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समसूत्री (Mitosis) और अर्द्धसूत्री (Meiosis) में क्या अंतर है?

जीवों के बढ़ने के लिए, कोशिकाओं के पास दो विकल्प होते हैं: उन्हें या तो अधिक कोशिकाओं को बनाने के लिए खुद को रेप्लिकेट (Replicate) करना होता है या कोशिकाओं को स्वयं मात्रा में विस्तार करना होता है.

अर्थात ऐसा कहा जा सकता है कि पुरानी कोशिका का विभाजित होकर नई कोशिकाओं का निर्माण करना कोशिका विभाजन कहलाता है.

कोशिका विभाजन के माध्यम से जीव बढ़ते और प्रजनन करते हैं. यूकेरियोटिक कोशिकाओं में, नई कोशिकाओं का उत्पादन समसूत्री (Mitosis) और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन के परिणामस्वरूप होता है. 

यहीं आपको बता दें कि कोशिका विभाजन में विभाजित होने वाली कोशिका को जनक कोशिका (Parent cell ) कहा जाता है. जनक कोशिका अनेक संतति कोशिकाओं (Daughter cells) में विभाजित हो जाती है और इस प्रक्रिया को ‘कोशिका चक्र’ (Cell Cycle) कहा जाता है .

समसूत्री (Mitosis) में दो एकसमान कोशिकाओं का निर्माण होता है और दूसरी ओर, अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में चार का निर्माण होता है, जिनमें से प्रत्येक में मूल कोशिका से 1/2 गुणसूत्र (Chromosomes) होते हैं. या समसूत्री (Mitosis) का परिणाम एक समान दो डॉटर सेल्स (Daughter cells) में होता है, जबकि अर्धसूत्री ((Meiosis) विभाजन में चार सेक्स कोशिकाओं में होता है.

समसूत्री (Mitosis) विभाजन और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में अंतर

1. समसूत्री (Mitosis) विभाजन में एक कोशिका का विभाजन होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में क्रमिक रूप से दो कोशिका का विभाजन होता है.

2. समसूत्री (Mitosis) विभाजन में दो डॉटर सेल्स का निर्माण होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में चार डॉटर सेल्स का  निर्माण होता है.

3. समसूत्री (Mitosis) अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) की एक प्रक्रिया है जिसमें कोशिका एक प्रतिकृति का निर्माण करने वाले दो में विभाजित होती है, जिसमें प्रत्येक परिणामी द्विगुणित कोशिका (Diploid Cell) में समान संख्या में गुणसूत्र (Chromosomes) होते हैं. वहीं अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन एक प्रकार का कोशिकीय प्रजनन (Cellular Reproduction) है जिनमें मदर सेल से आधे गुणसूत्र होते हैं और दो हैपलॉईड कोशिकाओं का निर्माण होता है. इस ऐसे समझा जा सकता है इसमें क्रमिक रूप से दो कोशिका विभाजन होते हैं, जो समसूत्री के समान ही होते हैं लेकिन इसमें गुणसूत्र की प्रतिलिपि सिर्फ एक बार ही बनती है। इसलिए, आमतौर पर युग्मकों में गुणसूत्रों की संख्या कायिक  कोशिकाओँ की तुलना में आधी होती है.

4. समसूत्री (Mitosis) में प्रजनन आलैंगिक होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) में लैंगिक.

5. समसूत्री (Mitosis) में डॉटर सेल्स आनुवंशिक रूप से समान होती हैं और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में डॉटर सेल्स आनुवंशिक रूप से भिन्न होती हैं.

6. समसूत्री (Mitosis), रोगाणु कोशिकाओं (Germ cells) के अलावा सभी शरीर कोशिकाओं (Somatic) को बनाता है. वहीं अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन रोगाणु कोशिकाओं (अंडे और शुक्राणु) को ही बनाता है. 

7.  समसूत्री (Mitosis) विभाजन कायिक कोशिकाओं (Somatic Cells) में होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन रोगाणु कोशिकाओं (Germ Cells) में होता है.

8. समसूत्री (Mitosis) विभाजन में गुणसूत्र की संख्या एक समान रहती है और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में गुणसूत्र की संख्या आधी हो जाती है.

9. समसूत्री (Mitosis) में  मदर सेल्स या तो हैपलॉईड (Haploid) या डिपलॉईड (Diploid) हो सकते हैं और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में हमेशा डिपलॉईड (Diploid) होते हैं.

