विश्व के प्रमुख आर्द्रभूमि या वेटलैंड क्षेत्रों की सूची

आर्द्रभूमि (wetland) ऐसी भूभाग को कहते हैं जो पानी से संतृप्त (सचुरेटेड) होता है।  जैवविविधता की दृष्टि से आर्द्रभूमियाँ अंत्यंत संवेदनशील होती हैं। ईरान के रामसर शहर में 1971 में पारित एक अभिसमय (convention) के अनुसार आर्द्रभूमि ऐसा स्थान है जहाँ वर्ष में आठ माह पानी भरा रहता है। रामसर अभिसमय के अन्तर्गत वैश्विक स्तर पर वर्तमान में कुल 1929 से अधिक आर्द्रभूमियाँ हैं।

विश्व के प्रमुख आर्द्रभूमि या वेटलैंड क्षेत्र

मैथ्यू और फंग के अनुमान के अनुसार, दुनिया में 7 से 9 मिलियन वर्ग कि.मी आर्द्रभूमि या वेटलैंड है जो उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। विश्व के प्रमुख आर्द्रभूमि या वेटलैंड क्षेत्रों की चर्चा नीचे की गई है:

1. दक्षिण अमेरिका

यह उत्तर अमेरिका के दक्षिण पूर्व में स्थित पश्चिमी गोलार्द्ध का एक महाद्वीप है। भूमध्य रेखा इस के उत्तरी भाग से होकर गुजरती है एवं इस महाद्वीप की सबसे अधिक चौड़ाई उत्तर में ही है। अतः यहाँ का अधिकांश भाग उष्ण कटिबन्ध में पड़ता है इसलिए यहाँ की जलवायु मोटे तौर पर गर्म एवं नम है। इसका अधिकांश भाग दक्षिणी गोलार्ध में पड़ने की वजह से यहाँ के ऋतुओं का क्रम उत्तरी गोलार्ध के विपरीत होता है। यहाँ जनवरी में गर्मी की ऋतु तथा जुलाई में जाड़े की ऋतु होती है।

इस महाद्वीप के प्रमुख आर्द्रभूमि या वेटलैंड क्षेत्र:  वेनेजुएला का ओरिनोको नदी डेल्टा; लल्लनोस (पश्चिमी वेनेजुएला और उत्तरी कोलंबिया में पाए जाने वाले ओरिनोको नदी का पश्चिमी भाग); अमेज़न नदी क्षेत्र; पैंटोनल (दक्षिण-पश्चिमी ब्राजील में स्थित दुनिया के सबसे बड़े वेटलैंड्स में से एक)।

2. यूरोप

यह मुख्यतः शीतोष्ण जलवायु क्षेत्र में आता है। इसकी जलवायु गल्फ स्ट्रीम नामक इस समुद्री गर्म जलधारा के प्रभाव के कारण विश्व भर में एक ही अक्षांश पर स्थित अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम विषम है। गल्फ स्ट्रीम यहाँ की जलवायु को गर्म और नम बनाती है। गल्फ स्ट्रीम न केवल यहाँ के सागर तट को तुलनात्मक रूप से गर्म रखता है बल्कि अटलांटिक महासागर से महाद्वीप की ओर चलने वाली प्रचलित पश्चिमी हवाओं को भी गर्म करता है।

इस महाद्वीप के प्रमुख आर्द्रभूमि या वेटलैंड क्षेत्र:  रोन नदी डेल्टा (भूमध्य सागर डेल्टास); उत्तरी यूरोप के तटीय मार्श; पीटलैंड्स।

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3. अफ्रीका

यह  एशिया के बाद विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है। इसके के उत्तर में भूमध्यसागर एवं यूरोप महाद्वीप, पश्चिम में अंध महासागर, दक्षिण में दक्षिण महासागर तथा पूर्व में अरब सागर एवं हिन्द महासागर हैं। पूर्व में स्वेज भूडमरूमध्य इसे एशिया से जोड़ता है तथा स्वेज नहर इसे एशिया से अलग करती है। जिब्राल्टर जलडमरूमध्य इसे उत्तर में यूरोप महाद्वीप से अलग करता है। इस महाद्वीप में विशाल मरुस्थल, अत्यन्त घने वन, विस्तृत घास के मैदान, बड़ी-बड़ी नदियाँ व झीलें तथा विचित्र जंगली जानवर हैं।

