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एकदिवसीय क्रिकेट के 21 ऐसे नियम जो आपको पता नहीं होंगे

विश्व में क्रिकेट के खेल की सबसे बड़ी संचालक संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (ICC) द्वारा समय-समय पर क्रिकेट को और भी रोचक बनाने हेतु नये नये नियमों को लागू किया जाता रहा है. इस लेख में वर्तमान में क्रिकेट के बहुत ही खास लेकिन कम प्रचलित नियमों के बारे में बताया गया है.

1. टाइम आउट का नियम: यदि कोई खिलाड़ी आउट/रिटायर्ड हर्ट हो जाता है तो आगे आने वाले बल्लेबाज को 3 मिनट के अंदर अंपायर से गार्ड ले लेना चाहिए या खेलने के लिए क्रीज पर आ जाना चाहिए अन्यथा खेलने के लिए आये खिलाड़ी को आउट करार दे दिया जाता है.

2. अपील नहीं आउट नहीं: अगर कोई बल्लेबाज किसी तरह (जैसे एलबीडबल्यू, इत्यादि) से आउट हो जाता है और फील्डिंग करने वाली टीम इसके आउट होने की अपील नहीं करती है तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता है. ICC के नियम 27 के तहत खिलाडियों द्वारा अपील जरूरी होती है.

3. बैल्स नहीं गिरी तो आउट नहीं: किसी बल्लेबाज के बोल्ड आउट होने के लिए जरूरी है कि जब गेंद स्टंप से टकराए तो विकेट पर रखी बैल्स गिर जानी चाहिए. अगर गेंद विकेट के टकराई और बैल्स नहीं गिरी तो बल्लेबाज आउट नहीं माना जाता है.

अगस्त, 2017 में श्रीलंका के तेज गेंदबाज़ विश्वा फ़र्नांडो, महेंद्र सिंह धोनी को गेंदबाज़ी कर रहे थे और तभी तीसरी गेंद जाकर सीधा मिडल स्टंप से टकराई. गेंद मिडल स्टंप से टकराई जरुर, लेकिन बैल्स नीचे नहीं गिरी जिसके कारण धोनी बोल्ड होने के बाद भी नॉट आउट ही रहे और टीम इंडिया मैच जीतने में कामयाब हो सकी.

4. घायल खिलाड़ियों के नियम: अगर खिलाड़ी मैदान से बाहर घायल होने के बाद जाता है और मैदान में आने के बाद अंपायर को जानकारी नहीं देता तो फील्डिंग करने वाली टीम के 5 रन कट जाते हैं.

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5. गेंद के साथ छेड़खानी: गेंद को हाथ से छूने पर बल्लेबाज को आउट दे दिया जाता है. अब तक ऐसे 9 मामले हुए हैं जब बल्लेबाज ने हाथ से गेंद को रोका और उसे आउट दिया गया है.

 

6. मैनकेडिंग, गेंद फेंकने से पहले छोड़ी क्रीज: इस नियम के तहत जब रनिंग करने वाला बल्लेबाज गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज छोड़ जाता है ऐसे में आउट होने को मैनकेडिंग कहते हैं. लेकिन यह रनआउट गेंदबाज के खाते में नहीं जाता है.

7. शॉट खेलने का समय: साधारणतः ऐसा होता है कि जब कोई बॉलर गेंद फेकने के लिए तैयार हो जाता है तो बैट्समैन को शॉट लेने के लिए तैयार रहना चाहिए. लेकिन यह भी नियम है कि यदि कोई बैट्समैन 2 मिनट के अंदर शॉट खेलने के लिए तैयार नहीं होता है तो पहले उसे वार्निंग दी जाती है और यदि वह इस गलती को दुबारा करता है तो अंपायर फील्डिंग करने वाली टीम को पेनल्टी के तौर पर 5 रन दे देता है.

8. बैट्समैन को डिस्टर्ब करना: यदि कोई फील्डिंग करता खिलाड़ी बैटिंग करते हुए खिलाड़ी को शॉट खेलने से पहले डिस्टर्ब करता है और बॉल फेंक दी जाती है तो ऐसी बाल को डेड करार दिया जाता है और बैटिंग कर रही टीम को अंपायर की ओर से 5 रन पेनल्टी के तौर पर दिए जाते हैं.

