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सेक्शन 80 C: इनकम टैक्स बचाने के 10 तरीके कौन से हैं?

Hemant Singh31-AUG-2018 16:38
Tax deduction under Section-80-C

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत एक वित्त वर्ष में विभिन्न योजनाओं में 1.5 लाख रुपए तक का निवेश करके आयकर बचाने का मौका लोगों के पास होता है. अधिकतर लोग केवल LIC, PPF आदि में ही इनवेस्ट कर टैक्स बचाते हैं लेकिन ऐसे कई और विकल्प हैं जहाँ पर निवेश करके सेक्शेन 80C के तहत कर बचाया जा सकता है. इस लेख में हम ऐसे हे कुछ निवेश विकल्पों के बारे में जानेंगे.
1. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में वह रुपया जमा किया जाता है जो कि हर कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा हर महीने काट लिया जाता है. EPF में 1.5 लाख तक की राशि पर आयकर में छूट का दावा किया जा सकता है. वित्त वर्ष 2017-18 के लिए EPF में जमा राशि पर 8% का ब्याज दिया जायेगा.

2.  सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) में निवेश
पीपीएफ खाते में जमा की गई जमाराशि धारा 80C के तहत कर कटौती के लिए पात्र हैं. PPF में एकाउंट खोलने के लिए मिनिमम 500 रुपये से खाता खोला जा सकता है जबकि एक पूरे वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करके कर छूट का दावा किया जा सकता है. पीपीएफ में जमा राशि पर हर साल ब्याज मिलता है जिसे वित्त मंत्रालय द्वारा निर्धारित किया जाता है. वित्त वर्ष 2017-18 के लिए ब्याज दर 7.8% है. PPF का 15 साल का कार्यकाल होता है, जिसके बाद निकासी कर-मुक्त है. PPF में जमा राशि पर लोन भी लिया जा सकता है.

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3. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश
सावधि जमा में जमा की गई राशि अगर 5 वर्ष के लिए आयकर स्कीम में बैंक में रखी जाती है तो वह राशि धारा 80C के तहत कर में छूट के लिए पात्र है. इसमें 1.5 लाख रुपये तक का कर लाभ कमाया जा सकता है. इसमें जमा राशि पर 7-9% का ब्याज मिलता है. हालाँकि इसमें हर बैंक अलग-अलग ब्याज देता है. इसमें एक दिक्कत यह है कि यदि आपने डिपाजिट को परिपक्वता अवधि के बाद निकाला तो ब्याज के रूप में मिली राशि को कर योग्य आय (taxable income) में जोड़ दिया जाता है.

4. राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC)
NSC जिस वित्तीय वर्ष में खरीदे जाते हैं उसी वर्ष कर बचाने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं. धारा 80c के तहत करों को बचाने के लिए एनएससी में 1.5 लाख तक का निवेश किया जा सकता है. NSC को रजिस्टर्ड डाकघरों से खरीदा जा सकता है लेकिन इनकी परिपक्वता अवधि 5 वर्ष की होती है. इसमें ब्याज सालाना मिलता है लेकिन इस ब्याज पर टैक्स लगता है. NSC पर वित्त वर्ष 2016-17 के लिए मौजूदा ब्याज दर 8.1% है.

5. यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं में निवेश (ULIP)
यूलिप, बीमा और निवेश का मिश्रण होता है. ULIP में निवेशित राशि का एक हिस्सा बीमा प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और शेष राशि स्टॉक मार्केट में निवेश की जाती है. ULIP में 1.5 लाख रुपये तक का निवेश धारा 80C के तहत आयकर बचाने के लिए पात्र हैं. ULIP गारंटीकृत रिटर्न नहीं देते क्योंकि वे इक्विटी मार्केट-लिंक किए गए उत्पाद हैं. ULIP का नुकसान ये है कि वे स्पष्ट रूप से नहीं बताते हैं कि निवेश कहाँ किया गया है और कमीशन और अन्य खर्चों के लिए कितना रुपया काटा गया है.

6. सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना में एक लड़की के जन्म के बाद से 10 साल तक की उम्र तक कभी भी खाता खोला जा सकता है. इसमें हर साल मिनिमम 1000 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. धारा 80 c के तहत इस योजना के माध्यम से 1.5 लाख रुपये तक का इनकम टैक्स मुक्त होता है.सुकन्या समृद्धी योजना पर वित्त वर्ष 2016-17 के लिए ब्याज दर 8.6% निर्धारित की गई है. इस योजना की समाप्ति पर मिलने वाले कुल ब्याज पर टैक्स नही लगता है. यह खाता खुलने की तिथि से 21 वर्ष तक या लड़की की उम्र 18 वर्ष होने तक चलता है.

Sukanya Samrudhi yojna
Image source:हिंदी वर्ल्ड

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7. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) भारत सरकार का उत्पाद है. यह सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है. 60 वर्ष से ज्यादा आयु वाले व्यक्ति इस खाते को खोल सकते हैं. इस योजना के तहत 5 वर्ष के लिए निवेश निकाला नहीं जा सकता है. जमाकर्ता यह जमा और 3 साल के लिए बढ़ा सकता है. इस योजना में जमाकर्ताओं को 8%--9% ब्याज मिलता है. निवेश से प्राप्त ब्याज कर से मुक्त नहीं है.

8. दो बच्चों की ट्यूशन फीस (Tuition Fee of Children)
एक या दो बच्चों की शिक्षा के लिए शिक्षण फीस के रूप में भुगतान राशि आयकर से मुक्त होती है और आप धारा 80C के तहत इसका लाभ ले सकते हैं. यदि बच्चे जुड़वां हैं तो इसका लाभ तीसरे बच्चे को भी मिल सकता है. ध्यान रहे कि केवल भारत में चुकाई गई फीस ही इसके दायरे में आती है.

school fee 80c
Image source:ClearTax
9. इंफ़्रास्ट्रक्चर बांड (Infrastructure Bond)
इंफ़्रास्ट्रक्चर बांड इन्फ्रा बांड के नाम से लोकप्रिय हैं. यह इंफ़्रास्ट्रक्चर कम्पनियों द्वारा जारी किये जाते हैं, इसे सरकार जारी नहीं करती है. इसमें सेक्शन 80 C में 1 लाख रुपये तक की छूट इनकम टैक्स में मिलती है जबकि सेक्शन 80 CCCF में 20,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिल जाती है.

10. होम लोन अदायगी (Home Loan Payment)
आप होम लोन की मूलधन चुकौती धारा 80C के तहत छूट के लिए पात्र है. यदि आपने एक नया घर खरीदा है और उस के लिए आवास ऋण लिया है, तो आप धारा 80C में उसका लाभ ले सकते हैं. यहाँ पर ध्यान देने वाली बात है कि आवास ऋण की सामान मासिक किश्त (EMI)में दो घटक होते हैं – “मूलधन” और “ब्याज”. आपको केवल मूलधन वाले हिस्से की राशि की ही धारा 80C के तहत छूट मिलेगी. ब्याज वाला हिस्सा भी आयकर की छूट के लिए पात्र है पर 80C के तहत नहीं, वह है धारा 24 के तहत.

home loan 80 c
Image source:India Today
इस प्रकार ऊपर दिये गए 10 तरीकों से आप इनकम टैक्स बचा सकते हैं. यहाँ पर यह बात ध्यान रखना जरूरी है सरकार इन सभी माध्यमों में धन का निवेश करने पर इसलिए छूट देती है ताकि लोगों में बचत और निवेश की प्रवत्ति को बढ़ावा दिया जा सके. इस प्रकार के निवेश से लोगों की रिस्क को कम किया जा सकता है और साथ ही अर्थव्यवस्था में मुद्रा का प्रवाह बढेगा जो कि जरूरी क्षेत्रों में वित्तीय कमी को पूरा करने में सहायक होगा.

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