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राज्य लोक सेवा सामान्य ज्ञान

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  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 9 प्रमुख स्तंभ

    डिजिटल इंडिया ज्ञान आधारित बदलाव के लिए भारत को तैयार करने और केंद्र सरकार और स्थानीय सरकार दोनों के सहयोग और समन्वित भागीदारी से लोगों को सुशासन प्रदान करने के लिए एक प्रतिबद्ध कार्यक्रम है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम मुख्यतः तीन प्रमुख क्षेत्रों, प्रत्येक नागरिक को डिजिटल सुविधा, मांग पर आधारित प्रशासन और सेवा तथा प्रत्येक नागरिक के डिजिटल सशक्तिकरण पर आधारित हैl इस लेख में हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 9 प्रमुख स्तंभों का विवरण दे रहे हैंl

    Mar 16, 2017
  • भारतीय जनसंख्या की संरचना

    एक समूह के भीतर लोगों की विस्तृत व्यक्तिगत विशेषताये जैसे की लिंग, आयु, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, व्यवसाय, और घर के मुखिया के साथ रिश्ते आदि के आधार पर किया गए   वितरण को   जनसंख्या संरचना कहा जाता है। जनसंख्या को दो भागों में बांटा गया हैं - ग्रामीण और शहरी, आकार और बस्तियों के कब्जे के आधार पर । ग्रामीण आबादी को छोटे आकार के ग्रामीण इलाकों में फैली हुइ बस्तियों के आधार पर ।

    Mar 16, 2017
  • दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत सैय्यद राजवंश का संक्षिप्त विवरण

    सैय्यद राजवंश की स्थापना खिज्र खान ने की थी, जो मुल्तान का राज्यपाल था और भारत में तैमूर का उत्तराधिकारी थाl इस राजवंश के चार शासकों- खिज्र खान, मुबारक, मुहम्मद शाह और आलम शाह ने 1414 से 1451 के बीच 37 वर्षों तक शासन किया थाl इस लेख में हम दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत शासन करने वाले सैय्यद राजवंश का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैंl

    Apr 10, 2017
  • कैसे मानसून-पूर्व वर्षा भारत के किसानो तथा बाजारों के लिए वरदान है

    भारत की जलवायु का सामान्यकरण करना बहुत ही मुस्किल है क्योंकि इसकी विविध भौगोलिक स्तर तथा मौसम विस्तृत श्रृंखला अपने आप में अतुलनीय हैl इसकी उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु की वजह से मानसून का जल प्रवाह होना प्राकृतिक है| मानसून पूर्व वर्षा को अप्रैल बारिश या ग्रीष्मकालीन बारिश के रूप में भी जाना जाता है, जिसका आगमन बंगाल की खाड़ी के ऊपर आंधी की वजह से होता हैl आइये जानते हैं मानसून पूर्व वर्षा कैसे भारतीय बाजार की शान को बढ़ाता हैl

    May 23, 2017
  • भारत का भौतिक विभाजन

    भारत में लगभग सभी प्रकार के भौगोलिक उच्चावच पाये जाते हैं| इसका कारण भारत का वृहद विस्तार व तटीय अवस्थिति है| भौगोलिक रूप से भारत को पाँच इकाईयों में बांटा जाता है- उत्तर का पर्वतीय भाग, उत्तरी मैदान, दक्षिणी पठार, तटीय मैदान व द्वीपीय भाग| इन सभी भौगोलिक इकाईयों की निर्माण प्रक्रिया व संरचना अलग-अलग प्रकार की है|

    May 23, 2017
  • सल्तनतकाल में इस्तेमाल होने वाले प्रशासनिक और कृषि से जुड़े शब्दों की सूची

    सल्तनतकाल मुख्य रूप से सैन्यवादी और कुलीन था और सुल्तानों के अधिकार का वास्तविक स्रोत सैन्य शक्ति थीl दिल्ली सल्तनत के शासकों को कृषि की अहमियत और तकनीकी सहायता के माध्यम से उसे बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था, क्योंकि अनाज आंतरिक व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था, जबकि उस समय दास, नील, अफीम, मसालों और कपास से बने सामान का निर्यात किया जाता थाl इस लेख में हम सल्तनतकाल में इस्तेमाल होने वाले प्रशासनिक और कृषि से जुड़े शब्दों की सूची दे रहे हैं, जो स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी अध्ययन सामग्री हैl

    May 23, 2017
  • 1858 ई. का भारत सरकार अधिनियम

    अगस्त 1858 ई. में ब्रिटिश संसद ने एक अधिनियम पारित कर भारत में कंपनी के शासन को समाप्त कर दिया| इस अधिनियम द्वारा भारत के शासन का नियंत्रण ब्रिटिश सम्राट को सौंप दिया गया| यह 1857 के विद्रोह का परिणाम था | इस उद्घोषणा द्वारा भारत के लोगों को यह आश्वासन दिया गया कि जाति,रंग व प्रजाति आदि के आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा| इस अधिनियम द्वारा  भारत के गवर्नर जनरल को वायसराय, जिसका अर्थ था-सम्राट का प्रतिनिधि, कहा जाने लगा|

    May 23, 2017
  • बेवल योजना और शिमला सम्मलेन

    लॉर्ड लिनलिथगो के स्थान पर अक्टूबर,1943 में लॉर्ड वेबेल को गवर्नर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया| लॉर्ड वेबेल ने उस समय के भारत में उपस्थित गतिरोध को दूर करने के लिए प्रयास किया| उन्होंने 14 जून को भारतीय राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए ब्रिटिश सरकार के एक प्रस्ताव, जिसे वेबेल योजना कहा गया, को भारतीय जनता के लिए जारी किया|यह उस समय भारत में उपस्थित राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए तैयार किया गया था लेकिन मुस्लिम लीग और कांग्रेस के नेताओं के बीच समझौता न हो पाने के कारण उन्होंने प्रस्ताव का बहिष्कार कर दिया और अंततः शिमला सम्मलेन में प्रस्ताव समाप्त हो गया|

