Ram Janmabhoomi: अयोध्या के बारे में 10 ऐतिहासिक तथ्य

Ram Janmabhoomi: अयोध्या, भगवान राम की जन्मभूमि है और अध्यात्म के कुंड में डूबने के लिए एक उत्तम स्थान है. यहाँ कई मंदिर हैं और यह प्राचीन भारत के सबसे अधिक पूजनीय शहरों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि देवताओं ने खुद इस शहर की रचना की थी. यह पवित्र सरयू नदी के तट पर स्थित है और एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी है.

एक नज़र में
जिला: अयोध्या
मुख्यालय: अयोध्या
क्षेत्रफल: 2,522 Sq. Km.
जनसँख्या: 24,70,996 (2011 Census)
भाषा: अवधी
गाँव : 1,272
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 5
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र: 1

अयोध्या- राम जन्मभूमि कहाँ है?

अयोध्या के बारे में 10 ऐतिहासिक तथ्य

1. अयोध्या को साकेत के नाम से भी जाना जाता है जो भारत का एक प्राचीन शहर है या कह सकते हैं कि अयोध्या का प्राचीन नाम साकेत है. यह भगवान राम के जन्म और उनके पिता दशरथ के शासन के साथ प्रसिद्ध महाकाव्य रामायण की पृष्ठभूमि का केंद्र थी. कुछ स्रोतों के अनुसार, शहर समृद्ध और अच्छी आबादी वाला था.

2. पारंपरिक इतिहास में, अयोध्या कोसल राज्य की प्रारंभिक राजधानी थी. अनेकों प्रख्यात राजा यथा इक्ष्वाकु, पृथु, मान्धाता, हरिश्चंद्र, सागर, भागीरथ, रघु, दिलीप, दशरथ तथा राम ने कोशल देश की इस राजधानी से शासन किया था. छठी-पाँचवीं शताब्दी BCE के आसपास के बौद्ध काल में, श्रावस्ती, राज्य का प्रमुख शहर बन गया था. कुछ विद्वानों के अनुसार, अयोध्या साकेत शहर के समान है, जिस स्थान के बारे में कहा जाता है कि बुद्ध एक समय यहाँ निवास करते थे. 

3. 11वीं और 12वीं शताब्दी के दौरान, कन्नौज साम्राज्य अयोध्या में उत्पन्न हुआ, जिसे अवध कहा जाता था. बाद में, इस क्षेत्र को दिल्ली सल्तनत, जौनपुर राज्य और 16वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य में शामिल किया गया था.

4. सरयू नदी के पूर्वी तट पर बसा अयोध्या नगर पुरातन काल के अवशेषों से भरा हुआ है. अयोध्या उत्तर प्रदेश के फैजाबाद से ठीक पूर्व घाघरा या सरयू नदी के तट पर स्थित है. इसकी स्थापना अवध के दूसरे नवाब सआदत खान ने लगभग ढाई शताब्दी पूर्व की थी, यह अयोध्या से लगभग 7 किमी की दूरी पर स्थित है. नवाबों के समय की परंपराओं और विरासत को देखने के लिए मोती महल, गुलाब बाड़ी और बहू-बेगम के मकबरे जैसे विभिन्न पर्यटकों के आकर्षण के लिए जाना जा सकता है. 

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5. सरयू नदी पर लंबे घाटों का निर्माण 19वीं शताब्दी के प्रथम भाग में सरयू नदी पर राजा दर्शन सिंह ने करवाया था. नदी का किनारा सीता-राम तथा नरसिंह को समर्पित सुंदर मंदिरों, चक्रहरि तथा गुप्तहरि मंदिरों से भरा है जो इस स्थान की पवित्रता को बढ़ाते हैं. धार्मिक विचारों वाले लोगों और पर्यटकों हेतु इस स्थान का एक बार भ्रमण बहुत आवश्यक है.

6. सरयू नदी के तट पर बसे इस नगर की रामायण अनुसार विवस्वान (सूर्य) के पुत्र वैवस्वत मनु महाराज द्वारा स्थापना की गई थी. बाद में, यह सूर्यवंशी (सूर्य) वंश की राजधानी बन गयी, जिसमें सबसे प्रसिद्ध राजा भगवान राम थे.

7. अयोध्या के संदर्भ भी अथर्ववेद में निहित हैं. इसके अलावा, जैन मत के अनुसार अयोध्या में पांच तीर्थंकरों का जन्म हुआ था.

8. अयोध्या या अवधपुरी, भगवान राम के जन्मस्थली होने के कारण इसको मोक्षदायिनी एवं हिन्दुओं की प्रमुख तीर्थस्थली के रूप में  भी माना जाता है.

9. विभिन्न त्यौहार व उत्सव दीपोत्सव अयोध्या, राम नवमी मेला, श्रावण झूला मेला, राम लीला, परिक्रमाएँ, अनंतग्रही परिक्रमा, पंचकोशी परिक्रमा, चतुर्दशकोशी परिक्रमा, इत्यादि हैं.

10. विभिन्न दर्शनीय स्थल हैं रामकोट, हनुमान गढ़ी, तुलसी स्मारक भवन, श्री नागेश्वरनाथ मंदिर, त्रेता के ठाकुर, कनक भवन, अयोध्या में जैन मंदिर, मणि पर्वत, छोटी देवकाली मंदिर, राम की पैड़ी, कोरियन पार्क – रानी हो, सरयू नदी, राम कथा संग्रहालय, सूरज कुंड, और कुंड तथा घाट इत्यादि.

अयोध्या एक प्राचीन नगरी है और इसे हिंदुओं के सात पवित्र शहरों में से एक माना जाता है. इसे अवध भी कहा जाता है. यह सरयू नदी के तट पर बसा हुआ है. प्रसिद्ध महाकाव्य रामायण व श्री रामचरितमानस अयोध्या के ऐश्वर्य को प्रदर्शित करते हैं. 

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