10. समसूत्री (Mitosis) में क्रासिंग ओवर (Crossing Over) नहीं हो सकती है और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन में गुणसूत्रों में क्रासिंग ओवर (Crossing Over) हो सकती है.

11. समसूत्री (Mitosis) में एक डिवीजन होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) में दो डिवीजन होता है.

12. समसूत्री (Mitosis) में होमोलोगस (Homologs) की पेयरिंग नहीं होती है और अर्धसूत्री (Meiosis) में होमोलोगस  पेयरिंग होती है.

13. समसूत्री (Mitosis) में गुणसूत्रों की पेयरिंग (Chromosomes Pairing) नहीं होती है और अर्धसूत्री (Meiosis) में प्रोफ़ेजज I के zygotene  के दौरान होती है और मेटाफ़ेज़ I तक जारी रहती है.

14. समसूत्री (Mitosis) में टीलोफेज (Telophase) में स्पिंडल फाइबर पूरी तरह से गायब हो जाते हैं और अर्धसूत्री (Meiosis) में  टीलोफेज I में पूरी तरह से गायब नहीं होते हैं.

15. समसूत्री (Mitosis) में   टीलोफेज में Nucleoli फिर से आ जाते हैं और अर्धसूत्री (Meiosis) में  टीलोफेज I में  फिर से प्रकट नहीं होते हैं.

16. समसूत्री (Mitosis) में  प्रोफेज, मेटाफेज,  एनाफेज, टीलोफेज स्टेप्स होते हैं और अर्धसूत्री (Meiosis) में (Meiosis 1) में  प्रोफेज-I, मेटाफेज-I, एनाफेज-I और टीलोफेज-I; (Meiosis 2) में प्रोफेज-II, मेटाफेज-II, एनाफेज-II और टीलोफेज-II.

17. समसूत्री (Mitosis) में Karyokinesis Interphase में होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) में Karyokinesis Interphase-I में होता है.

18. समसूत्री (Mitosis) में  टीलोफेज में Cytokinesis होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) में टीलोफेज-I और टीलोफेज-II में होता है.

19. समसूत्री (Mitosis) में Centromeres एनाफेज के दौरान विभाजित हो जाते हैं और अर्धसूत्री (Meiosis) में   एनाफेज -I के दौरान Centromeres अलग नहीं होते हैं, लेकिन एनाफेज- II  के दौरान हो जाते हैं.

20. समसूत्री (Mitosis) में  प्रोफेज सिंपल होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) में  प्रोफेज सिंपल नहीं होता है.

21. समसूत्री (Mitosis) में  प्रोफेज की अवधि कम होती है, आमतौर पर कुछ घंटों की और अर्धसूत्री (Meiosis) में  प्रोफेज तुलनात्मक रूप से लंबा और इसमें कुछ दिन लग सकते हैं.

22. समसूत्री (Mitosis) में  Synapsis नहीं होता है और अर्धसूत्री (Meiosis) में होमोलोगस गुणसूत्रों का  Synapsis प्रोफेज के दौरान होता है.

23. समसूत्री (Mitosis) का काम है सेलुलर प्रजनन और शरीर की सामान्य वृद्धि और मरम्मत करना वहीं अर्धसूत्री (Meiosis) का यौन प्रजनन के माध्यम से आनुवंशिक विविधता.

समसूत्री (Mitosis) और अर्धसूत्री (Meiosis) के बीच समानताएं

1. समसूत्री (Mitosis) और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन दोनों कोशिका न्युक्लाई (Cell nuclei) में होते हैं जो एक माइक्रोस्कोप के तहत देखे जा सकता है.

2. दोनों में कोशिका विभाजन होता है.

3. सेल Cycle के M-चरण में दोनों की प्रक्रियाएं होती हैं. दोनों चक्रों में, विशिष्ट चरण प्रोफेज, मेटाफेज, एनाफेज और टीलोफेज हैं.

4. दोनों चक्रों में, DNA का संश्लेषण होता है.

तो अब आपको समसूत्री (Mitosis) और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन के बीच का अंतर और समानताएं ज्ञात हो गई होंगी.

कोशिका विभाजन: असूत्री, समसूत्री व अर्द्धसूत्री विभाजन

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