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भूगोल

  • विश्व के 10 सबसे बड़े समुद्री संरक्षित क्षेत्र

    IUCN के अनुसार, विश्व में लगभग 5000 से ज्यादा समुद्री संरक्षित क्षेत्र नामित हैं। यह विश्व के 10 सबसे बड़े समुद्री संरक्षित क्षेत्र हैं जिसमें वैश्विक समुद्री क्षेत्र के 74% संरक्षित और 80% वैश्विक आरक्षित क्षेत्र शामिल हैं। इस लेख में हमने विश्व के 10 सबसे बड़े समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Mar 15, 2019
  • पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों में सीमा विवाद

    सीमावर्ती क्षेत्रों की अपनी समस्याएं और ख़ासियतें हैं। अधिकतर आबादी के अवैध घुसपैठ के कारण उनके आर्थिक और पर्यावरणीय संसाधनों पर दबाव रहता है। इसके अलावा, लचर व्यवस्था के कारण सीमा पार से नशीली दवाओं के तस्करों सहित अपराधियों के लिए सीमा पार अवैध रूप से आने जाने को सक्षम बनाती है। इस लेख में हमने बताया है की पूर्वोत्तर भारत में कौन से ऐसे राज्य हैं जो सीमा विवाद से घीरे हुए हैं तथा क्यों सांस्कृतिक और जातीय विविधता होने के बावजूद संघर्ष का कारण नहीं है।

    Mar 13, 2019
  • विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन क्या है?

    भारत विश्व का पांचवां ऐसा देश है जिसकी ऊर्जा दक्षता सबसे कम है जिसका अर्थ है कि भारत में जीडीपी ऊर्जा की खपत का अनुपात बहुत खराब है। इसलिए, भारत को ऊर्जावान देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए, विकास और ऊर्जा दक्षता पर समझौता किए बिना जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करने के लिए रणनीतिक योजना पर काम करना बेहद जरुरी है। इस लेख में हमने विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन की पहल और दक्षता पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 27, 2019
  • जलवायु परिवर्तन के ज्ञान का रणनीतिक मंच क्या है?

    जलवायु परिवर्तन के ज्ञान का रणनीतिक मंच, जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के तहत आठ मिशनों में से एक है, जिसका उद्देश्य मौजूदा ज्ञान संस्थानों की नेटवर्किंग, क्षमता निर्माण और प्रमुख जलवायु प्रक्रियाओं तथा जलवायु जोखिमों की समझ में सुधार करना है। इस लेख में हमने जलवायु परिवर्तन के ज्ञान का रणनीतिक मंच के उद्देश्य और कार्यात्मक क्षत्रों पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 26, 2019
  • हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन क्या है?

    जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए 2008 में भारत सरकार द्वारा आठ मिशन वाली ‘राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना’ (NAPCC) प्रारंभ की गई थी। हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए भारत के आठ मिशनों में से एक है।इस लेख में हमने राष्ट्रीय हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन या नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग द हिमालयन इकोसिस्टम (NMSHE) कार्यात्मक क्षेत्र और के उद्देश्यों पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 25, 2019
  • विश्व के 10 सबसे बड़े बंदरगाहों की सूची

    बन्दरगाह (हार्बर) समुद्री जहाजों के ठहरने की जगह को बोला जाता हैं। बंदरगाह स्थान, वाणिज्यिक मांग और हवा एवं लहरों से शरण के लिए, भूमि और नौगम्य पानी के अधिगम को उपयुक्त बनाने के लिए चयनित किये जाते हैं। इस लेख में हमने अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ़ पोर्ट ऑथोरिटी के पोर्ट रैंकिंग की नवीनतम रिपोर्ट के आधार पर, विश्व की 10 सबसे बड़े बंदरगाहों के नाम को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 22, 2019
  • भारत के बाढ़ प्रवण क्षेत्र: शमन और नियंत्रण के उपाय

    बाढ़ नदी के तटीय क्षेत्र में उच्च जल स्तर की स्थिति है जो स्थलों पर बाढ़ का कारण बनती है इस दौरान भूमि भी जलमग्न हो जाती है। नदी बाढ़ और तटीय क्षेत्र बाढ़ के लिए सबसे अधिक संवेदनशील हैं; हालांकि, असामान्य रूप से लंबे समय तक भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में बाढ़ आना संभव है। इस लेख में हमने भारत के बाढ़ प्रवण क्षेत्र तथा शमन और नियंत्रण के उपाय बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 18, 2019
  • ग्लोबल वार्मिंग पर पृथ्वी के एल्बीडो कैसे प्रभाव डालते हैं?

    भूमंडलीय ऊष्मीकरण या ग्‍लोबल वॉर्मिंग पृथ्वी के वायुमंडल और उसके महासागरों के औसत तापमान में क्रमिक वृद्धि का वर्णन करता है, ऐसा माना जाता है कि यह परिवर्तन स्थायी रूप से पृथ्वी की जलवायु को बदल रहा है। जबकि एल्बीडो सौर विकिरण की मात्रा है जो किसी न किसी सतह से परिलक्षित होती है, और अक्सर प्रतिशत या दशमलव मान के रूप में व्यक्त की जाती है। इस लेख में हमने बताया है की भूमंडलीय ऊष्मीकरण या ग्‍लोबल वॉर्मिंग कैसे पृथ्वी के एल्बीडो से प्रभावित होता है।

    Feb 18, 2019
  • भारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन क्या है?

