मुद्रा और बैंकिंग

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  • घाटे की वित्त व्यवस्था क्या होती है और इसके क्या उद्येश्य होते हैं?

    जब कभी सरकार की आय उसके द्वारा उसके द्वारा किये जाने वाले व्ययों से कम हो जाती है तो बजट में इस प्रकार के घाटे को पूरा करने के लिए जो व्यवस्था अपनाई जाती है उसे घाटे की वित्त व्यवस्था या हीनार्थ प्रबंधन कहते है. घाटे की वित्त व्यवस्था को तीन प्रकार से पूरा किया जाता है. नए नोट छापकर, विदेशी ऋण लेकर और आंतरिक ऋण लेकर.

    Oct 4, 2019
  • भारतीय रिज़र्व बैंक के मुख्य कार्य क्या हैं?

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत की सर्वोच्च मौद्रिक संस्था है. RBI की स्थापना 1935 में RBI अधिनियम 1934 द्वारा की गई थी. RBI; विदेशी रिज़र्व, बैंकों का बैंक, भारत सरकार के बैंकर और ऋण नियंत्रक के रूप में कार्य करता है. RBI; भारतीय अर्थव्यवस्था में नोटों की छपाई और पैसों की आपूर्ति का प्रबंधन करने के लिए भी जिम्मेदार होता है.

    Oct 4, 2019
  • बिटकॉइन (Bitcoin) मुद्रा क्या है और कैसे काम करती है?

    वर्तमान समय में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली मुद्रा बिट कॉइन (Bitcoin) है. बिटकॉइन डिजिटल मुद्रा का एक रूप है सरल शब्दों में, यह एक गणितीय संरचना है जो एल्गोरिदम पर चलता है. इसे किसने विकसित किया था इसके बारे में कोई भी ठोस सबूत नही है लेकिन छदम रूप से इसके संस्थापक का नाम ‘सोतशी नाकामोतो’ माना जाता हैl जिस तरह रुपए, डॉलर और यूरो खरीदे जाते हैं, उसी तरह बिटकॉइन की भी खरीद होती है। ऑनलाइन भुगतान के अलावा इसको पारम्परिक मुद्राओं में भी बदला जाता है.

    Sep 11, 2019
  • भारत में सिक्का ना लेने पर क्या सजा हो सकती है?

    वर्तमान में भारत में सिक्का बनाने का काम सिक्का अधिनियम, 2011 के अनुसार किया जाता है. ध्यान रहे कि भारत में नोटों को प्रिंट करने का काम भारतीय रिज़र्व बैंक; भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार करता है जबकि सिक्के वित्त मंत्रालय के द्वारा बनवाए जाते हैं. सिक्का अधिनियम, 2011 जम्मू-कश्मीर सहित पूरे भारत में लागू है. भारत में कुछ राज्यों में दुकानदार और लोग सिक्के लेने से मना कर रहे हैं. आइये जानते हैं कि क्या ऐसा करना अपराध की श्रेणी में आता है?

    Jul 19, 2019
  • भारत में सिक्कों का आकार क्यों घटता जा रहा है?

    देश में करेंसी नोटों को छापने के कार्य रिज़र्व बैंक के द्वारा किया जाता है जबकि सिक्कों को बनाने का काम वित्त मंत्रालय के द्वारा किया जाता है. भारत सरकार कोशिश करती है कि किसी भी सिक्के की मेटलिक वैल्यू उसकी फेस वैल्यू से कम ही रहे क्योंकि यदि ऐसा नही होगा तो लोग सिक्के को पिघलाकर उसकी धातु को बाजार में बेच देंगे जिसके कारण भारत के बाजर से सिक्के गायब हो जायेंगे. सिक्कों की मेटलिक वैल्यू घटाने के लिए सरकार उनका आकार छोटा कर रही है.

    Jul 8, 2019
  • भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

    बजट सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया. दरअसल बजट में बहुत से कठिन शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है जिसके कारण आम लोग इसकी भाषा को ठीक से नही समझ पाते हैं. इसीलिए इस लेख में हमने राजस्व प्राप्तियां, योजनागत व्यय, राजकोषीय घाटा जैसे कुछ शब्दों के बारे में बताया है ताकि वे बजट के प्रभावों को ठीक से समझ सकें.

    Jul 5, 2019
  • जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

    बजट, सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया ? सरकार द्वारा हर साल बजट पेश करने का सीधा मतलब यह है कि सरकार लोगों को यह बताना चाहती है कि सरकार वर्तमान वित्त वर्ष में किन किन योजनाओं पर पैसा खर्च करेगी और उसको इस वर्ष किन स्रोतों आय की उम्मीद है. यही आंकड़े अगले वर्ष और बीते हुए वित्त वर्ष के लिए जारी किये जाते हैं.

    Jan 22, 2020
  • मुद्रा क्या होती है और यह कितने प्रकार की होती है?

