जानें भारतीय थलसेना कितनी ताकतवर है?

भारत के सैनिकों को पृथ्वी पर लड़ी जाने वाली लडाइयों के लिए दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सैनिकों में गिना जाता है. यह कहना गलत नही होगा कि यदि “किसी सेना में अगर अंग्रेज अफसर हो, अमेरिकी हथियार हों और हिंदुस्तानी सैनिक हों तो उस सेना को युद्ध के मैदान में हराना नामुमिकन होगा.”

भारत की थल सेना दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी सेना है. भारत के पास 14 लाख एक्टिव सेना और 11.55 रिज़र्व सेना होने के साथ-साथ 20 लाख पैरामिलिट्री फ़ोर्स भी है. वर्ल्ड इकनोमिक फोरम के अनुसार वर्ष 2017 में भारत का रक्षा बजट 67 अरब डॉलर था.

इस लेख में हम भारत की थल सेना की ताकत के बारे में बता रहे हैं. ध्यान रहे कि इस लेख में सिर्फ वही जानकारी दी गयी है जो कि इन्टरनेट पर सभी के लिए उपलब्ध है. हमने इसमें यह भी प्रयास किया है कि भारतीय सेना की कोई ख़ुफ़िया जानकारी यहाँ पर ना दी जाये.

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आइये अब केवल थल सेना की ताकत को जानते हैं;

भारत की थल सेना की ताकत;

1. Total Soldiers: 14 lac active and 11.55 lac reserve army and 2 million paramilitary force

2. Tanks : 6464

3. Armoured Fighting Vehicle (AFV):6704

4. Self Propelled Guns: 290

5. Towed Artillery Vehicles: 7414

6. Multiple Rocket Launcher: 292

7. Nuclear Warheads: 110-120

जैसा कि हम सभी जानते हाँ कि आज के समय में युद्ध हाथों से नहीं बल्कि हथियारों से लड़ा जाता है. इसलिए भारत की थल सेना को मजबूत बनाती है भारत के पास मौजूद तकनीकी. आइये जानते हैं कि भारत के पास कितनी मजबूत तकनीकी है.

भारत के पास निम्न मिसाइल्स हैं:

1. सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस: भारत की सबसे खतरनाक मिसाइल ब्रह्मोस है जो कि 4,900 किमी/घंटा की गति से अटैक करती है. अर्थात ब्रह्मोस ध्वनि की गति की 2.8 गुना तेजी से हमला कर सकती है.

उम्मीद है कि सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस उन्नत इंजन के साथ 10 साल में हाइपरसोनिक क्षमता से लैस हो जाएगी और मैक-7 (ध्वनि की गति की सात गुना की सीमा) को पार कर लेगी. अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के पास इससे ज्यादा खतरनाक मिसाइल नहीं है.

2.पृथ्वी मिसाइल:  यह सतह से सतह पर मार करने वाली स्वदेशी तकनीकी से विकसित परमाणु बम ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल है. यह 350 किलोमीटर दूरी तक जमीन से जमीन पर मार करने की क्षमता रखती है. यह मिसाइल किसी भी एंटी बैलिस्टिक मिसाइल को धोखा देने की विशेषताएं रखती है. इसकी मदद से जम्मू कश्मीर से लाहौर तक निशाना लगाया जा सकता है.

3. अग्नि-5 मिसाइल: अग्नि-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है. भारत में बनी ज़मीन से ज़मीन पर मार कर सकने वाली ये मिसाइल 5000 किलोमीटर की रेंज तक किसी लक्ष्य को नष्ट कर सकती है. अग्नि-5 इस सिरीज़ की सबसे आधुनिक मिसाइल है, क्योंकि नेविगेशन, गाइडेंस, वॉरहेड और इंजन, सभी के मोर्चे पर ये अपने पुराने साथियों से बेहतर बताई जाती है.

4. अर्जुन टैंक (MBT): अर्जुन टैंक का नाम महाभारत के पात्र अर्जुन के नाम पर ही रखा गया है. इसका निशाना भी महाभारत के अर्जुन की तरह एकदम अचूक है. अर्जुन एक तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी) है. इसे भारतीय सेना के लिए भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है. अर्जुन टैंक को 1 हज़ार 400 हॉर्स पॉवर के इंजन से ताकत मिलती है. अर्जुन टैंक की अधिकतम रफ्तार 67 किलोमीटर प्रति घंटा है हालाँकि ऊंचे-नीचे रास्तों पर ये टैंक 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है. वर्ष 2009 में अर्जुन टैंक को भारतीय सेना में शामिल किया गया था. भारत के पास इनकी संख्या लगभग 248 है.

5. पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर:  पिनाका भारत में निर्मित और भारतीय सेना के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक मल्टी बैरल लांचर है. इसका मार्क 1 सिस्टम 40 किमी. तक और मार्क 2 75 किमी. तक मार कर सकता है.

यह 44 सेकंड में 12 उच्च विस्फोटक वाले रॉकेट लांच कर सकता है. पिनाका ने कारगिल युद्ध के दौरान अपनी जबरदस्त सेवा दी और पहाड़ की चोटी पर बैठे दुश्मन की स्थिति को बेअसर करने में सफल रहा था. वर्ष 2014 से हर वर्ष लगभग 5000 मिसाइल का उत्पादन किया जा रहा है.

तोप: भारत के पास अमेरिका के खरीदी गयी 145; M-777 होवित्जर तोपें हैं जिन्हें हल्की होने के कारण पहाड़ों पर भी चढ़ाया जा सकता है.

नुक्लेअर ट्रायड: भारत नुक्लेअर ट्रायड की क्षमता रखने वाला देश है. इसका मतलब है कि भारत थल, जल और नभ तीनों जगहों से हमला कर सकता है.

इस प्रकार ऊपर दिए गये तथ्यों से स्पष्ट है कि भारत रक्षा के क्षेत्र में उभरती हुई सुपर पॉवर है. अब भारत किसी भी देश के खिलाफ अपनी सैन्य शक्ति के दम पर अपनी संप्रभुता और मातृभूमि की रक्षा कर सकता है.

यदि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो इसके क्या परिणाम होंगे?

जानें भारतीय वायुसेना के बारे में

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