Advertisement

जैव विविधता से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों की सूची

‘जैव विविधता’ शब्द मूलतः दो शब्दों से मिलकर बना है- जैविक और विविधता। सामान्य रूप से जैव विविधता का अर्थ जीव जन्तुओं एवं वनस्पतियों की विभिन्न प्रजातियों से है। हम जानते हैं कि प्रदुषण, आक्रमणकारी जातीयों, मनुष्य द्वारा अधिशोषण एवं जलवायु परिवर्तन के कारण परितंत्रों में बदलाव हो रहा है। इसके संरक्षण के लिए स्व-स्थान (in-situ) एवं पर-स्थान (ex-situ) दोनों ही उपायों की आवश्यकता है।

जैव विविधता से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों की सूची

1. जैविक विविधता सम्मेलन (CBD)

इस सम्मेलन की स्थापना विभिन्न सरकारों द्वारा 1992 रियो डी जनेरियो में पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

लक्ष्य और उद्देष्य: आनुवंशिक संसाधन का उपयोग और जैविकविविधता पर आयोजित सम्मेलन के उपयोग (एबीएस) से होने वाले लाभों के निष्पक्ष और समान बंटवारा जैविकविविधता सम्मेलन का एक पूरक समझौता है। यह सीबीडी के तीन में से एक लक्ष्य के प्रभावी कार्यान्व्यन के लिए एक पारदर्शी कानूनी ढांचा प्रदान करता है। यह आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से उत्पन्न लाभ का उचित और न्यायसंगत बंटवारा भी करता है।

2. अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परामर्श समूह (CGIAR)

लक्ष्य और उद्देष्य: यह एक वैश्विक साझेदारी के लिए संगठनों को एकजुट करती है जो भविष्य के लिए खाद्य-सुरक्षित के लिए शोध में लगे हैं। प्रधान उद्देश्य ग्रामीण गरीबी को कम करना, खाद्य सुरक्षा में वृद्धि करना, मानव स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।

3. वन्य जीव और वनस्पति के लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर सम्मेलन (CITES)

लक्ष्य और उद्देष्य: इसका लक्ष्य है कि जंगली जानवरों और पौधों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में उनके अस्तित्व को खतरा न पहुचाये।

पर्यावरण प्रदूषण : अर्थ, प्रभाव, कारण तथा रोकने के उपाय

4. वन्य पशु की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर सम्मेलन (CMS)

लक्ष्य और उद्देष्य: इसका लक्ष्य है कि अपनी सीमा के दौरान स्थलीय, समुद्री और एवियन प्रवासी प्रजातियों को संरक्षित रखा जाये।

5. अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण और विकास संस्थान (IIED)

लक्ष्य और उद्देष्य: यह जैव विविधता, संरक्षण और स्थानीय लोगों की आजीविका के बीच मध्यस्थ स्थापित करके कार्य करता है।

6. खाद्य और कृषि के लिए संयंत्र आनुवंशिक संसाधनों पर अंतर्राष्ट्रीय संधि

लक्ष्य और उद्देष्य: मुख्य उद्देश्य खाद्य कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए जैव विविधता पर सम्मेलन के अनुरूप, खाद्य और कृषि के लिए पौधे आनुवांशिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग और जैविक विविधता पर सम्मेलन के अनुरूप उनके उपयोग से उत्पन्न लाभों के निष्पक्ष और न्यायसंगत साझाकरण कर सके।

ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन : कारण और परिणाम

7. रामसर सम्मेलन

लक्ष्य और उद्देष्य: अंतर्राष्ट्रीय महत्व की झीलों पर आधारित सम्मेलन, विशेषकर वाटरफाउल हैबिटेट जो झीलों के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य प्रगतिशील अतिक्रमण का मुकाबला करने तथा वर्तमान झीलों के नुकसान एवं भविष्य में झीलों के मौलिक पारिस्थितिक कार्यों तथा उनके आर्थिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, और मनोरंजन के मूल्य को पहचानना है। इसका नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर है। अंतर्राष्ट्रीय महत्व के झीलों की रामसर सूची में अभी 2,065 साइटें शामिल हैं।

8. विश्व विरासत सम्मेलन (WHC)

लक्ष्य और उद्देष्य: इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व के ऐसे स्थलों को चयनित एवं संरक्षित करना होता है जो विश्व संस्कृति की दृष्टि से मानवता के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ खास परिस्थितियों में ऐसे स्थलों को इस समिति द्वारा आर्थिक सहायता भी दी जाती है।प्रत्येक विरासत स्थल उस देश विशेष की संपत्ति होती है, जिस देश में वह स्थल स्थित हो; परंतु अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का हित भी इसी में होता है कि वे आनेवाली पीढियों के लिए और मानवता के हित के लिए इनका संरक्षण करें। बल्कि पूरे विश्व समुदाय को इसके संरक्षण की जिम्मेवारी होती है।

9. अंतरराष्ट्रीय पौध संरक्षण सम्मेलन (IPPC)

लक्ष्य और उद्देष्य: इस सम्मेलन के तहत आयातक देश की आवश्यकताओं के अनुसार निर्यात के लिए वस्तुओं का निरीक्षण वैधानिक है। राष्ट्रीय क्षमता विकास, राष्ट्रीय रिपोर्टिंग और विवाद निपटान को सुविधाजनक बनाकर, फाइटोसनेटरी उपायों (आईएसपीएम) के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों को विकसित करने के लिए तंत्र और आईपीपीसी के तहत आईएसपीएम और अन्य दायित्वों को लागू करने में मदद करने के लिए तंत्र प्रदान करता है।

ऊष्मीय या थर्मल प्रदूषण और इसके हानिकारक प्रभाव

10. व्हेलिंग नियमन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (IWC)

लक्ष्य और उद्देष्य: समझौते के उद्देश्यों में अत्यधिक शिकार से सभी व्हेल प्रजातियों का संरक्षण करना, व्हेल मछली पालन के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमन की एक प्रणाली की स्थापना करना है, जिससे व्हेल भंडारणों का उचित संरक्षण और विकास सुनिश्चित हो सके और व्हेल भंडारणों द्वारा भविष्य की पीढ़ियों, महान प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा का प्रतिनिधत्व करना शामिल है। इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्राथमिक साधन है जिसकी स्थापना सम्मेलन के अनुसार की गयी थी। आयोग ने अनूसूची में कई संशोधन किये जिसने सम्मेलन का आकार और बड़ा कर दिया गया है। आयोग प्रक्रिया में सरकारों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान आरक्षित किये गये हैं जिसमें व्हेल का शिकार भी शामिल है।

11. अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)

लक्ष्य और उद्देष्य: संगठन का घोषित लक्ष्य, विश्व की सबसे विकट पर्यावरण और विकास संबंधी चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने में सहायता करना है। संघ विश्व के विभिन्न संरक्षण संगठनों के नेटवर्क से प्राप्त जानकारी के आधार पर "लाल सूची" प्रकाशित करता है, जो विश्व में सबसे अधिक संकटग्रस्त प्रजातियों को दर्शाती है।

पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: समग्र अध्ययन सामग्री

Advertisement

Related Categories

Advertisement