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भारतीय राजव्यवस्था

  • भारत में न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट के बीच क्या अंतर होता है?

    क्या मजिस्ट्रेट, न्यायाधीश के समान होता है, इनकी नियुक्ति कौन करता है, इनका अधिकार किन क्षेत्रों तक सिमित होता है, भारत में न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट के बीच क्या अंतर होता है इत्यादि के बारे में आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

    Jul 31, 2018
  • भारत में देशद्रोह के अंतर्गत कौन कौन से काम आते हैं?

    यदि देश का कोई नागरिक देश के संसाधनों का उपयोग करता है तो उस नागरिक का यह कर्तव्य है कि जरुरत पड़ने पर देश की सेवा के लिए भी तैयार रहे. लेकिन कुछ लोग देश के संसाधनों का उपयोग देश के खिलाफ ही करने लगते हैं. इसलिए ऐसे लोगों को देश का हितैषी नहीं कहा जाता है. हालाँकि यह भी सच है कि बहुत से लोग यह नहीं जानते कि आखिर कौन से काम देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं. इस लेख में ऐसे ही कार्यों के बारे में बताया जा रहा है जो कि देशद्रोह के अंतर्गत आते हैं.

    Jul 30, 2018
  • निंदा प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव में क्या अंतर होता है?

    निंदा प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव में मुख्य अंतर यह है कि यदि निंदा प्रस्ताव लोकसभा में पारित हो जाता है तो सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं होता है लेकिन यदि अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है तो सरकार गिर जाती है. इस लेख में इन दोनों प्रस्तावों के बीच के अन्य अंतरों के बारे में बताया गया है.

    Jul 20, 2018
  • अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है और इसे पेश करने की क्या प्रक्रिया है?

    अविश्वास प्रस्ताव एक संसदीय प्रस्ताव है, जिसे विपक्ष द्वारा लोकसभा में केंद्र सरकार को गिराने या कमजोर करने के लिए रखा जाता है. यह प्रस्ताव संसदीय मतदान द्वारा पारित या अस्वीकार किया जाता है. अब तक 26 बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है.

    Jul 20, 2018
  • यदि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो क्या-क्या बदल जायेगा?

    सन 1991 में 69वें संविधान संशोधन से दिल्ली को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया और इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित किया गया, साथ ही लेफ्टिनेंट गवर्नर को दिल्ली का प्रशासक नामित किया गया था. संविधान के अनुच्छेद 239A के तहत दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है.

    Jul 5, 2018
  • सरकार UGC की जगह “उच्च शिक्षा आयोग” क्यों बनाना चाहती है?

    केंद्र सरकार; यूजीसी अधिनियम, 1956 को निरस्त करके उसके स्थान पर 'भारत के उच्च शिक्षा आयोग, 2018 बिल संसद के मानसून सत्र में लाने पर विचार कर रही है. सरकार के इस कदम से फर्जी व खराब गुणवत्ता वाले संस्थानों को बंद करने का रास्ता साफ होगा. उच्च शिक्षा आयोग का आदेश नहीं मानने वाले संस्थान के खिलाफ जुर्माना और भारतीय दंड संहिता के हिसाब से 3 साल तक की सजा दिलाने का प्रावधान होगा.

    Jun 29, 2018
  • उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश को हटाने की क्या प्रक्रिया है?

    उच्चतम न्यायालय (SC) के न्यायधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है. S.C. के मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति, S.C. के अन्य न्यायधीशों एवं उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों की सलाह के बाद करता है. राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश को पद से हटाया जा सकता है हालाँकि न्यायधीश को हटाने की प्रक्रिया संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित करायी जाती है.

    Jun 27, 2018
  • दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर्स की सूची

    वर्ष 1991 में 69वें संवैधानिक संशोधन ने दिल्ली को “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र”, दिल्ली के रूप में विशेष का दर्जा दिया था. इसी समय से यहाँ पर विधानसभा व मंत्रिमंडल का गठन किया गया. 69वें संशोधन के बाद दिल्ली का शासन लेफ्टिनेंट गवर्नर को सौंप दिया गया था. इस संशोधन के पहले यहाँ पर महानगरीय परिषद् और कार्यकारी परिषद् थी. आदित्य नाथ झा, आईसीएस दिल्ली के पहले प्रशासक थे जो कि 7 नवंबर 1966 से 19 जनवरी 1972 तक इस पद पर रहे थे.

