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सामान्य भूगोल एवं भौतिक विशेषताएँ

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भारत के प्रसिद्ध समुद्र तटों की सूची

Aug 29, 2018
भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है जबकि आबादी में इसका दूसरा स्थान है। इसकी भूमि सीमा लगभग 15,200 कि. मी. हैं। इसकी मुख्या भूमि, लक्षद्वीप समूह और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के समुन्द्र-तट की कुल लम्बाई 7516.6 कि. मी. है। इस लेख में हमने भारत के प्रसिद्ध समुद्र तटों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

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सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी): जल बंटवारे से संबंधित समझौता

Aug 27, 2018
सिंधु जल संधि सिंधु एवं इसके सहायक नदियों के जल के अधिकतम उपयोग के लिए भारत सरकार और पाकिस्तान सरकार के बीच की गई संधि है। 19 सितंबर, 1960 को कराची (पाकिस्तान) में पुनर्निर्माण और विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय बैंक (International Bank for Reconstruction and Development) (अब विश्व बैंक) की मध्यस्थता में इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।

जाने भारत के पूर्वी तट और पश्चिमी तट में भौगोलिक अंतर

Aug 1, 2018
भारत की तट रेखा की लम्बाई 7516.6 किलोमीटर है (मुख्य भूमि: 5422.6 कि.मी; द्वीप प्रदेश: 2094 कि.मी)। सीधी और नियमित तट रेखा ईसीन काल के दौरान, गोंडवानालैंड के गमनागमन के कारण हुआ था। इस लेख में हमने भारत के पूर्वी तट और पश्चिमी तट में भौगोलिक अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भूगोल से संबंधित सामान्य जानकारी

Feb 15, 2018
भूगोल धरातल पर स्थित विभिन्न चीजों के बीच आंतरिक संबधों का अध्ययन करता है. इसके अध्ययन के कई प्रकार हैं. जैसे- तंत्र दृष्टिकोण, प्रादेशिक दृष्टिकोण, वर्णात्मक दृष्टिकोण व विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण.

स्मोग क्या है और यह हमारे लिए कैसे हानिकारक है?

Nov 8, 2017
स्मोग दो शब्दों अर्थात धुंए (स्मोक) और कोहरे (फॉग) से मिलकर बना है| जिसकी वजह से सांस लेना मुश्किल हो जाता है | यह एक पीला या काला कोहरा होता है जो वायु प्रदूषण के एक मिश्रण से बना है, जिसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर आक्साइड आदि गैसें होती है जो कि सूर्य के प्रकाश के साथ गठबंधन कर ओजोन का निर्माण करते हैं। इसमें हम पढेंगें कि स्मोग क्या है और यह हमारे लिए कैसे हानिकारक है?

ब्रह्मांड: तारे, सूरज, क्षुद्रग्रह संक्षेप में

Jan 19, 2017
ब्रह्मांड का व्यास कम से कम 10 अरब प्रकाश वर्ष है जिसमें एक विशाल संख्या मे आकाशगंगाएँ हैं और प्रत्येक आकाशगंगा में लाखों अरबों की संख्या में तारे मौज़ूद हैं। हमारा मूल ग्रह पृथ्वी और सौर मंडल भी ऐसी ही अनेक आकाशगंगा में से एक का हिस्सा है| इसमें सभी आकाशगंगा, क्षुद्रग्रह, सौर प्रणाली और उल्का भी शामिल हैं। सभी भौतिक द्रव्य और अंतरिक्ष को मिलाकर एक पूरा ब्रह्मांड बना है। इस आर्टिकल में ब्रह्मांड: तारे, सूरज, क्षुद्रग्रह के बारे मे संक्षेप में पढेंगें|

