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भारत दर्शन

  • भारतीय रक्षा क्षेत्र के विकास में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ.) की क्या भूमिका है?

    रक्षा प्रणालियों के डिजायन एवं विकास के लिए समर्पित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ.) की स्थापना पहले से कार्यरत भारतीय सेना के प्रौद्योगिकी विकास अधिष्ठान (टीडीई) तथा रक्षा विज्ञान संस्थान (डीएसओ) के साथ प्रौद्योगिकी विकास और उत्पादन निदेशालय (डीटीडीपी) को एकीकृत कर वर्ष 1958 में की गयी थी| डीआरडीओ, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है, रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के अधीन काम करता है|

    Mar 4, 2016
  • भारत रत्न : भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

    ‘भारत रत्न’ भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसे कला, साहित्य, विज्ञान, खेल के क्षेत्र में असाधारण योगदान तथा उच्च लोक सेवा को मान्यता देने के लिए भारत सरकार की ओर से प्रदान किया जाता है। पहली बार भारत रत्न पुरस्कार की घोषणा भारत के प्रथम राष्ट्रपति श्री राजेन्द्र प्रसाद द्वारा 2 जनवरी 1954 को की गयी थी । भारत रत्न के प्रथम प्राप्तकर्ता डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सर सी.वी.रमन और चक्रवर्ती सी. राजगोपालाचारी थे |

    Mar 4, 2016
  • वंदे मातरम् : भारत का राष्ट्रीय गीत

    बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित ‘वंदे मातरम्’ गीत भारत का राष्ट्रीय गीत है | भारत की संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी,1950 को इस गीत के पहले दो पदों को राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्रदान किया गया | वंदे मातरम् गीत के पहले दो पद संस्कृत भाषा तथा बाकी पद बांग्ला भाषा में हैं। सर्वप्रथम वर्ष 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में इस गीत को गाया गया था ।

    Mar 4, 2016
  • अजंता की गुफाएँ : भारतीय चित्रकला का विश्व विरासत स्थल

    अजंता की गुफाएँ औरंगाबाद के उत्तर में 107 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। इन गुफाओं की खोज 1819 में ब्रिटिश सेना की मद्रास रेजीमेंट के एक सैन्य अधिकारी द्वारा शिकार खेलते समय की गई थी। ये गुफाएँ अपनी भित्ति-चित्रकला के लिए प्रसिद्ध हैं | अजंता की गुफाएँ घोड़े की नाल के आकार वाली एक चट्टान की सतह पर खोदी गई हैं। अजंता की गुफाओं को वर्ष 1983 में यूनेस्को ने 'विश्व विरासत स्थल' की सूची में शामिल किया था |

    Mar 3, 2016
  • केवलादेव घाना राष्ट्रीय पार्क : प्रवासी साईबेरियन सारसों का घर

    केवलादेव घाना राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित राष्ट्रीय पार्क है,जिसे पहले 'भरतपुर पक्षी अभयारण्य' कहा जाता था| यह पार्क शीतकाल में साईबेरिया से आने वाले सारसों के प्रवास स्थल के रूप में प्रसिद्ध है | केवलादेव घाना को 1982 ई. में 'राष्ट्रीय पार्क' का दर्जा प्रदान किया गया और 1985 ई. में यूनेस्को ने इसे अपनी 'विश्व विरासत स्थल' की सूची में शामिल कर लिया |

    Mar 2, 2016
  • आगरे का लाल किला : मुगलकाल की प्रसिद्ध रचना

    आगरे का किला, जिसे आगरे का लाल किला भी कहा जाता है, आगरा में स्थित एक किला है, जिसे 1983 ई. में युनेस्को ने विश्व विरासत स्थल की सूची में शामिल किया | यमुना नदी के किनारे और ताजमहल से 2.5 किमी. दूर स्थित आगरे के लाल किले का निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने 1565 ई. में कराया था | आगरे का लाल किला 380,000 वर्ग मी. (94 एकड़) में अर्धवृत्ताकार रूप में फैला हुआ है |

    Feb 24, 2016
  • भारत कितनी तरह के उपग्रह प्रक्षेपण यानों का प्रयोग करता है?

    प्रक्षेपण यान (Launching Vehicle) विशाल रॉकेट होते हैं, जिनका प्रयोग उपग्रह, रोबोटिक अंतरिक्ष यान और मानव सहित अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए किया जाता है | 1980 में विकसित किया गया 'एसएलवी-3' और 'एएसएलवी' (ASLV) भारत के प्रथम प्रायोगिक प्रक्षेपण यान हैं | वर्तमान में 'ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान' (PSLV) और 'भूतुल्‍यकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान' (GSLV) का प्रयोग भारत में प्रक्षेपण यानों के रूप में किया जा रहा है|

    Feb 17, 2016
  • मंगलयान या मंगल ऑर्विटर मिशन : भारत का पहला मंगल अभियान

    मंगल यान या मंगल आर्बिटर मिशन भारत का प्रथम मंगल अभियान है, जिसका प्रक्षेपण 5 नवंबर, 2013 को भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने किया था | इसे श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) सी-25 के द्वारा सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था |

    Feb 17, 2016
  • भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में इसरो और उसके केंद्रों की क्या भूमिका है?

    भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत 1962 ई. में थुम्बा (तिरुवनंतपुरम) में राकेट प्रक्षेपण स्थल की स्थापना के साथ हुई मानी जाती है | 1969 ई. में भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संस्थान (ISRO) की स्थापना की गयी, जिसका मुख्यालय बंगलुरु में है| 1972 ई. में अंतरिक्ष आयोग का गठन किया गया और 1975 में भारत ने अपने पहले कृत्रिम उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ का प्रक्षेपण किया |

    Feb 16, 2016
  • भारत की उपग्रह प्रणाली : इन्सैट, आईआरएस एवं प्रायोगिक उपग्रह

    इसरो ने दो प्रमुख अंतरिक्ष प्रणालियाँ अर्थात संचार, टेलीविजन प्रसारण और मौसम संबंधी सेवाओं के लिए ‘भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली’ (इन्सैट) और संसाधनों की मॉनीटरिंग और प्रबंधन के लिए ‘भारतीय सुदूर संवेदी उपग्रह’ (आईआरएस) स्थापित की हैं | इन्सैट में भू-स्थिर (Geo-stationary) उपग्रह शामिल हैं और आईआरएस में भू-प्रेक्षण (Earth-observatory) उपग्रह शामिल हैं |

    Feb 16, 2016
  • भारत की उपग्रह प्रक्षेपण प्रणाली का विकास कैसे हुआ है?

    विशाल रॉकेट जो उपग्रह, रोबोटिक अंतरिक्ष यान और मानव सहित अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष में ले जाते हैं, 'प्रक्षेपण यान' (Launching Vehicle) कहलाते हैं। भारत का प्रथम प्रायोगिक प्रक्षेपण यान (एसएलवी-3) वर्ष 1980 में विकसित किया गया और बाद में इसी के संवर्धित संस्‍करण एएसएलवी (ASLV) का प्रक्षेपण 1992 ई. में किया गया। वर्तमान में 'ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान' (PSLV) और 'भूतुल्‍यकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान' (GSLV) का प्रयोग किया जा रहा है |

    Feb 15, 2016
  • ‘फ्रांसीसी संस्कृति का झरोखा’ – पुद्दुचेरी : एक नजर में

    पुद्दुचेरी, कराइकल, यनम और माहे नाम की चार फ्रांसीसी बस्तियों को मिलाकर 1966 ई. में पुद्दुचेरी संघ राज्य क्षेत्र का गठन किया गया | इन फ्रांसीसी बस्तियों को 1 नवम्बर, 1954 को भारत संघ में मिलाया गया था | 20 सितम्बर, 2006 को इसका नाम ‘पोंडिचेरी’ से बदलकर ‘पुद्दुचेरी’ कर दिया गया |

    Feb 10, 2016
  • भारत का प्रथम नियोजित नगर’ – चंडीगढ़ : एक नजर में

    चंडीगढ़ भारत का एक संघ राज्य क्षेत्र और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में से एक है, जो तीन ओर से पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से घिरा हुआ हैं। यह भारत का प्रथम नियोजित नगर है, जिसका डिजायन एक फ्रेंच आर्किटेक्ट 'ली कार्बूजिए' ने तैयार किया था । शिवालिक पहाडियों की तलहटी में बसा चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी भी है|

    Feb 10, 2016
  • ‘भारत की प्रवाल भूमि’ – लक्षद्वीप : एक नजर में

    लक्षद्वीप बंगाल की खाड़ी में स्थित 36 द्वीपों का समूह है जिसे लक्षद्वीप सागर भारत की मुख्य भूमि से अलग करता है | प्रवाल निर्मित द्वीपों का समूह-लक्षद्वीप, भारत का सबसे छोटा संघ राज्य क्षेत्र है | इसकी राजधानी ‘कावारात्ती’ है और 8० चैनल इसे मालदीव से और 9० चैनल लक्षद्वीप के मिनिकॉय द्वीप को लक्षद्वीप के बाकी द्वीपों से अलग करता है |

    Feb 8, 2016
  • अंडमान निकोबार द्वीपसमूह : एक नजर में

    अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह बंगाल की खाड़ी में स्थित भारत का एक संघ राज्य क्षेत्र है, जिसमें छोटे बड़े लगभग 572 द्वीप शामिल हैं | इन द्वीपों को दो प्रमुख द्वीपसमूहों में बाँटा गया है अर्थात् उत्तर में अंडमान द्वीप समूह और दक्षिण में निकोबार द्वीप समूह, जिन्हें 10° उ अक्षांश पृथक करता है| अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पूर्व में स्थित अंडमान सागर इसे थाईलैंड और म्यांमार देश से अलग करता है। भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी ‘बैरन द्वीप’ यहीं स्थित है |

    Feb 5, 2016