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जानें किन देशों में निवेश करके वहां की नागरिकता हासिल कर सकते हैं?

अपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि यह देश हमारी मातृभूमि है और हम इसे छोड़कर कहीं नही जायेंगे. लेकिन समय के साथ हर चीज बदलती है इसी कारण लोगों की यह शपथ भी बदल गयी है. आज के समय में लोगों को विश्व नागरिक (cosmopolitan)बनने की धुन सवार है. यही कारण है कि आज की तारीख़ में अमेरिका से लेकर सिंगापुर तक क़रीब 23 ऐसे देश हैं जो रुपयों (सरकार को देकर या उस देश में निवेश करके) के बदले में नागरिकता देते हैं.

नागरिकता बाँटने की शुरुआत 1984 में ब्रिटेन से आज़ाद होने के बाद कैरेबियन देश सेंट किट्स ऐंड नेविस ने की थी. एक तय रक़म चुकाने पर आपको सेंट किट्स ऐंड नेविस का पासपोर्ट हासिल हो जाता है. यूरोपीय यूनियन के आधे सदस्य ऐसा कोई न कोई कार्यक्रम चलाकर निवेशकों को अपने यहां पैसे लगाने के लिए लुभाते हैं.

नागरिकता की नीलामी कई देशों के लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित हुई है. जैसे; सेंट किट्स ऐंड नेविस ने इसकी मदद से अपने देश का क़र्ज़ उतारा और तेज़ी से तरक़्क़ी की है.

हर देश के लिहाज़ से नागरिकता की शर्तें भी बदलती हैं. कुछ लोग केवल कुछ समय के लिए नागरिकता देते हैं जबकि कुछ देश परमानेंट नागरिकता भी देते हैं. कुछ देशों में नागरिकता खरीदने वाले देशों को हेल्थकेयर, पढ़ने और जॉब करने की सुविधा भी मिलती है, हालाँकि उन्हें वोट डालने की अनुमति नहीं होती है.

चौकाने वाली बात यह है कि नागरिकता का सौदा गरीब ही नहीं बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर और स्पेन जैसे अमीर देश भी करते हैं और कुछ विदेशी बैंक भी इसके लिए 50 से लेकर 75% रुपया फाइनैंस कर देते हैं.

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आइये अब जानते हैं कि किन देशों में निवेश के बदले नागरिकता को प्राप्त किया जा सकता है;

1.कनाडा: इस देश की नागरिकता पाने के लिए आवेदक को कम से कम 3 वर्ष से देश का निवासी होना चाहिए और 1,200,000 कनाडाई डॉलर का निवेश करना चाहिए. इस देश की नागरिकता पाने वाले लोगों को यहाँ के मतदान में भी हिस्सा लेने का मौका मिलता है यहाँ तक कि लोग मंत्री भी बन सकते हैं.
वर्तमान में भारतीय मूल के हरजीत सिंह सज्जन; कनाडा में राष्ट्रीय रक्षा मंत्री और संसद सदस्य हैं. इसके अलावा नागरिकों को बहुत से देशों में बिना वीजा के यात्रा करने का मौका भी मिल जाता है.

2. अमेरिका: सुरक्षा के लिए सतर्क यह देश किसी देश के राष्ट्रपति के कपड़े भी उतरवा लेता है लेकिन नागरिकता बेचने के मामले में यह देश भी पीछे नहीं है. यदि कोई इस देश की नागरिकता हासिल करना चाहता है तो उसे यहाँ पर कम से कम 3.4 करोड़ रुपयों के निवेश करना होगा साथ ही कम से कम 5 वर्ष से इस देश का निवासी होना भी जरूरी है.

3. ब्रिटेन: एक ऐसा देश जिसके साम्राज्य का सूरज कभी डूबता ही नहीं था वह भी आज अपने देश की नागरिकता को 18 करोड़ रुपयों में बेच रहा है. हालाँकि आवेदक को कम से कम 5 सालों से ब्रिटेन का निवासी होना चाहिए. भारत का भगौड़ा अपराधी विजय माल्या यहाँ शान से रह रहा है.

4. सिंगापुर: दक्षिण-पूर्व एशिया में, निकोबार द्वीप समूह से लगभग 1500 कि॰मी॰ दूर एक छोटा, सुंदर व विकसित देश सिंगापुर पिछले बीस वर्षों से पर्यटन व व्यापार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है. सिंगापुर विश्व की 10वीं तथा एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.
यदि कोई व्यक्ति सिंगापुर की नागरिकता लेना चाहता है तो उसे 12.6 करोड़ रुपयों का निवेश इस देश में करना होगा साथ ही कम से कम 2 वर्षों से इस देश का निवासी होने की शर्त भी पूरी करनी होगी.


5. पुर्तगाल: यूरोप में स्थित यह देश इस महाद्वीप के सबसे प्राचीन देशों में गिना जाता है. इस देश की नागरिकता हासिल करने के लिए आपको कम से कम 2 करोड़ रुपयों का निवेश करना होगा और आवेदन करने से पहले कम से कम 6 साल से इस देश में रहते हुए गुजरना जरूरी होता है. वर्ष 2012 में शुरू हुई इस स्कीशम के तहत नागरिकता मिलने के बाद हर साल कम से कम 7 दिन आपको देश में गुजारने होंगे.

