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UPSC सामान्य ज्ञान

  • एक राष्ट्रीय पार्टी को चुनाव आयोग क्या-क्या सुविधाएँ देता है?

    इस समय देश में 7 राष्ट्रीय पार्टियाँ हैं जिन्हें चुनाव आयोग की तरफ से बहुत सी सुविधाएँ दी जातीं हैं जैसे राष्ट्रीय पार्टी के चुनाव चिन्ह को पूरे देश में किसी अन्य पार्टी के द्वारा प्रयोग नहीं किया जा सकता है, इन दलों को अपने पार्टी कार्यालय स्थापित करने के लिए सरकार से भूमि या भवन प्राप्त होते हैं.

    22 hrs ago
  • एंग्लो इंडियन कौन होते हैं और उनके पास संसद में क्या अधिकार होते हैं?

    संविधान के अनुच्छेद 366 (2) के तहत एंग्लो इंडियन ऐसे किसी व्यक्ति को माना जाता है जो भारत में रहता हो और जिसका पिता या कोई पुरुष पूर्वज यूरोपियन वंश के हों. यह शब्द मुख्य रूप से ब्रिटिश लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो कि भारत में काम कर रहे हों और भारतीय मूल के हों. भारत का राष्ट्रपति इस समुदाय के दो लोगों को चुनकर लोकसभा में भेज सकता है.

    1 day ago
  • पुलिस कस्टडी और ज्यूडिशियल कस्टडी में क्या अंतर होता है?

    पुलिस कस्टडी और ज्यूडिशियल कस्टडी दोनों शब्द एक जैसे ही लगते हैं लेकिन बारीकी से अध्ययन करने के बाद इन दोनों शब्दों में अंतर साफ साफ दिखता है. पुलिस कस्टडी तथा ज्यूडिशियल कस्टडी दोनों में संदिग्ध व्यक्ति को कानून की हिरासत में रखा जाता है. इन दोनों का एक ही उद्येश्य है समाज में अपराध को कम करना. आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि इन दोनों शब्दों में क्या अंतर है.

    1 day ago
  • लोकसभा में सभी एंग्लो-इंडियन सांसदों की सूची

    एंग्लो-इंडियन शब्द को भारत सरकार अधिनियम, 1935 में परिभाषित किया गया था. संविधान के अनुच्छेद 366 (2) के तहत एंग्लो इंडियन ऐसे किसी व्यक्ति को माना जाता है जो भारत में रहता हो और जिसका पिता या कोई पुरुष पूर्वज यूरोपियन वंश के हों. यह शब्द मुख्य रूप से ब्रिटिश लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो कि भारत में काम कर रहे हों और भारतीय मूल के हों.

    1 day ago
  • भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए राज्यवार खर्च की सीमा

    चुनाव में धन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने बड़े राज्यों में लोक सभा चुनावों में खर्च की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपये और छोटे राज्यों में 54 लाख रुपये कर दी है. विधान सभा में चुनाव के लिए बड़े राज्यों में चुनाव खर्च की अधित्तम सीमा 28 लाख रुपये है. आइये इस लेख में जानते हैं कि किस राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव खर्च की सीमा कितनी है?

    Apr 18, 2019
  • भारतीय लोकसभा पर आधारित 22 विस्तृत प्रश्न

    लोकसभा वयस्क मताधिकार के तहत लोगों द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से चुने गए प्रतिनिधियों से बनती है। संविधान के अनुसार लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 552 हो सकती है, जिनमें से 530 सदस्य राज्यों से चुने जा सकते हैं, जबकि 20 सदस्य केन्द्रशासित प्रदेशों से चुने जा सकते हैंl इसके अलावा राष्ट्रपति आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के अधिकतम दो लोगों को सदस्य के रूप में मनोनीत कर सकते हैंl

    Apr 18, 2019
  • यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई): परिभाषा, विशेषताएं, लाभ और हानि

    यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) एक देश के लोगों को एक मुश्त फिक्स धनराशि देने की योजना है. इसमें लाभार्थियों का चयन करने के लिए उनकी आय, रोजगार की स्थिति, भौगोलिक स्थिति इत्यादि का आकलन नहीं किया जायेगा. यूबीआई का उद्देश्य देश में गरीबी को कम करना और नागरिकों में आर्थिक समानता बढ़ाना है. UBI को शुरू करने का विचार वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के आर्थिक सर्वेक्षण में रखा था.

    Apr 16, 2019
  • जानें आर्टिकल 370 के हटने से जम्मू और कश्मीर में क्या-क्या बदल जायेगा?

