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विश्व नागरिक दिवस

नवंबर महीने का चौथा दिन विश्व नागरिक दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस अवधारणा के पीछे यह अनुमान लगाया जाता है कि पृथ्वी की प्रक्षेप गति सूर्य को वर्ष में दो बार पृथ्वी का चक्कर लगाने के लिए  सक्षम बनाती हैं. सूरज क्षितिज से अर्द्ध गोले की तरह दिखता है. लेकिन पृथ्वी का आधा भाग प्रकाशमय और आधा भाग अंधकारमय दिखता है. और इसी कारण से बर्ष का आधा भाग बसंत और आधा भाग शरद ऋतू के रूप में परिभाषित किया जाता है. इस ब्रह्मांडीय समानता नें ही मानव जीवन के अनुरूप भविष्यवाणी की थी. इसकी गड़ना कई रूपों में की जाती है. जैसी नागरिको के अधिकारों और उनके कर्तव्यों की समानता के सन्दर्भ में.

बहुत से ऐसे नागरिक हैं जोकि कुछ दिवसों को विश्व नागरिक दिवस या विश्व एकता दिवस के रूप में मनाये जाने की सिफारिश करते हैं. यह दिवस ऐसा दिवस है जबकि लोगो की असमानता के खिलाफ कार्यवाही की जाती है. साथ ही इस ग्रह पर किये जाने वाले सभी असमान कार्य या जिम्मेदारी से परे किये जाने वाले कार्य या अन्य अमानवीय कार्यों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की सिफारिश करते हैं. विश्व नागरिक दिवस का मुख्य उद्देश्य यह है कि इस दुनिया में सभी इंसान एक दुसरे से जुड़े हुए हैं और किसी भी इन्सान के द्वारा लिए गए निर्णय किसी अन्य के ऊपर नकारात्मक और सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. अतः इस दिवस को अति सहयोग दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए. साथ ही लोगो में आपसी मन-मुटाव न रहे इस सन्दर्भ में भी कार्य किया जाना चाहिए.

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वर्ष 1975 में, मुन्दालिस्ट नामक संगठन नें सैन फ्रांसिस्को में कांग्रेस में एक सभा का प्रदर्शन किया जोकि  विश्व नागरिक संघ (आंगनवाडी) द्वारा आमंत्रित किया गया था. वर्ष 2000 में विश्व नागरिक दिवस नें एक संकल्प पारित किया और विश्व नागरिक दिवस को मनारे जाने की घोषणा की. वर्ष 2002 में, विश्व नागरिक के कनाडाई केंद्र द्वारा मिसिसॉगा में इस उत्सव को मनाने के लिए एक समाचार पत्रिका नंबर 11 का शुभारंभ किया. वर्ष 2005 में, गेरहार्ड हर्स्में नें मैगडेबर्ग में एक सभा के लिए विश्व नागरिकों को आमंत्रित किया.

विश्व नागरिक दिवस के दौरान प्रदर्शन क्रियाएँ

इस दिन को अच्छी बातें और अच्छे कर्म की नई शुरुआत के रूप में मनाया जाता है, साथ ही यह विश्वास किया जाता है की दुनिया के सभी नागरिक मानव संबंधों की बेहतरी के साथ एक दुसरे के नजदीक आते हैं. इस दिन को एक प्राकृतिक दिन के रूप में माना जाता है जोकि दबाव में नहीं बल्कि स्वयं ही उत्पन्न होता है. जो. इसमें किसी भी प्रकार की कोई कृत्रिमता शामिल नहीं होती है.

इसमें ऐसा विश्वास किया जाता है कि हमेशा बीमारी के बाद अच्छे स्वास्थ्य की वापसी होती है, साथ ही घृणा के बाद प्यार और समझ की वापसी होती है. इसके अलावा और भी कई सन्दर्भों में ऐसा विश्वास किया जाता है. इस दिन ऐसा माना जाता है कि पौधों की देखभाल किया जाना चाहिए ताकि वे अपने फूलो का ख्याल रख सकें और हर कदम में उनका नेतृत्व कर सकें..

इस दिवस को विभिन्न सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है जिनका मूल उद्देश्य यह होता हैं कि यह दिवस बिना हिंसा और विनाश के दिवस के मूल उद्देश्यों को पूरा करे. विश्व नागरिकता दिवस यह विश्वास रखता हैं कि इस ग्रह पर जो कुछ भी होता हैं या एक व्यक्ति के कार्यों का संपादन दूसरे व्यक्ति पर प्रभाव डालता है.

विश्व नागरिक दिवस के प्रतीक

इस दिवस की उपस्थिति पादरी हेमीज़ त्रिस्मेगिस्तुस, जोकि मूसा के समय से मिस्र में रहता है, के समय से माना जाता है.  पुजारी हेमीज़ त्रिस्मेगिस्तुस नें मूसा को हमेशा यह पाठ पढ़ाया कि मनुष्य का जीवन हमेशा प्रकाशमय होता है और वह सदा बना रहता है. पादरी हेमीज़ त्रिस्मेगिस्तुस ओरफुस का शिक्षक भी था. उसने ओरफुस को विश्व के नियमों के बारे में भी बताया था. साथ ही प्लेटो और पाईथागोरस के बारे में भी उसे बताया था. हेमीज़ के समय से ही वर्तमान समय तक ओरिया सफ़, गोल्डन चेन जोकि बुद्धिमान व्यक्तियों की एक अटूट श्रृंखला का एक प्रतीक है. यह चेन स्वर्ग और पृथ्वी के बीच संबंधों की श्रृंखला का प्रतीक भी है.

चित्रित रूप में 1488ईस्वी में  इस ओरिया सफ़ चेन को इटली के सिएना कैथेड्रल में संगमरमर पर व्यक्त किया गया है. इस संगमरमर पर दो छवियों को दर्शाया गया है जिसमें से एक पूर्व और दूसरा पश्चिम से सम्बंधित है. ये सभी हेमीज़ से निर्देश प्राप्त करने के सन्दर्भ में आये हैं. यह चित्र यह बताता है की ज्ञान और बुद्धि किसी भी दिशा से आ सकता है चाहे वह पूर्व हो या पश्चिम, से और विश्व नागरिकता के प्रतीक के रूप में परिलक्षित होते हैं.

 

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