Next

क्या बैंकों ने नकद निकासी और जमा करने के लिए शुल्क बढ़ाया है?

जैसा की हम जानते हैं कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में और नवंबर के शुरू में कई न्यूज़ या रिपोर्ट्स में बैंक के नकद निकासी और जमा करने के लिए शुल्क लगाए जाने की बात सामने आ रही थी.  

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह और नवंबर 2020 की शुरुआत में कई रिपोर्टें आईं कि कुछ बैंकों में ग्राहकों को अब अपने खातों से पैसे जमा करने और निकालने के लिए शुल्क देना होगा और ये सेविंग बैंक अकाउंट पर लगाया जाएगा.

एटीएम से मौजूदा नकद निकासी नियमों के अनुसार, नकद निकासी महीने में पांच बार मुफ्त की जा सकती है. अगर महीने में पांच बार से ज्यादा कैश निकाला जाता है तो छठे निकासी पर 20 रुपये का शुल्क देना होता है.

लेकिन कई रिपोर्टों में ऐसा बताया जा रहा था कि एटीएम से 5000 रुपये से अधिक निकालने पर 24 रुपये अतिरिक्त लग सकते हैं. साथ ही कई बैंक जमा और निकासी शुल्क लगाने वाले हैं लेकिन ऑफिशियली सिर्फ बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी वेबसाइट पर नोटिफाई किया था कि वो 1 नवंबर 2020 से जमा और निकासी शुल्क के लिए नियम लाने वाले हैं.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम क्या है और इसके क्या फायदे हैं?

आइये बैंक ऑफ बड़ौदा के जमा और निकासी शुल्क नियम के बारे में जानते हैं.

- बचत खाते यानी सेविंग अकाउंट में एक महीने में 3 बार जमा और 3 बार निकासी मुफ्त में कर सकते हैं. लेकिन अगर उसके बाद लेन-देन पर कुछ शुल्क देना होगा.

जमा करने के लिए:
1. मेट्रो शहरी क्षेत्रों में जिनका बचत बैंक (SB) खाता है और अगर वो 3 बार से ज्यादा बार पैसा जमा करते हैं तो उनको 50 रुपये का जमा शुल्क देना होगा.

2. अगर ग्रामीण / अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनरों और SB ग्राहकों के लिए 40 रुपये प्रति जमा शुल्क देना होगा.
निकासी के लिए

 प्रति माह 3 बार मुफ्त लेनदेन होगा मगर उसके बाद-

1. मेट्रो शहरी क्षेत्रों में SB ग्राहकों के लिए 125 रुपये प्रति निकासी शुल्क देना होगा.

2. ग्रामीण या अर्ध शहरी क्षेत्रों में स्थित वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनभोगियों और SB खाता ग्राहकों के लिए 100 रुपये प्रति निकासी शुल्क देना होगा.

- CC/OD और चालू खाता (CA) धारकों को प्रति दिन 1 लाख रुपये से अधिक जमा करने पर न्यूनतम 50 रुपये का शुल्क देना होगा.
- प्रति दिन प्रति खाता अगर 1,00,000 रुपये जमा कराता है तो Rs 1 per thousand लगेगा.
- न्यूनतम 50 रुपये अधिकतम 20,000 रुपये तक हो सकता है.

कई अन्य बैंकों में भी चर्चा चल रही थी कि वो भी इस प्रकार के नियम जल्द ही ला सकते हैं लेकिन 1 नवंबर को इन बैंकों ने इस प्रकार की कोई घोषणा नहीं की. ICICI बैंक ने कहा कि वो 1 नवंबर से कुछ चार्ज लगाएंगे वो इस प्रकार हैं:

- 1 नवंबर से ICICI बैंक गैर-व्यावसायिक घंटों (hours) और बैंक की छुट्टियों के दौरान एटीएम में नकद जमा करने वाले ग्राहकों पर सुविधा शुल्क के रूप में 50 रुपये का शुल्क लगाएगा.

- बैंक छुट्टियों पर और हर दिन शाम 6 बजे से सुभह 8 बजे के बीच किए गए इस तरह के लेनदेन के लिए ग्राहकों से शुल्क लिया जाएगा.

सबसे ज्यादा इससे असुविधा किसको हो सकती है?

छोटे व्यापारी और दुकानदारों को इससे सबसे ज्यादा असुविधा हो सकती है. वे आमतौर पर नकद मशीनों में 'बैंक वर्किंग आवर्स' के बाद नकद जमा करते हैं.

क्रोनी कैपिटलिज्म: अर्थ और उदाहरण

बैंकों द्वारा लगाए गए सेवा शुल्क के संबंध में कुछ तथ्यात्मक स्थिति के बारे में जानते हैं

कई मीडिया रिपोर्टों में कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) द्वारा सेवा शुल्क में काफी  वृद्धि का उल्लेख किया गया है. इस संदर्भ में कुछ तथ्यात्मक स्थिति वित्त मत्रांलय के अनुसार इस प्रकार है:

- जन धन खातों सहित बुनियादी बचत बैंक जमा (BSBD) खाते – भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित मुफ्त सेवाओं के लिए समाज के गरीब और बैंकों से अछूते रहे तबकों द्वारा खोले गए 41.13 करोड़ जन धन खातों सहित 60.04 करोड़ बुनियादी बचत बैंक जमा (BSBD) खातों पर कोई सेवा शुल्क लागू नहीं है.

- नियमित बचत खाते, चालू खाते, नकद उधार खाते और ओवरड्राफ्ट खाते के संबंध में, शुल्क तो नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा ने 1 नवंबर, 2020 से प्रति माह मुफ्त नकद जमा और निकासी की संख्या के संबंध में कुछ परिवर्तन किए थे. मुफ्त नकद जमा एवं निकासी की संख्या प्रति माह 5 से घटाकर प्रति माह 3 कर दी गई है, जिसमें इन मुफ्त लेनदेन से अधिक लेनदेन के लिए शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने सूचित किया है कि वर्तमान COVID-19 से जुड़ी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इन परिवर्तनों को वापस लेने का निर्णय लिया है. इसके अलावा, हाल में किसी अन्य PSB ने इस तरह के शुल्क में वृद्धि नहीं की है.

भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार, PSB सहित सभी बैंकों को उचित, पारदर्शी और भेदभावरहित तरीके से अपनी सेवाओं के एवज में इस पर आने वाले लागतों के आधार पर शुल्क लगाने की अनुमति है. लेकिन अन्य PSB ने यह भी सूचित किया है कि COVID-19 महामारी के मद्देनजर निकट भविष्य में बैंक शुल्कों में बढ़ोतरी करने का उनका कोई प्रस्ताव नहीं है.

उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019: अर्थ और प्रमुख विशेषताएं

 

Related Categories

Also Read +
x

Live users reading now