Ram Janmabhoomi: अयोध्या में दर्शन करने के लिए 7 स्थान

Ram Janmabhoomi: अयोध्या को साकेत के नाम से भी जाना जाता था जो भारत का एक प्राचीन शहर था. यह भगवान राम की जन्मभूमि है और यहीं महान महाकाव्य रामायण की स्थापना हुई. उत्तर प्रदेश के मध्य क्षेत्र में, यह फैजाबाद शहर के निकट है. अयोध्या पहले प्राचीन कोसल साम्राज्य की राजधानी थी. इसे सात सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों या मोक्षदायिनी सप्त पुरियों में से एक माना जाता है. 

अयोध्या में घूमने या दर्शन करने के लिए 7 स्थान

भगवान राम की जन्मभूमि होने के कारण अयोध्या में कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान देखने लायक हैं. उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

1. राम की पैड़ी
सरयू नदी के तट पर, राम की पैड़ी घाटों की एक श्रृंखला है. इस स्थान की सुन्दरता पूर्णिमा के दिन देखते बनती है. भक्तों की यह मान्यता है कि यहाँ नदी में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं.

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2. नागेश्वर नाथ मंदिर

अयोध्या में, नागेश्वर नाथ मंदिर राम की पैड़ी में स्थित है और भगवान शिव को समर्पित है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण राम के छोटे पुत्र कुश ने करवाया था. इसके पीछे किंवदंती यह है कि कुश ने सरयू नदी में नहाते समय अपना बाजूबंद खो दिया था, जिसे एक नाग-कन्या ने उठा लिया था और वापिस लौटाया था. नाग कन्या कुश पर मोहित हो गयी, चूंकि वह शिव की भक्त थी इसलिए कुश ने नाग कन्या के लिए यह मंदिर बनवाया था. 1750 में, वर्तमान मंदिर का जीर्णोधार नवाब सफ़दरजंग के मंत्री ने कराया था, जिसका नाम नवल राय था. इस मंदिर में शिवरात्रि का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है.

3.  बिरला मंदिर या श्री राम जानकी बिरला मंदिर

यह एक नवनिर्मित मंदिर है जो अयोध्या-फैजाबाद के रास्ते में अयोध्या बस स्टॉप के सामने स्थित है. मंदिर भगवान राम और देवी सीता को समर्पित है.

4. हनुमान गढ़ी

यह अयोध्या रेलवे स्टेशन से 1 किमी दूर है और पवनपुत्र हनुमान को समर्पित है. इस मंदिर का निर्माण विक्रमादित्य ने करवाया था जो बाद में हनुमान गढ़ी के नाम से जाना जाने लगा. ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान या पवनपुत्र हनुमान अयोध्या की  कोतवाल के रूप में रक्षा करते हैं. मुख्य मंदिर में, आप पाएंगे कि माता अंजनी की गोद में बाल (युवा) हनुमान की एक सुंदर मूर्ति को बैठे हुए दर्शाया गया है.

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5. कनक भवन

यह मंदिर अयोध्या में राम जन्म भूमि, रामकोट के उत्तरपूर्व में स्थित है.  यह अयोध्या में सबसे बेहतरीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है.  ऐसा माना जाता है कि भगवान राम से विवाह के तुरंत बाद यह भवन माता कैकेयी द्वारा देवी सीता और प्रभु श्री राम को उपहार में दिया गया था. यह उनका व्यक्तिगत महल था. मंदिर को विक्रमादित्य द्वारा पुनर्निर्मित किया गया था. बाद में, मंदिर का पुनर्निर्माण या नवीनीकरण भानु कुंवारी द्वारा किया गया जो आज भी मौजूद है. मुख्य गर्भगृह में स्थापित मूर्तियाँ भगवान राम और देवी सीता की हैं.

6. देवकाली

रामायण महाकाव्य के विविध प्रसंगों में इस मंदिर का विवरण पाया जाता है और यह नया घाट के पास स्थित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम के साथ देवी सीता के विवाह के बाद, वे गिरिजा देवी की मूर्ति को अपने साथ लेकर अयोध्या आई थी. महाराज दशरथ ने एक सुंदर भव्य मंदिर का निर्माण करवाया और उसमें प्रतिमा की स्थापना करायी थी, देवी सीता इस मंदिर में प्रतिदिन पूजा अर्चना किया करती थीं. आज भी इस मन्दिर में माता देवकाली की भव्य प्रतिमा स्थित है.

7. जैन श्वेताम्बर मंदिर

जैसा कि हम जानते हैं कि अयोध्या वह स्थान है जहाँ विभिन्न 'तीर्थंकरों' के जीवन से सम्बंधित 18 कल्याणक घटित हुए हैं. यहाँ, पाँच तीर्थंकर पैदा हुए थे और उन्होंने अपने धार्मिक मूल्यों का प्रचार किया जिसमें वे आदिनाथ, अजितनाथ, अभिनंद नाथ, सुमतिनाथ, और अनंतनाथ शामिल हैं. इन तीर्थंकरों की जन्मस्थली को चिह्नित करने के लिए, फैजाबाद के नवाब के कोषाध्यक्ष केसरी सिंह ने पांच मंदिरों का निर्माण करवाया था.

दिगंबर जैन संप्रदाय का यह मंदिर प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव को समर्पित है जिन्हें अतिरिक्त रूप से आदिनाथ, पुरदेव, वृषभदेव और इत्यादि नामों से भी जाना जाता है. आधुनिक समय में यह बड़ी मूर्ति के नाम से प्रसिद्ध है और अयोध्या के रायगंज इलाके में स्थित है. यहां ऋषभदेव की 31 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है. इस स्थान को आचार्य रत्न देशभूषणजी महाराज और आर्यिका ज्ञानमती माताजी के द्वारा वर्तमान समय में पुनः उद्धार किया गया है.

तो ये थे अयोध्या में घूमने या दर्शन करने के लिए ये कुछ ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल.

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