Search
  1. Home
  2. GENERAL KNOWLEDGE
  3. इतिहास
  4. भारतीय इतिहास
  5. आधुनिक भारत
  6. भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन
View in English

भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन

  • जलियाँवाला बाग हत्याकांड

    जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने ब्रिटिशों के अमानवीय चेहरे को सामने ला दिया। ब्रिटिश सैनिकों ने एक लगभग बंद मैदान में हो रही जनसभा में एकत्रित निहत्थी भीड़ पर,बगैर किसी चेतावनी के, जनरल डायर के आदेश पर गोली चला दी क्योकि वे प्रतिबन्ध के बावजूद जनसभा कर रहे थे। 13 अप्रैल 1919 को यहाँ एकत्रित यह भीड़ दो राष्ट्रीय नेताओं –सत्यपाल और डॉ.सैफुद्दीन किचलू ,की गिरफ्तारी का विरोध कर रही थी। अचानक ब्रिटिश सैन्य अधिकारी जनरल डायर ने अपनी सेना को निहत्थी भीड़ पर, तितर-बितर होने का मौका दिए बगैर, गोली चलाने के आदेश दे दिए और 10 मिनट तक या तब तक गोलियां चलती रहीं जब तक वे ख़त्म नहीं हो गयीं।

    Apr 11, 2019
  • सुभास चंद्र बोस: जयंती, उपलब्धियां और योगदान

    सुभाष चंद्र बोस भारत के युवाओं के सबसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और करिश्माई प्रभावकों में से एक हैं। उनकी देशभक्ति, स्वतंत्रता के लिए आह्वान और वांछित लक्ष्य हासिल करने से पहले रुकने से इनकार करने के कारण वे युवाओं के लिए हीरो के समान हैं। अपने राष्ट्रवादी स्वभाव और नेतृत्व की विशेषता के कारण, महात्मा गांधी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उन्हें नेताजी के रूप में संबोधित किया। इस लेख में हमने सुभास चंद्र बोस का जीवन-परिचय दिया है।

    Jan 23, 2019
  • भारत छोड़ो आन्दोलन

    अप्रैल 1942 में क्रिप्स मिशन के असफल होने के लगभग चार महीने बाद ही स्वतंत्रता के लिए भारतीयों का तीसरा जन आन्दोलन आरम्भ हो गया| इसे भारत छोड़ो आन्दोलन के नाम से जाना गयाै। 8 अगस्त, 1942 को बम्बई में हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में यह घोषित किया गया था कि अब भारत में ब्रिटिश शासन की तत्काल समाप्ति भारत में स्वतंत्रता तथा लोकतंत्र की स्थापना के लिए अत्यंत जरुरी हो गयी है।

    Aug 10, 2018
  • माउंटबेटन योजना और भारत के विभाजन

    लॉर्ड माउंटबेटन, भारत के विभाजन और सत्ता के त्वरित हस्तांतरण के लिए भारत आये। प्रारम्भ में यह सत्ता हस्तांतरण विभाजित भारत की भारतीय सरकारों को डोमिनियन के दर्जे के रूप में दी जानी थीं। 3 जून 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने अपनी योजना प्रस्तुत की जिसमे भारत की राजनीतिक समस्या को हल करने के विभिन्न चरणों की रुपरेखा प्रस्तुत की गयी थी। प्रारम्भ में यह सत्ता हस्तांतरण विभाजित भारत की भारतीय सरकारों को डोमिनियन के दर्जे के रूप में दी जानी थीं।

    Dec 16, 2015
  • कैबिनेट मिशन प्लान

    22 जनवरी को कैबिनेट मिशन को भेजने का निर्णय लिया गया था और 19 फरवरी, 1946 को ब्रिटिश प्रधानमंत्री सी.आर.एटली की सरकार ने हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में कैबिनेट मिशन के गठन और भारत छोड़ने की योजना की घोषणा की| तीन ब्रिटिश कैबिनेट सदस्यों का उच्च शक्ति सम्पन्न मिशन,जिसमे भारत सचिव लॉर्ड पैथिक लारेंस, बोर्ड ऑफ़ ट्रेड के अध्यक्ष सर स्टैफोर्ड क्रिप्स और नौसेना प्रमुख ए.वी.अलेक्जेंडर शामिल थे, 24 मार्च,1946 को दिल्ली पहुँचा|