    Jun 22, 2018
  • भारत के संघ शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर और प्रशासकों की सूची

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत के राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. ये श्रेणियां हैं; राज्य क्षेत्र, केंद्र शासित प्रदेश और अर्जित राज्य क्षेत्र. वर्तमान में भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं लेकिन अर्जित राज्य एक भी नहीं है. भारत के 7 केंद्र शासित प्रदेशों में से 4 का शासन प्रशासक के द्वारा चलाया जाता है जबकि 3 का शासन लेफ्टिनेंट गवर्नर के माध्यम से किया जाता है.

    Jun 20, 2018
  • दिल्ली के उप-राज्यपाल की क्या शक्तियां हैं?

    इस समय भारत के तीन राज्यों (दिल्ली, पुदुचेरी और अंडमान निकोबार द्वीप) में उपराज्यपाल के माध्यम से शासन किया जा रहा है जबकि चंडीगढ़, दमन एवं दीव और लक्षद्वीप में प्रशासक के माध्यम से शासन किया जा रहा है. सन 1991 में 69वें संविधान संशोधन से दिल्ली को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया और इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित किया गया, साथ ही लेफ्टिनेंट गवर्नर को दिल्ली का प्रशासक नामित किया गया.

    Jun 19, 2018
  • अब तक के सभी लोकसभा चुनावों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिली हैं?

    भारत में लोकसभा के सबसे पहले आम चुनाव 1952 में हुए थे. इस चुनाव में 489 लोक सभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे. इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 364 सीटें जीती थीं जबकि जनसंघ को केवल 3 सीटों पर जीत मिली थी. वर्ष 1952 में हुए लोक सभा आम चुनावों के बाद अब तक कुल 16 लोकसभा चुनाव भारत में कराये जा चुके हैं. इस लेख में हम भारत के पहले लोक सभा चुनाव से लेकर अभी तक के चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जीती गयी सीटों के बारे में बताया गया है.

    Jun 14, 2018
  • जानें राष्ट्रपति शासन लागू होने पर क्या-क्या बदल जाता है?

    भारतीय संविधान में अनुच्छेद 352 से 360 तक आपातकालीन उपबंधों के बारे में प्रावधान दिए गए हैं. भारत में 1950 से 2018 तक 125 बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है. भारत में राष्ट्रपति शासन सबसे पहले पंजाब में 1951में लगाया गया था. अब तक लगभग सभी राज्यों में 1 या एक से अधिक बार इसका प्रयोग किया जा चुका है.

    Jun 11, 2018
  • कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची

    कर्नाटक राज्य का गठन 25 अक्टूबर 1947 को हुआ था. इसके गठन के समय राज्य को मैसूर के नाम से जाना जाता था. लेकिन मैसूर को 1 नवंबर 1973 से कर्नाटक के रूप में जाना जाता है. कर्नाटक में द्विसदनीय विधायिका है जिसमें MLC की 75 सीटें और 224 MLA हैं. कांग्रेस के K. चेङ्गलराय रेड्डी मैसूर (अब कर्नाटक) राज्य के पहले मुख्यमंत्री (अक्टूबर 1947- मार्च 1952) थे. वर्तमान में एच.डी. कुमारस्वामी ने गठबंधन सरकार बनाई है और 23 मई को मुख्यमंत्री का पद संभाला है.

    May 24, 2018
  • UPSC के पूर्व अध्यक्षों की सूची

    संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भारत में केंद्रीय भर्ती एजेंसी है. यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है. संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से 323 में UPSC की संरचना के संबंध में विस्तृत प्रावधान हैं. UPSC में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. UPSC के सदस्यों और अध्यक्ष का कार्यकाल 6 साल या 65 वर्ष की उम्र तक होता है.

    May 11, 2018
  • आदर्श चुनाव आचार संहिता किसे कहते हैं?

    भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव से सम्बंधित दिशा-निर्देश बनाये जाते हैं. इन नियमों को चुनाव आदर्श आचार संहिता भी कहा जाता है. इस लेख में हमने बताया है कि कौन कौन से कार्य चुनाव आदर्श आचार संहिता में शामिल किये जाते हैं अर्थात राजनीतिक दलों को कौन से कार्य करने की छूट नहीं है.

    May 11, 2018