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आर्थिक तथ्य

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विश्व इतिहास में सबसे बड़ी महामंदी कब, कहाँ और क्यों आई थी?

13 hrs ago
वर्ष 1929 में शुरू हुई महामंदी के आने से पहले विश्व के उद्योगपतियों की धारणा यह थी कि “पूर्ती अपनी मांग स्वयं पैदा कर लेती है”. इसी विचारधारा के कारण उद्योगपतियों ने उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दिया उसकी बिक्री पर नहीं. एक समय ऐसा आ गया कि बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की पूर्ती ज्यादा हो गयी और मांग कम. इसी कारण पूरा विश्व महामंदी की चपेट में आ गया था.

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क्या किसानों के पास पराली जलाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है?

1 day ago
बरसात का मौसम धान की पैदावार के लिए बहुत ही अनुकूल होता है इसलिए पंजाब और हरियाण सहित पूरे देश में धान की फसल पैदा की जाती है लेकिन अक्टूबर और नवम्बर में ये फ़सल हार्वेस्टर मशीन की सहायता से काट ली जाती है लेकिन इस कटाई में फसल का सिर्फ अनाज वाला हिस्सा अर्थात धान के पौधे के ऊपर का हिस्सा ही काटा जाता है और बाकी का हिस्सा खेत में ही लगा रहता है जिसे पराली कहते हैं.

इनलैंड वॉटरवे टर्मिनल क्या है और इससे भारत को क्या फायदे होंगे?

1 day ago
वाराणसी-हल्दिया नैशनल वॉटर-वे 1 देश का पहला इनलैंड वॉटरवे (नदी मार्ग) टर्मिनल है. इस टर्मिनल के माध्यम से 1620 किलोमीटर लंबे वॉटरवे से गंगा के जरिए वाराणसी से कोलकाता के हल्दिया के बीच माल ढुलाई आसान होगी. अर्थात इस जल मार्ग के माध्यम से अब मालवाहक जहाजों की मदद से सामान को लाने और ले जाने में आसानी होगी.

करेंसी स्वैप किसे कहते हैं और इससे अर्थव्यवस्था को क्या फायदे होंगे?

2 days ago
करेंसी स्वैप का शाब्दिक अर्थ होता है "मुद्रा की अदला बदली". अपने अर्थ के अनुसार ही इस समझौते में दो देश/ कम्पनियाँ या दो व्यक्ति आपस में अपने देशों की मुद्रा की अदला बदली करने का समझौता करते हैं ताकि अपनी वित्तीय जरूरतों को बिना किसी वित्तीय नुकसान के पूरा किया जा सके. करेंसी स्वैप को विदेशी मुद्रा लेन-देन माना जाता है और किसी कंपनी के लिए कानूनन जरूरी नहीं है कि वह इस लेन-देन को अपनी बैलेंस शीट में दिखाए.

जानिये भारत सरकार की सालाना आमदनी और खर्च कितना है?

3 days ago
भारत सरकार देश के विकास के लिए लोगों से कर लेती है वहीँ दूसरी तरफ लोगों के कल्याण में वृद्धि करने के लिए इस धन को सार्वजानिक व्यय के माध्यम से खर्च भी करती है. बजट अनुमान (2018-19) के आंकड़े बताते हैं कि सरकार के कुल खर्च का 23.58% सिर्फ ब्याज भुगतान के लिए आवंटित किय गया है. वर्तमान में सरकार की आय का प्रमुख स्रोत “वस्तु एवं सेवा कर” (33 % योगदान) है इसके बाद कारपोरेशन टैक्स (27%) और आय कर की हिस्सेदारी 23% है.

भारत में 10 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएं कौन सी हैं?

Nov 5, 2018
जनगणना के विश्लेषण के मुताबिक 121 भाषाएं हैं जो कि भारत में 10,000 या उससे ज्यादा लोग बोलते हैं, जिनकी आबादी 121 करोड़ है यानी ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि भारत कई प्रमुख भाषाओं का घर है. आइये इस लेख के माध्यम से 2011 की भाषा जनगणना के अनुसार भारत में 10 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं के बारे में अध्ययन करते हैं.

ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस रैंकिंग क्या होती है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

Nov 1, 2018
ईज ऑफ डूईंग बिजनेस का अर्थ है कि देश में कारोबार करने में कारोबारियों को कितनी आसानी होती है. अर्थात किसी देश में कारोबार शुरू करने और उसे चलाने के लिए माहौल कितना अनुकूल है. विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग (या व्यापार की सुगमता सूची) 2018-19 की लिस्ट में भारत 77वीं रैंक पर आ गया है. वर्ष 2018 में भारत की रैंकिंग में 23 स्थानों का सुधार हुआ है. वर्ष 2017-18 की लिस्ट में भारत की 100वीं रैंक थी.

भारत पेट्रोलियम भंडार कहाँ और क्यों बना रहा है?

Oct 30, 2018
देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत जमीन के नीचे क्रूड आयल को स्टोर करने के लिए तेल के भंडार बना रहा है. ये पत्‍थर की गुफाएं मानव नि‍र्मि‍त होती हैं. भारत के पास पहले से ही तीन जगहों पर 5.33 MMT स्‍टोरेज की अंडरग्राउंड गुफाएं हैं. इनमें वि‍शाखापट्टनम (1.33 MMT), मंगलौर (1.5 MMT) और पदूर (2.5 MMT) शामिल हैं.

भारत में आय असमानता के बारे में 14 रोचक तथ्य

Oct 24, 2018
वर्ष 2017 में दुनिया भर में 2,043 अरबपति, जबकि भारत में 101 अरबपति थे. भारत का 73% धन सिर्फ सबसे अमीर 1% व्यक्तियों के पास है. भारत की धनाढ्यता का दूसरा पक्ष यह है कि यहाँ पर 70 मिलियन लोग अत्यन्त गरीबी में जीवन-यापन करते हैं. हालाँकि दुनिया में सबसे अधिक गरीब लोग नाइजीरिया में (87 मिलियन) रहते हैं. विश्व स्तर पर अत्यन्त गरीब उन लोगों को माना जाता है जो कि एक दिन में 1.90 डॉलर से कम कमाते हैं.

सोने-चांदी का हर दिन उत्पादन होने के बावजूद भी इनके मूल्यों में वृद्धि क्यों होती है?

Oct 11, 2018
वर्ष 2017 में सोने का कुल वैश्विक उत्पादन 3,247 टन था. पूरी दुनिया में चीन सबसे बड़ा सोने का उत्पादक है. वर्ष 2017 में चीन ने 426 सोने का उत्पादन किया था जो कि पूरी दुनिया के उत्पादन का 13 प्रतिशत था. अब सवाल यह उठता है कि जब हर साल सोने और चांदी का उत्पादन विश्व में होता है तो फिर इन दोनों के दामों में लगातार वृद्धि क्यों होती रहती है.

डॉलर दुनिया की सबसे मज़बूत मुद्रा क्यों मानी जाती है?

Oct 8, 2018
दुनिया का 85% व्यापार अमेरिकी डॉलर की मदद से होता है. दुनिया भर के 39% क़र्ज़ अमेरिकी डॉलर में दिए जाते हैं और कुल डॉलर की संख्या के 65% का इस्तेमाल अमरीका के बाहर होता है. इसलिए विदेशी बैंकों और देशों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर की ज़रूरत होती है. आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि आखिर डॉलर के विश्व में सबसे मजबूत मुद्रा के रूप में क्यों जाना जाता है.

क्या भारत सरकार नए नोट छापकर विदेशी कर्ज चुका सकती है?

Oct 4, 2018
भारत पर मार्च 2018 तक 529.7 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चढ़ा हुआ था जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद का 20.5%था. ऐसी दशा में कुछ लोग कह रहे हैं कि भारत को नयी मुद्रा छापकर पूरा विदेशी कर्ज चुका देना चाहिए. क्या ऐसा संभव है? इस लेख के माध्यम से जानिये पूरा गणित.

स्विस बैंक में खाता खोलने के लिए क्या योग्यता होती है?

Sep 19, 2018
वर्ष 1713 में जिनेवा में हुई “ग्रेट काउन्सिल ऑफ़ जेनेवा” की बैठक में बैंकों के लिए नियम बनाये गए कि वे अपने ग्राहकों की बैंक डिटेल को किसी अन्य व्यक्ति को नहीं देंगे. तभी से स्विस बैंक के खाते पूरी दुनिया में सबसे सुरक्षित खातों के रूप में मशहूर हो गये हैं. स्विट्ज़रलैंड की बैंकों में खाता खुलवाने के लिए लगभग 1 लाख डॉलर रुपयों की जरुरत होती है.

