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विज्ञान

  • प्रकाश का परावर्तन

    प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है, जो हमें वस्तुओं को देखने में सक्षम बनाता है और जिस सीधी रेखा पर वह चलता है उसे ‘प्रकाश की किरण’ कहते हैं। प्रकाश का परावर्तन वस्तु की सतह पर पड़ने वाली प्रकाश किरणों को वापस भेजने की प्रक्रिया है। एक समतल दर्पण पर रखी एक वस्तु के परावर्तन से बनने वाली छवि अलग–अलग स्थानों पर बनती है।

    Mar 18, 2016
  • जैवनाशक (Biocide) और कृन्तकनाशक (Rodenticides) का प्रयोग किसलिए किया जाता है?

    जैवनाशक (Biocide) एक सक्रिए रासायनिक अणु है, जिसका प्रयोग जैवनाशी उत्पाद में जीवाणुओं की वृद्धि को नियंत्रित करने या उन्हें मारने के लिए किया जाता है। ब्लीच, एथिल एल्कोहॉल, नमक, आयोडीन, पेरॉक्साइड आदि आम जैवनाशक हैं। कृन्तकनाशी (Rodenticides) वैसे रसायन होते हैं, जिनका प्रयोग फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कृन्तकों, जैसे-चूहों  को मारने के लिए किया जाता है।

    Mar 17, 2016
  • आनुवांशिकी मानव के वंशानुगत गुणों को कैसे परिभाषित करती है?

    माता–पिता से पीढ़ी–दर–पीढ़ी आसानी से संचरित होने वाले मौलिक गुण ‘आनुवांशिक गुण’ कहलाते हैं और आनुवांशिक गुणों के संचरण की प्रक्रिया एवं उसके कारणों का अध्ययन को ‘आनुवांशिकी’ कहा जाता है। ग्रेगर जॉन मेंडल को ‘आनुवांशिकी का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने अलगाव, प्रभुत्व और स्वतंत्र वर्गीकरण का सिद्धांत दिया, जो आनुवांशिकी के विज्ञान का मौलिक आधार बन गया।

    Mar 16, 2016
  • पादप जगत का वर्गीकरण किस तरह से किया जाता है ?

    वर्गिकी (Taxonomy) वर्गीकरण का विज्ञान है, जो जीवों की व्यापक विविधता के अध्ययन को आसान बनाता है और जीवों के विभिन्न समूहों के बीच अंतर्संबंधों को समझने में हमारी मदद करता है। पादप जगत में प्रथम स्तर का वर्गीकरण पादप शरीर के अंतर, परिवहन के लिए विशेष ऊतकों की उपस्थिति, बीज धारण करने की क्षमता और बीज के फलों के अंदर पाये जाने पर निर्भर करता है।

    Mar 14, 2016
  • विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव

    विद्युत धारावाही सुचालक अपने चारों तरफ चुंबकीय क्षेत्र पैदा करता है जिसे बल की चुंबकीय रेखाओं या चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के प्रयोग द्वारा समझा जा सकता है। धारावाही प्रत्यक्ष सुचालक में चुंबकीय क्षेत्र उसके चारो तरफ संक्रेंदिक वृत्तों के रूप में होता है। प्रत्यक्ष सुचालक के माध्यम से विद्युत धारा की दिशा के संबंध में चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को ‘दक्षिणहस्त नियम’, जिसे ‘मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम’ भी कहते हैं, का उपयोग कर दर्शाया जा सकता है।

    Mar 10, 2016
  • सेरेमिक : एक अकार्बनिक आधात्विक ठोस

    सेरेमिक एक अकार्बनिक व अधात्विक ठोस है, जिसका निर्माण धात्विक व अधात्विक पदार्थों से होता है | इसकी सतह को उच्च तापमान पर गर्म करके कठोर, उच्च प्रतिरोधकता युक्त व भंगुर (Brittle) बनाया जाता है |

    Mar 10, 2016
  • धातु निष्कर्षण, पेट्रोलियम, स्टील, जंग व सीमेंट ग्लास की मूलभूत जानकारी

    प्राकृतिक और अशुद्ध रूप में पाये जाने वाले खनिजों से धातुओं के शुद्ध रूप को प्राप्त करना ‘धातु निष्कर्षण’ कहलाता है | ‘पेट्रोलियम’ धरातल के नीचे प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला ज्वलनशील पदार्थ या हाइड्रोकार्बन है| ‘स्टील’ एक मिश्रित धातु है, जिसका निर्माण लौह व कुछ अन्य तत्वों, मुख्यतः कार्बन, को मिलाकर किया जाता है |

