रेलवे में स्मार्ट कोच की क्या विशेषताएं हैं?

भारत में रेलवे हम सबके जीवन में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह यातायात का सबसे अच्छा और आरामदायक विकल्प है. इससे कहीं भी आसानी से पहुंचा जा सकता है. भारतीय रेलवे एक भारतीय राज्य के स्वामित्व वाली उद्यम है, जिसका स्वामित्व रेलवे मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार द्वारा किया जाता है. हम आपको बता दें कि यात्रियों की यात्रा को और आरामदायक बनाने के लिए रेलवे में स्मार्ट कोच का निर्माण किया गया है.

भारतीय रेलवे ने आधुनिक कोच फैक्ट्री, रायबरेली में निर्मित अपने अत्याधुनिक कोच का अनावरण किया. इन स्मार्ट कोचों में कई नई विशेषताएं हैं जो यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेंगी. रेल मंत्रालय के अनुसार 100 और स्मार्ट कोचों का निर्माण पायलट परियोजना के तहत किया जा रहा है. आइये इस लेख के माध्यम से इन स्मार्ट कोचों की विशेषताओं के बारे में अध्ययन करते हैं.

ट्रेन में स्मार्ट कोच की विशेषताएं

1. इन कोचों को स्मार्ट इसलिए कहा गया है क्योंकि इसमें कुछ सेंसर लगे हैं जो डिब्बे से लेकर पटरी तक की खामियों का पता लगाएंगे और इससे संबंधित तमाम जानकारी इंटीग्रेटेड कंप्यूटर सिस्टम को भेजते रहेंगे. ये नए स्मार्ट कोच डायगनॉस्टिक सिस्टम पर काम करेंगे. यानी इनके पहियों पर खास तरह का वाइब्रेशन सेंसर लगाया गया है जिसे सेल्फ पावर हार्वेस्टिंग सेंसर कहते हैं. यस सेंसर पटरी या ट्रैक कमजोर तो नहीं है या उसमें कोई खामी तो नहीं है इसका पता लगाने में सक्षम होंगे. किसी कमी का पता लगने के बाद इसका अलर्ट तुरंत रेलव कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा.

2. सेंसर इस बात का भी अनुमान लगाएंगे कि जिन जगहों से होकर रेल का डिब्बा गुजर रहा है वहां की पटरी सही है या नहीं. अगर किसी भी प्रकार की कमी होगी तो यह सेंसर इसकी जानकारी रेलवे को दे देगा, इससे होने वाले एक्सीडेंट को भी रोका जा सकेगा.

क्या आप जानते हैं कि इन कोचों में कुछ खास कंप्यूटर को लगाया गया है और इसकी खासियत यह है कि ये इंडस्ट्रियल ग्रेड का कंप्यूटर है, इसमें रिमोट सर्वर पर रिपोर्ट भेजने के लिए जियो सिम नेटवर्क प्रदान किया गया है. डिब्बे में लगाई गई यह डिवाइस कोष डायग्नोस्टिक प्रणाली के साथ-साथ एयर कंडीशनिंग डिस्क ब्रेक सिस्टम फायर डिटेक्शन अलार्म सिस्टम और वाटर लेवल इंडिकेशन जैसी तमाम जानकारियों को एक प्लेटफार्म पर इकट्ठा करेगा और इसके बारे में एडवांस इंफॉर्मेशन संबंधित रेलवे डिपार्टमेंट को भेजता रहेगा.

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3. यह स्मार्ट कोच अगला स्टेशन और लोकेशन की जानकारी भी देगा. इस कोच में GSM नेटवर्क के साथ पैसेंजर इंफॉर्मेशन एंड कोच कंप्यूटिंग यूनिट (PICCU) भी लगाया गया है जो मुख्य रूप से कोच रखरखाव और यात्री इंटरफेस के महत्वपूर्ण क्षेत्र की निगरानी करेगा. यह इनफार्मेशन सिस्टम ट्रेन की अगली लोकेशन और अगले स्टेशन के बारे में सूचित करेगा इतना ही नहीं यह भी बताएगा की अगला स्टेशन कितनी देर में आएगा. ट्रेन की स्पीड को भी इस सिस्टम के जरिये जाना जा सकता है.

Source: www.traveltriangle.com

4. कोच में CCTV कैमरों को यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है. हम आपको बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे कोच में लगाए गए हैं. इससे न सिर्फ हाउसकीपिंग, टीटी, ट्रेनों की पेंट्री, संदिग्ध पैसेंजरों पर नजर रखना आसान होगा. बल्कि 30 दिनों तक सीसीटीवी में रिकॉर्ड सेव रहेगा, जिसकी वजह से अपराध होने पर वह उसे सॉल्व करने में मदद करेगा.

5. इसमें टॉकबैक सिस्टम इमरजेंसी के लिए भी लगाया गया है. यानी कोच के पैसेंजर टॉइलट के पास लगे इस सिस्टम के बटन को दबाकर सीधा गार्ड से इमरजेंसी के समय में बात कर सकेंगे और मदद ले सकेंगे.

6. क्या-क्या सुविधाएं और मिलेंगी इस कोच में यात्रियों को? इस कोच में एसी, डिस्क ब्रेक सिस्टम, फायर डिटेक्शन, अलार्म सिस्टम जैसी सुविधाएं दी गई हैं. स्मार्ट कोच में वाईफाई, हॉटस्पॉट, इंफॉर्मेशन सिस्टम भी प्रदान किया गया है. यात्री खुद-ब-खुद हॉटस्पॉट से अपने स्मार्टफोन को जोड़ सकेंगे और अपने मोबाइल फोन पर ही फिल्म गाने जैसे इंटरटेनमेंट प्रोग्राम देख सकेंगे.

7. इसमें वाटर लेवल इंडिकेटर भी लगाए गए हैं. स्मार्ट कोच में सेंसर, कंट्रोल रूम को ये ब्यौरा भेजेगा कि कोच में पानी खत्म तो नहीं हो रहा है. पानी कितना लेवल रह गया है और यदि पानी कोच में खत्म हो रहा होगा तो सेंसर पहले ही अलर्ट भेज देगा ताकी अगले स्टेशन पर पानी भरवाया जा सके.

8. पायलट स्कीम के तहत पहले 100 कोचों को बनाया जा रहा है. रायबरेली मॉडर्न कोच फैक्ट्री के जनरल मैनेजर राजेश अग्रवाल के अनुसार इस तकनीक के जरिये स्मार्ट कोच को बनाने में प्रति कोच 15 लाख की लागत आ रही है. पहले चरण में 100 स्मार्ट कोचों को ट्रेन में लगाया जाएगा और अगर सबकुछ सही से काम करता है तो बड़े पैमाने पर रेलवे में सभी ट्रेनों में स्मार्ट कोचों को लगाया जाएगा.

तो अब आप जान गाए होंगे की रेलवे में स्मार्ट कोच यात्रियों को ना सिर्फ सुरक्षा प्रदान करेगा बल्कि ट्रेन कितने बजे स्टेशन पर पहुचेगी, अगला स्टेशन कौन सा है, एनफोटेनमेंट की सुविधा इत्यादि दी गई हैं ताकि यात्रा को और आरामदायक बनाया जा सके.

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