    आर्टिकल 370 को 17 नवंबर 1952 से लागू किया गया था. यह आर्टिकल स्पष्ट रूप से कहता है कि रक्षा, विदेशी मामले और संचार के सभी मामलों में पहल भारत सरकार करेगी. आर्टिकल 370 के कारण जम्मू & कश्मीर का अपना संविधान है और इसका प्रशासन इसी के अनुसार चलाया जाता है ना कि भारत के संविधान के अनुसार. यदि आर्टिकल 370 को हटा दिया जाता है तो कश्मीर का प्रशासन भी भारत के संविधान के अनुसार चलेगा.

    Apr 15, 2019
  • भारत की कूटनीति के कारण पाकिस्तान किस तरह के संकटों से गुजर रहा है?

    पुलवामा हमले के बाद के घटना क्रम में भारत ने पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से काफी नुकसान पहुँचाया है. इस समय पाकिस्तान बहुत सी मुश्किलों में फंसता नजर आ रहा है; जैसे देश का विदेशी कर्ज बढ़ रहा है, भारत द्वारा कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के कारण महंगाई बढ़ रही है, इंटरनेशनल लेवल पर देश की इमेज एक आतंकी देश के तौर पर पक्की हो गयी है.

    Apr 15, 2019
  • सन 1952 से अब तक लोकसभा चुनाव में प्रति मतदाता लागत कितनी बढ़ गयी है?

    उम्मीद है कि 17 वीं लोकसभा चुनावों के कारण भारत सरकार के खजाने पर लगभग 6500 करोड़ का खर्चा आएगा. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में यह खर्च लगभग 3870 करोड़ था. ज्ञातव्य है कि पहले लोक सभा चुनावों में, चुनाव आयोग ने कुल 10 करोड़ रुपये खर्च किये थे जो कि प्रति मतदाता के हिसाब से लगभग 60 पैसे थे. अब 2019 में चुनाव आयोग को एक मतदाता के ऊपर 72 रुपये खर्च करने पड़ेंगे.

    Apr 11, 2019
  • जानिये कैसे तय होता है कि लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?

    लोक सभा चैम्बर में 550 सदस्यों के बैठने के लिए सीटें लगायी गयी हैं. सीटों को छह ब्लॉक में बांटा गया है, प्रत्येक ब्लॉक में ग्यारह पंक्तियां हैं. ब्लॉक नंबर 1 जो कि स्पीकर के दायीं ओर है और ब्लॉक नंबर 6 स्पीकर के बाईं ओर है. इन दोनों ब्लॉक्स में 97-97 सीटें हैं. बाकी के सभी 4 ब्लॉक्स में 89-89 सीटें हैं. लोक सभा के प्रत्येक सदस्य और मंत्री को लोक सभा में एक सीट आवंटित की जाती है.

    Apr 11, 2019
  • भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोकसभा सीटों का वितरण

    भारत की संसद के तीन भाग होते हैं. लोकसभा, राज्य सभा और राष्ट्रपति. लोकसभा को भारत की संसद के निचले सदन या “हाउस ऑफ़ पीपल्स” के नाम से भी जाना जाता है. एक लोकसभा सीट का प्रत्येक सदस्य एक एकल भौगोलिक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है. वर्तमान में, भारत में 543 निर्वाचन क्षेत्र हैं, हालांकि अधिकतम सदस्य 552 तक हो सकते हैं.

    Apr 11, 2019
  • T.N. शेषन: भारत में चुनाव सुधार के पितामह

    टी. एन. शेषन को भारत में चुनाव सुधारों के पितामह के रूप में जाना जाता है. उनका जन्म 15 दिसंबर 1932 को पलक्कड़, मद्रास प्रेसिडेंसी, ब्रिटिश भारत (अब केरल, भारत) में हुआ था. तमिलनाडु कैडर के 1955 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी का पूरा नाम तिरुनेलई नारायण अय्यर शेषन था और वह भारत के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त थे.

    Apr 10, 2019
  • मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी): संरचना और उद्देश्य

    केंद्र सरकार द्वारा संशोधित RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के अनुसार 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन किया गया है. मौद्रिक नीति समिति की पहली बैठक 3 अक्टूबर, 2016 को आयोजित की गई थी. यह समिति विभिन्न नीतिगत निर्णय लेती है जैसे रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, एमएसएफ और लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी आदि से सम्बंधित होते हैं.

    Apr 8, 2019
  • सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA) क्या है?

    सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA) की जरूरत उपद्रवग्रस्त पूर्वोत्तर में सेना को कार्यवाही में मदद के लिए 11 सितंबर 1958 को पारित किया गया था. जब 1989 के आस पास जम्मू & कश्मीर में आतंकवाद बढ़ने लगा तो 1990 में इसे वहां भी लागू कर दिया गया था. AFSPA अभी भी देश के इन राज्यों में लागू है. ये राज्य हैं; कश्मीर, मणिपुर, मिजोरम, असम, नागालैंड में भी लागू है.

    Apr 3, 2019