 

9. केवल 4 अतिरिक्त खिलाड़ी: किसी भी मैच के पहले हर टीम के कप्तान को 11 खिलाडियों की लिस्ट मैच रेफरी को देनी होती है इसमें 4 खिलाडियों को टॉस होने से पहले अतिरिक्त खिलाडियों के तौर पर भी चुना जाता है और यही 4 खिलाड़ी मैच में अतिरिक्त क्षेत्ररक्षक के तौर पर खेल सकते हैं कोई और नहीं.

10. नो बॉल पर आउट कैसे: यदि किसी बॉल को नो बॉल करार दिया गया है तो खिलाड़ी अन्य तरीकों से तो आउट नही होगा लेकिन, निम्न तरीकों से आउट हो सकता है;

a. बॉल को दो बार हिट करने पर

b. मैदान में बाधा उत्पन्न करने पर

c. रन आउट

11. नॉमिनेटेड कप्तान नहीं होने के बावजूद, अगर कोई कप्तान किसी मैच में खेलता है और मैच के दौरान ओवर रेट के नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो आईसीसी आचार संहिता के अनुसार उसके ऊपर पेनाल्टी लगायी जायगी. जैसे भारत के नियमित कप्तान कोहली हैं लेकिन यदि किसी मैच में रोहित शर्मा कप्तानी कर रहे हैं और उस मैच में कोहली भी खिलाड़ी के तौर पर खेल रहे हैं तो मैच के दौरान ओवर रेट के नियमों का उल्लंघन के लिए कोहली पर पेनल्टी लगायी जाएगी.

12. यदि प्लेयिंग टीम में नॉमिनेशन सौंपने के बाद कोई परिवर्तन करना है तो विपक्षी टीम के कप्तान की सहमती से ही ऐसा किया जा सकता है.

13. आईसीसी मैच रेफरी उन्ही देशों से नहीं होगा जिन देशों के बीच मैच खेला जा रहा है.

14. किसी भी टीम को अंपायर या मैच रेफरी की नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताने का अधिकार नहीं होता है.

15. मैच के दौरान किसी अंपायर को बदला नहीं जाएगा हालाँकि असाधारण परिस्थितियों जैसे घायल या बीमार होने की दशा में ऐसा किया जा सकता है.

16. मैच की बॉल का वजन 155.9 ग्राम से 163 ग्राम के बीच और परिधि 22.4 सेमी से 22.9 सेमी के बीच की होनी चाहिए. अब बल्लों की मोटाई को 108 मिमी तक, गहराई को 67 मिमी तक और किनारों को 40 मिमी तक सीमित कर दिया गया है.

17. यदि किसी मैच के दौरान बॉल खो जाती है तो नयी बॉल उतनी की पुरानी होनी चाहिए जितनी पुरानी खोने वाली बॉल थी.

 

18. मैच में हर घंटे में कम से कम 14.28 ओवर फेंके ही जाने चाहिए अन्यथा फील्डिंग साइड के कप्तान पर स्लो ओवर रेट के कारण पेनल्टी लगायी जाती है.

19. यदि कोई साइड रिव्यु लेना चाहती है तो उसे यह निर्णय बॉल के फेंके जाने के 15 सेकंड के अंदर लेना होता है. रिव्यु लेने के लिए खिलाड़ी को दोनों हाथों से ‘T’ का निशान बनाना होता है और यह निशान कम से कम सिर की ऊँचाई तक ऊपर उठाना होता है.

 20. किसी भी पूरे मैच के लिए कुल 420 मिनट का समय अलोट होता है.

21. खेल के दौरान पिच पर पानी नहीं डाला जाना चाहिए.

सारांश के तौर पर यह कहा जा सकता है कि वैसे तो क्रिकेट के सामान्य नियमों को लगभग हर क्रिकेट प्रेमी जानता है लेकिन ऊपर लिखे गए नियम बहुत कम ही लोगों को पता होते हैं जिसके कारण उनको खेल में उतना आनंद नहीं मिलता है जितना मिलना चाहिए होता है. इसके अलावा ऊपर लिखे गए नियम बहुत से इंटरव्यू में भी अक्सर पूछे जाते हैं इसलिए इन नियमों पर विशेष ध्यान दें.

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