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बिहार के राज्यपाल एवं राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के बारे में 10 तथ्य

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से भारत के 14वें राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में बिहार के वर्तमान राज्यपाल, कानूनविद एवं दलित नेता रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा की गई है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 19 जून 2017 को एक प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा की थी. इस लेख में हम रामनाथ कोविंद के 10 ऐसे तथ्यों का विवरण दे रहे हैं जिसके बारे में आप शायद ही जानते होंगे.

रामनाथ कोविंद के बारे में 10 तथ्य

 
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1. 70 वर्षीय रामनाथ कोविंद कानपुर के एक दलित नेता हैं. उनका जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर देहात जिले के परौंख नामक ग्राम में हुआ था. वे 1998 से 2002 तक भाजपा दलित मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे हैं. वह अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष और आईआईएम-कलकत्ता में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधि भी रहे हैं.

2. उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से कानून और वाणिज्य दोनों विषयों में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.

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3. कानपुर कॉलेज से स्नातक होने के बाद, कोविंद भारतीय प्रशासनिक सेवाओं (IAS) प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के लिए दिल्ली चले गए. वह अपने पहले दो प्रयासों में सिविल सेवा की परीक्षा पास करने में विफल रहे. अंततः अपने तीसरे प्रयास में वह सिविल सेवा की परीक्षा पास करने में सफल रहे. हालांकि, वे संबद्ध सेवाओं (allied services) के लिए चुने गए थे अतः उन्होंने सिविल सेवा ज्वाइन नहीं की और वकील के रूप में काम करने लगे.

4. रामनाथ कोविंद पेशे से सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं. वह 1977 से 1979 तक दिल्ली उच्च न्यायालय में केन्द्र सरकार के वकील और सर्वोच्च न्यायालय में 1980 से 1993 तक केन्द्र सरकार के स्थायी परामर्शदाता थे। वे 1978 में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट-ऑन-रिकार्ड बने. उन्होंने 1977 से 1993 तक लगभग 16 वर्षों तक दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में काम किया. उन्हें दिल्ली बार कौंसिल में 1971 में वकील के रूप में नामांकित किया गया था.
 
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5. रामनाथ कोविंद 1994-2000 और 2000-2006 तक उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं. उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है और अक्टूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था.

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6. 1977 में भाजपा में शामिल होने से पहले रामनाथ कोविंद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव के रूप में भी काम किया था.

7. रामनाथ कोविंद ने लखनऊ में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और कोलकाता में स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान में बोर्ड सदस्य के रूप में भी कार्य किया है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में भी काम किया है.
 
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8. रामनाथ कोविंद ने कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों के सदस्य के रूप में काम किया है, जिनमें अनुसूचित जातियों/जनजातियों के कल्याण संबंधी संसदीय समिति, गृह मामलों की संसदीय समिति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस पर संसदीय समिति, सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी संसदीय समिति, विधि और न्याय संबंधी संसदीय समिति शामिल हैं. उन्होंने राज्यसभा की आवास समिति के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है.

9. 8 अगस्त 2015 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने रामनाथ कोविंद को बिहार के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया था. वर्तमान में भी वे इस पद पर कार्यरत है.

10. रामनाथ कोविंद ने अपने गांव परौंख में स्थित पैतृक घर को गांववालों के लिए बारातघर या सामुदायिक भवन के रूप में दान कर दिया है.

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