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भारतीय राजव्यवस्था

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जानिए भारत के किस राज्य के विधायक की सैलरी कितनी है?

Jan 12, 2018
भारत में 31 राज्यों (दिल्ली और पुदुचेरी को मिलाकर) में कुल 4120 विधायक हैं. राज्य विधानसभा के लिए चुने जाने वाले विधायकों को प्रत्येक राज्य में हर साल 1 करोड़ रुपये से लेकर 4 करोड़ रुपये तक का विधायक फण्ड दिया जाता है. इस समय तेलंगाना राज्य के विधायक को सबसे अधिक 2.50 लाख रुपये की सैलरी मिलती है.

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चुनावी बॉन्ड क्या है, जानिए 12 रोचक तथ्य?

Jan 4, 2018
केंद्र सरकार ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की राशि में पारदर्शिता लाने के लिए 1,000 रुपए, 10,000 रुपए, एक लाख रुपए, 10 लाख रुपए और एक करोड़ रुपए के मूल्य में चुनावी बांड जारी किये हैं. इन बांड को स्टेट बैंक की चुनिन्दा शाखाओं से खरीदा जा सकता है. इस लेख में इन चुनावी बांड्स के बारे में 12 रोचक तथ्य बताये जा रहे हैं.

नत्थी वीजा किसे कहते हैं और यह क्यों जारी किया जाता है?

Nov 30, 2017
नत्थी वीजा में आव्रजन अधिकारी आपके पासपोर्ट पर स्टाम्प नही लगाता है बल्कि अलग से एक कागज आपके पासपोर्ट के साथ नत्थी या जोड़ देता है. इस कागज में आपके द्वारा उस देश की यात्रा करने का उद्येश्य लिखा होता है और अधिकारी इसी कागज पर स्टाम्प लगाते हैं. इसे ही नत्थी वीजा कहते हैं.

जानें अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) कैसे काम करता है?

Nov 20, 2017
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का प्रमुख न्यायिक अंग है. यह संयुक्त राष्ट्र के चार्टर द्वारा जून 1945 में स्थापित किया गया था और इसने अप्रैल 1946 में काम करना शुरू किया था. इस न्यायालय का मुख्यालय हेग (नीदरलैंड) में शांति पैलेस में है. भारतीय जज के तौर पर यहां दलवीर भंडारी कार्य कर रहे हैं. भंडारी इस पद के लिये नवम्बर 2017 में दुबारा चुने गए और उनका कार्यकाल 9 साल का होगा.

जानें भारत में सिविल केस दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है

Nov 17, 2017
हम में से अधिकांश लोगों को कई बार आपसी विवाद के निबटारे के लिए अदालत की शरण में जाना पड़ता है, जहां लंबे समय तक वकीलों के इर्द-गिर्द चक्कर लगाना पड़ता है. इसके पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि अधिकांश लोग अदालत की कारवाई से वाकिफ नहीं हैं. अतः इस लेख में हम चरणबद्ध तरीके से उन सभी प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण दे रहे हैं जिसके तहत एक आम भारतीय नागरिक अदालत में सिविल केस दर्ज करवा सकता है.

जानें उपभोक्ता अदालत में केस दर्ज करने की प्रक्रिया क्या है?

Nov 15, 2017
वर्तमान उपभोक्तावाद के युग में कम्पनियाँ और दुकानदार उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान नही रख रहीं हैं. हर तरह की चीटिंग आये दिन किसी न किसी उपभोक्ता के साथ होती ही रहती है. इसलिए सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम,1986बनाया है.इस लेख में आप यह जानेंगे कि कैसे उपभोक्ता अदालत में केस दर्ज किया जाये.

भारतीय संविधान की 11 वीं अनुसूची में कौन कौन से विषय शामिल हैं?

Nov 2, 2017
भारतीय संविधान की 11 वीं अनुसूची को 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा 1992 में जोड़ा गया था. इस अनुसूची में 29 विषय शामिल हैं. इस अनुसूची में पंचायत की शक्तियां, ग्रामीण विकास, गरीबी उन्मूलन, बाजार, सड़क और पीने का पानी जैसे जरूरी विषय शामिल हैं.

जम्मू एवं कश्मीर के संविधान की क्या विशेषताएं हैं?