जानिये दुनिया के किस देश में महंगाई दर सबसे अधिक है?

Sep 19, 2018
मुद्रास्फीति बाजार की वह अवस्था होती है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें "लगातार" बढ़ती जातीं हैं. ऐसी ही स्थिति दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में है जहाँ पर महंगाई की दर इस साल के अंत तक 10 लाख प्रतिशत तक पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस लेख में हमने इस समस्या के कारणों और महंगाई के कुछ रोचक उदाहरणों को बताया है.

मसाला बॉन्ड क्या है और भारतीय अर्थव्यवस्था को इससे क्या फायदे हैं?

Sep 18, 2018
विदेशी पूंजी बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपये में जारी किए जाने वाले बॉन्ड को मसाला बॉन्ड कहते हैं. यह एक कॉर्पोरेट बांड होता है जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी किया जाता है. मसाला बॉन्ड को भारतीय मसालों के नाम पर मसाला बॉन्ड कहा जाता है.

भारत सरकार दुनिया में किस किस से कर्ज लेती है?

Sep 17, 2018
भारत में लोकतान्त्रिक तरीके से चुनी गयी सरकार काम करती है इसलिए इसका मुख्य लक्ष्य लोगों के कल्याण में वृद्धि करना होता है. यदि जनहित के कार्यों के लिए सरकार के पास रुपयों की कमी पड़ती है तो वह विभिन्न स्रोतों से उधार मांगकर खर्च करती है. इस लेख में यह बताया गया है कि सरकार किन-किन तरीकों और स्रोतों से रुपया उधार मांगती है.

विश्वकर्मा अकाउंट प्राइवेट नौकरी करने वालों की कैसे मदद करेगा?

Sep 17, 2018
विश्वकर्मा अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होगा जो कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मददगार होगा. इस अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यदि प्राइवेट नौकरी करने वाले किसी व्यक्ति की नौकरी चली जाती है तो उस व्यक्ति के खर्चे (जैसे बच्चे की फीस, मकान का किराया इत्यादि) कुछ समय के लिए विश्वकर्मा अकाउंट से पूरे किये जायेंगे. आइये इस लेख में जानते है कि विश्वकर्मा अकाउंट में कौन कौन सी स्कीमें कवर की गयी हैं.

तेल और गैस के भंडारों का पता कैसे लगाया जाता है?

Sep 14, 2018
तेल एवं गैस शोध कार्य के दौरान 200 फीट तक बोरिंग की जाती है ढाई किलो ग्राम का बम या डायनामाइट नीचे डालकर विस्फोट कराया जाता है. इसकी धमक से दस किलोमीटर क्षेत्र की जमीन कांप जाती है. विस्फोट के बाद उत्पन्न सीस्मिक तरंगों को भूकंपीय फोन (seismic phone) की मदद से रिकॉर्ड किया जाता है. इसके बाद इन तरंगों का अध्ययन करके तेल और गैस के भंडारों का पता लगाया जाता है.

भारतीय रिज़र्व बैंक सोना क्यों खरीदता है?

Sep 12, 2018
वित्त वर्ष 2017-18 की जून तिमाही में RBI ने 8.46 मीट्रिक टन सोना खरीदा है. इससे पहले RBI ने नवंबर 2009 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 200 मीट्रिक टन सोना खरीदा था. रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अब उसके सोने का भंडार 566.23 मीट्रिक टन पहुंच गया है. इस लेख में बताया गया है कि RBI ने इस सोने की खरीद क्यों की है.

जानें भारत में डीजल और पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स

Sep 10, 2018
अंतरराष्ट्रीय बाजार में वर्तमान कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर भारत में इसकी कीमत 31 रुपये प्रति लीटर आती है लेकिन भारत में केंद्र सरकार द्वारा लगाये जाने वाले उत्पाद कर और राज्य सरकार द्वारा लगाये जाने वाले वैट के कारण उपभोक्ताओं को पेट्रोल खरीदने के लिए दिल्ली में 76.24 रुपये प्रति लीटर और डीजल खरीदने के लिए 67.54 खर्च करने पड़ रहे हैं.
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