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विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन क्या है?

भारत विश्व का पांचवां ऐसा देश है जिसकी ऊर्जा दक्षता सबसे कम है जिसका अर्थ है कि भारत में जीडीपी ऊर्जा की खपत का अनुपात बहुत खराब है। इसलिए, भारत को ऊर्जावान देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए, विकास और ऊर्जा दक्षता पर समझौता किए बिना जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करने के लिए रणनीतिक योजना पर काम करना बेहद जरुरी है। इस लेख में हमने विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन की पहल और दक्षता पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
Feb 27, 2019 17:36 IST
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What is National Mission for Enhanced Energy Efficiency? HN
What is National Mission for Enhanced Energy Efficiency? HN

भारत विश्व का पांचवां ऐसा देश है जिसकी ऊर्जा दक्षता सबसे कम है जिसका अर्थ है कि भारत में जीडीपी ऊर्जा की खपत का अनुपात बहुत खराब है। इसलिए, भारत को ऊर्जावान देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए, विकास और ऊर्जा दक्षता पर समझौता किए बिना जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करने के लिए रणनीतिक योजना पर काम करना बेहद जरुरी है।

ऊर्जा दक्षता किसे कहते हैं?

ऊर्जा दक्षता लक्ष्य रोजमर्रा के जीवन में और कल-कारखानों में लगने वाली ऊर्जा को कम करने के साथ ही उर्जा के सही उपयोग का एक उद्देश्य है। इसमें उर्जा का उपयोग इस प्रकार किया जाता है जिससे ऊर्जा व्यर्थ न जाए तथा पृथ्वी का तापमान अधिक न हो। इसके परिणामस्वरुप वातावरण का तापमान भी नहीं बढ़ेगा और ऊर्जा का सही उपयोग निर्धारित होगा।

विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन क्या है?

विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन (NMEEE), राष्ट्रीय कार्य योजना जलवायु परिवर्तन पर (NAPCC) के तहत आठ मिशनों में से एक है। इस मिशन के द्वारा अनुकूल नियामक और नीतिगत व्यवस्था के माध्यम से ऊर्जा दक्षता के लिए बाजार को मजबूत करना है और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र के लिए नवीन और स्थायी व्यापार मॉडल को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है।

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विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन के तहत पहल (योजनाएं)

NMEEE

विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन (NMEEE) में ऊर्जा गहन उद्योगों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए चार पहल शामिल हैं, जिस पर नीचे चर्चा की गयी है:

1. प्रदर्शन और व्यापार योजना (पीएटी): इस पहल के तहत नियामक साधन ऊर्जा गहन उद्योगों में विशिष्ट ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए, एक संबद्ध बाजार आधारित तंत्र को विकसित किया जायेगा ताकि प्रमाणीकरण के माध्यम से लागत प्रभावशीलता बढ़ाया जा सके।

2. ऊर्जा दक्षता (MTEE): इस पहल के तहत बाजार परिवर्तन, उत्पादों को और अधिक किफायती बनाने के लिए अभिनव उपायों के माध्यम से नामित क्षेत्रों में ऊर्जा कुशल उपकरणों को विकसित की जाएगी।

3. ऊर्जा दक्षता वित्तपोषण मंच (EEFP): इस पहल के तहत भविष्य की ऊर्जा बचत पर कब्जा करने से सभी क्षेत्रों में वित्त मांग पक्ष प्रबंधन कार्यक्रम में मदद मिलेगी।

4. ऊर्जा कुशल आर्थिक विकास (FEEED): इस पहल के तहत भारत सरकार वित्तीय साधनों के विकास के लिए फ्रेमवर्क ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना चाहता है।

इसलिए, हम कह सकते हैं कि विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन एक बाजार आधारित दृष्टिकोण है जो भारत के ऊर्जा दक्षता के अवसरों को अनलॉक करने में मददगार साबित होगा। यह अनुकूलन और शमन से संबंधित जलवायु परिवर्तन पर व्यापक कार्य योजना के तहत आठ मिशनों में से एक है। यह जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती को पूरा करने में भारत सरकार की शक्तिशाली पहल है।

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