Search
View in English

मुद्रा और बैंकिंग

  • भारतीय रिज़र्व बैंक के मुख्य कार्य क्या हैं?

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत का सर्वोच्च मौद्रिक प्राधिकरण हैl यह संगठन भारतीय अर्थव्यवस्था में नोटों की छपाई और पैसों की आपूर्ति का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार हैl भारतीय रिजर्व, बैंक विदेशी मुद्रा का संरक्षक, वाणिज्यिक बैंकों का बैंक, भारत सरकार का बैंक और क्रेडिट नियंत्रक के तौर पर काम करता हैl

    Apr 10, 2019
  • मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी): संरचना और उद्देश्य

    केंद्र सरकार द्वारा संशोधित RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के अनुसार 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन किया गया है. मौद्रिक नीति समिति की पहली बैठक 3 अक्टूबर, 2016 को आयोजित की गई थी. यह समिति विभिन्न नीतिगत निर्णय लेती है जैसे रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, एमएसएफ और लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी आदि से सम्बंधित होते हैं.

    Apr 8, 2019
  • भारत सरकार दुनिया में किस किस से कर्ज लेती है?

    भारत में लोकतान्त्रिक तरीके से चुनी गयी सरकार काम करती है इसलिए इसका मुख्य लक्ष्य लोगों के कल्याण में वृद्धि करना होता है. यदि जनहित के कार्यों के लिए सरकार के पास रुपयों की कमी पड़ती है तो वह विभिन्न स्रोतों से उधार मांगकर खर्च करती है. इस लेख में यह बताया गया है कि सरकार किन-किन तरीकों और स्रोतों से रुपया उधार मांगती है.

    Apr 5, 2019
  • किन देशों में भारतीय करेंसी मान्य है और क्यों?

    डॉलर को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल करेंसी का तमगा हासिल है. कोई भी देश डॉलर में भुगतान लेने को तैयार हो जाता है. लेकिन क्या इस तरह का सम्मान भारत की मुद्रा रुपया को मिलता है. जी हाँ, भले ही ‘रुपये’ को डॉलर जितनी आसानी से इंटरनेशनल ट्रेड में स्वीकार ना किया जाता हो लेकिन फिर भी कुछ ऐसे देश हैं जो कि भारत की करेंसी में आसानी से पेमेंट स्वीकार करते हैं. आइये इस लेख में इन सभी देशों के नाम जानते हैं.

    Apr 2, 2019
  • घाटे की वित्त व्यवस्था क्या होती है और इसके क्या उद्येश्य होते हैं?

    जब कभी सरकार की आय उसके द्वारा उसके द्वारा किये जाने वाले व्ययों से कम हो जाती है तो बजट में इस प्रकार के घाटे को पूरा करने के लिए जो व्यवस्था अपनाई जाती है उसे घाटे की वित्त व्यवस्था या हीनार्थ प्रबंधन कहते है. घाटे की वित्त व्यवस्था को तीन प्रकार से पूरा किया जाता है. नए नोट छापकर, विदेशी ऋण लेकर और आंतरिक ऋण लेकर.

    Mar 30, 2019
  • क्या भारत सरकार नए नोट छापकर विदेशी कर्ज चुका सकती है?

    भारत पर मार्च 2018 तक 529.7 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चढ़ा हुआ था जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद का 20.5% था. हालाँकि दिसम्बर 2018 में यह घटकर 510 अरब डॉलर पर आ गया था. ऐसी दशा में कुछ लोग कह रहे हैं कि भारत को नयी मुद्रा छापकर पूरा विदेशी कर्ज चुका देना चाहिए. क्या ऐसा संभव है? इस लेख के माध्यम से जानिये पूरा गणित.

    Mar 14, 2019
  • सेस या उपकार क्या होता है और यह कितने प्रकार का होता है?

    सेस; टैक्स के ऊपर लगाया जाने वाला टैक्स है और आमतौर पर विशिष्ट उद्देश्यों के लिए लगाया जाता है. एक बार इसका उद्देश्य हल हो जाता है तो इसको हटा लिया जाता है. सेस से मिलने वाली राशि को भारत सरकार अन्य राज्य सरकारों के साथ साझा नहीं करती है और इससे प्राप्त समस्त कर राशि अपने पास रख लेती है. वर्तमान में भारत में 6 प्रकार के उपकर लगाए जा रहे हैं.