    Dec 16, 2015
  • अराजक और रिवोल्यूशनरी अपराध अधिनियम, 1919

    गवर्नर जनरल चेम्सफोर्ड ने 1917 में जस्टिस सिडनी रौलट की अध्यक्षता में एक समिति गठित की| इस समिति का गठन विद्रोह की प्रकृति को समझने और सुझाव देने के लिए किया गया था| इसे ‘रौलट समिति’ के नाम से भी जाना जाता है| इस अधिनियम, जोकि किसी भी क्षेत्र/भाग पर लागू किया जा सकता था, में किसी भी व्यक्ति को कार्यपालिका के नियंत्रण में लाने के लिए दो तरह के उपाय शामिल थे- दंडात्मक और प्रतिबंधात्मक| इस अधिनियम के तहत सरकार किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती थी और बिना सुनवाई के दो साल तक कैद में रख सकती थी|

    Dec 16, 2015
  • संवैधानिक सभा

    कैबिनेट मिशन योजना के तहत 16 मई 1946 को संविधान सभा का गठन किया गया|इसके सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के तहत एकल हस्तान्तरणीय मत प्रणाली द्वारा किया गया था| संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को दिल्ली कौंसिल चैंबर के पुस्तकालय में हुई थी जिसमे 205 सदस्यों ने भाग लिया था|लीग के प्रतिनिधि और रियासतों द्वारा नामित सदस्य इसमें शामिल नहीं हुए| 11 दिसंबर को सभा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को इसके स्थायी अध्यक्ष के रूप में चुना|

    Dec 16, 2015
  • अंतरिम सरकार

    2 सितम्बर 1946, को नवनिर्वाचित संविधान सभा ने भारत की अंतरिम सरकार का गठन किया जोकि 15 अगस्त 1947 तक अस्तित्व में बनी रही|अंतरिम सरकार की कार्यकारी शाखा का कार्य वायसराय की कार्यकारी परिषद करती थी जिसकी अध्यक्षता वायसराय द्वारा की जाती थी| अगस्त 1946 में कांग्रेस ने अंतरिम सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया ताकि ब्रिटिश सरकार के लिए सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके| अंतरिम सरकार ने 2 सितम्बर 1946 से कार्य करना आरम्भ किया|

    Dec 16, 2015
  • बेवल योजना और शिमला सम्मलेन

    लॉर्ड लिनलिथगो के स्थान पर अक्टूबर,1943 में लॉर्ड वेबेल को गवर्नर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया| लॉर्ड वेबेल ने उस समय के भारत में उपस्थित गतिरोध को दूर करने के लिए प्रयास किया| उन्होंने 14 जून को भारतीय राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए ब्रिटिश सरकार के एक प्रस्ताव, जिसे वेबेल योजना कहा गया, को भारतीय जनता के लिए जारी किया|यह उस समय भारत में उपस्थित राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए तैयार किया गया था लेकिन मुस्लिम लीग और कांग्रेस के नेताओं के बीच समझौता न हो पाने के कारण उन्होंने प्रस्ताव का बहिष्कार कर दिया और अंततः शिमला सम्मलेन में प्रस्ताव समाप्त हो गया|

    Dec 16, 2015
  • देसाई-लियाकत प्रस्ताव (AD 1945)

    महात्मा गाँधी ये मान चुके थे कि जब तक कांग्रेस और मुस्लिम लीग देश के भविष्य या अंतरिम सरकार के गठन को लेकर किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुँच जाती तब तक ब्रिटिश शासक देश को स्वतंत्रता प्रदान नहीं करेंगे। केंद्रीय सभा में कांग्रेस के नेता देसाई और लियाकत अली ने बैठककर केंद्र में अंतरिम सरकार के गठन हेतु प्रस्ताव तैयार किया। देसाई-लियाकत प्रस्ताव मुस्लिम लीग के नेताओं को संतुष्ट करने और 1942-1945 के राजनीतिक गतिरोध को दूर करने का एक प्रयास था।

    Dec 15, 2015
  • राजगोपालाचारी फार्मूला (1944 ई.)

