COVID19 से लड़ने के लिए टी-सेल और उनकी भूमिका क्या है?

मर्क मैनुअल (Merck Manuals) के अनुसार, प्रतिरक्षा प्रणाली अगर सही से काम करती है तो वायरस, बैक्टीरिया और परजीवियों जैसे खतरों के प्रसार की पहचान करती है, और उन्हें शरीर के स्वस्थ ऊतक से अलग करती है.

टी कोशिकाओं या टी-सेल और रिसर्च के बारे में विस्तार से अध्ययन करने से पहले, प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) के बारे में अध्ययन करते हैं.

मोटे तौर पर, प्रतिरक्षा प्रणाली को दो अर्थात् गैर-विशिष्ट (अंतर्जात) प्रतिरक्षा (innate immunity) और विशिष्ट प्रतिरक्षा (adaptive immunity) में वर्गीकृत किया गया है.

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के अनुसार, आप अंतर्जात प्रतिरक्षा के साथ पैदा होते हैं और इसके जरिए मानव शरीर अपने आप को ऐसे बाहरी पदार्थों से रक्षा करता है जो कथित रूप से हानिकाकर माने जाते हैं. इसके घटक त्वचा, पेट में एसिड, आंसू और त्वचा के तेल में पाया जाने वाला एक एंजाइम, बलगम और कफ हैं. अंतर्जात प्रतिरक्षा के रासायनिक घटक इंटरफेरॉन (interferon) और इंटरल्यूकिन-1 (interleukin-1) हैं. यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि अंतर्जात प्रतिरक्षा गैर-विशिष्ट है जो कि विशिष्ट खतरों से रक्षा नहीं करती है.

दूसरी ओर, विशिष्ट प्रतिरक्षा (adaptive immunity) NLM के अनुसार शरीर के लिए विशिष्ट खतरों को लक्षित करती है. इस तरह की प्रतिरक्षा में, खतरे को शरीर द्वारा पहचानना जरुरी होता है. फिर, प्रतिरक्षा प्रणाली खतरे से लड़ने के लिए एंटीबॉडी उत्पन्न करती है. जब खतरा बेअसर हो जाता है, तो विशिष्ट प्रतिरक्षा प्रणाली इसे याद रखती है और भविष्य में, यह उसी रोगाणु के लिए प्रतिक्रिया को अधिक कुशल बनाती है. यानी ऐसा कहा जा सकता है कि विशिष्ट प्रतिरक्षा क्षमता किसी विशिष्ट पैथोजन के खिलाफ लक्षित अनुक्रिया करती है. केवल कशेरुकियों में ही विशिष्ट प्रतिरक्षा अनुक्रियाएं होती हैं.

अंतर्जात प्रतिरक्षा के प्रमुख सेल प्रकार (Major cell types of Innate immunity): Macrophages, Neutrophils, Natural Killer Cells, Dendritic Cells, Basophils, Eosinophils

विशिष्ट प्रतिरक्षा के प्रमुख सेल प्रकार (Major cell types of Adaptive immunity): T cells, B cells, and other antigen-presenting cells.

अंतर्जात प्रतिरक्षा के उदाहरण (Innate Immunity examples): Skin, hair, cough, mucous membranes, phagocytes, granulocytes

विशिष्ट प्रतिरक्षा के उदाहरण (Adaptive Immunity examples): Pus, swelling, redness, pain, T and B lymphocyte response

अंतर्जात प्रतिरक्षा के मुख्य घटक (Innate immunity key components): Antimicrobial peptides and proteins like toxic granules

विशिष्ट प्रतिरक्षा के मुख्य घटक (Adaptive Immunity Key components): Antibodies

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अगर हम अंतर्जात प्रतिरक्षा की विविधता और अनुकूलन के बारे में बात करते हैं तो यह सीमित है यानी उपयोग किए जाने वाले रिसेप्टर्स मानक हैं और केवल एंटीजन पैटर्न को पहचानते हैं. प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को अनुकूलित करने के लिए कोई नया रिसेप्टर्स नहीं बनाया जाता है. विशिष्ट प्रतिरक्षा के बारे में दूसरी ओर, यह अत्यधिक विविधतापूर्ण है कि यह आनुवंशिक पुनर्संयोजन द्वारा एपिटोप्स और एंटीजेनिक निर्धारकों को पहचानने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है.

