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SSC सामान्य ज्ञान

  • उत्तर- पूर्वी भारत में ब्रह्मपुत्र नदी घाटी की परियोजनाए

    पूर्वोत्तर भारत देश की भूमि स्वर्ग भूमि है और वहां पर प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध है और यहाँ की गहरी नदी घाटीया मेगा बांधों के निर्माण के लिए उपयुक्त है इसलिए, पूर्वोत्तर भारत देश के क्षेत्र को अक्सर ' भविष्य भारत का पावर हाउस ' के रूप में नामित किया गया है । भारत में बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के निर्माण के पीछे मूल मकसद कृषि के लिए सिंचाई , उद्योगों के लिए बिजली और बाढ़ नियंत्रण आदि की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करना करना है ।

    Jul 20, 2016
  • भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान विभिन्न शैक्षिक समितियों की सूची

    ब्रिटिशों ने शिक्षा के क्षेत्र में एक दोहरी नीति अपनाई जिससे प्राच्य प्रचलित शिक्षा प्रणाली हतोत्साहित हुई और पश्चिमी शिक्षा और अंग्रेजी भाषा को महत्व मिला| यहाँ हम 'भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान विभिन्न शैक्षिक समितियों की सूची' दे रहे हैं जिससे छात्रों को यूपीएससी, एसएससी, राज्य सेवाओं, एनडीए, सीडीएस और रेलवे आदि में परीक्षाओं की तैयारी के लिए मदद मिलेगी|

    Jul 18, 2016
  • ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में विभिन्न सुधारों और अधिनियमों की सूची

    भारतीय प्रदेशों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के बाद, अंग्रेजों ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए भारत में विभिन्न सुधार और अधिनियम लाये ताकि वो ना सिर्फ प्रशासनिक तौर से बल्कि सामाजिक व्यवस्था में भी उनकी पकड़ मजबूत हो सके | इस संबंध में, उन्‍होंने लोगों के सामाजिक जीवन को सुधारने के लिए बहुत सारे ऐसे कदम उठाए| हम यहाँ ब्रिटिश भारत के दौरान विभिन्न सुधारों और अधिनियमों की सूची दे रहे हैं|

    Jul 18, 2016
  • स्वास्तिक 11000 साल से भी अधिक पुराना है, जानिए कैसे?

    स्वास्तिक हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म का पवित्र प्रतीक और प्राचीन धर्म का प्रतीक है। इसमें समबाहु कटान होता है जिसमें चार भुजाएं 90 डिग्री पर मुड़े होते हैं। स्वास्तिक नाम संस्कृत शब्द स्वास्तिका से बना है जिसका अर्थ होता है– "शुभ या मांगलिक वस्तु"

    Jul 18, 2016
  • भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण हस्तियों और उनके योगदान की सूची

    भारत की राजनितिक, सामाजिक और आर्थिक संरचना में कही न कही हमारे स्वतंत्रता सेनानी और नेताओं का महत्पूर्ण योगदान रहा है । हम यहाँ हमारे स्वतंत्रता सेनानी और नेताओं के महत्पूर्ण योगदान की सूचि दे रहे हैं जो परीक्षार्थी के लिए बहुत लाभ प्रद सिद्ध हो सकता है |

    Jul 18, 2016
  • स्वतंत्रता से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र की सूची

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी. यह भविष्य में हमारे देश की संसद का केंद्र बन गई. यहाँ हम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्वतंत्रता से पहले आयोजित हुए सत्र के स्थान, सत्र का साल और राष्ट्रपति के नाम की सूची दे रहे हैं|

    Jul 15, 2016
  • भारतीय प्रायद्वीपीय पठार

    गंगा व यमुना के दक्षिण उभरता हुआ विशाल भूखंड भारत का प्रायद्वीपीय पठार कहलाता है। जिसका आकर मोटे तौर पर त्रिभुजाकार है। इसका आधार गंगा की घाटी है तथा शीर्ष सुदूर दक्षिण कन्याकुमारी में स्थित है। दक्कन का पठार एक लावा पठार का उदाहरण है।जो ज्वालामुखी उद्गार की अंतिम चरण में निःसृत लावा के फैलने से बना है। यह प्राचीन गोंडवाना प्लेट का हिस्सा जो कालांतर में अलग होकर वर्तमान रूप को प्राप्त किया है।

