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परीक्षापयोगी सामान्य ज्ञान

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वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची

May 29, 2018
वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है। उस दौरान वेदों की रचना हुई थी। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधार पर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। समाज पितृसत्तात्मक था। इस लेख में हमने वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017: प्रमुख लक्ष्य एक नज़र में

May 29, 2018
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 को 15 मार्च, 2017 को “स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय” द्वारा शुरू किया गया था. इस नीति में सरकार का ध्यान “बीमार की देखभाल” से शिफ्ट होकर “बीमार के कल्याण” पर होगा. यह भारत सरकार की तीसरी राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति है. भारत की पहली स्वास्थ्य नीति 1983 में बनी थी जबकि दूसरी स्वास्थ्य नीति 2002 में बनी थी. तीसरी नीति में सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च बढ़ाकर, सकल घरेलू उत्पाद का 2.5% करना चाहती है.

एशियाई विकास बैंक के मुख्य कार्य और भारत के विकास में क्या भूमिका है ?

May 28, 2018
एशियाई विकास बैंक (ADB) की स्थापना 1966 में हुई थीl इस बैंक की स्थापना का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देना थाl 1 जनवरी, 1967 को इस बैंक ने पूरी तरह से काम करना शुरू किया थाl इसका मुख्यालय “मनीला”, फिलीपींस में स्थित हैl इसकी अध्यक्षता हमेशा जापानी को दी जाती है जबकि इसके 3 डिप्टी चेयरमैन का पद किसी अमेरिका, यूरोप और एशिया के नागरिक को दिया जाता हैl

क्या आप पारिस्थितिकी में पदानुक्रम (संगठन) के स्तर के बारे में जानते हैं

May 25, 2018
पारिस्थितिक तंत्र एक प्राकृतिक इकाई है जिसमें एक क्षेत्र विशेष के सभी जीवधारी, अर्थात् पौधे, जानवर और अणुजीव शामिल हैं जो कि अपने अजैव पर्यावरण के साथ अंतर्क्रिया करके एक सम्पूर्ण जैविक इकाई बनाते हैं। इस लेख में हमने पारिस्थितिकी में पदानुक्रम (संगठन) के स्तर के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्षारीय मृदा क्या होता है और इसका उपचार जिप्सम के माध्यम से कैसे किया जाता है?

May 24, 2018
पृथ्वी ऊपरी सतह पर मोटे, मध्यम और बारीक कार्बनिक तथा अकार्बनिक मिश्रित कणों को मृदा या मिट्टी (soil) कहते हैं। क्षारीय मृदा उस प्रकार की मृदा या मिट्टी को कहते हैं जिसमें क्षार तथा लवण विशेष मात्रा में पाए जाते हैं। इस लेख में हमने क्षारीय मृदा को परिभाषित किया है और इसका उपचार जिप्सम के माध्यम से कैसे किया जाता है पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं विश्व की संकटग्रस्त प्रजातियों के दशा के अनुसार कैसे वर्गीकृत किया जाता है

May 22, 2018
प्रकृति के संरक्षणार्थ अंतर्राष्ट्रीय संघ (IUCN) द्वारा विश्व की संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके दशा के अनुसार तीन श्रेणियों में वर्गीकृत करती है। इस लेख में हमने विश्व की संकटग्रस्त प्रजातियों के दशा के अनुसार वर्गीकृत करने की प्रक्रिया के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र और अक्रिय क्षेत्र के बारे में जानते हैं

May 21, 2018
ऑक्सीजन पृथ्वी पर जीवन का एक केंद्रीय तत्व है क्योंकि यह एरोबिक श्वसन में मदद करता है जो चीनी (ग्लूकोज) या C6H12O6 को CO2 और H2O परिवर्तित करता है जिससे कोशिकाओं को संचालित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा मिलती है। इस लेख में हमने ऑक्सीजन न्यूनतम क्षेत्र और अक्रिय क्षेत्र के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप हरित जीडीपी और पारिस्थितिकीय ऋण के बारे में जानते हैं

May 21, 2018
हरित जीडीपी की अवधारणा जीडीपी (सकल घरेलु उत्पाद) में सकारात्मक लाभ के रूप में परिसंपत्तियों (संपत्ति) में इसी तरह के गिरावट को शामिल या पंजीकृत करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, जबकि पारिस्थितिकीय ऋण एक पारिस्थितिक तंत्र के भीतर से संसाधनों की खपत को संदर्भित करता है जो व्यवस्था की पुनर्जागरण क्षमता से अधिक होती है। इस लेख में हमने हरित जीडीपी और पारिस्थितिकीय ऋण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जैव विविधता से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों की सूची

May 18, 2018
हम जानते हैं कि प्रदुषण, आक्रमणकारी जातीयों, मनुष्य द्वारा अधिशोषण एवं जलवायु परिवर्तन के कारण परितंत्रों में बदलाव हो रहा है। इसके संरक्षण के लिए स्व-स्थान (in-situ) एवं पर-स्थान (ex-situ) दोनों ही उपायों की आवश्यकता है। इस लेख में हमने जैव विविधता से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

विश्व में जैव विविधता के हॉटस्पॉट

May 18, 2018
जैव विविधता से तात्पर्य विस्तृत रूप से उन विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु और वनस्पति से है जो संसार में या किसी विशेष क्षेत्र में एक साथ रहते है। एक जैव विविधता वाला हॉटस्पॉट ऐसा जैविक भौगोलिक क्षेत्र है जिसे मनुष्यों से खतरा रहता है। इस लेख में हमने विश्व में जैव विविधता की परिभाषा, मानदंड तथा विश्व में जैव विविधता के हॉटस्पॉट के नाम दिए हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के (IMF) बारे में 14 परीक्षोपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

May 18, 2018
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और आईबीआरडी की स्थापना एक ही समय और स्थान पर हुई थी, इस कारण इन दोनों को ब्रेटन वुड्स ट्विन्स के रूप में जाना जाता है. इस लेख में हमने IMF के बारे में सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया है. हम उम्मीद करते हैं कि अगर आपने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बारे में ये 14 महत्वपूर्ण तथ्य जान लिए तो आप इस संगठन से सम्बंधित किसी प्रश्न को हल कर सकते हैं.

कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिंग क्या हैं?

May 17, 2018
आधुनिक युग की सबसे प्रासंगिक और विवादित मुद्दा पर्यावरण की समस्या है जिनको संतुलित करने के लिए कई संस्थान विभिन्न दृष्टिकोणों के साथ कार्यरत हैं क्युकी शहरीकरण व औद्योगीकरण में अनियंत्रित वृद्धि ने कई पर्यावरणीय समस्याओ को जटिल बना दिया है। इस लेख में हमने कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिंग के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

कार्बन चक्र और वैश्विक कार्बन बजट क्या हैं?

May 17, 2018
पृथ्वी पर पाए जाने वाले तत्वों में कार्बन (प्रांगार) एक प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। कार्बन जैविक यौगिकों के साथ-साथ कई खनिजों का मुख्य घटक है। इसे 'जीवन के निर्माण खंड' के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह हर जीवित और गैर-जीवित चीजों में पाया जाता है। इस लेख में हमने कार्बन चक्र और वैश्विक कार्बन बजट के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

“मेक इन इंडिया” योजना में शामिल क्षेत्रों की सूची

May 17, 2018
मेक इन इंडिया; भारत में “स्वदेशी आन्दोलन” की तर्ज पर बनायी गयी एक योजना है. इसे भारत सरकार ने 25 सितंबर 2014 को शुरू किया था. इस योजना का मुख्य उद्येश्य भारत में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देना या पूरे विश्व में भारत को विनिर्माण क्षेत्र की महाशक्ति बनाना है. इस योजना में अर्थव्यवस्था के 25 विशिष्ट क्षेत्रों को ध्यान में रखकर विदेशी कंपनियों को भारत में निर्माण गतिविधियों को शुरू करने के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा.

ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण और इसके हानिकारक प्रभाव

May 16, 2018
पर्यावरण प्रदूषण पुरे विश्व को अपने चपेट ले रही है, इसलिए यह एक वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। प्रदूषण का अर्थ है - 'हवा, पानी, मिट्टी आदि का अवांछित द्रव्यों से दूषित होना', जिसका सजीवों पर प्रत्यक्ष रूप से विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा अप्रत्यक्ष प्रभाव पारिस्थितिक तंत्र पर भी पड़ते हैं। आज के सन्दर्भ में ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण आधुनिक औद्योगिक समाज में एक वास्तविक समस्या है।

जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में कैसे मदद कर सकता है?

May 16, 2018
जैविक खेती (Organic farming) वह विधि है जो संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों के अप्रयोग या न्यूनतम प्रयोग पर आधारित है तथा जो भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिये फसल चक्र, हरी खाद, कम्पोस्ट आदि का प्रयोग करती है। इस लेख में हमने कैसे जैविक खेती कार्बन प्रच्छादन में मदद करती है पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

सुपोषण क्या है और जलीय पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

May 15, 2018
जीवों में विभिन्न प्रकार के जैविक कार्यों के संचलन एवं संपादन के लिए पोषक तत्व आवश्यक होते है और जिसे वो अपने वातावरण से ग्रहण करता है। उसी प्रकार पारिस्थितिक तंत्र को भी पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। इस लेख में हमने सुपोषण और इसके जलीय पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारतवाणी पोर्टल के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

May 15, 2018
भारतवाणी पोर्टल या वेबसाइट को इसलिए बनाया गया ताकि सभी राज्यों, भारतीय विश्व विद्यालयों और शिक्षा संस्थानों के साथ मिल कर भारतीय भाषाओँ में उपलब्ध ज्ञान को डिजिटल रूप में सबको उपलब्ध कराया जा सके. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते है भारतवाणी पोर्टल और मोबाइल एप के बारे में.

महासागर अम्लीकरण क्या है और यह समुद्री पारिस्थितिक तंत्र को कैसे प्रभावित करता है?

May 14, 2018
पृथ्वी का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है, उसमें से 97 प्रतिशत सागरों और महासागरों में है और केवल तीन प्रतिशत पानी पीने योग्य है जिसमें से 2.4 प्रतिशत ग्लेशियरों और उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव में जमा हुआ है और केवल 0.6 प्रतिशत पानी नदियों, झीलों और तालाबों में है। इस लेख में हमने महासागर अम्लीकरण और इसके समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

ध्रुवीय प्रवर्धन से आप क्या समझते हैं?

May 14, 2018
जलवायु परिवर्तन औसत मौसमी दशाओं के पैटर्न में ऐतिहासिक रूप से बदलाव आने को कहते हैं। सामान्यतः इन बदलावों का अध्ययन पृथ्वी के इतिहास को दीर्घ अवधियों में बाँट कर किया जाता है। उसी प्रकार ध्रुवीय क्षेत्र में बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिंग का अवलोकन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जलवायु मॉडल के प्रयोग से किया जाता है। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए ध्रुवीय प्रवर्धन के सिद्धांत और उसके आधार के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
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