    भारत सरकार ने राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन शुरू किया है जिसे जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन भी कहा जाता है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौती को संबोधित करते हुए पारिस्थितिक रूप से स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए यह भारत सरकार और राज्य सरकारों की एक बड़ी पहल है। यह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के वैश्विक प्रयास में भारत द्वारा एक प्रमुख योगदान होगा। इस लेख में हमने भारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के उद्देश्य और लक्ष्य पर चर्चा किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 15, 2019
  • वेस्टर्न डिस्टर्बन्स क्या है और भारतीय उपमहाद्वीप जलवायु पर इसका क्या प्रभाव है?

    वायु विभिन्न गैसों का मिश्रण है और परिणामस्वरूप, वायुमंडलीय दबाव ऊंचाई के साथ काफी भिन्न होता है। यह दबाव विश्व के प्रत्येक हिस्से में समान रूप से वितरित नहीं है और न ही यह किसी भी क्षेत्र के लिए हर समय समान होता है। वायुमंडलीय दबाव ऊंचाई, तापमान और पृथ्वी के घूर्णन से प्रभावित होता है। इस लेख में हमने वेस्टर्न डिस्टर्बन्स और भारतीय उपमहाद्वीप जलवायु पर इसके प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 15, 2019
  • तटीय क्षेत्र प्रबंधन के उद्देश्य और लक्ष्य क्या हैं?

    तटीय क्षेत्र ऐसे उच्च जल चिह्न तक प्रादेशिक जल की सीमा को परिभाषित करता है जो मुख्य भूमि, द्वीपों और समुद्र के संकीर्ण क्षेत्र से तटीय डोमेन की बाहरी सीमा बनाती हैं। इस लेख में हमने तटीय क्षेत्र प्रबंधन (सीजेडएम) के उद्देश्य, लक्ष्य और चुनौती पर चर्चा किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 14, 2019
  • भारत में समुद्री विकास कार्यक्रम

    भारत ने महासागर विकास कार्यक्रम के तहत आजीविका में सुधार, तटीय खतरों की समय पर चेतावनी और महासागर संसाधनों के सतत विकास के लिए बहुत सारे कार्यक्रम की शुरुआत की है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि के अवलोकन कार्यक्रमों को लागू करने और लागू करने के माध्यम से महासागर प्रक्रिया की हमारी समझ में सुधार करना है ताकि, हम निर्णय लेने के लिए तटीय क्षेत्र के स्थायी उपयोग मॉडल में सक्षम हों। इस लेख में हमने, भारत द्वारा शुरू किये गए विभिन्न महासागर विकास कार्यक्रम पर नीचे चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 14, 2019
  • सौर नेबुला सिद्धांत क्या है?

    हमारे सौर मंडल का निर्माण ज्ञात 8 ग्रह, 180 उपग्रह, धूमकेतु, उल्का और क्षुद्रग्रह करते हैं। हमारे सौर मंडल के सभी ग्रहों में से, बृहस्पति एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसका गुरुत्वाकर्षण सभी ग्रहों से अधिक है। लगभग 4.6 गीगा वर्ष या अरब वर्षों पूर्व जब निहारिका या नेब्युला के एक सर्पिल बांह में इंटरस्टेलर अविभाज्य क्लाउड में विस्फोट हुआ, तो सौर मंडल का निर्माण हुआ। इस लेख में हमने सौर नेबुला सिद्धांत जो सौरमंडल की गठन की व्याख्या करता है उस पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 13, 2019
  • भारत के कागज उद्योग का भौगोलिक वितरण

    भारत में कागज उद्योग कृषि आधारित है और वैश्विक स्तर पर भारत के कागज उद्योग को विश्व के 15 सर्वोच्च पेपर उद्योगों में स्थान है। भारत सरकार ने कागज उद्योग को "कोर इंडस्ट्री" के रूप में परिभाषित करती है। कागज उद्योग, कच्चे माल के रूप में लकड़ी का उपयोग करते हुए लुगदी, कागज, गत्ते एवं अन्य सेलुलोज-आधारित उत्पाद निर्मित करता है। इस लेख में हमने भारत के कागज उद्योग के भौगोलिक वितरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 13, 2019
  • पोलर वोर्टेक्स क्या है और भारतीय जलवायु पर इसका क्या प्रभाव है?

    पृथ्वी के भुगौलिक इतिहास को देखे तो पृथ्वी के जलवायु में काफी परिवर्तन आया है और ऐसा क्यों न हो पिछले 650,000 वर्षों में हिमनदों के बढ़ने और पीछे हटने के सात चक्रों से गुजर चुकी है। अंतिम शीत युग (ice age) का अंत लगभग 7,000 वर्ष पहले माना जाता है तथा इसे ही वर्तमान जलवायु और मानव सभ्यता की शुरुआत माना जाता है। इस लेख में हमने बताया है की ध्रुवीय भंवर या पोलर वोर्टेक्स कैसे वैश्विक मौसम प्रणाली के साथ-साथ भारतीय जलवायु पर प्रभाव डालता है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Feb 12, 2019