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भारत का भूगोल

  • जानें भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों का नामकरण कैसे होता है?

    देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नाम रखने के लिए सभी उत्तर-दक्षिण दिशा वाले राजमार्गों के लिए सम संख्या का प्रयोग किया जाता है. इसका निर्धारण पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए क्रम में किया जाता है. दूसरे शब्दों में उच्च देशान्तर के लिए छोटी संख्या और निम्न देशान्तर के लिए बड़ी संख्या का प्रयोग किया जाता है. इस लेख में हम आपको यह बता रहे हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों का नामकरण कैसे किया जाता है.

    Apr 9, 2019
  • पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों में सीमा विवाद

    सीमावर्ती क्षेत्रों की अपनी समस्याएं और ख़ासियतें हैं। अधिकतर आबादी के अवैध घुसपैठ के कारण उनके आर्थिक और पर्यावरणीय संसाधनों पर दबाव रहता है। इसके अलावा, लचर व्यवस्था के कारण सीमा पार से नशीली दवाओं के तस्करों सहित अपराधियों के लिए सीमा पार अवैध रूप से आने जाने को सक्षम बनाती है। इस लेख में हमने बताया है की पूर्वोत्तर भारत में कौन से ऐसे राज्य हैं जो सीमा विवाद से घीरे हुए हैं तथा क्यों सांस्कृतिक और जातीय विविधता होने के बावजूद संघर्ष का कारण नहीं है।

    Mar 13, 2019
  • हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन क्या है?

    जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए 2008 में भारत सरकार द्वारा आठ मिशन वाली ‘राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना’ (NAPCC) प्रारंभ की गई थी। हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए भारत के आठ मिशनों में से एक है।इस लेख में हमने राष्ट्रीय हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन या नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग द हिमालयन इकोसिस्टम (NMSHE) कार्यात्मक क्षेत्र और के उद्देश्यों पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 25, 2019
  • सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी): जल बंटवारे से संबंधित समझौता

    सिंधु जल संधि सिंधु एवं इसके सहायक नदियों के जल के अधिकतम उपयोग के लिए भारत सरकार और पाकिस्तान सरकार के बीच की गई संधि है। 19 सितंबर, 1960 को कराची (पाकिस्तान) में पुनर्निर्माण और विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय बैंक (International Bank for Reconstruction and Development) (अब विश्व बैंक) की मध्यस्थता में इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।

    Feb 22, 2019
  • भारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन क्या है?

    भारत सरकार ने राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन शुरू किया है जिसे जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन भी कहा जाता है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौती को संबोधित करते हुए पारिस्थितिक रूप से स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए यह भारत सरकार और राज्य सरकारों की एक बड़ी पहल है। यह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के वैश्विक प्रयास में भारत द्वारा एक प्रमुख योगदान होगा। इस लेख में हमने भारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के उद्देश्य और लक्ष्य पर चर्चा किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 15, 2019
  • वेस्टर्न डिस्टर्बन्स क्या है और भारतीय उपमहाद्वीप जलवायु पर इसका क्या प्रभाव है?

    वायु विभिन्न गैसों का मिश्रण है और परिणामस्वरूप, वायुमंडलीय दबाव ऊंचाई के साथ काफी भिन्न होता है। यह दबाव विश्व के प्रत्येक हिस्से में समान रूप से वितरित नहीं है और न ही यह किसी भी क्षेत्र के लिए हर समय समान होता है। वायुमंडलीय दबाव ऊंचाई, तापमान और पृथ्वी के घूर्णन से प्रभावित होता है। इस लेख में हमने वेस्टर्न डिस्टर्बन्स और भारतीय उपमहाद्वीप जलवायु पर इसके प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 15, 2019
  • तटीय क्षेत्र प्रबंधन के उद्देश्य और लक्ष्य क्या हैं?

    तटीय क्षेत्र ऐसे उच्च जल चिह्न तक प्रादेशिक जल की सीमा को परिभाषित करता है जो मुख्य भूमि, द्वीपों और समुद्र के संकीर्ण क्षेत्र से तटीय डोमेन की बाहरी सीमा बनाती हैं। इस लेख में हमने तटीय क्षेत्र प्रबंधन (सीजेडएम) के उद्देश्य, लक्ष्य और चुनौती पर चर्चा किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 14, 2019
  • भारत में समुद्री विकास कार्यक्रम

    भारत ने महासागर विकास कार्यक्रम के तहत आजीविका में सुधार, तटीय खतरों की समय पर चेतावनी और महासागर संसाधनों के सतत विकास के लिए बहुत सारे कार्यक्रम की शुरुआत की है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि के अवलोकन कार्यक्रमों को लागू करने और लागू करने के माध्यम से महासागर प्रक्रिया की हमारी समझ में सुधार करना है ताकि, हम निर्णय लेने के लिए तटीय क्षेत्र के स्थायी उपयोग मॉडल में सक्षम हों। इस लेख में हमने, भारत द्वारा शुरू किये गए विभिन्न महासागर विकास कार्यक्रम पर नीचे चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 14, 2019
  • भारत के कागज उद्योग का भौगोलिक वितरण