    May 23, 2017
  • दक्षिण भारत में सुधार

    बंगाल से शुरू होकर धार्मिक व सामाजिक सुधार आन्दोलन भारत के अन्य भागों में भी फैल गए| ब्रहम समाज से प्रेरित होकर 1864 ई. में मद्रास में वेद समाज की स्थापना की गयी| इसने जातिगत भेदभाव का विरोध किया और विधवा पुनर्विवाह व स्त्री शिक्षा को प्रोत्साहित किया| ब्रहम समाज के समान,वेद समाज ने भी अंधविश्वासों व हिन्दू धर्म के रूढ़िवादी रीति-रिवाजों का विरोध किया और एक परमसत्ता में विश्वास व्यक्त किया| वेद समाज के सबसे प्रमुख नेता चेम्बेती श्रीधरालू नायडू थे|

    May 24, 2016
  • भारत के प्रमुख जल विद्युत् केन्द्रों की सूची

    ऊर्जा आर्थिक विकास और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक आवश्यक इनपुट हैl भारत दुनिया में पनबिजली का सातवां सबसे बड़ा उत्पादक देश है l भारत में बिजली के विकास की शुरूआत 19वीं सदी के उत्तरार्ध में हुई थी जब 1897 में दार्जिलिंग में विद्युत आपूर्ति की शुरूआत हुई थी l इसके बाद 1902 में कर्नाटक के शिवसमुद्रम में एक जल विद्युत केन्द्र की स्थापना की गई थीl यहां हम भारत में स्थित जल विद्युत् केन्द्रों की सूची दे रहे हैं जो पाठकों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने में काफी मददगार होगा l

    Jul 28, 2017
  • बुद्ध की शिक्षाएं

    बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति के 49 दिनों के बाद उनसे पढ़ाने के लिए अनुरोध किया गया था। इस अनुरोध के परिणामस्वरूप योग द्वारा बुद्ध ने धर्म के पहले चक्र को पढ़ाया था। इन शिक्षणों में चार आर्य सत्य और अन्य प्रवचन सूत्र शामिल थे जो हीनयान और महायान के प्रमुख श्रोत थे।

    May 24, 2016
  • भारतीय सैन्य अकादमी (Indian Military Acedamy) के बारे में 11 रोचक तथ्य

    किसी भी देश की सुरक्षा में उनके सैनिकों का विशिष्ट महत्व हैl दुनिया के हर देश में सैनिकों को बेहतरीन प्रशिक्षण देने के लिए विभिन्न संस्थाओं का निर्माण किया गया हैl भारत में सेना के अधिकारियों के प्रमुख प्रशिक्षण स्थल का नाम “भारतीय सैन्य अकादमी” (Indian Military Acedamy) हैl हिमालय की गोद में उत्तराखंड के देहरादून शहर में लगभग 1400 एकड़ में स्थित इस संस्थान से हर वर्ष देश के बेहतरीन अफसर प्रशिक्षण प्राप्त करके उत्तीर्ण होते हैंl इस लेख में हम “भारतीय सैन्य अकादमी” से जुड़े 11 ऐसे तथ्यों का विवरण दे रहे हैं जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगेl

    Mar 6, 2017
  • उत्तर भारत का मैदान

    उत्तर भारत के मैदान का निर्माण मुख्यतः गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा सिंधु नदी द्वारा लाये गए अवसादों के निक्षेपण से हुआ है| उत्तर भारत के मैदान को उत्तर से दक्षिण क्रमशः भाबर, तराई व जलोढ़ मैदानों में बांटा जाता है| जलोढ़ अवसादों की आयु के आधार पर जलोढ़ मैदान को पुनः बांगर व खादर नाम के उप-भागों में बांटा जाता है|

    Mar 6, 2017
  • भारत के पूर्वी तट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों की सूची

    भारत का मुख्या भूमि के साथ ही द्वीपों के साथ पश्चिम और पूर्वी क्ष्तेरो में फैला लगभग 7517 कि.मी. का लंबा तट है तथा यह देश के व्यापार का महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैl समुद्री परिवहन के माध्यम से मात्र के अनुसार देश का लगभग 95 प्रतिशत  तथा मूल्यों के अनुसार 68 प्रतिशत व्यापार किया जाता हैl प्रमुख बंदरगाहों को मुख्य बंदरगाह ट्रस्ट अधिनियम, 1963 के तहत केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जबकि मध्यम और छोटे बंदरगाह (समवर्ती सूची का हिस्सा) संबंधित राज्यों द्वारा प्रबंधित और प्रशासित किया जाता है।

    Aug 17, 2017
  • मौर्य साम्राज्य: प्रशासन

    शाही राजधानी पाटलिपुत्र के साथ मौर्य साम्राज्य चार प्रांतों में विभाजित था। अशोक के शिलालेखों से प्राप्त चार प्रांतीय राजधानियों के नाम, तोसली (पूर्व में), उज्जैन (पश्चिम में), स्वर्णागिरी (दक्षिण में) और तक्षशिला (उत्तर में) थे। संरचना के केंद्र में कानून बनाने की शक्ति राजा के पास होती थी। जब वर्णों और आश्रमों पर आधारित सामाजिक व्यवस्था (जीवन चक्र) समाप्त होती थी तो तब कौटिल्य राजा को धर्म का प्रचार करने की सलाह देता था।

    Mar 6, 2017
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