अब हम टी कोशिकाओं या टी-सेल के बारे में अध्ययन करते हैं. टी सेल को टी लिम्फोसाइट एक प्रकार का ल्यूकोसाइट (व्हाइट ब्लड सेल) के रूप में भी जाना जाता है और यह प्रतिरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. आपको बता दें कि टी कोशिकाएं दो प्रकार के लिम्फोसाइटों में से एक होती हैं जिसमें बी कोशिकाएं दूसरा प्रकार है जो शरीर में एंटीजन के प्रति प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की विशिष्टता निर्धारित करती हैं.

दोनों कोशिकाएं अस्थि मज्जा (bone marrow) में उत्पन्न होती हैं और रोगजनकों और अन्य हानिकारक, बाहरी पदार्थों जैसे बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी और मृत कोशिकाओं को पहचानने में शामिल होती हैं.

अस्थि मज्जा (bone marrow) में उत्पादित टी कोशिकाएं थाइमस में परिपक्व होती हैं. यहां, टी कोशिकाएं मल्टीप्लाई और अलग हो जाती हैं: सहायक (helper), विनियामक (regulatory) या साइटोटोक्सिक टी कोशिकाओं (cytotoxic T cell) में या मेमोरी टी कोशिकाएं बन जाती हैं. वहां से उन्हें परिधीय ऊतकों (peripheral tissues) में भेजा जाता है या फिर रक्त या लसीका प्रणाली (lymphatic system) में प्रसारित होते हैं.

जब एक एंटीजन द्वारा उत्तेजित किया जाता है तो हेल्पर टी कोशिकाएं (helper T cells) साइटोकिन्स (cytokines) नामक रासायनिक संदेशवाहक का स्राव करती हैं जो आगे चलकर प्लाज्मा कोशिकाओं में बी कोशिकाओं के विभेदन को उत्तेजित करता है जोकि एंटीबॉडी-उत्पादक कोशिकाएं हैं. नियामक टी कोशिकाएं (Regulatory T cells) प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं और साइटोटोक्सिक टी कोशिकाओं को नियंत्रित करने के लिए कार्य करती हैं जो कई साइटोकिन्स द्वारा सक्रिय होते हैं और कोशिकाओं और कैंसर कोशिकाओं को मारते हैं. फेगोसाइटोसिस (phagocytosis) द्वारा साइटोटॉक्सिक टी कोशिकाएं (Cytotoxic T cells) रोगजनकों (pathogens) को नष्ट कर देती हैं.

यहां एक बात ध्यान में रखने वाली है कि रोग की गंभीरता इन टी सेल प्रतिक्रियाओं के बल पर निर्भर हो सकती है.

टी कोशिकाओं और बी कोशिकाओं में मुख्य अंतर यह है कि टी कोशिकाएं केवल संक्रमित कोशिकाओं के बाहर वायरल एंटीजन को पहचान सकती हैं और बी कोशिकाएं बैक्टीरिया और वायरस की सतह एंटीजन को पहचान सकती हैं.

आइये अब कोरोनावायरस से लड़ने में टी कोशिकाओं और बी कोशिकाओं की क्या भूमिका हो सकती है के बारे में अध्ययन करते हैं.

Cell में प्रकाशित एक अध्ययन प्रतिरक्षा (immunity) के संधर्भ में अच्छी खबर प्रतीत होती है. “Targets of T cell responses to SARS-CoV-2 coronavirus in humans with COVID-19 disease and unexposed individuals”.

यह रेखांकित करती है कि SARS-CoV-2 के लिए प्रतिरक्षा को मापना COVID-19 और टीका विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है. अध्ययन से पता चलता है कि कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों के पास प्रतिरक्षा सेल होते हैं जोकि टी कोशिकाएं हैं जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं. ये सेल लोगों को COVID-19 से उबरने में मदद कर सकते हैं लेकिन सटीक भूमिका अभी भी स्पष्ट नहीं है.