    भारत में कागज उद्योग कृषि आधारित है और वैश्विक स्तर पर भारत के कागज उद्योग को विश्व के 15 सर्वोच्च पेपर उद्योगों में स्थान है। भारत सरकार ने कागज उद्योग को "कोर इंडस्ट्री" के रूप में परिभाषित करती है। कागज उद्योग, कच्चे माल के रूप में लकड़ी का उपयोग करते हुए लुगदी, कागज, गत्ते एवं अन्य सेलुलोज-आधारित उत्पाद निर्मित करता है। इस लेख में हमने भारत के कागज उद्योग के भौगोलिक वितरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 13, 2019
  • पोलर वोर्टेक्स क्या है और भारतीय जलवायु पर इसका क्या प्रभाव है?

    पृथ्वी के भुगौलिक इतिहास को देखे तो पृथ्वी के जलवायु में काफी परिवर्तन आया है और ऐसा क्यों न हो पिछले 650,000 वर्षों में हिमनदों के बढ़ने और पीछे हटने के सात चक्रों से गुजर चुकी है। अंतिम शीत युग (ice age) का अंत लगभग 7,000 वर्ष पहले माना जाता है तथा इसे ही वर्तमान जलवायु और मानव सभ्यता की शुरुआत माना जाता है। इस लेख में हमने बताया है की ध्रुवीय भंवर या पोलर वोर्टेक्स कैसे वैश्विक मौसम प्रणाली के साथ-साथ भारतीय जलवायु पर प्रभाव डालता है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 12, 2019
  • जेट स्ट्रीम क्या है और वैश्विक मौसम प्रणाली को कैसे प्रभावित करता है?

    मौसम वातावरण की वह स्थिति है जो गर्म या ठंडा, गीला या सूखा, शांत या तूफानी, स्पष्ट या बादल का वर्णन करता है। यह एक जगह और दूसरी जगह हवा के दबाव, तापमान और नमी के अंतर से संचालित होता है। जेट स्ट्रीम प्राकृतिक घटनाओं में से एक है जो सीधे हमारे मौसम को प्रभावित करती है। इस लेख में हमने जेट स्ट्रीम या जेट धारा और इसके वैश्विक मौसम प्रणाली पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 11, 2019
  • भारत के सीमेंट उद्योग का भौगोलिक वितरण

    सीमेंट उद्योग कच्चा माल आधारित उद्योग है। चीन के बाद भारत दुनिया के सबसे बड़े सीमेंट उत्पादकों में से एक है। पहला सीमेंट संयंत्र 1904 में पोरबंदर, गुजरात में स्थापित किया गया था, जबकि सीमेंट का उत्पादन 1904 में मद्रास (अब चेन्नई) में शुरू किया गया था। विश्व में सबसे पहले आधुनिक ढंग की सीमेंट का निर्माण 1824 में ब्रिटेन के 'पोर्टलैण्ड' नामक स्थान पर किया गया था। इस लेख में हमने भारत के सीमेंट उद्योग का भौगोलिक वितरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 8, 2019
  • भारत के चीनी उद्योग का भौगोलिक वितरण

    ब्राजील के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है। 1960 तक उत्तर प्रदेश और बिहार प्रमुख चीनी उत्पादक थे। चीनी उद्योग, भारत में कपास उद्योग के बाद दूसरा सबसे बड़ा कृषि आधारित उद्योग है। 1840 में, बेतिया (बिहार) में पहला चीनी मिल स्थापित किया गया था। इस लेख में हमने भारत के चीनी उद्योगों के भौगोलिक वितरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 1, 2019
  • भारत के रेशम उद्योग का भौगोलिक वितरण

    भारत चीन के बाद प्राकृतिक रेशम का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और प्राकृतिक रेशम की सभी चार किस्मों का उत्पादन करने वाला एकमात्र देश है: शहतूत, तसर, ओक तसर, एरी और मुगा। इस लेख में हमने भारत के रेशम उद्योग का भौगोलिक वितरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Jan 30, 2019
  • भारत के सूती वस्त्र उद्योग का भौगोलिक वितरण

    भारत का सबसे प्राचीन एवं बड़ा उद्योग है- सूती वस्त्र उद्योग। सूती वस्त्र उद्योग की उत्पत्ति 1818 ई. से हुई है जब पहली बार सूती कपड़ा मिल कलकत्ता के पास फोर्ट ग्लस्टर में शुरू की गई थी, लेकिन पहली आधुनिक सूती कपड़ा मिल की स्थापना 1854 में बॉम्बे स्पिनिंग एंड वीविंग द्वारा स्थानीय पारसी उद्यमी द्वारा की गई थी। इस लेख में हमने भारत के सूती वस्त्र उद्योग का भौगोलिक वितरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Jan 28, 2019