Oct 31, 2017
जम्मू एवं कश्मीर भारतीय गणतंत्र में शामिल एक मात्र ऐसा प्रदेश है जिसके पास अपना स्वयं का संविधान है और राष्ट्रीय झंडा है. इस प्रदेश में भारत का संविधान भी लागू होता है और यहाँ के स्थायी निवासियों को भारत के नागरिकों को मिलने वाले सभी अधिकार मिलते हैं. इस लेख में हम जम्मू एवं कश्मीर के संविधान की मुख्य विशेषताओं के बारे में जानेंगे.

समन और वारंट क्या होते है और इनमें क्या अंतर होता है?

Oct 3, 2017
“समन” का उद्येश्य अदालत में पेश होने के लिए व्यक्ति के कानूनी दायित्व के बारे में व्यक्ति को सूचित करना है जबकि “वारंट” का मतलब उस व्यक्ति को कोर्ट में लाना होता है जिसने समन को अनदेखा कर दिया है और कोर्ट में हाजिर नही हुआ है.

भारत में केंद्र शासित प्रदेशों को बनाने की जरुरत क्यों पड़ी

Sep 26, 2017
एक केंद्र शासित प्रदेश का शासन उस राज्य में केंद्र द्वारा नियुक्त प्रशासक/ उपराज्यपाल के द्वारा किया जाता है. भारत में केंद्र शासित प्रदेश क्यों बनाये गए हैं इसका कोई स्पष्ट एक कारण नही है बल्कि इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हैं जैसे छोटा आकार और कम जनसँख्या, अलग संस्कृति,अन्य राज्यों से दूरी, प्रशासनिक महत्व, स्थानीय संस्कृतियों की सुरक्षा करना आदि.

MPLAD स्कीम के तहत केंद्र सरकार द्वारा सांसदों को कितनी धनराशि दी जाती है?

Sep 5, 2017
सांसद लोकल एरिया डेवलपमेंट (एमपीएलएडी) स्कीम को दिसंबर 1993 में पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव द्वारा शुरू किया गया था. यह स्कीम क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है. लोकसभा के लिए चुना गया सांसद “अपने चुनाव क्षेत्र” में हर साल 5 करोड़ रुपये खर्च करवा सकता है. राज्य सभा के सदस्य को भी इतना ही फंड मिलता है और सदस्य इसे “पूरे राज्य में कहीं भी” खर्च करने की सिफारिस कर सकता है.

आखिर जम्मू - कश्मीर के लोगों की भारत सरकार से क्या मांगें हैं?

Aug 24, 2017
ब्रिटिश शासन की समाप्ति के साथ ही जम्मू एवं कश्मीर राज्य भी 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था. जम्मू कश्मीर की सुरक्षा के लिए महाराजा हरीसिंह और जवाहरलाल नेहरु के बीच 26 अक्टूबर,1947 को कश्मीर विलय का समझौता हुआ था और भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 जोड़ा गया था जिसके तहत कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ है. वर्तमान भारत सरकार अनुच्छेद 370 में परिवर्तन चाहती है लेकिन कश्मीरी इसका विरोध कर रहे हैं; यही विवाद की जड़ है.

राष्ट्रीयता और नागरिकता के बीच क्या अंतर होता है?

Aug 14, 2017
भारतीय संविधान में नागरिकता से सम्बंधित प्रावधान संविधान के भाग II में अनुच्छेद 5 से 11 तक दिए गए हैं. नागरिकता अधिनियम, 1995 भारत में नागरिकता प्राप्त करने के 5 तरीके बताता है जिसमे जन्म के आधार पर और वंश के आधार पर नागरिकता मुख्य आधार है. राष्ट्रीयता उस स्थान या देश के बारे में बताती हैं जहाँ पर व्यक्ति का जन्म होता है जबकि नागरिकता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है.

भारत की 7 राष्ट्रीय पार्टियों के चुनाव चिन्हों का इतिहास

Aug 2, 2017
भारत में राष्ट्रीय पार्टीयों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं की मदद करना और पार्टी या उम्मीदवार को याद रखने में मदद कराना है. भारतीय गणराज्य के प्रारंभिक दिनों से ही चुनाव चिन्ह का काफी महत्व रहा है, जिसकी वजह से आम नागरिक चुनाव चिन्हों की मदद से राजनीतिक पार्टीयों को याद रखते है और उन्हें वोट देते है. जब कोई राजनीतिक पार्टी अपने लिए चुनाव चिन्ह का चयन करती है तो इसके संबंध में अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग का ही होता है. इस लेख के माध्यम से 7 राष्ट्रीय पार्टियों के चुनाव चिन्हों के निर्धारण के पीछे के इतिहास को जानने की कोशिश करेंगे.

