क्या आप भारतीय संविधान के बारे में ये तथ्य जानते हैं?

वर्तमान में भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य है और इसका शासन एक मजबूत संविधान में दिए गए दिशा निर्देशों से चलता है. लेकिन क्या आपको पता है कि इस मजबूत संविधान को बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च होने के साथ साथ कई लोगों ने अपना अमूल्य समय और परिश्रम भी खर्च किया था?

भारत में संविधान सभा के गठन का विचार सर्वप्रथम एम एन राय ने 1934 में रखा था. इसके बाद 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार भारत के संविधान के निर्माण के लिए आधिकारिक रूप से संविधान सभा के गठन की मांग की थी.

आइये इस लेख में भारतीय संविधान से सम्बंधित कुछ रोचक तथ्यों को जानते हैं. इन तथ्यों के बारे में या तो लोग जानते नहीं या फिर जानते हैं तो गलत जानते हैं.

1. संविधान सभा की पहली बैठक: संविधान सभा, स्वतंत्र भारत की पहली संसद थी. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा संविधान सभा के पहले अध्यक्ष (अस्थायी अध्यक्ष) थे. इस संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी.

(पहली मीटिंग में मौजूद डॉक्टर अम्बेडकर और सरदार पटेल)

2. संविधान निर्माताओं ने लगभग 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया था और जिस संविधान में जो प्रावधान भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ लगा उसे भारत के संविधान में शामिल कर लिया गया था.

3. कुल खर्च: संविधान के निर्माण पर कुल 64 लाख रुपये का खर्च आया था.

4. कुल समय: संविधान के बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था.

5.जब संविधान का मसौदा (Draft) तैयार किया गया था और बहस और चर्चा के लिए रखा गया था, तो अंतिम रूप देने से पहले इसमें 2000 से अधिक संशोधन किए गए थे.

6. फाइनल ड्राफ्ट तैयार: संविधान सभा कुल 11 सत्रों के लिए बैठी थी. संविधान सभा का 11 वां सत्र 14-26 नवंबर 1949 के बीच आयोजित किया गया था. 26 नवंबर 1949 को संविधान का अंतिम ड्राफ्ट तैयार हुआ था.

(डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ड्राफ्ट को देखते हुए)

7. यह दुनिया का सबसे लंबा संविधान: भारतीय संविधान दुनिया में किसी भी संप्रभु देश का सबसे लंबा है. अपने वर्तमान रूप में, इसमें; एक प्रस्तावना, 22 भाग, 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं.

8.  संविधान पर हस्ताक्षर: 24 जनवरी 1950 को, संविधान सभा के 284 सदस्यों ने भारतीय संविधान को संविधान भवन में हस्ताक्षरित किया थ, जिसे अब संसद के केंद्रीय कक्ष के रूप में जाना जाता है.

9. भारतीय संविधान टाइप या प्रिंट नहीं : भारतीय संविधान के हिंदी और अंग्रेजी के दोनों संस्करण हस्तलिखित थे. यह पृथ्वी पर किसी भी देश का सबसे लंबा हस्तलिखित संविधान है.

10.भारतीय संविधान, प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा (Prem Behari Narain Raizada) ने लिखा था: भारत के मूल संविधान को 'प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा' ने सुंदर सुलेख के साथ  इटैलिक शैली में लिखा था. 

11. भारतीय संविधान का प्रकाशन देहरादून में किया गया था और सर्वे ऑफ़ इंडिया द्वारा फोटोलिथोग्राफ किया गया था.

12. कलाकारी: प्रत्येक पृष्ठ को शांतिनिकेतन के कलाकारों ने सजाया था: मूल संविधान हस्तलिखित है, जिसमें शान्तिनिकेतन के कलाकारों द्वारा प्रत्येक पृष्ठ को अनोखे ढंग से सजाया गया है. इन कलाकारों में राममनोहर सिन्हा और नंदलाल बोस शामिल हैं. 
(प्रस्तावना के चारों ओर उकेरी गयी कलाकारी देखें)

13.मूल प्रतियां हीलियम बॉक्स में रखी गयीं हैं: हिंदी और अंग्रेजी में लिखी गई भारतीय संविधान की मूल प्रतियों को भारत की संसद की लाइब्रेरी में विशेष हीलियम से भरे केस में रखा गया है ताकि लम्बे समय तक सुरक्षित रहें.

इस प्रकार ऊपर दिए रोचक तथ्यों से यह बात स्पष्ट है कि भारत के संविधान के बारे में बहुत सी बातें बहुत से लोगों को पहली बार पता लगी होंगीं.
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