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ड्रग दुरुपयोग और ड्रग व्यसन के बीच क्या अंतर होता है?

 

दैनिक या हर दूसरे दिन हम ड्रग दुरुपयोग (Drug abuse) और ड्रग व्यसन (Drug addiction ) शब्दों के बारे में पढ़ते या सुनते रहते हैं और कई बार लोग इन शब्दों का उपयोग एक-दूसरे के स्थान पर भी कर लेते हैं. लेकिन ड्रग दुरुपयोग और व्यसन शब्द अलग-अलग हैं और इनका अर्थ भी अलग होता है. मूल रूप से देखा जाए तो नशीली दवाओं का दुरुपयोग या ड्रग दुरुपयोग और नशे की लत या व्यसन एक प्रकार की अलग-अलग परिस्थितियां हैं. हम इस तथ्य से इंकार नहीं कर सकते हैं कि दोनों अवधारणाएं एक समान निरंतरता पर एक साथ मौजूद हैं लेकिन नशीली दवाओं के दुरुपयोग और व्यसन के बीच क्या अंतर होता है, आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

हम कह सकते हैं कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग और लत का लगना सहिष्णुता (tolerance) का विचार है. आनंद के लिए एक व्यक्ति ड्रग का उपयोग करना शुरू करता है और अधिक आनंद के लिए वह उच्च खुराक लेता है क्योंकि एक जैसी खुराक के सेवन से आनंद का अनुभव होना कम हो जाता है यानी एक प्रकार की आदत हो जाती है. यह सहिष्णुता के अलावा कुछ भी तो नहीं है.

इसलिए, सहिष्णुता ड्रग की मात्रा और कितनी आवृत्ति के साथ उपयोग की जा रही है पर निर्भर करती है. तो, ड्रग सहिष्णुता मनोवैज्ञानिक और शारीरिक हो सकती है.

सबसे पहले हम ड्रग के दुरुपयोग के बारे में अध्ययन करेंगे?

दुरुपयोग का अर्थ किसी पदार्थ का दुरुपयोग करना ही तो होता है. दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि दुरुपयोग दवा के उपयोग के पैटर्न और उपयोगकर्ता के जीवन पर होने वाली प्रभाव पर केंद्रित है. दूसरे शब्दों में कहे तो उन ड्रग्स  का उपयोग करना जो आपको डॉक्टर द्वारा नहीं निर्धारित की गई हो उसे ड्रग का दुरूपयोग करना कहते हैं. इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि नकारात्मक नतीजों के बावजूद भी नशीली दवाओं का दुरुपयोग हो रहा है. यह एक बढ़ती हुई समस्या है.

ड्रग का दुरुपयोग सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है. लेकिन देखा जाए तो यह युवास्था के लोगों में अधिक आम है. इन ड्रग्स में दर्द निवारक, निषिद्ध, चिंता से मुक्ति करने वाली ड्रग्स और उत्तेजक शामिल हैं. इन ड्रग्स का अधिक समय के लिए सेवन उसकी लत लगा सकता है. इसे कई रूपों में देखा जा सकता है जैसे:

- निर्धारित से कुछ अधिक मात्रा में ड्रग लेना.

- किसी भी नशीले पदार्थ को लेने से स्वयं को नुकसान पहुंचता है.

- उच्च आनंद या खुशी के अनुभव के लिए ड्रग को इंजेक्शन के जरिये से लेना.

- किसी और की ड्रग का उपयोग करना.

- ड्रग के उपयोग के कारण एक व्यक्ति को काम से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

क्या आप जानते हैं कि समय के साथ नशीली दवाओं का दुरुपयोग और व्यसन होते हैं, लेकिन नशीली दवाओं के सेवन के दौरान एक अवधि में उपयोगकर्ता के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? दुनिया में सबसे व्यापक रूप से दुरुपयोग की जाने वाली ड्रग्स हैं कैनाबिस (cannabis), मारिजुआना (marijuana) और हैशिश (hashish) हैं.

ड्रग दुरुपयोग (Drug Abuse)की विशेषताएं

- दवाओं के उपयोग के कारण काम या स्कूल में नकारात्मक रूप से प्रभावित प्रदर्शन देखा जाता है.