भारत के राष्ट्रपति को क्या वेतन और सुविधाएँ मिलती हैं?

Jul 20, 2017
अक्टूबर 2017 में, संसद ने भारत के राष्ट्रपति के वेतन को वर्तमान के रु.1.5 लाख / माह से रु.5 लाख / माह करने का फैसला किया है जो कि जनवरी 2016 से प्रभावी हो गया है. वेतन के अतिरिक्त राष्ट्रपति को अन्य भत्ते मिलते हैं जिनमें मुफ्त चिकित्सा, आवास और उपचार सुविधाएं (पूरे जीवन) प्रदान की जाती हैं. अवकास प्राप्ति के बाद राष्ट्रपति को 1.5 लाख रुपये प्रति महीने पेंशन के तौर पर मिलते हैं.

भारत के राष्ट्रपति चुनाव में वोटों की गिनती कैसे होती है?

Jul 20, 2017
वर्तमान राष्ट्रपति चुनाव के लिए जितने सदस्यों को वोट देना हैं उनके सभी वोटों का कुल वेटेज 10,98,882 है अर्थात जीत के लिए कैंडिडेट को 5,49,442 वोट हासिल करने होंगे. जो प्रत्याशी सबसे पहले यह कोटा हासिल करता है, वह राष्ट्रपति चुन लिया जाता है.

जानें भारत का राष्ट्रपति बनने के लिए अनिवार्य योग्यताएं क्या हैं

Jul 17, 2017
राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और उनको देश का प्रथम नागरिक माना जाता है. भारत में राष्ट्रपति के चुनाव का तरीका काफी अनूठा है क्योंकि इसमें कई देशों के चुनाव के तरीकों को शामिल किया गया है. निश्चित रूप से, कोई भी राष्ट्रपति ऐसे ही नहीं बन सकता है इसके लिए प्रक्रिया होती है जिसके बारे में इस लेख के माध्यम से बताएँगे.

कैसे जानें कि आप एक सही NGO को दान दे रहे हैं?

Jun 27, 2017
एक गैर सरकारी संगठन (NGO) एक गैर-लाभकारी संगठन (NPO) होता है जो राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय सरकारी संगठनों के प्रभाव से स्वतंत्र होता है. ये आमतौर पर लोगों के दान द्वारा वित्त पोषित होते हैं लेकिन कुछ संगठन केवल स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जाते हैं. ईमानदार NGO आम तौर जिस उद्येश्य के लिए काम करते हैं उसकी परफॉरमेंस रिपोर्ट से दान देने वालों को अवगत कराते रहते हैं और इसकी रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड करते रहते हैं.

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के बारे में 15 रोचक तथ्य और इतिहास

Jun 22, 2017
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत के जम्मू व कश्मीर राज्य का वह हिस्सा है जिस पर पाकिस्तान ने 1947 में हमला कर अधिकार कर लिया था. पाकिस्तान ने इसे प्रशासनिक रूप से दो हिस्सों में बांट रखा है, जिन्हें सरकारी भाषा में आज़ाद जम्मू-ओ-कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान कहते हैं. पाकिस्तान में आज़ाद जम्मू-ओ-कश्मीर को केवल आज़ाद कश्मीर भी कहते हैं. यहाँ के लोगों मी जीविका का मुख्य साधन कृषि, पशुपालन, पर्यटन और कालीन उद्योग हैं.

आम आदमी भारत के राष्ट्रपति चुनाव में भाग क्यों नही ले सकता?

Jun 9, 2017
भारत में संघीय शासन होने के नाते राष्ट्रपति को केंद्र एवं राज्यों के प्रशासनिक संगठन में सर्वोच्च पद प्राप्त है. हर पांच वर्षों में संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत राष्ट्रपति का चुनाव कराया जाता है. राष्ट्रपति को सीधे तौर पर लोग खुद नहीं चुन सकते हैं. इस लेख में राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने वाले व्यक्तियों और चुनाव प्रणाली के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की गई है.
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