता है. इसे बिना वारंट के तलाशी कहा जाता है.

    Dec 31, 2018
  • देश में किन परिस्तिथियों में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया जा सकता है?

    भारतीय संविधान के भाग 18 में अनुच्छेद 352 से 360 तक आपातकाल के उपबंध लिखित हैं. भारत के संविधान में 3 प्रकार के आपातकालों का उल्लेख है. राष्ट्रीय आपातकाल को अनुच्छेद 352, राष्ट्रपति शासन के लिए अनुच्छेद 356 और वित्तीय आपातकाल के लिए अनुच्छेद 360 का प्रबंध किया गया है. इस लेख में हम आपको यह बता रहे हैं कि राष्ट्रीय आपातकाल को किन परिस्तिथियों में लगाया जाता है.

    Dec 24, 2018
  • जानें संसद सदस्यों के क्या विशेषाधिकार होते हैं?

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105 में दो में विशेषाधिकार बताये गये हैं ये हैं; 1.संसद में भाषण देने की स्वतंत्रता तथा 2. सदन की कार्यवाही के प्रकाशन का अधिकार. संसदीय विशेषाधिकार, कुछ विशेष अधिकार और रियायतें हैं जो कि संसद के दोनों सदनों के सदस्यों और संसद की समितियों में भाग लेने वाले लोगों को मिलतीं हैं.

    Dec 20, 2018
  • भारत की 7 राष्ट्रीय पार्टियों के चुनाव चिन्हों का इतिहास

    भारत में राष्ट्रीय पार्टीयों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं की मदद करना और पार्टी या उम्मीदवार को याद रखने में मदद कराना है. भारतीय गणराज्य के प्रारंभिक दिनों से ही चुनाव चिन्ह का काफी महत्व रहा है, जिसकी वजह से आम नागरिक चुनाव चिन्हों की मदद से राजनीतिक पार्टीयों को याद रखते है और उन्हें वोट देते है. जब कोई राजनीतिक पार्टी अपने लिए चुनाव चिन्ह का चयन करती है तो इसके संबंध में अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग का ही होता है. इस लेख के माध्यम से 7 राष्ट्रीय पार्टियों के चुनाव चिन्हों के निर्धारण के पीछे के इतिहास को जानने की कोशिश करेंगे.

    Dec 11, 2018
  • भारत की अदालतों में गवाह को कसम क्यों खिलाई जाती है?

    स्वतंत्र भारत में 1957 तक पवित्र किताब पर हाथ रखकर कसम खाने की प्रथा चालू थी लेकिन यह प्रथा 1969 में 'ओथ्स एक्ट, 1969' बन जाने के बाद समाप्त हुई. अब भारत की अदालतों में किसी किताब पर हाथ रखकर कसम नहीं खायी जाती है बल्कि सिर्फ एक भगवान/खुदा/ईशु/नानक को याद करते हुए शपथ दिलाई जाती है कि गवाह जो भी बोलेगा सच ही बोलेगा.

    Dec 10, 2018
  • जानें कौन से अपराधों में कोर्ट के बाहर समझौता हो सकता है?

    भारतीय दंड संहिता की धारा 320 का सम्बन्ध उन अपराधों से है जिनका कोर्ट की अनुमति के बिना समझौता हो सकता है तथा कुछ मामले ऐसे होते हैं जिनमें समझौता कोर्ट की अनुमति से होता है. इस लेख में ऐसे ही समझौतों के बारे में बताया जा रहा है.

    Dec 7, 2018
  • भारत में नसबंदी अभियान क्यों और कैसे चलाया था?

    25 जून 1975 को पूरे भारत में इंदिरा गाँधी की सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया था. इस कारण सरकार इस स्थिति में थी कि वह अपने मनमाने फैसले जनता पर थोप दे. इसी कारण देश में इसी समय देशव्यापी नसबंदी का कार्यक्रम शुरू किया गया था. इसका परिणाम यह हुआ कि देश में 60 लाख लोगों की नसबंदी उनकी मर्जी के बिना कर दी गयी थी. इस लेख में हमने इस कार्यक्रम को शुरू करने के कारणों की व्याख्या की है.

    Dec 6, 2018
  • वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले कौन से हैं?

    भारत का उच्चतम न्यायालय या भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारत का शीर्ष न्यायिक प्राधिकरण है. इसकी स्थापना 28 जनवरी 1950 को की गयी थी. सुप्रीम कोर्ट में अधिकतम 30 न्यायधीश तथा 1 मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का प्रावधान है. इस लेख हमने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2018 में दिए गये महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में बताया है. ये निर्णय हैं, पदोन्नति में आरक्षण, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश और समलैंगिक संबंधों को सहमती इत्यादि.

    Dec 3, 2018
  • भारत में वाहनों की लाइट अब दिन में क्यों जलती रहती है?

    सड़क एवं परिवहन मन्त्री नितिन गडकरी ने अपने मंत्रलाय की वार्षिक रिपोर्ट में भारत में सड़क दुर्घटनाएं--2016 नामक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में कहा कहा गया है कि वर्ष 2015 भारत में 5,01,423 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं जबकि 2016 में देश में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 4.1% की कमी आई है, अर्थात अब सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 4,80,652 पर आ गयी है. भारत में बढती सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार ने वाहन निर्माता कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि अब ऐसे वाहन बनायें जिनकी लाइट दिन में भी जलती रहे.

    Nov 28, 2018
  • जानिये देश में आपातकाल कब और क्यों लगाया गया था?

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 में राष्ट्रीय आपातकाल का प्रावधान है. राष्ट्रीय आपातकाल उस स्थिति में लगाया जाता है जब पूरे देश को या इसके किसी भाग की सुरक्षा को युद्ध अथवा बाह्य आक्रमण अथवा सशक्त विद्रोह के कारण खतरा उत्पन्न हो जाता है. भारत में पहला राष्ट्रीय आपातकाल इंदिरा गाँधी की सरकार ने 25 जून 1975 को घोषित किया था और यह 21 महीनों तक चला था.

    Nov 27, 2018
  • जानें भारत में विधानसभा किन परिस्तिथियों में भंग की जा सकती है?

    राज्य विधानमंडल में राज्यपाल, विधानसभा और विधान परिषद् होते हैं. विधानसभा को निचला सदन और विधान परिषद् को उच्च सदन कहा जाता है. इस दोनों में प्रमुख अंतर यह है कि विधानसभा लोगों के चुने गए प्रतिनिधियों से बनती है इसलिए इसको भंग किया जा सकता है जबकि विधान परिषद् को भंग नहीं किया जा सकता है. इस लेख में हम यही बताने जा रहे है कि राज्यपाल किन-किन परिस्तिथियों में विधानसभा को भंग कर सकता है.

    Nov 23, 2018