    Jul 15, 2016
  • भारत में ब्रिटिश काल के दौरान ब्रिटिश गवर्नर्स जनरल की सूची

    ब्रिटिश गवर्नर् जनरल मूल रूप से भारत में ब्रिटिश प्रशासन के मुखिया थे । ये कार्यालय फोर्ट विलियम के प्रेसीडेंसी के गवर्नर जनरल के शीर्षक के साथ 1773 में बनाया गया था। हम यहाँ भारत में ब्रिटिश काल के दौरान ब्रिटिश गवर्नर् जनरल की सूची दी जा रही है जिससे परीक्षार्थी आसानी से कालक्रम और उनके योगदान के बारे में याद रख सकते हैं।

    Jul 14, 2016
  • ब्रिटिश भारत के दौरान ब्रिटिश वायसराय की सूची

    1857 के विद्रोह के बाद, अगस्त 1858 को ब्रिटिश संसद ने एक अधिनियम पारित जिसके द्वारा कंपनी के शासन को समाप्त कर दिया गया था । भारत में ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण ब्रिटिश क्राउन को हस्तांतरित किया गया और लार्ड कैनिंग को भारत का पहला वायसराय बनाया गया था। यहाँ हम ब्रिटिश भारत के दौरान ब्रिटिश वायसराय की सूची दे रहे है जिससे परीक्षार्थी आसानी से कालक्रम और उनके योगदान के बारे में याद रख सकते हैं ।

    Jul 14, 2016
  • अंग्रेज़ों के शासन के दौरान गैर-आदिवासी, आदिवासी और किसान आंदोलनों की सूची

    अंग्रेज भारत में व्यापर करने के लिए आये थे परन्तु यहाँ की राजनैतिक फूट की वजह से वो शासक बन गए और यहाँ की प्रशासनिक, कानूनी और सामाजिक ढांचा ही बदल कर रख दी | इस नए स्वरूप से स्थानीय लोगों के गौरव को चोट पहुंची और क्रांतिकारियों के विद्रोह ने अपनी मातृभूमि से अंग्रेजी नियमों को निष्कासित करवा दिया| इस आर्टिकल में अंग्रेजी शासकों के दौरान गैर आदिवासी, आदिवासी और किसान आंदोलनों की सूची है जो यूपीएससी, एसएससी, स्टेट सर्विसेज, सीडीएस, NDA, रेलवेज जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों की मदद करेगी|

    Jul 14, 2016
  • पेशवा की सूची

    मराठा राज्य में वफादार मंत्रियों को विभिन्न प्रशासनिक एव राजा के साथ ही राजनीतिक मामलों की सहायता के लिए नियुक्त किए गए थे उन्हे पेशवा बोला जाता है। यहाँ, हम एक " पेशवाओं की सूची" आप मराठा शासन के दौरान पेशवाओं के कालक्रम को समझने में मदद मिलेगी ।

    Jul 13, 2016
  • ब्रिटिश भारत के दौरान 1857 के बाद केअधिनियमों की सूची

    ब्रिटिश शासन के दौरान बहुत सारे अधिनियम और सुधार किये गए थे जिसने हमारी आज की शासन की नींव रखी क्युकी इन घटनाओं ने हमारे संविधान और शासन व्यवस्था को अत्यधिक प्रभावित किया है । 1857 के बाद के अधिनियमों (ब्रिटिश भारत के दौरान) की सूची दी गई है जो विभिन्न परीक्षाओ की तैयारी में लाभ प्रद होगा।

    Jul 12, 2016
  • 1857 के विद्रोह के सम्बंधित ब्रिटिश अधिकारियों की सूची

    ब्रिटिश अधिकारियों ने संसाधनों में बढ़ोत्तरी की और विद्रोह को दबाने में सफल रहे। उनके पास विशाल संसाधनों की व्यवस्था थी और परिवहन और संचार के तेजी से तरीकों से उन्हें ओर मदद मिल जाती थी । हम यहाँ 1857 के विद्रोह के साथ सम्बंधित ब्रिटिश अधिकारियों की सूची दे रहे है जिससे आकांक्षी आराम से जान सकते है।

    Jul 11, 2016
  • मौर्य साम्राज्य: विस्तृत सारांश

    इस सरांश में यूपीएससी-प्रारंभिक, एसएससी, राज्य सेवाओं, एनडीए, सीडीएस और रेलवे आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मौर्य साम्राज्य से सम्बंधित उपयोगी जानकारी दी गयी है, जैसे की चंद्रगुप्त मौर्य राजवंश के संस्थापक थे इत्यादि|

    Jul 4, 2016
  • आधुनिक भारतीय इतिहास के संक्षिप्त या व्यक्तित्व वैकल्पिक नामों की सूची

    व्यक्ति के व्यक्तित्व के वैकल्पिक नाम की सूची दी जा रही है जिनका योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनमोल है ।

    Jul 4, 2016