भारतीय प्रायद्वीपीय पठार

Jul 15, 2016
गंगा व यमुना के दक्षिण उभरता हुआ विशाल भूखंड भारत का प्रायद्वीपीय पठार कहलाता है। जिसका आकर मोटे तौर पर त्रिभुजाकार है। इसका आधार गंगा की घाटी है तथा शीर्ष सुदूर दक्षिण कन्याकुमारी में स्थित है। दक्कन का पठार एक लावा पठार का उदाहरण है।जो ज्वालामुखी उद्गार की अंतिम चरण में निःसृत लावा के फैलने से बना है। यह प्राचीन गोंडवाना प्लेट का हिस्सा जो कालांतर में अलग होकर वर्तमान रूप को प्राप्त किया है।

हिमालय पर्वत श्रंखला का विभाजन या वर्गीकरण

May 12, 2016
भू-वैज्ञानिक और संरचनात्मक रूप से हिमालय नवीन वलित पर्वत श्रंखला है, जिसका निर्माण यूरोपीय और भारतीय प्लेट के अभिसरण से टर्शियरी कल्प में हुआ था| हिमालय में उत्तर से दक्षिण क्रमशः वृहत हिमालय, मध्य हिमालय और शिवालिक नाम की तीन समानांतर पर्वत श्रेणियाँ पायी जाती हैं|

भारत में स्थित प्रमुख दर्रे

May 10, 2016
पर्वतों के आर-पार विस्तृत सँकरे और प्राकृतिक मार्ग, जिससे होकर पर्वतों को पार किया जा सकता है, दर्रे कहलाते हैं| परिवहन, व्यापार, युद्ध अभियानों और मानवीय प्रवास में इन दर्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है| भारत के अधिकतर दर्रे हिमालय क्षेत्र में पाये जाते हैं|

उत्तर भारत के मैदान का संरचनात्मक विभाजन

Apr 27, 2016
उत्तर भारत का मैदान हिमालय और प्रायद्वीपीय भारत के मध्य स्थित एक लगभग समतल व उपजाऊ मैदान है|हिमालयी व प्रायद्वीपीय नदियों द्वारा लाये गए जलोढ़ के निक्षेपण से निर्मित यह मैदान भारत का सर्वाधिक उपजाऊ क्षेत्र है| संरचना और ढाल के आधार पर उत्तर भारत के मैदान को भाबर, तराई, खादर और बांगर में बाँटा जाता है|

भारत के द्वीप समूह: अंडमान और निकोबार व लक्षद्वीप

Apr 26, 2016
भारत के द्वीप समूह को दो भागों में बांटा जाता है: अरब सागर में स्थित ‘अंडमान और निकोबार द्वीप समूह’ तथा बंगाल की खाड़ी में स्थित ‘लक्षद्वीप समूह’| अंडमान और निकोबार द्वीप समूह निमज्जित पर्वतीय चोटियों के उदाहरण हैं जबकि लक्षद्वीप प्रवाल निर्मित द्वीपों के उदाहरण हैं|

भारत का पूर्वी तटीय मैदान

Apr 22, 2016
भारत के पूर्वी तटीय मैदान का विस्तार पूर्वी घाट और पूर्वी तट के मध्य सुवर्णरेखा नदी से लेकर कन्याकुमारी तक है| पूर्वी तटीय मैदान का विस्तार पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडू राज्यों में है| इस मैदान में निक्षेपों की अधिकता है और बड़ी-बड़ी नदियां सागर में मिलने से पूर्व यहाँ डेल्टा का निर्माण करती हैं|

ब्रह्मांड के विषय में बदलता दृष्टिकोण व कृत्रिम उपग्रह

Apr 22, 2016
2000 वर्ष पहले, यूनानी खगोलविदों ने सोचा था कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में है और चंद्रमा, सूर्य व तारे इसकी परिक्रमा करते हैं।15वीं सदी में, पोलैंड के वैज्ञानिक निकोलस कॉपरनिकस ने बताया कि सूर्य सौरमंडल के केंद्र में है और ग्रह उसकी परिक्रमा करते हैं। इस तरह सूर्य ब्रह्मांड का केंद्र बन गया है।16वीं सदी में जोहानेस केप्लर ने ग्रहीय कक्षा के नियमों की खोज की|