    Mar 3, 2016
  • पृथ्वी के वायुमण्डल की संरचना व संगठन

    पृथ्वी के चारों ओर व्याप्त गैसीय आवरण को वायुमण्डल कहा जाता है, जो पृथ्वी के गुरुत्वीय बल के कारण पृथ्वी के साथ संलग्न है | यह सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषण और ग्रीनहाउस प्रभाव द्वारा दिन व रात के धरातलीय तापमान को संतुलित रखकर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करता है|

    Feb 23, 2016
  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन : कारण और परिणाम

    कोई भी गैस जो सूर्य से आने वाले लघुतरंगीय विकिरण को तो पृथ्वी पर आने देती है, लेकिन पृथ्वी से वापस जाने वाले दीर्घतरंगीय विकिरण को अवशोषित कर पृथ्वी के तापमान को बढ़ा देती है, ग्रीनहाउस गैस कहलाती है | वर्तमान में मानवीय कारणों से वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती मात्रा वैश्विक तापन व जलवायु परिवर्तन का कारण बन गयी है |

    Feb 23, 2016
  • अयस्क में पायी जाने वाली अशुद्धियों को कैसे अलग किया जाता है?

    किसी शुद्ध धातु को उसके अयस्क से प्राप्त करने की सम्पूर्ण विधि धातुकर्म (Metallurgy) कहलाती है | अयस्क को तोड़ना व पीसना, अयस्कों का सान्द्रण, धातु का निष्कर्षण और धातु का शोधन धातुकर्म के चार चरण होते हैं | अयस्क (Ore) में से अशुद्धियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सान्द्रण कहा जाता है |

    Feb 19, 2016
  • उद्विकास : अर्थ, प्रमाण और सिद्धान्त

    प्रारम्भिक व आदिम जीवों में लाखों-करोड़ों वर्षों के दौरान क्रमिक रूप से कुछ ऐसे परिवर्तन आ जाते हैं कि प्रारम्भिक प्रजाति से अलग एक नयी प्रजाति उत्पन्न हो जाती है, इस प्रक्रिया को ही उद्विकास (Evolution) कहा जाता है | जीवों के संबंध में इसे ‘जैव उद्विकास’ का नाम दिया जाता है |

    Feb 17, 2016
  • रासायनिक अभिक्रिया और समीकरण क्या है?

    प्रकाश संश्लेषण, पाचन, फलों का पकना, कागज का जलना आदि कुछ ऐसी प्रक्रियाएं हैं जो पदार्थ के संघटन के साथ-साथ उसकी रासायनिक प्रकृति में भी बदलाव कर देती हैं और एक नए पदार्थ का निर्माण करती हैं अतः ऐसी प्रक्रियाओं को रासायनिक अभिक्रिया कहा जाता है | अभिकारकों और उत्पादों को उनके रासायनिक फॉर्मूले के साथ सांकेतिक रूप से प्रदर्शित करना रासायनिक समीकरण कहलाता है|

    Feb 16, 2016
  • रेडियोएक्टिविटी : अर्थ, खोज, प्रकार और उपयोग

    प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले पदार्थों, तत्वों और उनके घटकों का कुछ निश्चित अदृश्य किरणों के द्वारा स्वयं विघटित होने की घटना को ‘रेडियोएक्टिविटी’ कहा जाता है | रेडियोएक्टिव पदार्थ से निकलने वाली अदृश्य किरणों को ‘रेडियोएक्टिव किरणें’ कहा जाता है | रेडियोएक्टिविटी की घटना की सर्वप्रथम खोज ए. एच. बैकुरल ने 1886 ई. में की थी और बाद में पियरे क्यूरी और मैडम क्यूरी ने इसका विस्तृत अध्ययन किया |

    Feb 16, 2016
  • परमाणु संरचना क्या है?

    परमाणु, तत्व का वह सबसे छोटा कण है, जो किसी रासायनिक क्रिया में भाग ले सकता है लेकिन स्वतंत्र रूप से नहीं रह सकता है | द्रव, ठोस व गैस सभी पदार्थों का निर्माण परमाणुओं (Atoms) से ही होता है | परमाणु आपस में मिलकर अणुओं (Molecules) का निर्माण करते हैं | तत्व या यौगिक का वह सबसे छोटा कण है, जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है अणु कहलाता है |

    Feb 15, 2016
  • मानव जीवन में रसायनशास्त्र का क्या महत्व है?

    रसायनशास्त्र विज्ञान की वह शाखा है जिसमें पदार्थों के संघटन, संरचना, गुणों और रासायनिक प्रतिक्रिया के दौरान इनमें हुए परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है| स्वयं मानव शरीर भी रासायनिक संयोजन से बना है और मानव जीवन के लिए आवश्यक पर्यावरण भी रासायनिक तत्वों का ही मिश्रण है |

    Feb 12, 2016

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