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स्थापत्य एवं मूर्तिकला

  • चित्तौड़गढ़ किले के बारे में 10 रोचक तथ्य

    चित्तौड़गढ़ का किला बेराच नदी (Berach River valley) के किनारे राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में बसा हुआ है. ये राजस्थान का गौरव है और भारत का सबसे बड़ा किला. इसका निर्माण मौर्यों द्वारा सातवीं सदी में हुआ था. आइये इस लेख के माध्यम से चित्तौड़गढ़ किले के बारे में 10 रोचक तथ्यों पर अध्ययन करते हैं.

    May 15, 2018
  • स्वर्ण मंदिर के बारे में 7 रोचक तथ्य

    स्वर्ण मंदिर हरमंदिर साहिब या श्री दरबार साहिब के नाम से भी जाना जाता है.सिखों के पांचवें गुरु अर्जनदेव ने स्वर्ण मंदिर का निर्माण कार्य पंजाब के अमृतसर में शुरू कराया था, जो कि भारत में पंजाब में स्तिथ हैं. इस लेख में स्वर्ण मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्यों पर अध्ययन करेंगे

    Jun 12, 2017
  • दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के बारे में 10 आश्चर्यजनक तथ्य

    अक्षरधाम मंदिर नई दिल्ली में स्थित हैं. इसको स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर भी कहा जाता है. यह भारत का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर में से एक है. यह मंदिर आधिकारिक तौर पर 6 नवंबर, 2005 को खुला था. यह करीब 100 एकड़ की जमीन पर फैला हुआ है. इस लेख में अक्षरधाम मंदिर के बारे में कुछ आश्चर्यजनक तथ्य दिए जा रहें है जिन्हें पढ़कर आप हैरान हो जाएंगे.

    May 22, 2017
  • गंधार, मथुरा और अमरावती शैलियों में क्या अंतर होता है

    मूर्ति कला की तीन प्रमुख शैलियों अर्थात गंधार, मथुरा और अमरावती शैली का विकास अलग-अलग स्थानों पर हुआ है | गंधार शैली का विकास आधुनिक पेशावर और अफगानिस्तान के निकट पंजाब की पशिचमी सीमाओं में 50 ईसा पूर्व से लेकर 500 ईस्वी तक हुआ| मथुरा शैली का विकास पहली और तीसरी शताब्दी ई .पू के बीच की अवधि में यमुना नदी के किनारे हुआ और भारत के दक्षिणी भाग में, अमरावती शैली का विकास सातवाहन शासकों के संरक्षण में कृष्णा नदी के किनारे हुआ था | इस लेख में इन शैलियों के बीच के अंतर का अध्ययन करेंगे |

    Feb 27, 2017
  • हड़प्पा सभ्यता: कला और वास्तुकला एक नज़र में

    भारतीय कला और वास्तुकला विकास पर निर्भर करती है और इसके पीछे कई कहानियां है| इस लेख में हड़प्पा सभ्यता की कला और वास्तुकला के बारे में जानेंगे और देखेंगे की कैसे इन कलाओं का उदभव हुआ, कहा से हुआ आदि |

    Feb 23, 2017
  • कमल मंदिर (लोटस टेम्पल) अविस्मरणीय क्यों है?

    नई दिल्ली का कमल मंदिर बहाई संप्रदाय से संबंधित है। बहाई धर्म दुनिया के नौ महान धर्मों का संयोजन है और इसकी स्थापना पैगंबर बहाउल्लाह ने की थी। यह मंदिर तालाबों और बगीचों के बीच आधे खुले तैरते कमल के आकार में बना है। कमल मंदिर एशिया में बना एक मात्र बहाई मंदिर है। एक वर्ष में यहां करीब 45 लाख पर्यटक आते हैं।

    Aug 17, 2016
  • गोलकुंडा का किला क्यों विशेष है?

    यह किला तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास स्थित है। यह किला 1143 में बनवाया गया था। ऐतिहासिक गोलकोंडा किले का नाम तेलुगु शब्द 'गोल्ला कोंडा' पर रखा गया है| किसी जमाने में गोलकुंडा के इलाके की हीरे की खान से कोहेनूर हीरा निकला था। यह पूरा किला एक बड़े ग्रेनाइट के पहाड़ पर बना है। इसके बगल में मूसी नदी बहती है।

    Aug 16, 2016
  • क्या आप एलीफेंटा गुफाओं के बारे में ये रोचक तथ्य जानना चाहेंगे ?

