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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस क्यों मनाया जाता है?

आजकल जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है वैसे ही ये हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है. ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि टेक्नोलॉजी हमारी हर जरुरत को पूरा करने में हमारी मदद करती है. ये हमारे काम को बेहतर और आसान बनाती है.

जरा सोचिये अगर टेक्नोलॉजी ना हो तो दूरसंचार, मेडिकल, शिक्षा, व्यापार आदि  में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. चाहे देश हो या विदेश अगर विकास करना है तो टेक्नोलॉजी की एक अहम भूमिका होती है.

भारत भी दिन-प्रतिदिन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विकास कर रहा है और हर साल भारत में 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) मनाया जाता है.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस ((National Technology Day) क्यों मनाया जाता है?

1998 में भारत एक उभरती हुई परमाणु शक्ति बन गया था क्योंकि 11 मई 1998 को सफलता पूर्वक परमाणु परीक्षण हुआ था और इसी सफलता को हासिल करने के बाद भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1999 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) मनाने की घोषणा की थी. तब से भारत इसको मनाता आ रहा है.

क्या आप जानते हैं कि इस परीक्षण को अंजाम देने के पीछे वैज्ञानिक अब्दुल कलाम आजाद का बहुत बड़ा हाथ था. इन्हीं के मार्गदर्शन के द्वारा ही भारत अपना परमाणु परीक्षण को सफलता से पूरा कर पाया और छठे नुक्लेअर पावर देश के रूप में उभरा था.
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के पीछे का इतिहास

11 मई, 1998 को पोखरण में परमाणु परीक्षण आयोजित किया गया था और वैज्ञानिकों, इंजीनियरों आदि की जबरदस्त उपलब्धियों के आधार पर, अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस घोषित किया. हर साल 1999 से, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (Technology Development Board, TDB) इस दिन विभिन्न तकनीकी नवाचारों का जश्न मनाता है जिसने देश पर सकारात्मक प्रभाव डाला है. साथ ही, हर साल TDB एक विषय यानी थीम का चयन करता है और इसके आधार पर देश में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता हैं. यह दिन हमारे दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व हो भी चिह्नित करता है.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day)  के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

- 11 मई 1998 को, पहले घरेलू स्तर पर तैयार एयरक्राफ्ट 'हंस-3' का परीक्षण बैंगलोर से किया गया था.

- भारत ने इसी दिन त्रिशूल मिसाइल का भी सफलता पूर्ण परीक्षण किया.

- 11 मई, 1998 को ऑपरेशन शक्ति (पोखरण -II) का भी परीक्षण किया गया था.

- उस समय बहुत कम देशों के पास परमाणु शक्ति होती है और भारत इस परीक्षण के बाद परमाणु क्लब में शामिल होने वाला छठा देश बन गया था.

- हर साल, इसी दिन, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (Technology Development Board, TDB) भारत स्वदेशी प्रौद्योगिकी में उनके योगदान के लिए विभिन्न व्यक्तियों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित करती हैं.

इसलिए, हम कह सकते हैं कि यह दिन हमारे जीवन में विज्ञान के महत्व को दिन-प्रतिदिन गौरवान्वित करता है और हमें करियर के क्षेत्र के रूप में विज्ञान को अपनाने के लिए प्रेरित भी करता है.

पृथ्वी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

क्या आप जानते हैं ‘ऑपरेशन शक्ति’ क्या है?

पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण मई, 1974 को 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से किया गया था.

दूसरा परीक्षण पोखरण II था जो मई 1998 में भारतीय सेना के पोखरण टेस्ट रेंज में भारत द्वारा प्रशासित परमाणु बम विस्फोट के पांच परीक्षणों की एक श्रृंखला थी.

पोखरण II या ऑपरेशन शक्ति में पांच परीक्षण शामिल थे, जिनमें से पहला एक संलयन बम था जबकि अन्य चार विखंडन बम थे.

11 मई, 1998 को ऑपरेशन शक्ति या पोखरण II को दो विखंडन और एक संलयन बम के परीक्षण के साथ शुरू किया गया था.

13 मई, 1998 को दो अतिरिक्त विखंडन बम का परीक्षण किया गया और उस समय भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे जिन्होंने तत्कालीन भारत को पूर्ण परमाणु राज्य घोषित करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी.

ऑपरेशन का मूल नाम 'ऑपरेशन शक्ति-98' था और पांच परमाणु उपकरणों को शक्ति I से शक्ति V के रूप में वर्गीकृत किया गया था. अब, पूरे ऑपरेशन को पोखरण II के रूप में जाना जाता है. 1974 में पोखरण I का परीक्षण हुआ था.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2018 (National Technology Day) का थीम

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2018 का थीम है “Science and Technology for a Sustainable Future”.

इस दिन को भारत की केंद्र सरकार, अनुसंधान विभाग एवं संबंधित कार्यालय मिलकर मनाते है और नई थीम की घोषणा करते हैं.

इस थीम के पीछे TDB का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ावा देना है. इसके लिए, विभिन्न परियोजनाओं का उत्पादन हो रहा है जिसमें सामग्रियों, उपकरणों और प्रक्रियाओं को शामिल किया गया हैं.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) कैसे मनाते हैं

- विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाता है. जिसमें देश की तरक्की के लिए नई-नई तकनीकों के विचारों का स्वागत किया जाता है.

- पुरुस्कारों का भी वितरण इसी दिन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा किया जाता हैं. ये सम्मान उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिन्होंने तकनीक क्षेत्र में अपना उत्क्रष्ट योगदान दिया हो.

- भारत के लगभग सभी टेक्नीकल कॉलेज में इस दिन कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जिसमें छात्र प्रेजेंटेशन, प्रोजेक्ट आदि के द्वारा इस दिन के बारे में बताते हैं.

- कॉलेजों में होने वाली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है.

- मिडिया भी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के दिन होने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को देश भर में दिखाती हैं ताकि इसके महत्व का पता चल सके.

- कई संस्थानों में स्क्रिप्ट, भाषण या निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन थीम के अनुसार किया जाता है.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के कार्यक्रमों के जरिये विज्ञान और तकनीक के द्वारा होने वाले फायदों को बताया जाता है, जो सम्पूर्ण राष्ट्र को तनिक में विकास की और अग्रसर करता है. तकनीक के बिना हमारे भविष्य की कल्पना करना असम्भव है. परन्तु इसके लिए हमें संतुलन और जागरूकता की भी आवश्यकता है. इसलिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है.

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