शोधकर्ताओं ने पाया कि टी कोशिकाएं जो SARS-CoV-2 यानी वो वायरस जो COVID-19 का कारण बनता है को, एक व्यक्ति के रक्त में एक कोरोनावायरस संक्रमण से रिकवर करने में लक्षित करती हैं. आगे शोधकर्ताओं ने बताया कि कुछ लोग जो कभी भी वायरस के संपर्क में नहीं आए थे, उनमें भी टी कोशिकाएं थीं जो वायरस को पहचान सकती थीं. इस खोज से पता चलता है कि आम सर्दी की तरह अन्य कोरोनावायरस के साथ पिछले संक्रमण नए कोरोनावायरस के खिलाफ कुछ स्तर की सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं जो लोगों को गंभीर बीमारियों को विकसित करने से बचा सकते हैं.

लेकिन फिर भी, यह स्पष्ट नहीं है कि ये बचाव लोगों को SARS-CoV-2 के बाद फिर से इन्फेक्शन होने से बचा सकते हैं और यह कितने समय के लिए होगा. एक अध्ययन में कैलिफोर्निया में ला जोला इंस्टीट्यूट फॉर इम्यूनोलॉजी (La Jolla Institute for Immunology) के शोधकर्ताओं ने 20 वयस्कों से रक्त लिया, जो COVID-19  से ठीक हुए थे और SARS-CoV-2 वायरस के प्रोटीन के नमूनों में एक्सपोस किया.  CD4+ हेल्पर टी कोशिकाएं उन सभी रोगियों में मौजूद थी जिन्होंने वायरस के स्पाइक प्रोटीन को पहचाना और उनमें से 70 प्रतिशत में CD8+ किलर टी कोशिकाएं थीं जो एक ही प्रोटीन पर प्रतिक्रिया देती थीं. जैव सूचना विज्ञान उपकरण का उपयोग करके, संस्थान की एक टीम ने अनुमान लगाया की कौन से वायरल प्रोटीन टुकड़े सबसे शक्तिशाली टी सेल प्रतिक्रियाओं को उत्तेजित करेंगे.

वास्तव में, ला जोला टीम ने 2015 और 2018 के बीच एकत्र किए गए रक्त के नमूनों का भी परीक्षण किया, जब इस तरह की महामारी नहीं थी, यह देखने के लिए किया कि उन लोगों को जो कभी भी SARDS-CoV-2 के संपर्क में नहीं आए थे, फिर भी उनमें कुछ प्रतिरक्षा हो सकती है. उन्होंने पाया कि लगभग आधे नमूनों में CD4+ T सेल ने SARS-CoV-2 के लिए प्रतिक्रिया की. यह अन्य कोरोनावायरस के संपर्क में आने के कारण हो सकता है जो सर्दी बिमारी होने का कारण बनते हैं.

एक और अध्ययन है जो बर्लिन में चैरिट यूनिवर्सिटी अस्पताल (Charite University Hospital in Berlin) के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया और पाया कि CD4+ T कोशिकाओं ने COVID-19 के 83 प्रतिशत रक्त में स्पाइक प्रोटीन को पहचाना और 34 प्रतिशत स्वस्थ लोगों का परीक्षण किया. परिणाम बताते हैं कि यह टीकों को डिजाइन करने में उपयोगी हो सकता है.

हालांकि अध्ययन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि SARS-CoV-2 संक्रमण से उबरने वाले लोग भविष्य में वायरस को दूर कर सकते हैं, लेकिन दोनों ने मजबूत टी सेल प्रतिक्रिया की पहचान की, जो दीर्घकालिक सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा के विकास के बारे में बताती है.

तो अब आपको टी कोशिकाओं के बारे में और COVID-19 से लड़ने में टी सेल की भूमिका के बारे में ज्ञात हो गया होगा.

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