    Feb 21, 2019
  • भारत के 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब और क्यों हुआ था?

    इंदिरा गाँधी सरकार ने 19 जुलाई, 1969 को एक आर्डिनेंस जारी करके देश के 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. जिस आर्डिनेंस के ज़रिये ऐसा किया गया वह ‘बैंकिंग कम्पनीज आर्डिनेंस’ कहलाया था. इस राष्ट्रीयकरण के पीछे सबसे बड़ा कारण बैंकों को केवल कुछ अमीरों के चंगुल से बाहर निकालना था ताकि आम आदमी को भी बैंकिंग क्षेत्र से जोड़ा जाए.

    Feb 6, 2019
  • अंतरिम बजट 2019-20 की खास बातें

    देश का 15वां अंतरिम बजट कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल द्वारा पेश किया गया है. चूंकि अगले कुछ महीनों में देश में आम चुनाव होने हैं इसलिए इस बजट के लोक लुभावन होने की पहले से ही उम्मीद थी. आइये इस लेख में जानते हैं कि किस वर्ग के लिए क्या क्या है इस बजट में.

    Feb 1, 2019
  • भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

    भारत के वित्तमंत्री द्वारा फरवरी माह में पेश किया जाने वाला बजट किस प्रकार का होगा और वह देश के नागरिकों की जिंदगी को किस प्रकार प्रभावित करेगा, इस प्रश्न का उत्तर हर भारतीय जानना चाहता है | लेकिन बजट में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ शब्दों की वजह से वे बजट को ठीक से समझ नही पाते हैं | इसीलिए इस लेख में हमने राजस्व प्राप्तियां, योजनागत व्यय, राजकोषीय घाटा जैसे कुछ शब्दों के बारे में बताया है |

    Jan 31, 2019
  • भारत में बजट बनाने में किस तरह की गोपनीयता बरती जाती है?

    भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 112’ कहता है कि भारत के वित्त मंत्री द्वारा प्रति वर्ष संसद में बजट पेश किया जाना चाहिए| भारत में बजट बनाने के लिए लगभग 100 कर्मचारियों को 7 दिन तक अपने परिवार से दूर, बिना फ़ोन, इन्टरनेट के ख़ुफ़िया विभाग की नजर में एक कमरे में बंद रहना पड़ता है |

    Jan 31, 2019
  • जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

    बजट सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया| सरकार द्वारा हर साल बजट पेश करने का सीधा मतलब यह है कि सरकार लोगों को यह बताना चाहती है कि लोगों द्वारा हर साल दिए गए पूरे टैक्स का लेखा जोखा सरकार के पास मौजूद है और इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नही हुई है|

    Jan 31, 2019
  • सिक्का अधिनियम 2011: भारत में सिक्कों के साथ क्या नहीं कर सकते

    भारतीय रिज़र्व बैंक; भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार मुद्रा नोट्स प्रिंट करता है, जबकि भारत में सिक्के, सिक्का अधिनियम, 2011 के अनुसार बनाये जाते हैं. सिक्का अधिनियम, 2011 जम्मू-कश्मीर सहित पूरे भारत में लागू है. इस लेख के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि भारत में सिक्कों के इस्तेमाल को लेकर क्या क्या नियम बनाये गए हैं.

    Jan 8, 2019
  • भारत सरकार और आरबीआई के बीच रिज़र्व फण्ड ट्रान्सफर विवाद क्या है?

    रिजर्व बैंक के पास 9.7 लाख करोड़ रुपए का आरक्षित कोष है. इसमें से कॉन्टिजेंसी फंड 2.3 लाख करोड़ रुपए है. भारत सरकार, RBI से 63 हजार करोड़ रुपये मांग रही है ताकि सरकार के वित्तीय घाटे को कम किया जा सके. इसके उलट RBI अप्रत्याशित जोखिमों और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा अतिरिक्त रिज़र्व अपने पास रखना चाहता है.

    Jan 4, 2019
  • मसाला बॉन्ड क्या है और भारतीय अर्थव्यवस्था को इससे क्या फायदे हैं?

    विदेशी पूंजी बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपये में जारी किए जाने वाले बॉन्ड को मसाला बॉन्ड कहते हैं. यह एक कॉर्पोरेट बांड होता है जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी किया जाता है. मसाला बॉन्ड को भारतीय मसालों के नाम पर मसाला बॉन्ड कहा जाता है.

    Sep 18, 2018