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जानें ग्रेट ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के बारे में

हाल ही में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन (Emmanuel Macron) ने ग्रेट ग्रीन वॉल (Great Green Wall) प्रोजेक्ट के लिए लगभग $14 बिलियन देने की घोषणा की है. 

यह घोषणा उन्होंने फ्रांस, संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक द्वारा सह-संगठित जैव विविधता के लिए संपन्न हुए वन प्लैनेट सम्मिट (One Planet Summit) में की. धनराशि निम्नीकृत भूमि को बेहतर करने, जैविक विविधता को बचाने के साथ-साथ हरित रोजगार सृजित करने और साहेल के लोगों के जीवनस्तर में सुधार लाने के लिए दी गई है.

यह प्रोजेक्ट वित के अभाव के कारण रुका हुआ था, अब इसकी शुरुआत फिर से अफ्रीकी संघ द्वारा अफ्रीका के साहेल क्षेत्र से की गयी है. अफ्रीका महाद्वीप के साहेल क्षेत्र को इस प्रोजेक्ट के जरिए मरुस्थलीकरण, भू-निम्निकरण और जलवायु परिवर्तन, अकाल, पलायन जैसी समस्या से निजात दिलाना है. 

मॉरिटानिया के राष्ट्रपति मोहम्मद शेख एल-ग़ज़ौनी (Mohamed Cheikh El-Ghazouani) ने क्षेत्र की ओर से इस प्रोग्राम का स्वागत किया और कहा कि "हम ग्रेट ग्रीन वॉल एक्सीलेरेटर पहल की घोषणा का स्वागत करते हैं, जिसका उद्देश्य 2021-2025 की अवधि में एक प्रारंभिक योगदान जारी करना है, ताकि एक समन्वित ढांचे में वित्तीय भागीदारों की प्रतिबद्धताओं को प्रभावी किया जा सके".

ग्रेट ग्रीन वॉल (GGW) प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य 2030 तक 100 मिलियन हेक्टेयर निम्नीकृत भूमि में पेड़-पौधों की संख्या में वृद्धि करना और लगभग 10 मिलियन हरित रोजगार सृजित करना है. साथ ही यहाँ पर रहने वाले समुदायों को यह प्रोजेक्ट सपोर्ट करेगा जैसे 

- भूमि को उपजाऊ बनाएगा जो कि मानवता की सबसे कीमती प्राकृतिक संपत्ति में से एक है.

- दुनिया की सबसे कम उम्र की आबादी के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाएगा.

- उन लाखों लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा प्रदान करेगा जो हर दिन भूखे रहते हैं.

- ऐसे क्षेत्र में जलवायु में परिवर्तन  करना जहां तापमान पृथ्वी पर कहीं और की तुलना में तेजी से बढ़ रहा हो.

- पूरे अफ्रीका में 8000 किमी तक फैले एक नए विश्व का निर्माण करना.

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ग्रेट ग्रीन वॉल (GGW) प्रोजेक्ट क्या है?

अफ्रीकी संघ ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2007 में की थी. इसमें सहारा मरूस्थल की दक्षिण सीमा से लगे 11 देश और अंतर्राष्ट्रीय पार्टनर शामिल हैं. इस प्रोजेक्ट के माध्यम से पश्चिम से पूर्व की और अफ्रीकी महाद्वीप के 8000 किलोमीटर लंबे और 15 किलोमीटर चौड़े क्षेत्र में पेड़-पौधों के साथ-साथ वनस्पति और घास उगाई जाएगी. ऐसा बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 10 मिलियन लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.

इस प्रोजेक्ट के विस्तार साहेल क्षेत्र में, पश्चिम में सेनेगल से लेकर पूर्व में Djibouti तक किया जाएगा.

ग्रेट ग्रीन वॉल के लिए इंटरवेंशन ज़ोंस (Intervention zones) के रूप में चुने गए 11 देश हैं: बुर्किना फासो (Burkina Faso), चाड (Chad), Djibouti, इरिट्रिया (Eritrea), इथियोपिया (Ethiopia), माली (Mali), मॉरिटानिया (Mauritania), नाइजर (Niger), नाइजीरिया (Nigeria), सेनेगल (Senegal) और सूडान (Sudan).

इस प्रोजेक्ट के लिए वर्ल्ड बैंक ने भी साहेल क्षेत्र के 5 देशों बुर्किना फासो, चाड, नाइजर, माली और मॉरिटानिया में लगभग $14.5 मिलियन के निवेश की घोषणा की है.

ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि द ग्रेट ग्रीन वॉल (GGW) सिर्फ साहेल के लिए ही नहीं है बल्कि यह मानवता के लिए एक वैश्विक प्रतीक है जो हमारे सबसे बड़े खतरे - हमारे तेजी से क्षीण हो रहे पर्यावरण पर काबू पाने के लिए है.

यह प्रोजेक्ट दर्शाता है कि अगर हम प्रकृति के साथ काम कर सकते हैं, तो साहेल जैसी चुनौतीपूर्ण जगहों पर भी हम विपत्ति को दूर कर सकते हैं, और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण कर सकते हैं.

सिर्फ पेड़-पौधे उगाने से ज्यादा, ग्रेट ग्रीन वॉल सहेल क्षेत्र के लाखों लोगों के जीवन को बदल रही है. ग्रेट ग्रीन वॉल संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में एक महत्वपूर्ण योगदान देती है - एक वैश्विक एजेंडा जिसका उद्देश्य 2030 तक एक अधिक न्यायसंगत, समान और स्थायी दुनिया को प्राप्त करना है. यहीं आपको बता दें कि योजना के पूर्ण हो जाने पर यह वॉल पृथ्वी पर सबसे बड़ी जीवित संरचना होगी.

आइये अब साहेल क्षेत्र के बारे में जानते हैं.

साहेल पश्चिमी और उत्तर-मध्य अफ्रीका का एक अर्ध-शुष्क क्षेत्र (Semiarid Region) है जो पूर्व सेनेगल (Senegal) से सूडान (Sudan) तक फैला हुआ है. यह उत्तर में शुष्क सहाराई रेगिस्तान तथा दक्षिण में आर्द्र सवाना के बीच एक संक्रमणकालीन क्षेत्र का निर्माण करता है. 

इस क्षेत्र का अधिकतर अर्ध-शुष्क भू-भाग बंजर, रेतीला, और पथरीला है. इस क्षेत्र का विस्तार अटलांटिक महासागर तट पर स्थित सेनेगल से लेकर मॉरिटानिया, माली, बुर्किना फासो, नाइजर, नाइजीरिया, चाड, सूडान, और लाल सागर के तट पे स्थित इरिट्रिया देशों तक है.

कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य 

- अफ्रीकी संघ अफ्रीकी महाद्वीप के 55 देशों का संगठन है.  इसे Organisation of African Unity के स्थान पर आधिकारिक रूप से 2002 में गठित किया गया था.

- GGW पहल का कुल क्षेत्र 156 Mha तक फैला हुआ है, जो नाइजर, माली, इथियोपिया और इरिट्रिया में स्थित सबसे बड़े इंटरवेंशन ज़ोन के साथ है.

- 2007 में इसकी शुरुआत के बाद से, सहेलियन भूमि की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने में काफी प्रगति हुई है. GGW ने जिन देशों की बहाली गतिविधियों को अंजाम दिया है उनमें प्रमुख उदाहरण शामिल हैं:

- इथियोपिया (Ethiopia) में 5.5 बिलियन प्लांट्स और बीजों का उत्पादन वहां के समुदायों के लिए किया गया है.

- सेनेगल में लगभग 18 लाख से अधिक प्लांट और कम से कम 800 000 हेक्टेयर में निम्नीकृत भूमि को रिस्टोर किया गया है.

- नाइजीरिया में लगभग 8 मिलियन पेड़ और पौधों का उत्पादन किया गया और लगभग 1 396 नौकरियों का सृजन हुआ.

- सूडान में लगभग 2 000 हेक्टेयर भूमि को पुनर्व्यवस्थित किया गया.

- बुर्किना फासो में लगभग 16 लाख से अधिक पेड़ और पौधों का उत्पादन किया गया और लगभग 50 000 हाउसहोल्ड्स (Households) में सुधार हुआ.

- माली में लगभग 135 000 प्लांट्स का उत्पादन किया गया.

- इरिट्रिया (Eritrea) में लगभग 129 मिलियन पेड़ और पौधों का उत्पादन किया गया.

- नाइजर में लगभग 146 मिलियन का  पेड़ और पौधों का उत्पादन किया गया.

Source: unccd

Play, डेली स्टेटिक GK और करंट इवेंट्स पर आधारित प्रश्नोत्तरी 

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