हस्तशिल्प से संबंधित संस्थानों और संगठनों की सूची

हस्तकला एक ऐसी विद्या है जिसे मुख्यत: हाथ से या सरल औजारों की सहायता से ही कलात्मक कार्य किये जाते हैं। ऐसी कलाओं का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व होता है। इसके विपरीत ऐसी चीजें हस्तशिल्प की श्रेणी में नहीं आती जो मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर बनाये जाते हैं। भारत हस्तशिल्प का सर्वोत्कृष्ट केन्द्र माना जाता है। यहाँ दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुएँ भी कोमल कलात्मक रूप में गढ़ी जाती हैं। उदहारण के लिए: कश्मीर कढ़ाई वाली शालों, गलीचों, नामदार सिल्क तथा अखरोट की लकड़ी के बने उपस्कर (फर्नीचर) के लिए प्रसिद्ध है।

हस्तशिल्प से संबंधित संस्थान और संगठन

1. अखिल भारतीय हस्तशिल्प बोर्ड

यह 1952 में स्थापित किया गया था। यह एक सलाहकार निकाय है और भारत में हस्तशिल्प के रूप में पदोन्नति और विकास के लिए सरकार को सिफारिश करता है। हस्तशिल्प राज्य सूची का विषय है इसलिए राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए पहल करने के लिए यह संस्था प्रोत्साहित करता रहता है।

2. हस्तशिल्प और हैंडलूम निर्यात निगम (एचएचईसी)

यह भारत के हस्तशिल्प और हैंडलूम निर्यात निगम भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय की एक एजेंसी है। इसकी स्थापना 1962 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य है, भारत के हस्तशिल्प, हैंडलूम उत्पाद, खादी और गांव उद्योगों के उत्पादों के निर्यात और विशेष प्रचार उपायों के लिए कार्य करना।

3. क्षेत्रीय डिजाइन और तकनीकी विकास केंद्र (Centre for Regional Design and Technical Development)

इसके क्षेत्रीय कार्यालय बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता और दिल्ली में हैं। यह देश में हैंडलूम विकास क्षेत्र के लिए अनुसंधान, विकास और प्रशिक्षण निर्देशित करता है।

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4. राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (National Institute of Design / NID)

यह भारत का प्रमुख स्वायत्त डिजाइन संस्थान है जो गुजरात के अहमदाबाद नगर में स्थित है। इसकी की स्थापना 1961 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत एक स्वायत्रशासी संस्थान के रूप में की गई जो डिजाइन शिक्षा, व्यावहारिक शोध, प्रशिक्षण, डिजाइन परामर्शी सेवाएं और बाहय कार्यक्रमों के क्षेत्र में बहुविषयक अग्रणी संस्थान के रूप में अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त की है।

5. भारतीय पैकेजिंग संस्थान (आईआईपी)

यह मुंबई में स्थित है और संस्थान क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में हैं। इस संस्थान का उद्देश्य औद्योगिक शिक्षा, रोजगार की पीढ़ी और पैकेजिंग पाठ्यक्रम जारी करने का प्रमाण पत्र देना। इसको एशियाई पैकेजिंग फाउंडेशन द्वारा मान्यता प्राप्त है।

6. अखिल भारतीय कुटीर उद्योग बोर्ड

इसकी स्थापना 1948 में हुई थी। बोर्ड कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय और राज्य सरकार की सिफारिश करती रहती है। 1949 में केंद्रीय कोलाज एम्पोरियम की स्थापना दिल्ली में हुई थी। भारत के कुछ कुटीर उद्योग एवं उनके वितरण निम्नलिखित हैं: हथकरघा उद्योग; रेशम उद्योग; ऊनी वस्त्र उद्योग; मधुमक्खी पालन; चमड़ा उद्योग; गुड़ तथा खांडसारी उद्योग; और दियासलाई उद्योग।

7. गैर-लाभकारी गैर, सरकारी संगठन

भारतीय शिल्प परिषद (सीसीआई) की स्थापना 1964 में कमलादेवी चट्टोपाध्याय ने की थी। सीसीआई एक लाभकारी संस्था है जिसका मुख्यालय चेन्ना दस्तकर में है, यह 1981 में लाला तायाब जी द्वारा छह महिलाओं के समूह के साथ स्थापित किया था। दस्तकर कौशल प्रशिक्षण, सहयोगी डिजाइन नवाचार और उत्पाद विकास के माध्यम से शिल्प लोगों की सहायता करता है।

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