- यह संबंधों को प्रभावित करता है.

- ड्रग उपयोग के कारण कानूनी या वित्तीय समस्या हो सकती है.

- इसके अलावा, अक्सर ड्रग दुरुपयोग, लेकिन हमेशा नहीं, नशीली दवाओं की लत का कारण भी बन सकता है.

ड्रग दुरूपयोग (Drug Abuse) के लक्षण

निम्नलिखित लक्षणों से ड्रग दुरूपयोग का संकेत मिलता है:

- आत्महत्या के जोखिम में वृद्धि का होना

- आपराधिक अपराधों को बढ़ाने के जोखिम का बढ़ना

- मानसिक बीमारी का होना

- लंबे समय तक मनोचिकित्सा

- डिप्रेशन और चिंता

- मानसिक विकार

ड्रग दुरूपयोग कोई शारीरिक लक्षण नहीं दिखाता है लेकिन रोगी में मौजूद होता है.

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ड्रग दुरूपयोग (Drug Abuse)के कारण

- जेनेटिक कारक

- पर्यावरणीय कारक

ड्रग का दुरुपयोग करना तीन समूहों में बाटा जा सकता है:

अवसाद (Depressants): ड्रग्स का उपयोग मस्तिष्क के हिस्से में नींद की गोलियां और हेरोइन लेने जैसे अवसाद का कारण बन सकता है.

उत्तेजना (Stimulants): नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मस्तिष्क की उत्तेजना हो सकती है, जिससे सतर्कता बढ़ जाती है और गतिविधि में वृद्धि होती है. कुछ स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे जैसे तेज हृदय गति, आखों की पुतली का फैलना, रक्तचाप, जी मिचलाना या उल्टी का होना, व्यवहार में परिवर्तन इत्यादि होते हैं. ड्रग कोकीन और amphetamines का उपयोग करके भ्रमित मनोवैज्ञानिक की अवस्था भी उत्पन्न हो सकती है.

हेलुसीनोजेन (Hallucinogens): ड्रग दुरुपयोग से हेलुसिनेशन या स्वयं से दूर होने की भावना भी उत्पन्न हो सकती है. यह विकृत संवेदी धारणा, अवसाद आदि का कारण बन सकता है.

ड्रग्स के उदाहरण: शराब, तंबाकू, कोकीन, ओपियम, कैनाबीस से मारिजुआना, हेरोइन, ecstasy और LSD इत्यादि जैसी सिंथेटिक ड्रग्स.

नशीली दवाओं की लत लगना या व्यसन (Drug addiction) क्या होता है?

आखिरकार, नशीली दवाओं के दुरुपयोग से नशे की लत लग सकती है. असल में, व्यसन तब होता है जब उपयोगकर्ता दवा के उपयोग से नकारात्मक नतीजों का अनुभव करता है और इसे छोड़ने से इंकार कर देता है. नशे की लत दवा के प्रति सहिष्णुता विकसित करती है और अव्यवस्थित होने पर लक्षणों के वापिस होने का अनुभव कराती है. समय के साथ दवा व्यसन या नशे की लत लगना विकसित होता है. इसके जैविक और मनोवैज्ञानिक कारक हो सकते हैं.

Source: www.assignmentpoint.com

हम ऐसा कह सकते हैं कि नशे की लत का होना एक बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के मस्तिष्क और व्यवहार को प्रभावित कर सकती है. इसमें दवाओं के उपयोग से मिलने वाले फायदे कम हो जाते हैं. कुछ पदार्थ जैसे अल्कोहल, मारिजुआना (marijuana; गांजा) और निकोटीन को भी दवा ही एक रूप माना जाता है, जब आप इनके आदी हो जाते हैं, तो आप इनके कारण होने वाले नुकसानों को जानने के बावजूद भी इन दवाओं का उपयोग जारी रखते हैं.नशे की लत, खुद की संतुष्टि या आनंद लेने के लिए नशीली दवाओं का उपयोग से शुरू हो सकती है. जिसके बाद लोग इन नशीली दवाओं या ड्रग्स का प्रयोग बार-बार करने लगते हैं. आप कितनी तेजी से इन दवाओं आदी होते हैं व इनके जोखिम, दवाओं की भिन्न्ता पर निर्भर करते हैं.

जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, रोगी को इस ड्रग की अधिक खुराक की आवश्यकता होती है. इससे वह बेहतर महसूस करने लगता है और फिर और ड्रग की जरूरत होने लगती है. जैसे ही रोगी ड्रग का उपयोग बढ़ाता है, उसको लगता है कि ड्रग के बिना उसका रहना मुश्किल हो जाएगा. नशीली दवाओं के प्रयोग को रोकने के प्रयास में वह खुद को शारीरिक रूप से अक्षम व बीमार महसूस करने लगता है.

नशीली दवाओं की लत या ड्रग व्यसन (Drug addiction)के लक्षण

- पूरे दिन में एक या कई बार, नियमित रूप से दवा का उपयोग करने की इच्छा का होना.

- जब कोई व्यक्ति ड्रग्स का उपयोग नहीं करता है तो उसे लक्षणों के वापसी का भी अनुभव होता है.

- किसी निश्चित समय में अधिक प्रभाव पाने के लिए अधिक ड्रग्स का सेवन करना.

- ड्रग का उपयोग न करने के लिए कदम उठाना लेकिन रोकने में असमर्थ महसूस करना.

- बड़ी और यहां तक कि खतरनाक मात्रा में ड्रग्स का सेवन किया जाता है.

- ज्यादा पैसे न होने पर भी इन ड्रग्स को लेना.

- पुरानी गतिविधियों, काम, दोस्तों और अन्य गतिविधियों में रुचि का धीरे-धीरे कम होना.

- ड्रग का निरंतर उपयोग शारीरिक समस्याओं, कानूनी समस्याओं या अन्य कठिनाइयों आदि का कारण बन सकता है, फिर भी एक व्यक्ति इन ड्रग्स का आदी हो जाता है.

- ड्रग लेने या अन्य संबंधित व्यवहार छिपाने के दौरान झूठ बोलना.

- इसको छोड़ने के प्रयासों में विफल रहना.

जब किसी को नशे की लत लग जाती है तो उसमें निम्न तरह के संकेतों को देखा जाता हैं: स्कूल या कार्यस्थल में समस्याओं का होना, स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां होना, उपेक्षित उपस्थिति, व्यवहार में परिवर्तन इत्यादि.

नशे की लत या ड्रग व्यसन (Drug addiction)के कारण

- नशे की लत के मनोवैज्ञानिक कारण- नशे की लत के कुछ मनोवैज्ञानिक कारण आघात (trauma) की वजह से हो सकती हैं. घर में यौन या शारीरिक शोषण, उपेक्षा व हालातों का ठीक न होना, ये सभी स्थितियां मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा करती है, जिनसे बचने के लिए लोग खुद से ही कुछ ड्रग्स लेने लगते हैं और ये ही नशे की लत का कारण बनता है. मानसिक रूप से स्वस्थ न होना, कार्यस्थल व स्कूल में खराब प्रदर्शन, आसपास के महौल के कारण नशे की लत इत्यादि भी कारण हो सकते हैं.

- किसी खेल में भागीदारी, जहां प्रदर्शन-बढ़ाने वाली दवाओं का उपयोग किया जाता है.

- मित्रों का समूह, जो इस तरह की दवाओं का उपयोग करता हो या प्रचार करता हो.

- सामाजिक-आर्थिक स्थिति का निम्न होना.

- नशे की लत के आनुवंशिक कारण भी हो सकते हैं.

तो, अब आप ड्रग के दुरुपयोग (drug abuse) और व्यसन (drug addiction) के बीच अंतर को समझ गए होंगे कि ड्रग दुरुपयोग बताई गई मात्रा से ज्यादा ड्रग को लेना होता है और व्यसन या नशे की लत का लगना समय के साथ विकसित होता जाता है. जब कोई उपयोगकर्ता दवा छोड़ने से इंकार कर देता है और नकारात्मक नतीजों का अनुभव करता है तो उसको नशे की लत लग रही  होती है. इसलिए, ड्रग दुरुपयोग एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है जो लगभग हर समुदाय और परिवार को किसी भी तरह से प्रभावित करती है.

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