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वैदिक काल और उत्तर वैदिक काल

  • वैदिककालीन राजनीतिक, सामाजिक एवं महिलाओं की स्थिति का संक्षिप्त विवरण

    आर्यों एवं वैदिक काल के बारे में जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद और वेदांग हैं| यहाँ, हम “वैदिककालीन राजनीतिक, सामाजिक एवं महिलाओं की स्थिति का संक्षिप्त विवरण” प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

    Dec 6, 2016
  • भारत में आर्यों का भौतिक और सामाजिक जीवन

    यह माना गया है कि आर्य भारत के मूल निवासी नहीं थे | कुछ इतिहासविद कहते हैं कि आर्यों का वास्तविक घर मध्य एशिया में था | दूसरे इतिहासविदों का मत था कि इनका वास्तविक घर दक्षिणी रूस ( कैस्पियन समुद्र के पास ) या दक्षिण-पूर्व यूरोप (ऑस्ट्रिया और हंगरी) में था | वे आर्य जो भारत में बस गए थे, इंडो-आर्यन कहलाए |

    Sep 2, 2015
  • उत्तरकालीन वैदिक युग में आर्थिक व सामाजिक जीवन

    वह काल जिसने ऋग वैदिक युग का अनुसरण किया उत्तर कालीन युग के नाम से जाना जाता है | यह युग बाद के तीन वेद संहिता- सामवेद संहिता, यजुर्वेद संहिता और अथर्ववेद संहिता और साथ ही साथ ब्राह्मण और चारों वेदों के उपनिषद तथा बाद मे दो महान काव्यों के बनने का गवाह बना |

    Sep 2, 2015
  • उत्तर वैदिक काल (1000 - 600 ई.पू.)

    उत्तर वैदिक काल के दौरान आर्यों का यमुना, गंगा और सदनीरा के सिंचिंत उपजाऊ मैदानों पर पूर्ण नियंत्रण था। उन्होंने विंध्य को पार कर लिया था और गोदावरी के उत्तर में, डेक्कन में जा बसे थे। उत्तर वैदिक काल के दौरान लोकप्रिय सभाओं का महत्व समाप्त हो गया था एवं इसकी कीमत उन्हें शाही सत्ता की वृद्धि के रूप में चुकानी पड़ी थी। दूसरे शब्दों में कहें तो साम्राज्य के लिए राजशाही का रास्ता साफ हो चुका था। बड़े राज्यों के गठन से राजा और अधिक शक्तिशाली हो गया था।

    Aug 31, 2015
  • आर्यों का आगमन

    इंडो आर्यन भाषा बोलने वाले लोग उत्तर- पश्चिमी पहाड़ों से आये थे तथा पंजाब के उत्तर पश्चिम में बस गए तथा बाद में गंगा के मैदानीय इलाकों में जहाँ इन्हे आर्यन् या इंडो- आर्यन् के नाम से जाना गया | ये लोग इंडो- ईरानी, इंडो- यूरोपीय या संस्कृत भाषा बोलते थे | आर्यन की उत्पत्ति के बारे में सही जानकारी नहीं है, इस पर अलग अलग विद्वानो के अलग विचार हैं | ये कहा गया है कि आर्यन्स अल्प्स के पूर्व( यूरेशिया), मध्य एशिया, आर्कटिक क्षेत्र, जर्मनी तथा दक्षिणी रूस में रहे |

    Aug 19, 2015
  • आर्यन्स का भारत में आगमन

    इंडो आर्यन भाषा बोलने वाले लोग उत्तर- पश्चिमी पहाड़ों से आये थे तथा पंजाब के उत्तर पश्चिम में बस गए तथा बाद में गंगा के मैदानीय इलाकों में जहाँ इन्हे आर्यन्सया इंडो- आर्यन्स के नाम से जाना गया | ये लोग इंडो- ईरानी, इंडो- यूरोपीय या संस्कृत भाषा बोलते थे | ये कहा गया है कि आर्यन्स अल्प्स के पूर्व( यूरेशिया), मध्य एशिया, आर्कटिक क्षेत्र, जर्मनी तथा दक्षिणी रूस में रहे | आर्यन्स भारत में प्रारंभिक वैदिक युग में बसे | इसे सप्तसिन्धु या सात नदियों; झेलम, चेनाब, रावी, ब्यास, सतलुज, सिंधु और सरस्वती की धरती के नाम से जाना जाता है |

    Aug 19, 2015