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भारत की FAME II योजना क्या है?

भारत में अप्रैल 2015 में FAME (फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड एंड) इलेक्ट्रिक व्हीकल) नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन (NEMM) के तहत इस योजना को शुरू किया गया था. FAME योजना भारत की द्वितीय चरण पहले चरण की विस्तारित योजना है और इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन को तेजी से अपनाना है. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक आवश्यक चार्जिंग और बुनियादी ढांचे को स्थापित करना है. आइये इस लेख के माध्यम से भारत की FAME और इसकी द्वितीय चरण  योजना, इसका महत्व, विशेषताएं इत्यादि के बारे में अध्ययन करते हैं.
Apr 15, 2019 12:42 IST
FAME II Scheme Government of India

हैवी इंडस्ट्री विभाग ने इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन प्रौद्योगिकी के विनिर्माण को बढ़ावा देने और स्थायी विकास सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल, 2015 को फेम इंडिया योजना-चरण- I को लागू किया था. इसमें कोई संदेह नहीं है कि इससे देश में पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा मिलेग. यह योजना शुरू में 31 अप्रैल, 2017 तक थी, लेकिन इसे 31 मार्च, 2019 तक बढ़ा दिया गया था. यहीं आपको बता दें कि देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग (हाइब्रिड एंड) इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME II) के चरण II को मंजूरी भी दे दी है.

FAME II योजना के बारे में

यह योजना 1 अप्रैल, 2019 से तीन साल की अवधि के लिए लागू की जाएगी. इस योजना का कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है. जैसा कि इस योजना के ऊपर चर्चा की गई है FAME 2 इंडिया का विस्तारित संस्करण जो 1 अप्रैल, 2015 को 895 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लॉन्च किया गया था.

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FAME II योजना: महत्व

योजना का मुख्य उद्देश्य हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया और तिपहिया पर फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग आफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक वेहिकल्स इन इंडिया (फेम इंडिया I) योजना के तहत प्रोत्साहन करना है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर ज़ोर दिया जा सके. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक आवश्यक चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करना. इतना ही नहीं, यह योजना पर्यावरण प्रदूषण और ईंधन की सुरक्षा के मुद्दे को दूर करने में भी मदद करेगी.

चार्जिंग ढांचे के लिए, केंद्र सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और निजी कर्मचारियों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए निवेश करेगा. प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस के लिए एक धीमी चार्जिंग इकाई प्रस्तावित की गई है और 10 इलेक्ट्रिक बसों के लिए एक फास्ट-चार्जिंग स्टेशन है. यह योजना चार्जिंग बुनियादी ढांचे के साथ नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी.

FAME II योजना: सुविधाएँ

- इस योजना का जोर सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण पर है जिसमें साझा परिवहन शामिल है.

- इलेक्ट्रिक बसों के लिए, परिचालन व्यय पर मांग प्रोत्साहन राज्य / शहर परिवहन निगम (एसटीयू) के माध्यम से वितरित किए जाएंगे.

- 3W और 4W खंड प्रोत्साहन मुख्य रूप से सार्वजनिक परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों या उन लोगों के लिए लागू होंगे जो वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए पंजीकृत हैं.

- ई -2 डब्ल्यू सेगमेंट में, निजी वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

- आपको बता दें कि इस योजना के माध्यम से, 10 लाख ई -2 डब्ल्यू, 5 लाख ई -3 डब्ल्यू, 55000 4 डब्ल्यू और 7000 बसों का समर्थन करने की योजना है.

- सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक बसों, तिपहिया वाहनों और चार पहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन की पेशकश की जाएगी.

- स्कीम में प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों के साथ बड़ी मात्रा में लिथियम आयन बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर को भी शामिल किया जाएगा.

तो अब आप जान गए होंगे की FAME II योजना का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना है. यह निर्माताओं को प्रोत्साहन की पेशकश करेगा, जो लिथियम आयन बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर्स सहित इलेक्ट्रिक वाहनों और इसके घटकों को विकसित करने में निवेश करते हैं.

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