6. ग्रीस: यूनान या ग्रीस यूरोप महाद्वीप में स्थित देश है. यहां के लोगों को यूनानी कहा जाता है. यहाँ की नागरिकता लेने के लिए कम से कम 2 करोड़ रुपये का निवेश इस देश में करना हे होगा. हालाँकि नागरिकता की शर्त यह है कि प्रार्थी कम से कम 7 साल से इस देश में रहा हो.

7. बुल्गारिया: बुल्गारिया; दक्षिण-पूर्व यूरोप में स्थित देश है, जिसकी राजधानी सोफ़िया है. यहां की नागरिकता पाने के लिए आपको इस देश में 4 करोड़, 10 लाख रुपए का निवेश करना होगा. हालाँकि इस देश में 6 साल गुजारने के बाद ही आप निवेश के आधार पर नागरिकता हासिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

8. फ़्रांस: यह देश विश्व की 6 वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. आश्चर्य की बात है कि इस देश की नागरिकता भी बिकाऊ है. यदि किसी को इस देश की नागरिकता लेनी है तो उसे इस देश में कम से कम 8 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा. इसके साथ ही आवेदन करने से पहले प्रार्थी कम से कम 5 वर्ष फ़्रांस में रह चुका हो. इस देश में निवेश के तहत नागरिकता मिलना 2013 में शुरू हुआ था. इस स्की म के तहत आपको फ्रांसीसी नागरिक को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्राप्त् होंगी.

9. सेंट किट्स ऐंड नेविस: सेंट किट्स और नेविस संघ; वेस्ट इंडीज में लीवार्ड द्वीप पर स्थित एक द्वीपीय संघीय देश है. क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिहाज से यह दक्षिण अमेरिका और उत्तरी अमेरिका का सबसे छोटा संप्रभु राष्ट्र है. देश की राजधानी और सरकार का मुख्यालय सबसे बड़े द्वीप सेंट किट्स पर स्थित बेसेत्री है.
यदि किसी व्यक्ति को इस देश की नागरिकता के लिए अप्लाई करना है तो उसे कम से कम 1.7 करोड़ रुपये वहां पर निवेश करने होंगे लेकिन शर्त यह है कि व्यक्ति कम से कम 4 महीने से इस देश का निवासी हो.

इन मुख्य देशों के अलावा कुछ अन्य देश भी हैं जहाँ पर कुछ करोड़ रुपयों का निवेश करके उस देश की नागरिकता हासिल की जा सकती है. इन देशों के नाम हैं;

1. डोमिनिका

2. सेंट लूसिया

3. ग्रेनेडा

4. एंटी गुआ एंड बारबुडा

5. ऑस्ट्रेलिया

6. ऑस्ट्रिया

7. माल्टा

8. साइप्रस

9. लातविया

10. थाईलैंड   

11. हंगरी

12. न्यूजीलैंड

13. पराग्वे

14. पनामा

15. इक्वेडोर

लोग नागरिकता क्यों खरीदते हैं?
नागरिकता को ख़रीदकर बड़े कारोबारी अपने विकल्प खुले रखना चाहते हैं. ताकि उनके पास कारोबार के नए मौक़े मौजूद रहें ताकि किसी एक देश में उथल-पुथल बढ़ने पर वो दूसरे देश में जाकर बिज़नेस कर सकें. कई देशों के नागरिक होने से उनके पास निवेश के ज़्यादा मौक़े होते हैं. वे कम टैक्स वाले देशों में कारोबार करके लाभ कमा सकते हैं. लोग मानते हैं कि आज की दुनिया घुमंतू होती जा रही है और लोग किसी एक जगह टिककर नहीं रहना चाहते हैं.

नागरिकता देने में जोखिम
अक्सर ऐसा देखा गया है कि जो लोग नागरिकता खरीदते हैं वे अपने मूल देश में किसी ना किसी मामले में अपराधी होते हैं. ऐसे लोग जिस देश के भी नागरिक बनेंगे वहाँ भी अपने पुराने काम करेंगे. नीरव मोदी,  दाउद इब्राहिम, जाकिर नाईक, विजय माल्या, मेहुल चौकसी इत्यादी ऐसे कुछ नाम हैं जो कि भारत के वांछित अपराधियों की श्रेणी में गिने जाते हैं. नागरिकता बेचने के विरोधी ये भी कहते हैं कि ऐसी योजनाएं सिर्फ अमीरों के लिए ही फ़ायदेमंद हैं. इसकी आड़ में कई लोग मनी लॉन्डरिंग या हवाला कारोबार जैसे अपराध भी करते हैं.

सारांश के तौर पर यह कहा जस सकता है कि रुपये लेकर नागरिकता बेचने की प्रथा जहाँ एक तरफ गरीब देशों के लिए आर्थिक सहायता लेकर आती है तो दूसरी तरफ देश की सुरक्षा के लिए खतरा भी बढ़ जाता है. यह तो सर्व विदित है कि एक ईमानदार व्यक्ति कभी भी अपने वतन की मिटटी और अपने देश के लोगों के साथ गद्दारी नहीं करेगा. लेकिन जो व्यक्ति अपने देश का भी सगा नहीं हुआ वो किसी और देश का भला क्या करेगा?  इसलिए सभी देशों को इस बारे में गहन मंथन करके ही आगे कोई कदम उठाना चाहिए.

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