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पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मस्तिष्क अधिक सक्रिय क्यों होता हैं

एक नए शोध के मुताबिक, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में मस्तिष्क काफी अधिक सक्रिय होता हैं. इससे यह निष्कर्ष निकालने में सहायता मिल सकती हैं कि महिलाएं चिंता, डिप्रेशन, अनिद्रा और खाने से संबंधी विकारों के लिए अधिक संवेदनशील क्यों होती हैं. अल्जाइमर रोग के जर्नल में एक अध्ययन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने एक विशेष प्रकार का सीटी स्कैन का इस्तेमाल किया और कैलिफोर्निया में एमेन क्लिनिक के वैज्ञानिकों द्वारा इस पर अध्ययन भी किया गया जो कि अब तक का सबसे बड़ा मस्तिष्क इमेजिंग सर्वेक्षण है. उन्होंने नौ क्लिनिकों से 46,000 से अधिक मस्तिष्क के स्कैनों की तुलना की और पुरुषों और महिलाओं में मस्तिष्क के बीच के अंतरों का विश्लेषण किया. इससे पता चला की मस्तिष्क संबंधी विकार पुरुषों और महिलाओं को अलग तरीके से कैसे प्रभावित करते हैं.
उदाहरण के लिए, महिलाओं को अल्जाइमर रोग, डिप्रेशन और घबराहट संबंधी विकारों के  होने की अधिक संभावनाए होती है, जबकि पुरुषों में सही से ध्यान का न लगना उच्च सक्रियता विकार (एडीएचडी) और आचरण संबंधी विकार पाए जाते है. इस लेख के मध्याम से जानेंगे की कैसे महिलाओं में पुरुषों के मुताबिक मस्तिष्क अधिक सक्रिय होता है.
पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मस्तिष्क अधिक सक्रिय क्यों होता हैं
1. महिलाओं का मस्तिष्क पुरुषों की तुलना में काफी अधिक सक्रिय पाया गया है, विशेष रूप से दो क्षेत्रों में - फोकस और आवेग नियंत्रण से जुड़े प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (prefrontal cortex), और लिम्बिक सिस्टम (limbic system) जो मनोदशा और चिंता के साथ जुड़ा हुआ होता है.

2. मस्तिष्क के कुछ भाग है जो कि पुरुषों में अधिक सक्रिय होते है: विशेष रूप से मस्तिष्क के दृश्य (visual part) और समन्वय केंद्र (coordination center).

3. एक तकनीकी SPECT (single photon emission computed tomography) के जरिये पता लगाया जा सकता है कि कैसे मस्तिष्क में ब्लड फ्लो होता है.

4. पुरुषों की तुलना में, स्वस्थ महिलाओं के मस्तिष्क में कोई खास बदलाव नहीं होता है (पी <0.01) पर ROI (Region of Interest) 65 बेसलाइन और 48 एकाग्रता वाले क्षेत्रों (पी <0.01 सही) में बढ़ा हुआ होता है. इसी वजह से महिलाएं अधिकतर काम को एकाग्रता और रुची के साथ करती हैं. स्वस्थ पुरुषों में क्रमशः 9 और 22 क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है.

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5. क्लिनिकल ग्रुप में, महिलाओं में विशेष रूप से प्रीफ्रंटल (prefrontal) और लिम्बिक (limbic) क्षेत्रों में वृद्धि पाई गई है और अवर ऊतक विरंजकों (inferior occipital lobes), अवर अवरकालीन लोब (inferior temporal lobes), lobule 7 और सेरेबेलम (cerebellum) का Crus 2 पुरुषों में व्यापक वृद्धि पाई गई है.

6. महिलाओं में अल्जाइमर रोग, डिप्रेशन और घबराहट संबंधी विकारों के होने की अधिक संभावनाए होती है क्योंकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं के प्रीफ्रैंटल कॉर्टक्स में अधिक रक्त प्रवाह होता था. इन्हीं कारणों की वजह से पाया गया है कि महिलाओं में सहानुभूति, इनटयुशन, सहभागिता, आत्म-नियंत्रण और उचित समय चिंता दिखाने जैसे गुण अधिक होते हैं.

7. यहाँ तक कि एक शोध के अनुसार पाया गया है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक समय तक नींद की जरुरत होती है - रात में लगभग 20 मिनट ज्यादा ताकि वह फिर से फ्रेश दिख सके.

8. जर्मनी में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा 2016 के अध्ययन के बाद पाया गया कि मस्तिष्क की शक्ति को बहाल करने के लिए महिलाओं को अधिक समय तक सोना पड़ता है.

शोधकर्ताओं के अध्ययन के अनुसार यह ज्ञात होता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मस्तिष्क के पप्रीफ्रंटल कोर्टेक्स और लिम्बिक सिस्टम में ब्लड ज्यादा फ्लो होता है, फ्लूइड की मात्रा भी ज्यादा होती है जिसके कारण उनका मस्तिष्क पुरुषों से ज्यादा सक्रीय होता है. इसलिए वह अधिकतर हर काम को उचित एकाग्रता और रुची से करती हैं. उनका इनटयुशन, आत्म-नियंत्रण आदि भी अधिक सशक्त होता हैं.

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