भारत का पश्चिमी तटीय मैदान

Apr 20, 2016
भारत के पश्चिमी तटीय मैदान का विस्तार गुजरात तट से लेकर केरल के तट तक है| ये मैदान वास्तव में पश्चिमी घाट के पश्चिम में विस्तृत निमज्जित तटीय मैदान हैं| इस मैदान को चार भागों में विभाजित किया जाता है- गुजरात का तटीय मैदान, कोंकण का तटीय मैदान, कन्नड़ का तटीय मैदान व मालाबार का तटीय मैदान |

भारत का पूर्वी घाट पर्वतीय क्षेत्र

Apr 20, 2016
पूर्वी घाट भारत में ओडिशा से लेकर तमिलनाडु तक विस्तृत पर्वतीय क्षेत्र है, जोकि वर्तमान में बड़ी-बड़ी नदियों द्वारा विच्छेदित होकर एक असतत श्रंखला के रूप में बदल गया है| चेन्नई के दक्षिण-पश्चिम में शेवरोय व पालनी पहाड़ियों के रूप में पूर्वी घाट पश्चिमी घाट से मिल जाता है|

भारत का पश्चिमी घाट पर्वतीय क्षेत्र

Apr 19, 2016
पश्चिमी घाट पर्वतीय क्षेत्र भारत के पश्चिमी तट के सहारे लगभग 1600 किमी. की लंबाई में महाराष्ट्र व गुजरात की सीमा से लेकर कुमारी अंतरीप तक विस्तृत है| पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणी को यूनेस्को ने अपनी 'विश्व विरासत स्थल' सूची में शामिल किया है और यह विश्व के ‘जैवविविधता हॉटस्पॉट्स’ में से एक है|

भारतीय/थार मरुस्थल

Apr 19, 2016
भारतीय/थार मरुस्थल राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के पश्चिम में अवस्थित गर्म/उष्ण मरुस्थल है| थार मरुस्थल में वार्षिक वर्षा 25 सेमी. से भी कम होती है, इसीलिए यहाँ शुष्क जलवायु व नाममात्र की प्राकृतिक वनस्पति पायी जाती है| इन्हीं विशेषताओं के कारण इसे ‘मरुस्थली’ के नाम से भी जाना जाता है| यह ‘विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला मरुस्थल’ है|

अरावली पर्वतमाला

Apr 14, 2016
अरावली भारत के पश्चिमोत्तर भाग में स्थित वलित पर्वतमाला है,जोकि उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगभग 1100 किमी. की लंबाई में विस्तृत है| अरावली पर्वतमाला विश्व के सर्वाधिक प्राचीन वलित पर्वतों में से एक है| माउंट आबू में स्थित ‘गुरुशिखर’ इसकी सर्वोच्च चोटी है|

ट्रांस/तिब्बत हिमालय पर्वतीय क्षेत्र

Apr 14, 2016
‘ट्रांस हिमालय’ या ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ महान हिमालय के उत्तर में स्थित है,और इसमें काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और कैलाश नाम की पर्वत श्रेणियाँ शामिल हैं| ट्रांस हिमालय या तिब्बत हिमालय पर्वतीय क्षेत्र का काफी हिस्सा तिब्बत में भी पड़ता है, इसलिए इसे ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ भी कहा जाता है|

उत्तर भारत का मैदान

Apr 14, 2016
उत्तर भारत के मैदान का निर्माण मुख्यतः गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा सिंधु नदी द्वारा लाये गए अवसादों के निक्षेपण से हुआ है| उत्तर भारत के मैदान को उत्तर से दक्षिण क्रमशः भाबर, तराई व जलोढ़ मैदानों में बांटा जाता है| जलोढ़ अवसादों की आयु के आधार पर जलोढ़ मैदान को पुनः बांगर व खादर नाम के उप-भागों में बांटा जाता है|

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