    सामान्य अर्थों में ‘मुद्रा’ सिर्फ उस वस्तु को कहते हैं जिसको केंद्र सरकार ने सिक्कों या नोटों के रूप में छापा है परन्तु मुद्रा की सर्व व्यापक परिभाषा यह है कि “मुद्रा वह है जो कि मुद्रा का कार्य करे”|भारत में पत्र मुद्रा को निर्गत करने का अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक को है जबकि इस पर लिखी गयी राशि के भुगतान का अंतिम दायित्व भारत सरकार का होता है| सभी सिक्कों और एक रुपये के नोट बनाने का अधिकार भारत सरकार के वित्त मंत्रालय का पास है |

    Apr 22, 2019
  • सेस या उपकार क्या होता है और यह कितने प्रकार का होता है?

    सेस; टैक्स के ऊपर लगाया जाने वाला टैक्स है और आमतौर पर विशिष्ट उद्देश्यों के लिए लगाया जाता है. एक बार इसका उद्देश्य हल हो जाता है तो इसको हटा लिया जाता है. सेस से मिलने वाली राशि को भारत सरकार अन्य राज्य सरकारों के साथ साझा नहीं करती है और इससे प्राप्त समस्त कर राशि अपने पास रख लेती है. वर्तमान में भारत में 6 प्रकार के उपकर लगाए जा रहे हैं.

    Apr 22, 2019
  • अंतरिम बजट 2019-20 की खास बातें

    देश का 15वां अंतरिम बजट कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल द्वारा पेश किया गया है. चूंकि अगले कुछ महीनों में देश में आम चुनाव होने हैं इसलिए इस बजट के लोक लुभावन होने की पहले से ही उम्मीद थी. आइये इस लेख में जानते हैं कि किस वर्ग के लिए क्या क्या है इस बजट में.

    Feb 1, 2019
  • भारत में बजट बनाने में किस तरह की गोपनीयता बरती जाती है?

    भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 112’ कहता है कि भारत के वित्त मंत्री द्वारा प्रति वर्ष संसद में बजट पेश किया जाना चाहिए| भारत में बजट बनाने के लिए लगभग 100 कर्मचारियों को 7 दिन तक अपने परिवार से दूर, बिना फ़ोन, इन्टरनेट के ख़ुफ़िया विभाग की नजर में एक कमरे में बंद रहना पड़ता है |

    Jan 31, 2019
  • मसाला बॉन्ड क्या है और भारतीय अर्थव्यवस्था को इससे क्या फायदे हैं?

    विदेशी पूंजी बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपये में जारी किए जाने वाले बॉन्ड को मसाला बॉन्ड कहते हैं. यह एक कॉर्पोरेट बांड होता है जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी किया जाता है. मसाला बॉन्ड को भारतीय मसालों के नाम पर मसाला बॉन्ड कहा जाता है.

    Jan 31, 2019
  • सबसे ज्यादा NPA वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सूची

    भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 31 मार्च, 2004 से दी गयी नयी परिभाषा के अनुसार, जब कोई व्यक्ति बैंक से ऋण लेता है और लोन लेने की तिथि से 90 दिन बाद भी ब्याज या मूलधन का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसको दिया गया ऋण, गैर निष्पादित परिसंपत्ति (नॉन– परफॉर्मिंग असेट) माना जाता है. 31 दिसंबर, 2017 तक देश के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की कुल गैर-निष्पादित संपत्तियां 8.4 ट्रिलियन रुपये तक पहुँच गयी थीं, जिसमे सबसे अधिक NPA; (24%) सार्वजनिक क्षेत्र के स्टेट बैंक का है.

    Jan 31, 2019
  • नया निजी बैंक खोलने के लिए किन-किन शर्तों को पूरा करना होता है?

    रिज़र्व बैंक ने नए बैंकों को खोलने के लिए फरवरी 22, 2013; को दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे. इन दिशा निर्देशों में एक प्रावधान यह भी है कि नए बैंक के लिए पेड-अप वोटिंग इक्विटी पूंजी कम से कम 5 अरब रुपये होनी चाहिए, इसका मतलब है कि बैंक के पास 5 अरब रुपये की पूँजी हर समय मौजूद होनी चाहिए.

    Jan 31, 2019
  • पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में क्या अंतर होता है?

    भारत में पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक दोनों ही बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के अधीन कार्य करते हैं लेकिन फिर भी कमर्शियल बैंकों के काम का दायरा पेमेंट बैंकों की तुलना में ज्यादा बड़ा है. पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में सबसे बड़ा अंतर यह है कि कमर्शियल बैंक; लोगों से कितनी भी राशि को जमा के रूप में स्वीकार कर सकते हैं लेकिन पेमेंट बैंक एक ग्राहक से अधिकतम 1 लाख रुपए तक का जमा स्वीकार कर सकते हैं.

    Jan 31, 2019
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