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रामनवमी के अवसर पर जानें भगवान राम से जुड़े 11 अनजाने तथ्य

रामनवमी का त्यौहार हिन्दू कैलेंडर के पहले महीने “चैत्र” के शुक्ल पक्ष की 9वीं तिथि को मनाया जाता हैl यह त्यौहार “भगवान राम” के जन्म से जुड़ा हुआ हैl ऐसा माना जाता है कि “रामनवमी” के दिन ही भगवान राम का जन्म हुआ थाl भगवान राम अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र थेl भगवान राम के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं एवं प्रसंगो का वर्णन रामायण में किया गया है, जिसे हिन्दुओं में सबसे पवित्र महाकाव्यों में से एक माना जाता है। रामायण की रचना सर्वप्रथम महर्षि वाल्मीकि ने की थीl उसके बाद से विभिन्न व्यक्तियों ने विभिन्न भाषाओं में रामायण की रचना की है जिसमें तुलसीदास कृत “रामचरितमानसराम” सबसे प्रसिद्ध हैl रामनवमी के अवसर पर इस लेख में हम भगवान राम से जुड़े 11 ऐसे अनजाने तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिसके बारे में आप शायद ही जानते होंगेl

1. भगवान विष्णु के सातवें अवतार
 
भगवान राम को भगवान विष्णु के 10 अवतारों में 7वां अवतार माना जाता हैl भगवान राम से पहले भगवान विष्णु ने मत्स्य (मछली), कूर्म (कछुआ), वराह (सूअर), नृसिंह (मनुष्य एवं सिंह), वामन (बौना) और परशुराम के रूप में जबकि बाद में कृष्ण, बुद्ध और कल्कि (अवतार होना बाकी) के रूप में अवतार लिया थाl

2. सबसे पुराने मानवीय देवता
भगवान राम को मानव रूप में पूजे जाने वाले सबसे पुराने देवता के रूप में जाना जाता है, क्योंकि भगवान राम का जन्म त्रेता युग में हुआ था और ऐसा माना जाता है कि त्रेता युग की समाप्ति आज से 1,296,000 साल पहले हो चुका हैl त्रेता युग में भगवान विष्णु ने भगवान राम के अलावा वामन और परशुराम के रूप में भी अवतार लिया थाl

3. भगवान राम भगवान सूर्य के वंशज
 
Image source: Barmera Rathore
भगवान राम का जन्म “इक्ष्वाकु” वंश में हुआ था जिसकी स्थापना भगवान सूर्य के पुत्र “राजा इक्ष्वाकु” ने की थीl इसी कारण भगवान राम को “सूर्यवंशी” भी कहा जाता हैl

4. भगवान विष्णु का 394वां नाम “राम”
विष्णु सहस्रनाम नामक पुस्तक में भगवान विष्णु के एक हजार नामों की सूची दी गई हैl इस सूची के अनुसार,  “राम” भगवान विष्णु का 394वां नाम हैl

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5. भगवान राम का नामकरण
 
Image source: www.anjaneyamath.org
भगवान राम का नामकरण रघुवंशियों के गुरू महर्षि वशिष्ठ ने किया थाl वशिष्ठ के अनुसार “राम” शब्द दो बीजाक्षरों “अग्नि बीज” और “अमृत बीज” से मिलकर बना हैl ये अक्षर दिमाग, शरीर और आत्मा को शक्ति प्रदान करते हैं।

6. राम नाम का तीन बार उच्चारण हजारों देवताओं को स्मरण करने के समान
महाभारत में वर्णित है कि एक बार भगवान शिव ने कहा था कि राम का नाम तीन बार उच्चारण करने से हजार देवताओं के नामों का उच्चारण करने के बराबर फल की प्राप्ति होती हैl आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भगवान शिव भी ध्यानावस्था में भगवान राम के नाम का ही उच्चारण करते हैंl

7. भगवान राम को युद्ध में पराजित करने वाला
 
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भगवान हनुमान ने काशी के राजा “ययाति” की रक्षा के लिए भगवान राम से युद्ध किया थाl ऋषि विक्रमादित्य के आदेश पर भगवान राम काशी के राजा को मारने के लिए आए थेl भगवान हनुमान ने काशी राजा की सहायता करने के लिए युद्ध में भगवान राम का नाम जपना शुरू कर दिया थाl इस वजह से भगवान राम के तीरों का हनुमान पर कोई असर नहीं हुआ था और भगवान राम को अपनी हार माननी पड़ी थीl

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8. राम सेतु का निर्माण एवं लम्बाई
राम सेतु का निर्माण वानर सेना द्वारा किया गया था, जो तमिलनाडु के रामेश्वरम से शुरू होकर श्रीलंका के मन्नार तक बनाया गया थाl इस पुल के मुख्य शिल्पी “नल” और “नील” थेl इस पुल की लंबाई लगभग 30 किलोमीटर थी और इसे बनाने में 6 दिन का समय लगा थाl

9. भगवान राम का अपहरण

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रावण के भाई अहिरावण ने भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण किया था और महामाया देवी को बलि देने के लिए उन्हें पाताल लोक में ले गया थाl लेकिन भगवान हनुमान ने अहिरावण को मारकर भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त कराया थाl

10. भगवन राम का राज्यकाल

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भगवान राम ने ग्यारह हजार वर्षों तक अयोध्या राज्य पर शासन किया थाl इस स्वर्णिम काल को “राम राज्य” के रूप में जाना जाता हैl

11.  भगवान राम द्वारा समाधि लेना
 
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ऐसा माना जाता है कि जब सीता ने पृथ्वी के अन्दर समाहित होकर अपने शरीर का परित्याग कर दिया तो उसके बाद राम ने सरयू नदी में जल समाधि लेकर पृथ्वीलोक का परित्याग किया था|
भगवान राम ने सभी के लिए जीवन जीने हेतु सही रास्ते का आदर्श प्रस्तुत किया हैl रामनवमी उन्हीं सब बातों को याद करने का और अपनी ज़िन्दगी में अपनाने का दिन हैl अतः इस रामनवमी हम सभी भगवान राम के महान आदर्श को अपनी जिन्दगी में अपनाएं और उनके आशीर्वाद से अपना जीवन सफल बनाएंl

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