इस महाद्वीप से भूमध्य रेखा लगभग मध्य से होकर गुजरती है। इसके उत्तर में कर्क रेखा तथा दक्षिण में मकर रेखा हैं। इस प्रकार अफ़्रीका महाद्वीप का अधिकांश भाग उष्ण कटिबन्ध में पड़ता है। उत्तर एवं दक्षिण के बहुत कम भाग समशीतोष्ण कटिबन्ध में पड़ते हैं। इसके  के पश्चिमी तट पर उत्तर में कैनेरी की शीतल धारा तथा दक्षिण में बेंगुला की शीतल धारा बहती है जिनके प्रभाव से अफ़्रीका के पश्चिमी भागों का तापक्रम कम रहता है। इन धाराओं के ऊपर बहने वाली पवनें अधिक नमी नहीं ग्रहण कर पातीं तथा वहाँ वर्षा नहीं होने से मरुस्थल मिलते हैं। इसके विपरीत पूर्वी तट पर उत्तर में मानसून की उष्ण धारा तथा दक्षिण में मोजम्बिक की उष्ण धारा के कारण पूर्वी भाग की जलवायु अपेक्षाकृत गर्म एवं नम होती है।

इस महाद्वीप के प्रमुख आर्द्रभूमि या वेटलैंड क्षेत्र: कांगो नदी आर्द्रभूमि, इनर नाइजर डेल्टा, ऊपरी नील नदी का सुद, और ओकावांगो डेल्टा।

4. ऑस्ट्रेलिया

यह अधिकारिक तौर पर दक्षिणी गोलार्द्ध के महाद्वीप के अर्न्तगत एक देश है जो दुनिया का सबसे छोटा महाद्वीप भी है और दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप भी, जिसमे तस्मानिया और कई अन्य द्वीप हिंद और प्रशांत महासागर में है। इसकी की तट रेखा 34,218 किलोमीटर (21,262 मील) है [सभी अपतट द्वीपों (Offshore islands) को छोड़कर] और 8,148,250 वर्ग किलोमीटर (3,146,060 वर्ग मील) के विस्तृत विशेष आर्धिक क्षेत्र पर अधिकार है। यह अर्दशुष्क या मरुस्थल है, इसमें अलपाइन झाडियों से लेकर उष्णदेशीय वर्षाप्रचुरवन के विमित्र आवासीय क्षेणी है और इसे बहुविधिता वाला देश माना जाता है। इसके दक्षिणी पूर्वी और दक्षिणी पश्चिमी किनारे की जलवायु समशीतोष्ण है।

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5. न्यूजीलैंड

यह लंबे संकीर्ण आकार में दो मुख्य भौगोलिक विशेषताओं से भरा देश है - समुद्र की निकटता, और पहाड़ों का प्रभुत्व। इसलिए यहाँ समुद्री जलवायु पायी जाती है। गर्मी में समुद्री पवनों से पूरा देश शीतल रहता है और जाड़े में वे ही समुद्री पवन देश को शीत की भीषणता से सुरक्षित रखते हैं। प्राय: पूरे वर्ष भर पछुआ हवाएँ बहती रहती हैं।

इस देश के नॉर्थ आइलैंड में सात प्रकार के आर्द्रभूमि या वेटलैंड पाए जाते हैं। साउथ आइलैंड में सालाना 2-10 मीटर बारिश होती है, इसलिए यहाँ कई तरह के आर्द्रभूमि या वेटलैंड क्षेत्र हैं।

6. एशिया

यह महाद्वीप भूमध्य सागर, अंध सागर, आर्कटिक महासागर, प्रशांत महासागर और हिन्द महासागर से घिरा हुआ है। काकेशस पर्वत शृंखला और यूराल पर्वत प्राकृतिक रूप से एशिया को यूरोप से अलग करते है। यहाँ की जलवायु में बहुत विभिन्नता है। दक्षिण पूर्व में यह आर्द्र है, किन्तु अधिकांश आन्तरिक भाग शुष्क हैं। यहाँ की कुछ पश्चिमी भागों के दैनिक तापमान तो इतने अधिक हैं कि पूरी पृथ्वी पर अधिकतम तापमान होंगे।

दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे बड़ी आर्द्रभूमि है। सिंधु, गंगा, चाओ प्रया, मेकांग, लाल इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ हैं।

चीन में लगभग 650,000 वर्ग कि. मी आर्द्रभूमि या वेटलैंड्स है जिनमे पर्ल और यांग्त्ज़ी नदी डेल्टा प्रमुख हैं तथा इनमें से 250,000 वर्ग कि.मी को आरक्षित किया गया है, और 400,000 वर्ग कि.मी का उपयोग चावल की खेती, मछली पालन और अन्य कार्यों के लिए किया जाता है।

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