    एलीफेंटा की गुफाएं (स्थानीय भाषा में इन्हें घारापुरीची लेनी के रूप में भी जाना है, मूल रूप घारापुरी) महाराष्ट्र के एलिफेंटा द्वीप या घारापुरी (मुंबई) में स्थित मूर्ति गुफाओं का एक नेटवर्क (शाब्दिक अर्थ "गुफाओं के शहर") है। यह द्वीप अरब सागर के किनारे स्थित है जहां गुफाओं के दो समूह हैं, पहला- पांच हिंदू गुफाओं का एक बड़ा समूह है, दूसरा- दो बौद्ध गुफाओं का एक छोटा समूह है। हिंदू गुफाओं में चट्टानों में पत्थर की मूर्तियां बनी हैं।

    Jun 29, 2016
  • जल महल अद्वितीय क्यों ?: 10 तथ्य एक नज़र में

    शब्द "जल महल" का मतलब है "पानी का किला" ,जो कि जयपुर में स्तिथ है। इसका निर्माण 1750 वीं सदी में आमेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा ठीक आम सागर के बीचों-बीच किया गया था । यह लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। यह "'जल महल" राजपूत और मुग़ल शैली की वास्तुकला का एक नायब सयोंजन है। यह एक पांच मंजिला इमारत है। जब झील के पानी से भर जाती है तब इसकी चार मंज़िले पानी से डूब जाती है और फिर केवल शीर्ष मज़िल दिखाई पड़ती है।

    Jun 29, 2016
  • गुफा स्थापत्य

    भारत में सर्वप्रथम मानव निर्मित गुफाओं का निर्माण दूसरी शताब्दी ई.पू. के आसपास हुआ था।अजंता की गुफा: अजंता की गुफाएं महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं। इनका सर्वप्रथम जिक्र चीनी तीर्थयात्री ह्वेन सांग ने भी किया था।

    Jul 22, 2011
  • भारतीय स्थापत्य कला और मूर्तिकला

    भारत में स्थापत्य व वास्तुकला की उत्पत्ति हड़प्पा काल से माना जाता है। स्थापत्य व वास्तुकला के दृष्टिकोण से हड़प्पा संस्कृति तत्कालीन संस्कृतियों से काफी ज्यादा आगे थी। भारतीय स्थापत्य एवं वास्तुकला की सबसे खास बात यह है कि इतने लंबे समय के बावजूद इसमें एक निरंतरता के दर्शन मिलते हैं। इस मामले में भारतीय संस्कृति अन्य संस्कृतियों से इतर है।

    Jul 22, 2011
  • आधुनिक काल

    यूरोपीय स्थापत्य कला में 1900 के आसपास का समय भारी परिवर्तन का युग था। इस काल के दौरान कई ऐसी इमारतों का निर्माण किया गया जिसकी विशेषताएं समान थीं। इन निर्माणों में रूप-रंग में सरलता के दर्शन होते हैं और अलंकरण भी नाम-मात्र का है।

    Jul 22, 2011
  • मध्यकालीन पश्चिमी स्थापत्य कला

    प्रारंभिक मध्यकाल के दौरान पश्चिमी स्थापत्य कला को प्रारंभिक ईसाई काल व पूर्व-रोमांसक्यू काल में विभाजित किया जा सकता है। इस काल के दौरान दुर्ग मुख्य रूप से लौकिक स्थापत्य के प्रमुख उदाहरण हैं।

    Jul 22, 2011
  • पश्चिमी स्थापत्य एवं मूर्तिकला

    ग्रीक स्थापत्य व मूर्तिकला- ग्रीक संस्कृति की सबसे खास बात यह थी कि कला व संस्कृति में उसकी दृष्टि काफी हद तक लौकिक थी। उनकी इसी सोच का पूरी तरह से प्रभाव उनके स्थापत्य व मूर्तिकला में परिलक्षित होता है। रोमन शैली- प्राचीनकाल में रोमन साम्राज्य काफी विशाल था। इस साम्राज्य की विशालता की झलक उसके विशाल भवनों में देखा जा सकता है। रोमन वास्तुशिल्पियों ने सर्वप्रथम चापाकार निर्माण अद्र्ध वृत्ताकार मेहराब का प्रयोग किया।

    Jul 22, 2011
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