    द्विराष्ट्र सिद्धांत और ब्रिटिशों से भारत की स्वतंत्रता को लेकर मुस्लिम लीग और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अलग अलग विचारों के कारण पैदा हुए मतभेदों को सुलझाने के उद्देश्य से राजगोपालाचारी फार्मूला लाया गया था| सी.राजगोपालाचारी, जोकि कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता थे, ने मुस्लिम लीग और कांग्रेस के बीच के राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए एक फार्मूला तैयार किया| यह फार्मूला, जिसे महात्मा गाँधी का समर्थन प्राप्त था, वास्तव में लीग की पाकिस्तान मांग की मौन स्वीकृति थी|

    Dec 15, 2015
  • क्रिप्स मिशन

    सर स्टैफोर्ड क्रिप्स,जो वामपंथी लेबर दल के सदस्य थे और जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का सक्रिय समर्थन किया था,ने क्रिप्स मिशन की अध्यक्षता की थी|यह मिशन द्वितीय विश्व युद्ध में भारत की ओर से ब्रिटिशों को पूर्ण समर्थन पाने के लिए लाया गया गया था| ब्रिटिश, भारत में वास्तविक राष्ट्रीय सरकार की स्थापना करने के इच्छुक नहीं थे| उन्होंने रजवाड़ों के हितों को बढावा देने का भी प्रयास किया| हालाँकि उन्होंने संविधान सभा की मांग स्वीकार ली थी लेकिन इस बात पर जोर दिया कि सभा में भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व रजवाड़ों द्वारा नामित सदस्यों के द्वारा किया जाये और राज्यों की जनता का इसमें कोई प्रतिनिधितित्व न हो|

    Dec 15, 2015
  • व्यक्तिगत सत्याग्रह

    व्यक्तिगत सत्याग्रह अगस्त प्रस्ताव का परिणाम था| इसका प्रारंभ जन सविनय अवज्ञा आन्दोलन के रूप में हुआ था लेकिन महात्मा गाँधी ने इसे व्यक्तिगत सत्याग्रह में बदल दिया| यह आन्दोलन केवल स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए ही नहीं था बल्कि इसमें अभिव्यक्ति के अधिकार को भी दृढ़तापूर्वक प्रस्तुत किया गया|इसमें सत्याग्रही की मांग युद्ध-विरोधी घोषणा के माध्यम से युद्ध का विरोध करने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग करने की थी|यदि सत्याग्रही को सरकार द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो वह गांवों से होते हुए दिल्ली की ओर मार्च करेगा (“दिल्ली चलो आन्दोलन)|

    Dec 15, 2015
  • अगस्त प्रस्ताव

    भारत के वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो ने 8 अगस्त 1940 को शिमला से एक वक्तव्य जारी किया,जिसे अगस्त प्रस्ताव कहा गया|यह प्रस्ताव कांग्रेस द्वारा ब्रिटेन से भारत की स्वतंत्रता के लक्ष्य को लेकर पूछे गए सवाल के जबाव में लाया गया था| यह भारत के वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो के द्वारा जारी किया गया औपचारिक वक्तव्य था, जिसने संविधान निर्माण प्रक्रिया की नींव रखी और कांग्रेस ने संविधान सभा के गठन को सहमति प्रदान की|

    Dec 15, 2015
  • साम्प्रदायिक अधिनिर्णय और पूना समझौता

    सांप्रदायिक अधिनिर्णय ब्रिटिश भारत में उच्च जातियों,निम्न जातियों,मुस्लिमों,बौद्धों,सिखों,भारतीय ईसाईयों,आंग्ल-भारतियों,यूरोपियों,और अछूतों (जिन्हें अब दलितों के रूप में जाना जाता है) के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की व्यवस्था प्रदान करने के लिए लाया गया था| इसे ‘मैकडोनाल्ड अवार्ड’ के रूप में भी जाना जाता है| देश में लगभग सभी जगह जनसभाएं आयोजित की गयीं ,मदनमोहन मालवीय,बी.आर.अम्बेडकर और एम.सी.रजा जैसे विभिन्न धडों के नेता सक्रिय हो गए| इसका अंत एक समझौते के रूप में हुआ जिसे ‘पूना समझौता’ के रूप में जाना गया|

    Dec 15, 2015